सेहत एवं तंदुरुस्ती पर लेख

सेहत एवं तंदुरुस्ती एक लंबे सक्रिय और सुखद जीवन की कुंजी है। सच ही तो कहते हैं कि अच्छी सेहत ही वास्तविक धन है जिसे व्यक्ति संभाल कर रख सकता है। शिक्षक छात्रों को स्वस्थ एवं तंदुरुस्त रहने के बारे में अपने ज्ञान को बढ़ाने, और साथ ही दूसरों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए इस विषय पर निबंध लिखने के लिए देते हैं। इससे बच्चों में एक स्वस्थ जीवन शैली का विकास भी होता है।

छात्रों को स्वस्थ और तंदुरुस्त रहने के महत्व को समझने की जरूरत है। इसके अलावा, भविष्य की पीढ़ी होने की वजह से वे स्वस्थ एवं तंदुरुस्त रहने के प्रति जागरूकता पैदा करने एवं स्थायी स्वास्थ्य व्यवस्था को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हम यहां महिला सशक्तिकरण विषय पर साधारण भाषा में 300, 500, 600 एवं 800 शब्दों में लेख प्रस्तुत कर रहे हैं जो विद्यार्थियों के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी उपयोगी हैं। हम यहां आपके लिए सेहत एवं तंदुरुस्ती विषय पर विभिन्न श्रेणियों के तहत अलग-अलग शब्द सीमा के अनुसार कुछ उपयोगी लेख प्रस्तुत कर रहे हैं। इनमें से आप अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी लेख का चुनाव कर सकते हैं:

Article on Health and Fitness in Hindi

सेहत एवं तंदुरुस्ती पर लेख 1 (300 शब्द)

साधारण शब्दों में स्वस्थ एवं तंदुरुस्त होने का मतलब शरीर की अच्छी देखभाल है। हमें याद रखना चाहिए कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। दिमाग एवं शरीर दोनो ही का अच्छा स्वास्थ्य व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए जरूरी उर्जा स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। हम सभी को अच्छी सेहत प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए।

हानिकारक पदार्थ के सेवन से अपने शरीर की रक्षा करना, नियमित व्यायाम करना, उचित भोजन एवं नींद लेना आदि एक स्वस्थ जीवन शैली को परिभाषित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण है। तंदुरुस्ती हमें बिना सुस्ती, बिना थकान एवं बेचैनी के हमेशा अपनी गतिविधियों के प्रदर्शन करने के योग्य बनाता है।

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती

एक स्वस्थ एवं तंदुरुस्त व्यक्ति बिना किसी बड़ी अस्वस्थता या शारीरिक परेशानी के जीवन को पूरे उत्साह से जीने में समर्थ होता है। स्वस्थ होने का मतलब सिर्फ किसी व्यक्ति के शरीर का स्वस्थ होना ही नहीं है बल्कि इसमें उसकी मानसिक स्थिरता एवं आंतरिक शांति भी शामिल है।

मनुष्य के स्वस्थ जीवन शैली के लिए आम तौर पर, स्वस्थ आहार के अवयवों में उचित एवं पोषक भोजन जिसके अंतर्गत हरे और ताजा सब्जियां एवं फल, दूध, अंडे, प्रोटीन एवं जरूरी विटामिनों का सेवन आदि शामिल हैं। योगाभ्यास एवं अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से व्यायाम के समावेश से रक्त में शर्करा के स्तर का नियंत्रण एवं रोग प्रतिरक्षा शक्ति के विकास द्वारा आप अपनी वांछित तंदुरुस्ती कायम रख सकते हैं।

अच्छी आदतें आपके शारीरिक सौष्ठव, मानसिक संतुलन, बेहतर तरीके से कार्यों को करने की क्षमता इत्यादि को बढ़ाती है, जिससे आप एक तनाव मुक्त जीवन जीते हैं और आपका मिजाज खुश रहता है और आपकी ऊर्जा भी उच्च स्तर पर बनी रहती है।

