बाल स्वच्छता अभियान पर निबंध

बच्चों के बीच व्यक्तिगत सफाई व्यवस्था के साथ ही पर्यावरण की स्वच्छता की ओर उनको बढ़ावा देने के द्वारा बाल दिवस के उत्सव को चिन्हित करने के लिये दिल्ली सरकार ने 14 नवंबर 2014 को एक मिशन के रुप में बाल स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है। चलिये अपने बच्चों को बाल स्वच्छता अभियान के विषय पर स्कूल के बाहर या अंदर निबंध लेखन प्रतियोगिता में जानकारी दें तथा इसमें भाग लेने के लिये प्रेरित करें। हमने यहाँ पर बेहद सरल विभिन्न शब्द सीमाओं में आपके बच्चों के लिये निबंध उपलब्ध कराया है जो उनको विभिन्न प्रतियोगिताओं में उपयोगी साबित होगा।

बाल स्वच्छता अभियान पर निबंध

बाल स्वच्छता अभियान पर निबंध 1 (100 शब्द)

पूरे भारत के बच्चों को स्वच्छता के बारे में जागरुक करने के लिये 14 नवंबर को बाल स्वच्छता अभियान के रुप में एक मिशन की शुरुआत हुयी है। स्वच्छता सभी के लिये बहुत जरुरी कार्य है हालांकि अस्वास्थ्यकर स्थिति के कारण बीमारी को कम करने के साथ ही मृत्यु दर के कम के लिये ये बच्चों के लिये बहुत जरुरी है। स्वच्छता एक अच्छा कार्य है और यदि माता-पिता के द्वारा बचपन से इसको बढ़ावा देने वाले कार्यों को किया जाये तो बच्चों द्वारा इसे एक अच्छी आदत के रुप में अनुसरण किया जा सकता है। स्वच्छता के महत्व और जरुरत के बारे में जानने के साथ ही उनकी पहली और सबसे जरुरी जिम्मेदारी के रुप में स्वच्छता को हरेक बच्चे को समझना जरुरी है। स्वच्छता एक अच्छी आदत है जो हमें अच्छे जीवन की ओर बढ़ावा देती है और हमें शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक रुप से स्वस्थ बनाती है।

बाल स्वच्छता अभियान

बाल स्वच्छता अभियान पर निबंध 2 (150 शब्द)

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहर लाल नेहरु के जन्म दिवस पर 14 नवंबर 2014 को केन्द्रीय सरकार के द्वारा बाल स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गयी। ये एक पाँच दिनी स्वच्छता अभियान है जिसकी शुरुआत 14 नवंबर (भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहर लाल नेहरु का जन्म दिवस) को होती है और ये 19 नवंबर (भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री, इंदिरा गाँधी का जन्म दिवस) को खत्म होता है। बाल स्वच्छता अभियान की सफलता को सुनिश्चित करने के लिये ढ़ेर सारी तैयारियों के साथ बाल दिवस को मनाने के लिये स्कूल, कॉलेज और दूसरे शिक्षण संस्थानों को सरकार ने आदेश दिया है।

दिल्ली के मैदानगढ़ी में भारत की केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मंत्री, मेनका गाँधी के द्वारा इसकी शुरुआत की गयी थी। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री को उनके जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिये हर 14 नवंबर को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। पूरे भारत भर में बच्चों के बीच में स्वच्छता के बारे में जागरुकता को आसानी से बढ़ाने के लिये बाल दिवस पर खासतौर से इस अभियान की शुरुआत की गयी।

 

बाल स्वच्छता अभियान पर निबंध 3 (200 शब्द)

बाल स्वच्छता अभियान स्वच्छता का एक मिशन है जो अधिक उन्नति संबंधी और उद्देश्यपूर्ण अंदाज में बाल दिवस को मनाने के लिये 14 नवंबर 2014 को शुरु किया गया था। एक पाँच-दिनी लंबे कार्यक्रम के रुप में मनाने के लिये इस अभियान की शुरुआत की गयी जो कि भारत के पहले प्रधानमंत्री (पं.नेहरु, 14 नवंबर) के जन्मदिन पर शुरु होता है और भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री (इंदिरा गाँधी, 19 नवंबर) के जन्म दिवस पर खत्म होता है। पर्यावरणीय और व्यक्तिगत स्वच्छता की ओर देश के बच्चों को बढ़ावा देने के लिये भारतीय सरकार द्वारा बाल स्वच्छता अभियान को लागू किया गया।

