हाथी पर निबंध

हम यहाँ विद्यार्थियों की मदद करने के उद्देश्य से विभिन्न शब्द सीमाओं में हाथी पर निबंध उपलब्ध करा रहे हैं। आजकल, निबंध और पैराग्राफ लेखन स्कूल तथा कॉलेजों में विद्यार्थियों की लेखन क्षमता और सामान्य ज्ञान को परखने के लिए शिक्षकों द्वारा सामान्य रणनीति के रुप में सबसे अधिक दिए जाते हैं। यहाँ दिए गए सभी हाथी पर निबंध सरल और आसान हिन्दी वाक्यों का प्रयोग करके विभिन्न शब्द सीमाओं में प्रदान किए गए हैं। विद्यार्थी इनमें से कोई भी अपनी आवश्यकता और जरुरत के अनुसार चुन सकते हैं:

हाथी पर निबंध (एलीफैंट एस्से)

हाथी पर निबंध 1 (100 शब्द)

हाथी एक विशाल जानवर है। यह जंगलों में रहता है हालांकि, यह एक पालतु जानवर भी है। कुछ लोग इससे सर्कस आदि के माध्यम से धन कमाने के लिए अपने घरों में पालतु जानवर की तरह रखते हैं। यह चिड़िया घरों की शान को बढ़ाने के साथ ही बच्चों की रुचि को बढ़ाने के लिए भी चिड़िया घरों में रखा जाता हैं। इसका विशाल शरीर होता है, जिसके खम्भे की तरह चार पैर, बड़े पंखों की तरह दो कान, एक लम्बी सूंड़, एक छोटी पूँछ और दो छोटी आँखें होती हैं। एक नर हाथी के दो लम्बे सफेद दाँत होते हैं, जिन्हें टस्क (हाथी के दाँत) कहा जाता है। यह मुलायम हरी घास की पत्तियाँ, पौधे, गेहूँ आदि खा सकता है। यह मनुष्य के लिए बहुत उपयोगी जानवर है और मानवता के लिए अच्छा दोस्त भी साबित हो सकता है, क्योंकि यह बहुत से कार्यों को करता है; जैसे- धन कमाना, भारी सामान को उठाकर ले जाना, आदि। इसकी जीवन अवधि बहुत ही लम्बी होती है, यह लगभग सौ साल से अधिक जीवित रहता है।

हाथी

हाथी पर निबंध 2 (150 शब्द)

हाथी पृथ्वी पर सबसे विशाल जानवर है। इसे धरती पर सबसे ताकतवर जानवर भी माना जाता है। आमतौर पर, यह एक जंगली जानवर है हालांकि, यह उचित प्रशिक्षण के बाद चिड़िया घर में या मनुष्यों के साथ घर में, एक पालतु जानवर के रुप में भी रह सकता है। यह मानवता के लिए बहुत ही उपयोगी जानवर साबित हो चुका है। यह आमतौर पर ग्रे (स्लेटी) रंग का पाया जाता है। इसकी चारों पैर विशाल स्तम्भ की तरह लगते हैं और दो बड़े कान पंखों की तरह लगते हैं। इसकी आँखें शरीर की तुलना में बहुत ही छोटी होती है। यह एक लम्बी सूंड़ और एक छोटी पूँछ रखता है। यह अपनी सूंड़ के माध्यम से बहुत छोटी से छोटी सूई जैसी वस्तु और भारी से भारी पेड़ों या वजन को उठा सकता है। यह सूंड़ के दोनों तरफ एक-एक लम्बे सफेद दाँत रखता है।

हाथी जंगलों में रहते हैं और आमतौर पर छोटी टहनियों, पत्तियों, भूसा, और जंगली फल खाते हैं हालांकि, एक पालतु हाथी रोटी, केले, गन्ने आदि भी खाते हैं। यह शुद्ध शाकाहारी जंगली जानवर है। आजकल, ये लोगों के द्वारा भारी सामान को उठाने, सर्कस में, वजन उठाने, आदि के लिए प्रयोग किए जाते हैं। प्राचीन समय में, ये राजा, महाराजाओं द्वारा युद्धों और लड़ाईयों में प्रयोग किए जाते थे। यह बहुत लम्बे समय तक जीवित रहता है (100 सालों से भी अधिक)। यहाँ तक कि, यह मृत्यु के बाद भी बहुत अधिक उपयोगी होता है (इसकी हड्डियों और दाँतों से चूड़ियाँ बनाई जाती है)।

