मैनें अपनी गर्मी की छुट्टी कैसे बितायी पर निबंध

गर्मी की छुट्टी छात्रों के लिए सबसे सुखद और अच्छा समय होता है क्योंकि उनके ऊपर न कोई अध्ययन का दबाव रहता हैं औऱ न ही कोई मानसिक तनाव होता है। ये छुट्टी उन्हें चिलचिलाती गर्मी से बहुत राहत दिलाती है।

छात्रों की गर्मी की छुट्टी बिताने के अपने अलग-अलग तरीके होते हैं। कुछ अपने दादा दादी से मुलाकात करने के लिए जाते हैं, तो कुछ ग्रीष्मकालीन शिविर में शामिल हो जाते हैं, वहीं कुछ घर पर रहना पसंद करते है तो कुछ अध्ययन करना। मैनें अपनी गर्मी की छुट्टी कैसे बिताई, इस विषय पर लम्बे और छोटे दोनो तरह के निबंध यहां उपलब्ध कराये गये है जो आपके परीक्षा में आपकी सहायता कर सकते है यह बहुत आसान और समझने योग्य भाषा में लिखा गया है यह आपके लिए एक बेहतर संदर्भ बिंदु हो सकता है और आप अपने निबंध को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए अपना खुद का अनुभव भी जोड़ सकते हैं।

मैनें अपनी गर्मी की छुट्टी कैसे बितायी पर लम्बे और छोटे निबंध (Long and Short Essay on How I Spent My Summer Vacation in Hindi)

मैनें अपनी गर्मी की छुट्टी कैसे बितायी पर निबंध – निबंध 1 (200 शब्द)

प्रस्तावना

गर्मी की छुट्टी, परीक्षा और असाइनमेंट के साथ पूरे वर्ष संघर्ष कर रहे सभी छात्रों के लिए एक उपहार जैसा बन जाता है। यही, वह समय है जब वे बिना किसी प्रतिबंध और माता-पिता या शिक्षकों के दबाव के बिना अपने मन पसंद काम कर सकते हैं। अधिकांश छात्र मौज-मस्ति के लिए अपने माता-पिता या दोस्तों के साथ पहाड़ी स्टेशन या अपने गांव जैसी अन्य पसंदीदा जगहों पर जाते है परन्तु घर पर रहकर भी छुट्टियों को आन्नद लिया जा सकता हैं।

घर पर रहकर मैंने ये सारी चीजें की-

मैंने गर्मी की छुट्टी में यात्रा करने के बजाय घर पर रहने का फैसला किया है ताकि मैं अपना समय अच्छे से तथा आरामपुर्वक बिता सकूँ इसके लिए मैंने कैनवास चित्रकला की कक्षाओं में भाग लिया है जहां चित्रकला के साथ-साथ मैंने टेबल टेनिस भी सीखना शुरू कर दिया। दोपहर के समय में मैं रसोई के कामों में अपनी माँ की मदद किया करती थी और कुछ खातों से संबंधित कार्यों में अपने पिता की सहायता किया करती थी, यह मेरे लिए सबसे अच्छा समय था जहां मुझे अपने परिवार के और करीब आने का मौका मिला। उसके बाद बचे हुए समय में, मैं अपने दोस्तों के साथ बहार घूमने जाया करती थी। फिल्में और वेब श्रृंखला देखा करती थी तथा मनोरंजन का भरपुर आनंद लेती थी। इससे मनोरंजन के साथ-साथ जीवन के कुछ पाठ भी सीखने को मिला।

निष्कर्ष

इन गर्मी की छुट्टियों को मैने अपने और अपने परिवार के करीब रहकर बिताने का फैसला किया जो मैं अपने शैक्षणिक वर्ष के दौरान नहीं कर पा रहा था। मुझे एहसास हुआ कि घर पर छुट्टियां बिताना कितना उपयोगी और संतोषजनक होता है।


 

मैनें अपनी गर्मी की छुट्टी अपने दादा-दादी के साथ कैसे बितायी पर निबंध – निबंध 2 (200 शब्द)

प्रस्तावना

गर्मी की छुट्टीयां छात्र के जीवन में सबसे अधिक प्रतीक्षित समय होती है। यह आराम करने और आस-पास की दुनिया की छान-बिन करने का समय होता है। इस बार मैंने अपने दादा-दादी के साथ अपनी गर्मी की छुट्टीयां बिताने का फैसला किया है। मेरी गर्मी की छुट्टीयों के दौरान मेरे दादा-दादी के घर बिताये हुए समय का संक्षिप्त विवरण यहां दिया गया है।

 

दादा-दादी के साथ हमारा अनुभव

मैं औऱ मेरी बहन ने इस गर्मी की छुट्टी को अपने दादा-दादी के साथ बिताने का फैसला किया है। वे गुजरात के कच्छ जिले के पास एक छोटे से गांव में रहते हैं। हम इस यात्रा के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे क्योंकि हमने पहले कभी भी किसी गांव की यात्रा नहीं किया था और ना ही हम वहां के जीवनशैली के बारे में कुछ जानते थे। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, हम वहां के जीवन शैली में समायोजित होते गए और पूरी तरह से इसका आनंद लेने लगे।