बहुत सारी गतिविधियाँ जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम, निबंध लेखन प्रतियोगिता, स्वच्छता पर चर्चा, समूह चर्चा, चित्रकारी, चार्ट बनाना, स्वच्छता प्रदर्शनी, चित्रकारी प्रतियोगिता, अपने आस-पास के क्षेत्रों की साफ-सफाई, पर्यावरणीय स्वच्छता क्रिया-कलाप, व्यक्तिगत स्वास्थ्य विज्ञान पर पोस्टर बनाना आदि में सक्रिय भागीदारी के द्वारा सभी स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के द्वारा इस कार्यक्रम को मनाया जाता है। बाल स्वच्छता अभियान का एकमात्र उद्देश्य आने वाले भविष्य में भारत को एक स्वच्छ भारत बनाने के लिये देश के बच्चों के बीच स्वच्छता आदतों को बढ़ावा देना है। स्वच्छता एक अच्छी आदत है जिसे बच्चों को उनके बचपन से ही बढ़ावा देना चाहिये जिससे वो इसका पूरे जीवन भर अनुसरण करते रहें।

 

बाल स्वच्छता अभियान पर निबंध 4 (250 शब्द)

बाल स्वच्छता अभियान एक पर्यावरणी और व्यक्तिगत स्वच्छता मिशन है, इस अवसर को उद्देश्यपूर्ण और अर्थपूर्ण बनाने के लिये बाल दिवस (14 नवंबर 2014 को) पर भारतीय सरकार द्वारा शुरु किया गया। भारतीय प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी के द्वारा शुरु किया गया स्वच्छ भारत अभियान (भारतीय लोगों के बीच स्वच्छता के कार्य का आरंभ करने के लिये एक कार्यक्रम) का उद्देश्य इस मिशन से संभवत: अधिक मेल खाता है।

बाल स्वच्छता अभियान के माध्यम से इस स्वच्छता अभियान में स्कूली बच्चों को शामिल करने के लिये भारतीय सरकार द्वारा बाल स्वच्छ मिशन एक बड़ा कदम है। पाँच दिनी ये लंबा उत्सव इस अभियान को और अधिक सफल और असरदार बनाने के लिये सभी दिनों को पाँच अलग-अलग थीम पर आधारित होता है। ये मिशन पंडित नेहरु के जन्म दिवस (14 नवंबर) को शुरु होता और इंदिरा गाँधी के जन्म दिवस (19 नवंबर) पर खत्म होता है।

ये मिशन इस समझ के द्वारा लागू किया गया है कि 2019 तक स्वच्छ भारत की प्राप्ति में अधिक संभावना के साथ एक बड़ी भूमिका बच्चे अदा कर सकते हैं। बच्चों को कुछ भी करने के लिये प्रोत्साहन और बढ़ावे की जरुरत होती है इसलिये पर्यावरण, घर, अपने आस-पास, रोड, स्कूल, व्यक्तिगत साफ-,फाई आदि में स्वच्छता की आदत को बढ़ावा देने में बच्चे एक अच्छा माध्यम हैं। घरों और समुदायों में खासतौर से पूरे भारत भर में बच्चे स्वच्छता के दूत होते हैं। इस अभियान को मनाने का मुख्य लक्ष्य अपने आस-पास, स्कूल, आँगनवाड़ी की साफ-सफाई, व्यक्तिगत साफ-सफाई और बच्चों का स्वास्थ्य, पीने के पानी को साफ रखना, साफ भोजन और साफ शौचालय आदि है। इस मिशन की जरुरत को पूरा करने के लिये स्कूल में बहुत सारे स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

 

बाल स्वच्छता अभियान पर निबंध 5 (300 शब्द)

बच्चों के बीच में स्वच्छता के बारे में जागरुकता को बढ़ाने के लिये भारतीय सरकार द्वारा स्वच्छता का बाल स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस उत्सव को और असरदार बनाने के लिये बाल दिवस पर खासतौर से 2014 में इस मिशन की शुरुआत की गयी थी। ये एक पाँच दिनी लंबा मिशन है जो 14 नवंबर से 19 नवंबर तक मनाया जाता है। 2014 में उत्सव के सभी पाँच दिनों का अलग-अलग थीम था जैसे 14 नवंबर का थीम था “स्वच्छ स्कूल, हमारे आस-पास और खेलने के मैदान”, 15 नवंबर का थीम था “स्वच्छ भोजन”, 17 नवंबर का थीम था “आलमारियों को साफ रखे”, 18 नवंबर का थीम था “पीने के पानी की सफाई करना” और 19 नवंबर का थीम था “स्वच्छ शौचालय”।

भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. नेहरु का जन्मदिवस हर वर्ष 14 नवंबर को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। इसलिये इस स्वच्छता अभियान को और अधिक उद्देश्यपूर्ण और प्रभावशाली बनाने के लिये बाल स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गयी है। इस कार्यक्रम को मनाने के दौरान निबंध लेखन प्रतियोगिता, संबंधित विषय पर कविता पाठ, पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता, चित्रकारी, भाषण, खेल क्रियाएँ, समूह चर्चा, बहस, स्वच्छता क्रियाकलाप आदि सहित बहुत सारे क्रियाकलाप स्कूल शिक्षकों द्वारा आयोजित किये जाते हैं। एक-दूसरे में उत्साह और प्रोत्साहन लाने के लिये सीमित समय में पूरा करने के लिये समूह के अनुसार कुछ कार्य स्कूली बच्चों को दिये जाते हैं।