 

हाथी पर निबंध 3 (200 शब्द)

पृथ्वी पर सबसे बड़ा जानवर हाथी है। यह जंगलों में रहता है हालांकि, इसे उचित प्रशिक्षण के बाद पालतु भी बनाया जा सकता है। इसकी ऊँचाई आठ फीट से भी ज्यादा होती है। इसकी बड़े और विशाल शरीर को मजबूत स्तम्भों की तरह पैरों से सहारा दिया जाता है। यह पेड़ों की पत्तियों, पौधों, फलों या पेड़ों से पत्तियों को खाने के लिए अपनी लम्बी सूंड़ की मदद लेता है। आमतौर पर, पृथ्वी पर दो तरह के हाथी पाए जाते हैं; अफ्रीकी (इसका वैज्ञानिक नाम लोक्सोडान्टा अफ्रीकाना है) और एशियन (इसका वैज्ञानिक नाम एल्फास़ मैक्सिम्स है)। इसके बड़े लटकते हुए कान पंखे और पैर स्तंभ की तरह लगते हैं। इसकी मुँह से जुड़ी हुई लम्बी सूंड़ होती है, जिसके दोनों ओर दो लम्बें सफेद दाँत होते हैं। हाथी की सूंड़ बहुत ही लचकदार और मजबूत होती है और बहु-उद्देश्यीय अंग के रुप में जानी जाती है। यह हाथी द्वारा खाना खाने, सांस लेने, नहाने, भावनाओं को व्यक्त करने, लड़ने आदि के लिए प्रयोग की जाती है।

अफ्रीकी हाथी आकार में एशियन हाथियों से थोड़े से बड़े और गहरे स्लेटी रंग के होते हैं। इसके दो प्रमुख कान होते हैं, जो आकार में पंखे की तरह दिखाई देते हैं। हाथी आमतौर पर, भारत, अफ्रीका, श्रीलंका, बर्मा, और सियाम में पाए जाते हैं। ये आमतौर पर, झुंड़ में रहना पसंद करते हैं और पानी के बहुत शौकीन होते हैं। ये तैरना अच्छी तरह से जानते हैं। एक शाकाहारी पशु होने के कारण, ये अपने भोजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए जंगलों में पेड़-पौधों पर निर्भर करते हैं। वनों की कटाई होने से जंगलों में भोजन की कमी के कारण, ये गाँवों या आवासीय इलाकों का रुख करते हैं। यह एक बुद्धिमान पशु के रुप में जाना जाता है और मनुष्य को बहुत अधिक लाभ प्रदान करता है।

 

हाथी पर निबंध 4 (250 शब्द)

हाथी धरती पर बहुत ही ताकतवर और सबसे बड़ा पशु है। यह अपने विशाल शरीर, बुद्धिमत्ता और आज्ञाकारी प्रकृति के लिए प्रसिद्ध है। यह जंगल में रहता है हालांकि, प्रशिक्षण के बाद इसे लोगों द्वारा बहुत से उद्देश्यों के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इसके स्तंभ की तरह चार बड़े पैर, पंखे की तरह दो कान, दो छोटी आँखें, एक छोटी पूँछ, एक लम्बी सूंड़ और दो लम्बे सफेद दाँत होते हैं, जिन्हें टस्क कहा जाता है। हाथी जंगलों में पत्तियाँ, केले के पेड़ का तना, मुलायम पौधे, अखरोट, फल आदि खाता है। यह सौ और 120 सालों से भी अधिक जीवित रहता है। यह भारत में असम, मैसूर, त्रिपुरा आदि के घने जंगलों में पाया जाता है। आमतौर पर, हाथी गहरे ग्रे (स्लेटी) रंग के होते हैं हालांकि, साथ ही थाईलैंड में सफेद हाथी भी पाए जाते हैं।