प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे; एक भी दिन ऐसा नहीं जाना चाहिए जिसमें शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्रयास ना किया जाए। आपका प्रसन्नचित्त रहना आपके अच्छे स्वास्थ्य एवं उच्च मानसिक शक्ति से सीधे तौर से संबंधित है।

निष्कर्ष: एक व्यक्ति के लिए यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह अपनी सेहत पर ध्यान दे। स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर ही आनंद, सफलता एवं उपलब्धियों से भरा जीवन जिया जा सकता है।

सेहत एवं तंदुरुस्ती पर लेख 2 (500 शब्द)

सेहत को आम तौर पर, प्रमुख तीन मानकों -- शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और शरीर में पोषक तत्वों की उपस्थिति - के आधार पर मापा जा सकता है। शारीरिक स्वास्थ्य का मतलब है, किसी व्यक्ति का शारीरिक अवस्था; पोषण स्वास्थ्य का मतलब है शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त उपस्थिति जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और शरीर विभिन्न बीमारियों से लड़ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य का तात्पर्य है जीवन के सभी परिस्थितियों में धैर्य, शांति और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए एक व्यक्ति में पर्याप्त क्षमता का मौजूद होना।

स्वास्थ्य रक्षा क्षेत्र के पेशेवरों का मानना है कि कोई भी व्यक्ति खराब स्वास्थ्य रक्षा शक्ति एवं तंदुरुस्ति में कमी की वजह से ही विभिन्न बीमारियां जैसे कैंसर, मधुमेह, अवसाद, सुस्त मानसिक अवस्था, इत्यादि के गिरफ्त में आ जाता है। अस्वास्थ्यकर जीवन जीने से कई बार समय से पूर्व मृत्यु भी हो जाती है। मोटापा एवं शारीरिक क्षमता में कमी की वजह से युवा पीढ़ी भी मधुमेह, हृदय रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चपेट में आती जा रही है।

चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, खेल, तैराकी, बागवानी, बाधा दौड़, वजन उठाने का अभ्यास एवं योग इत्यादि महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं जिनकी मदद से हम स्वस्थ एवं तदुरुस्त जीवन जी सकते हैं।

एक व्यक्ति जो शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूपों से तंदुरुस्त होता है जीवन के विभिन्न उतार-चढ़ावों का मजबूती से सामना कर पाता है और परिस्थितियों में भारी बदलाव भी उसे प्रभावित नहीं कर पाती।

प्रत्येक व्यक्ति को बाहर धूप में कुछ समय जरूर बिताना चाहिए और ताजी हवा का सेवन भी करना चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य वर्धक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। सक्रिय रहने से ही आप ऊर्जावान बने रह सकते हैं।

स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न घटकों में से निम्नलिखित सात मुख्य घटक हैं जो अच्छे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य तथा तंदुरुस्ती को सुनिश्चित करते हैं।:

  • हृदय तथा रक्तवाहिकाओं संबंधी / वातापेक्षी अनुकूलन
  • शक्ति बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और मांसपेशियों का
  • फैलाना- माशपेशियों, अस्थिबंधनों (लिगामेंट्स) एवं पुट्ठों को
  • आंतरिक स्थिरिता – शारीरिक एवं मानसिक दोनो
  • पोषण एवं पूरक – संतुलित आहार
  • मानसिक आराम एवं विश्रीम – संतुलित जीवन शैली
  • नींद– नियमित रूप से नींद लेना

पोषक तत्वों से समृद्ध भोजन, व्यायाम, पर्याप्त नींद लेना, हानिकारक पदार्थों के सेवन से परहेज इत्यादि कुछ आसान उपाय हैं जिनकी सहायता से सेहतमंद एवं तंदुरुस्त रहा जा सकता है। ये सभी सीधे तौर पर हमारी मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से संबंधित हैं।