सभी भारतीय नागरिकों के लिये स्वच्छता बहुत जरुरी कार्य है, हालाँकि भारत में इसका बच्चों के द्वारा बेहतर प्रचार हो सकता है। पर्यावरणीय और व्यक्तिगत स्वच्छता की आदत को बढ़ावा देने के लिये स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे बेहतर माध्यम हैं। पूरे दिल से घर या स्कूल से स्वच्छता अभियान में हरेक विद्यार्थी भाग लेता है। उत्सव के दिन पर उनके शिक्षकों या प्रधानाध्यापक के द्वारा पर्यावरण और शरीर में स्वच्छता की जरुरत, लाभ और महत्व के बारे में विद्यार्थियों को पहले समझाया जाता है और उसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्य, गायन, प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता आदि के माध्यम से उत्सव मनाने की शुरुआत की जाती है। स्वच्छता अभियान को असरदार तरीके से देखने के द्वारा समाज में स्वच्छता के बढ़ावे की अपनी प्रगतिशील शैली और तरीके को विद्यार्थी प्रदर्शित करते हैं।

बाल स्वच्छता अभियान पर निबंध 6 (400 शब्द)

बच्चों की ओर अपने प्यार और भक्ति के कारण भारत के पहले प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरु के जन्म दिवस पर विशेष तौर से बाल स्वच्छता अभियान या मिशन की शुरुआत की गयी थी। चाचा नेहरु एक महान व्यक्ति थे जो बच्चों को बहुत प्यार करते थे इसी वजह से 14 नवंबर को बाल दिवस कार्यक्रम और बाल स्वच्छता अभियान का आरंभ किया गया। इस मिशन का उत्सव 14 नवंबर से 19 नवंबर तक मनाया जाता है अर्थात् भारत के पहले प्रधानमंत्री के जन्मदिवस से भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के जन्म दिवस तक।

14 नवंबर 2014 को नयी दिल्ली के मैदानगढ़ी आँगनवाड़ी में भारत की केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, श्रीमती मेनका गाँधी के द्वारा इस मिशन की शुरुआत की गयी थी। पूरे राष्ट्रभर के सफाई व्यवस्था के आरंभिक कार्यक्रम के रुप में इस अभियान की शुरुआत की गयी है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा आरंभ किया गया स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य इस अभियान के लक्ष्य से संभावित तौर पर बहुत अधिक मेल खाता है। दोनों अभियानों का उद्देश्य निकट भविष्य में एक स्वच्छ भारत की प्राप्ति है। घर, अपने आस-पास, पर्यावरण और स्कूल आदि में स्वच्छता को बनाये रखने में दूसरों को प्रोत्साहित करने के साथ ही पूरे भारत भर में स्वच्छता और सफाई व्यवस्था आरंभ करने के लिये बच्चे सबसे बेहतर माध्यम हैं।

रोजाना के जीवन में स्वच्छता को एक बड़ा भाग बनाने के साथ ही भारत को एक स्वच्छ भारत बनाने के लिये चल रहे स्वच्छता अभियान में सभी स्कूलों के बच्चे सक्रियता से भाग लेते हैं। स्वच्छता एक अभियान है, जिसका उद्देश्य तभी पूरा हो सकता है जब सभी भारतीय नागरिक इसमें भाग लेंगे और रोजाना स्वच्छता को बनाये रखने में अपना सर्वोत्तम योगदान देंगे। 2014 में उत्सव की तारीख के अनुसार इस पाँच दिनों के लंबे मिशन का निम्न थीम था:

  • 14 नवंबर का थीम था “स्वच्छ स्कूल, हमारे आस-पास और खेलने के मैदान”।
  • 15 नवंबर का थीम था “स्वच्छ भोजन”।
  • 17 नवंबर का थीम था “आलमारियों को साफ रखे”।
  • 18 नवंबर का थीम था “पीने के पानी की सफाई करना”।
  • 19 नवंबर का थीम था “स्वच्छ शौचालय”।

उत्सव को अधिक उत्साहयुक्त, प्रभावकारी, लक्षित और उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिये सरकार के द्वारा खास तारीखों के अलग-अलग थीम का फैसला लिया गया। सभी विद्यार्थियों ने सक्रियता से स्वच्छता अभियान में भाग लिया और आस-पास के क्षेत्रों से कूड़े को हटाने के लिये कड़े निर्देशों का अनुसरण किया। कार्यक्रम से संबंधित बहुत सारी क्रियाओं को प्रस्तुत करने के लिये अपने शिक्षकों और प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित, निर्देशित और निरीक्षण किया जाता है।