हाथी बुद्धिमान पशु है और सीखने की अच्छी क्षमता रखता है। इसे प्रयोग के अनुसार सर्कस के लिए आसानी से प्रशिक्षित किया जा सकता है। यह लकड़ियों के भारी वजन को बहुत अधिक दूरी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा सकता है। यह सर्कस और अन्य स्थानों पर बच्चों की पसंद का जानवर होता है। एक प्रशिक्षित हाथी बहुत से कार्य कर सकता है; जैसे – सर्कस में रुचिकर गतिविधियों का प्रदर्शन करना आदि। यह बहुत ही गुस्सैल भी होता है, जो मानवता के लिए बहुत ही खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह गुस्से में कुछ भी नष्ट कर सकता है। यह बहुत ही लाभदायक पशु है, यहाँ तक कि इसकी मृत्यु के बाद इसके दाँतों, खाल (त्वचा), हड्डियों आदि के प्रयोग से महँगी और कलात्मक वस्तुएं बना सकते हैं।

हाथी पर निबंध 5 (300 शब्द)

हाथी जंगल में रहने वाला बहुत ही बड़ा और विशाल पशु है। यह देखने में भद्दा लगता है हालांकि, बच्चों द्वारा सबसे अधिक पसंद किया जाता है। यह बड़ा और विशाल शरीर रखता है और शाही पशु कहा जाता है। यह ऊँचाई में 10 फीट से ज्यादा भी हो सकता है। यह मोटी कठोर चमड़ी के साथ गहरे स्लेटी (ग्रे) रंग का होता है। दूसरे देशों में, यह सफेद रंग का भी पाया जाता है। इसकी लम्बी और लचकदार सूंड़ भोजन करने, सांस लेने और भारी सामान को उठाने में मदद करती है। इसके चार पैर बहुत ही मजबूत होते हैं और स्तंभ की तरह दिखते हैं। हाथी भारत (असम, मैसूर, त्रिपुरा आदि), सैलोन, अफ्रीका और बर्मा के जंगलों में पाए जाते हैं। हाथी जंगलों में सौ हाथियों के झुंड़ (जिसका बड़े नर हाथी द्वारा नेतृत्व किया जाता है) में रहते हैं।

यह पूरे जीवन भर और मृत्यु के बाद भी मानवता के लिए बहुत ही उपयोगी पशु है। इसके शरीर के बहुत से भाग पूरे संसार में बहुमूल्य चीजों को बनाने में प्रयोग किए जाते हैं। हाथी की हड्डियाँ और इसके दाँत ब्रश, चाकू के हैडल बनाने, कंघी, चूड़ियाँ और फैंसी चीजों सहित अन्य बहुत से कार्यों में प्रयोग किए जाती है। यह 150 से 200 साल तक बहुत लम्बी अवधि तक जीवित रहते हैं। घर पर हाथी रखना बहुत ही महँगा पड़ता है, जिसे एक आम व्यक्ति बर्दाश्त नहीं कर सकता है।

इसकी बहुत ही शान्त स्वभाव का होता है हालांकि, चिढ़ाने और परेशान करने पर यह गुस्सैल और खतरनाक हो जाता है, क्योंकि यह फिर कुछ भी नष्ट कर सकता है, यहाँ तक कि, लोगों को भी मार सकता है। यह बुद्धिमान और वफादारी के लिए जाना जाता है, क्योंकि यह प्रशिक्षण के बाद अपनी देखरेख करने वाले के सभी संकेतों को समझता है। यह अपने मालिक की आज्ञा का पालन अपनी मृत्यु तक करता है।

हाथी दो प्रकार के होते हैं; अफ्रीकी हाथी और भारतीय हाथी। अफ्रीकी हाथी (नर और मादा दोनों) भारतीय हाथियों की तुलना में काफी बड़े होते हैं। अफ्रीकी हाथी झुरीदार स्लेटी तत्वा के साथ दो लम्बे दाँत और सूंड़ के अन्त में दो छिद्र रखते हैं। भारतीय या एशियन हाथी निकली हुई पीठ के साथ सूंड़ के अन्त में केवल छिद्र रखते हैं और अफ्रीकी हाथी की तुलना में बहुत ही छोटे होते हैं।