शारीरिक तंदुरुस्ती एवं मानसिक स्वास्थ्य हमारे सेहतमंद जीवन के अनिवार्य अंग हैं। एक सक्रिय और स्वस्थ जीवन शैली के लाभों को किसी भी तरह नकारा नहीं जा सकता।

आप चाहें तो अपनी गतिविधि का स्तर थोड़ा बढ़ा सकते हैं या आप एक तंदुरुस्ती बढ़ाने वाली योजना के अनुसार भी चल सकते हैं जिससे आपको लंबे समय में निश्चित रूप से लाभ होगा। व्यायाम आपके शरीर के विभिन्न अंगों की सेहत के लिए अच्छा है और यह अपके शरीर को मजबूत बनाता है।

स्वस्थ जीवन व्यतीत करने के लिए पोषक आहार एवं तंदुरुस्ती जरूरी हैं। सही पोषक आहार खाने से तथा सही मात्रा में व्यायाम करने से ना केवल हम अच्छा दिख सकते हैं और मसूसस कर सकते हैं बल्कि इससे हम जीवन के लिए खतरनाक रोगों के संक्रमण से भी बच सकते हैं।

संतुलित, स्वस्थ एवं तंदुरुस्त जीवन जीने के लिए जरूरी उपाय:

  • शरीर में आवश्यक जल की कमी ना होने दें - पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
  • खाना खाने से पहले एवं बाद में हाथ धोएं - स्वच्छता बनाए रखें।
  • नियमित व्यायाम।
  • पोषक तत्वों का सेवन।
  • नियमित, गहरी नींद।

निष्कर्ष: अच्छी सेहत का मतलब सिर्फ स्वस्थ शरीर ही नहीं होता बल्कि मानसिक हालात भी स्वस्थ होने चाहिए। हमारा स्वास्थ्य कई कारकों जैसे कि भोजन, प्रदूषण, नियमित रूप से नींद लेने की आदत, ताजी हवा, पानी, धूप और स्वस्थ मानसिक हालत पर निर्भर करता है। सुबह की सैर और शारीरिक व्यायाम हमारे मन और शरीर की तंदुरुस्ती सुनिश्चित करने में बहुत मददगार हैं।

सेहत एवं तंदुरुस्ती पर लेख 3 (600 शब्द)

अच्छी सेहत एक व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक तौर पर अस्वस्थ हुए बिना पूरी क्षमता के साथ अपना जीवन जीने में मदद करता है। अस्वास्थ्यकर जीवन शैली के परिणामस्वरूप किसी भी व्यक्ति के तंदुरुस्ती में गिरावट आती है। स्वस्थ एवं तंदुरुस्त रहना हर पीढ़ी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

व्यायाम एवं स्वस्थ खान-पान आपके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को भी बनाए रखने के लिए सबसे उत्तम तरीके हैं।

वे लोग जो अपने सेहत को गंभीरता से लेते हैं और जो अपनी तंदुरुस्ती को बनाए रखने के प्रति गंभीर हैं, रोज व्यायाम करते हैं, पैष्टिक भोजन करते हैं एवं समय पर अच्छी तरह से सोते हैं और पर्याप्त नींद लेते हैं। स्वस्थ एवं तंदुरुस्त होने पर आप सक्रिय रहते हैं एवं इससे आपका आत्मविश्वास और एकाग्रता की शक्ति भी बढ़ जाती है।

स्वस्थ एवं तंदुरुस्त रहते हुए, व्यक्ति दूसरों के लिए मिसाल कायम करता है और धीरे-धीरे दूसरों के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में उनकी मदद करता है और साथ ही, उनमें पोषण, ज्ञान एवं पोषक आहार खाने की प्रवृत्ति का विकास करता है।

स्वास्थ्य खराब होने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

  • दैनिक तनाव – छात्र अक्सर स्कूल के काम एवं परीक्षा की वजह से तनावग्रस्त हो जाते हैं। पेशेवरों में भी उनके जीवन और काम की वजह से तनावग्रस्त होने की संभावना होती है। इस तरह की स्थितियां असंतुलित मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।
  • अवसाद – किसी भी वजह से लंबे समय तक तनाव बने रहने से अवसाद हो जाता है और यह स्वास्थ्य संबंधी समस्या बन जाता है।
  • शराब एवं संरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन – शराब एवं अन्य संरक्षित खाद्य पदार्थं के सेवन से शारिरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती पर बुरा असर पड़ता है।
  • अनिद्रा – आजकल लोग देर रात तक काम करते हैं और साथ ही अपने मोबाईल फोन का भी इस्तेमाल देर रात तक करते रहते हैं और इस प्रकार उनके नींद का स्वाभाविक चक्र अस्त-व्यस्त हो जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक निर्धारित समय में सोना अनिवार्य है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है, सोने की एक निर्धारित समय प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य है और कम नींद लेने से जीवन शैली पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ (जंक फूड्स) – आजकल जंक फूड्स अर्थात ऐसा खाना जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं परन्तु जिन्हें बनाना आसान होता है का प्रचलन बढ़ गया है और इसने पोषक आहार की जगह ले ली है। अस्वास्थ्यकर भोजन की आदतें सीधे तौर पर बीमारियों को बुलावा देती हैं।
  • प्रदूषण एवं अन्य प्रतिकूल प्राकृतिक वातावरण की वजह से भी हम बीमार हो जाते हैं अतः हमें उचित निवारक उपायों को अपनाकर इन परिस्थितियों में अपने स्वास्थ्य की रक्षा करनी चाहिए।

स्वस्थ एवं तंदुरुस्त बने रहने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • नियमित व्यायाम — प्रत्येक व्यक्ति को रोज व्यायाम के लिए समय निकालना चाहिए क्योंकि व्यायाम शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है।
  • संतुलित एवं पोषणयुक्त भोजन का सेवन — सेहत की रक्षा के लिए संतुलित आहार जिसमें आवश्यक खनिज, विटामिन और प्रोटीन शामिल हो का सेवन आवश्यक है। संतुलित एवं पोषणयुक्त भोजन व्यक्ति को स्वस्थ एवं तंदुरुस्त बनाए रखता है।
  • साफ सुथरा वातावरण – स्वस्थ एवं तंदुरुस्त जीवन जीने के लिए हमें अपने आस-पास साफ-सफाई रखना चाहिए।
  • समुचित नींद लेना – प्रत्येक व्यक्ति के लिए चिकित्सा मानदंडों के अनुसार कम-से-कम 8 घंटे की नींद लेना अनिवार्य है।
  • प्रचूर मात्रा में पानी पीना – पानी हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करने के साथ ही हमारे शरीर के चयापचय को सुधारता है इसलिए हमें खूब पानी पीना चाहिए।
  • साफ-सफाई का उचित ध्यान – सेहतमंद बने रहने के लिए हमें साफ-सफाई का उचित ध्यान रखना चाहिए।
  • जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण – जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए। हमारे मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए जीवन के प्रति हमारा सकारात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए और हमारे मस्तिष्क में सकारात्मक विचारों का अधिपत्य होना चाहिए तभी हम खुश एवं मानसिक रूप से स्वास्थ रह सकते हैं।

स्वस्थ एवं तंदुरुस्त रहना मुश्किल नहीं है यदि हम अपने सेहत को जीवन में प्राथमिकता दें। उपर्युक्त बातों का दृढ़ता से पालन करके, हममें से हर एक स्वस्थ, तंदुरुस्त एवं उपयोगी जीवन व्यतीत कर सकता है।

निष्कर्ष- हमारी अस्वास्थ्यकर जीवन शैली के लिए हम खुद ही जिम्मेदार होते हैं अतः हमें अपने अंदर अच्छी आदतों का विकास करना चाहिए जिससे हम स्वस्थ एवं तंदुरुस्त जीवन जी सकें।