 

हाथी पर निबंध 6 (400 शब्द)

एक हाथी बहुत चालाक, आज्ञाकारी और पृथ्वी पर सबसे बड़ा जानवर है। यह अफ्रीका और एशिया में पाया जाता है। आम तौर पर, यह ग्रे (स्लेटी/धूसर) रंग का होता है हालांकि, थाईलैंड में सफेद रंग का भी पाया जाता है। मादा हाथी झुंड़ में रहना पसंद करती है हालांकि, नर हाथी एकांत में रहना पसंद करते हैं। हाथियों का जीवन 100 साल से भी अधिक होता है। ये आमतौर पर जंगलों में रहते हैं तथापि, इन्हें सर्कस और चिड़ियाघर में भी देखा जा सकता है। ये 11 फीट की ऊँचाई और 13,000 पाउंड वजन तक बढ़ते हैं। अभी तक का सबसे बड़ा हाथी 13 फीट और 24,000 पाउंड वजन का मापा गया है। एक अकेला हाथी प्रतिदिन 400 पाउंड खाना और 30 गैलन पानी पी सकता है।

हाथी की त्वचा एक इंच मोटी होती है हालांकि, बहुत ही संवेदनशील होती है। वे बहुत अधिक दूरी से, लगभग 5 मील की दूरी से एक-दूसरे की आवाज को सुन सकते हैं। नर हाथी वयस्क होते ही अकेले रहना शुरु कर देते हैं हालांकि, मादा हाथी समूह में रहती है (समूह की सबसे बड़ी मादा को कुलमाता कहा जाता है)। बुद्धिमत्ता, सुनने की अच्छी क्षमता और सूँघने की बेहतर क्षमता होने के बाद भी हाथी की देखने की क्षमता बहुत कमजोर होती है।

हाथी बच्चों को अपने रुचिकर दिखावट; जैसे – दो बड़े कान, दो लम्बें दाँत (लगभग 10 फीट लम्बें), स्तंभ की तरह चार पैर, एक बड़ी सूंड़, एक विशाल शरीर, दो छोटी आँखें, और एक छोटी पूँछ आदि के कारण बहुत ही आकर्षित लगता है। यह माना जाता है कि, इसके दाँत (टस्क) पूरे जीवनभर बढ़ते रहते हैं। सूंड़ खाना खाने, पानी पीने, नहाने, सांस लेने, सूँघने, वजन उठाने आदि के लिए प्रयोग किया जाता है। यह माना जाता है कि, हाथी बहुत ही चालाक होते हैं और जीवन में हुई किसी भी घटना को हमेशा याद रखते हैं। वे एक-दूसरे से बहुत ही धीमी आवाज में बात करते हैं।

हाथी के बच्चे को कॉल्फ कहा जाता है। हाथी स्तनधारियों की श्रेणी में आते हैं, क्योंकि वे एक बच्चे को जन्म देते हैं और अपना दूध पिलाते हैं। एक हाथी का बच्चा अपनी माँ के गर्भ में लगभग 20 से 22 महीने में विकसित होता है। अन्य कोई भी बच्चा जन्म से पहले अपनी माँ के गर्भ में विकसित होने में इतना अधिक समय नहीं लेता है। एक मादा हाथी प्रत्येक चार या पाँचवें साल में एक समय में केवल एक ही बच्चें को जन्म देती है। वे 85 से.मी.(33 इंच) लम्बें और 120 किलो वजन वाले बच्चे को जन्म देती हैं। एक हाथी का बच्चा अपनी सूंड़ का प्रयोग करना लगभग एक साल से भी अधिक समय में सीखता है। हाथी का बच्चा प्रतिदिन 10 लीटर दूध पी सकता है। हाथियों पर अपने आकार, शिकार, बहुमूल्य आइवरी दाँत, आदि के कारण विलुप्त होने का खतरा है। पृथ्वी पर इनकी उपलब्धता को बनाए रखने के लिए इन्हें सुरक्षित करने की आवश्यकता है।