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सेहत एवं तंदुरुस्ती विषय पर लेख 4 (800 शब्द)

सेहत एक गतिशील प्रक्रिया है। यह हमारे जीवन शैली, हमारे खाने की आदतों, हमारे नींद की दिनचर्या, हमारे विचारों इत्यादि के बदलने के अनुरूप बदलती रहती है। हर दिन हम सब को अपने स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए ताकि हम एक लंबा, सफल एवं सेहतमंद जीवन जी सकें। हमारा निश्चित उद्देश्य यह होना चाहिए कि हम अपने दिन की योजना कुछ इस प्रकार बनाएं कि हमारे शारीरिक एवं मानसिक उपयोग में संतुलन स्थापित हो सके। हम सेहतमंद एवं तंदुरुस्त होकर अपने जीवन में एक बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

विटामिन और खनिज की उचित मात्रा की कमी आज स्वास्थ्य में गिरावट के लिए जिम्मेदार व सबसे महत्वपूर्ण कारणों में शामिल है। सब्जियां, फल और डेयरी उत्पादों के अनुचित सेवन से हमारे शरीर में खनिज पदार्थों एवं विटामिनों की कमी हो जाती है। खनिज पदार्थों और विटामिनों की कमी की वजह से हर प्रकार की बीमारियां हमें घेर लेती हैं क्योंकि रक्त, ऊतकों, मांसपेशियों और हड्डियों की मरम्मत के लिए पोषक तत्व अनिवार्य रूप से आवश्यक हैं।

अच्छे स्वास्थ्य का मतलब केवल शरीर का रोगमुक्त रहना ही नहीं है बल्कि किसी व्यक्ति को रोगमुक्त तभी कहा जाएगा जब वह शारीरिक, मानसिक और साथ ही आध्यात्मिक रूप से भी पूरी तरह तंदुरुस्त हो।

किसी व्यक्ति के स्वस्थ होने का मतलब है उसका मस्तिष्क स्वस्थ हो, उसका शरीर लचीला हो, वह उर्जावान एवं प्रसन्नचित्त हो और उसके अंदर शांति, धैर्य आदि गुणों का समागम हो।

तनाव, चिंता, मूड में उतार-चढ़ाव भी एक व्यक्ति के अस्वस्थ होने के लक्षण हैं। सेहतमंद होने का अभिप्राय किसी व्यक्ति के शारीरिक, भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक रूप से स्वस्थ होने से है।

हर पीढ़ी को अपने स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती का ख्याल रखना चाहिए। यह आसान है यदि बचपन से ही, जीवन के इस पहलू पर ध्यान केंद्रित कर लिया जाए, क्योंकि बचपन के आहार की आदतों को बाद में बदलना मुश्किल हो जाता है। इसके लिए हमें बच्चों को जरूरत से ज्यादा खिलाने से बचना चाहिए।

भोजन से संबंधित अच्छी आदतों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव, जिनका पालन हर व्यक्ति को करना चाहिए, इस प्रकार हैं:

  • सुबह का नाश्ता सबसे भारी एवं रात का भोजन पूरे दिन में सबसे हल्का होना चाहिए।
  • भोजन करने से पहले सलाद खाएं।
  • न तो जरूरत से ज्यादा खाएं और न ही खुद को भूखा रखें।
  • फास्ट फूड एवं डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ आपके जेब एवं दिल दोनों पर भारी होते हैं।
  • पीले, नारंगी और हरे रंग की सब्जियां एवं फलों द्वारा आपके दिल में जीवन-शक्ति का संचार होता है। आपकी उम्र बढ़ने के साथ, आप अपने खाने पर नियंत्रण करें और अधिक व्यायाम करें।
  • बच्चों को नींद की आवश्यकता अधिक होती है, करीब 12-14 घंटे और एक वयस्क को प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है।

स्वस्थ एवं तंदुरुस्त बने रहने के लिए सरल प्रयासों की आवश्यकता होती है, जिनमें से कुछ निम्न प्रकार से हैं:

  • व्यायाम की नियमित दिनचर्या हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है; यह हमारे वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में मदद करता है, और यह हमारी सहनशक्ति और ऊर्जा के स्तर को प्रत्यक्ष रूप से बढ़ा देता है। यदि कोई व्यक्ति व्यायाम करता है तो उसके शरीर का बुनियादी उपापचय दर बढ़ जाती है। लोगों द्वारा आजकल व्यायाम के लिए समय निकालना मुश्किल हो चुका है क्योंकि वे व्यायाम को प्राथमिकता नहीं दे पा रहे, इसके बावजूद संतुलन बनाए रखने के लिए हर व्यक्ति को पैदल चलना चाहिए या कुछ दूरी तक जाने के लिए गाड़ी चला के जाने के बजाए साईकिल का इस्तेमाल करना चाहिए, लिफ्ट या एस्केलेटर के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करना चाहिए, फोन पर बात करते वक्त चलना या जब भी समय उपलब्ध हो उसका लाभ व्यायाम करके उठाना चाहिए।
  • ऐसी ही एक और गतिविधि योग है जिसके द्वारा मनुष्य के शारीरिक एवं मानसिक दोनो ही की बेहतरी पर जोर दिया जाता है। योग स्वास्थ्य में सुधार के लिए एक प्रभावी तरीका है और यह बीमारियों के खिलाफ एक प्रतिबंधक उपाय के तौर पर कार्य करता है। यह स्वास्थ्य को खराब करने वाले प्रमुख प्राकृतिक एवं मानसिक कारणों जैसे तनाव, चिंता, अवसाद, आदि, को कम करता है। योग ध्यान ऊर्जा में वृद्धि करता है एवं ताजगी प्रदान करने के साथ ही व्यक्ति में आत्मविश्वास को बढ़ावा देता है।
  • संतुलित पोषक आहार खाने से सीधे तौर पर व्यक्ति के जीवन शैली को लाभ पहुंचता है। उचित आहार के फलस्वरूप शरीर में चर्बी नहीं बढ़ती और इससे खुद के स्वस्थ होने का एहसास होता है। भोजन में फल और सब्जियां खाने से लोगों को कैलोरी के पर्याप्त स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है, रोग का खतरा कम होता है, आवश्यक खनिज और विटामिन का संतुलन बना रहता है।
  • स्वच्छता और सफाई भी किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। किसी ऐसी जगह पर बैठने से जो ठीक से साफ ना हो, व्यक्ति तुरंत अस्वस्थ हो सकता है और उसे कई बीमारियां लग सकती हैं। अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता अपने आप को तथा दूसरों को कई बीमारियों से बचाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।

सेहत एवं तंदुरुस्ती, हम क्या खाते हैं, हम किस प्रकार अपना जीवन जीते हैं, हमारी अवकाशकालीन गतिविधियों का चुनाव एवं हम अपने शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए क्या करते हैं, द्वारा निर्धारित होती है। तंदुरुस्त बने रहना इस बात पर निर्भर करता है कि हम व्यक्तिगत तौर पर अपने जीवन को किस प्रकार जीते हैं और तंदुरुस्ती के कौन से स्तरों को पाने की ख्वाहिश रखते हैं। अपने शरीर के अच्छा दिखने एवं महसूस करने के लिए अपने स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती का ख्याल रखें और अपनी तंदुरुस्ती को कायम रखें जिससे आप अपने जीवन शैली को व्यवस्थित करने एवं उसका आनंद उठाने में सक्षम हो पाएंगे।

निष्कर्ष: स्वस्थ एवं तंदुरुस्त बने रहने के लिए, लंबे समय में उठाए जाने वाले जरूरी कदमों को टालने की अपेक्षा, हरेक क्षण स्वस्थ विकल्प चुनने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।