हमारा वहा ठहरना पूरी मस्ती से भरा हुआ था। हमारी दादी ने हमें हमारे पिता के कुछ नटखट, शरारती और मजेदार किस्सो के बारे में बताया। उन्होंने हमें बताया कि वे कैसे अपने स्कूल के शिक्षकों और पड़ोसियों के साथ शरारत किया करते थे। उन्होंने हमें यह भी बताया कि बचपन में, मैं और मेरी बहन अपने पिता की तरह कैसे शरारत औऱ बदमाशीया किया करते थे।

एक दिन मेरे दादाजी हमें थार रेगिस्तान में, कच्छ के लम्बे सैर के लिए ले गए, जो की दुनिया में सबसे बड़ा नमक रेगिस्तानों में से एक के लिए जाना जाता है। हमने वहां ऊंट की सवारी की और सूर्यास्त तक वहीं घुमते रहे। कुछ अच्छे समय बिताने के बाद हम वहां के मुख्य बाजार गए। हमारी दादी ने हमें कच्छ के अद्वितीय हस्तशिल्पों के बारे में बताया और उन्होंने यह भी बताया की कैसे वहां की महिलाएं विभिन्न प्रकार के कढ़ाई वाले कपड़े बेचकर अपना जिवन यापन करती हैं। हमने पिता जी के लिए एक कढ़ाई दार कुर्ता और माँ के लिए एक साड़ी खरीदी। इसके बाद हम घर वापस चले आए और रात का खाना बनाने में हमने दादी की मदद भी की। अगले दिन हम अपने दादाजी के साथ खेत में गए और उन्होंने हमें विभिन्न कृषि तकनीकों के बारे में बताया जो की बहुत मजेदार था। हम हर दिन विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में शामिल होते थे।

निष्कर्ष

यह हमारे सबसे अच्छी यात्राओं में से एक था जहां हमने बहुत मस्ति की, हमने वहां कच्छ की संस्कृति और विरासत की जानकारी प्राप्त की और मैं भविष्य में इस तरह की और यात्राएं करना चाहुंगा।

 

मैनें अपनी गर्मी की छुट्टी गांव में कैसे बितायी पर निबंध – निबंध 3 (400 शब्द)

प्रस्तावना

मेट्रोपॉलिटन शहरों में रहने वाले लोगो के लिए गर्मी की छुट्टी का मतलब है, फिल्म और टेलीविजन देखना या दोस्तों के साथ घुमना या इंटरनेट इस्तेमाल करना इत्यादि। ये सारी गतिविधियां ही उनका पुरा समय ले लेती है। लेकिन, जो गर्मी की छुट्टीयां मैंने मेरी चाची के घर भिवानी गांव में बिताया वह मेरे लिए दुनिया का एक दिलचस्प अनुभव जैसे था।

गांव की संस्कृति को जानना

गांव के घर बड़े तथा महल की तरह थे और वहां के लोग भावनात्मक रूप से एक दुसरे से जुड़े हुए थे तथा एक-दूसरे के जीवन के बारे में सारी अच्छी-बुरी खबर रखते थे। एक साथ बैठकर भोजन करना, लोगों की स्थितियों और विचारों को समझना और एक जुट होकर काम करना, कुछ ऐसी छोटी-छोटी चीजें थी जो एक सुंदर और खुशहाल गांव निर्माण में अपना योगदान दे रही थी।

सुबह में जल्दी उठना और सैर पर जाना यह एक अच्छा अभ्यास है जो गांव के लोगों को स्वस्थ तथा दिनचर्या को अच्छा बनाए रखता है। इसलिए, घर के सभी लोगों को सुबह 6 बजे जागना पड़ता था जो कि शुरुआत में हमारे लिए अभिशाप से कम नहीं थीं। गांव में, मेरे चाचा की एक बर्तन की दुकान है जिसको खोलने के लिए वो हर सुबह 7 बजे से पहले घर से निकल जाते है, वहां हमने ज्यादातर लोगों को इसी समय पर अपने काम पर जाते देखा था।

मै सुबह-सुबह वहां के रसोईघर में अपना समय बिताते हुए वहां की औरतो की नाश्ता बनाने में तथा रसोई के बाद घर की साफ-सफाई करने में उनकी मदद की तथा दोपहर के समय, मै औऱ मेरा भाई दोनों ने मिलकर गांव का एक चक्कर लगाया औऱ फिर अपने चाचा के दुकान जाकर उन्हें उनका दोपहर का भोजन दिया, उसके बाद घर आकर हम लोगों ने ढ़ेर सारी बाते की औऱ भोजन किया और फिर सो गये।

गांव में शाम के समय का हम बेसबरी से इंतजार किया करते थे। एक शाम हम गांव की औरते के साथ उस कुएं तक भी गये जहां से वे पिने का पानी लाया करती थी। उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी के साथ पानी से भरे बर्तनों को संतुलित करते तथा पंक्ति में एक साथ चलते हुए देखना एक अच्छा अनुभव था। गांव में एक बड़ा खेल का मैदान भी था जो शाम के समय में खेलने वाले बच्चों से भर जाता था।

एक दिन हमारे चाची और चाचा हमें सैर कराने के लिये खेतों में ले गये जहां उन्होंने हमें फलों और सब्ज़ियों के बढ़ती हुई सुंदर प्रक्रिया के बारे में बताया तथा किसानों द्वारा कड़ी मेहनत के बाद अपने फसलों को कटते हुए उनके चेहरे की तेज को देखना हमारे लिए एक अलग ही अनुभव था।

मैं गांव में एक बरगद के पेड़ के नीचे हो रही पंचायत में भी गया जहां गांव के लोगों की सहमति से गांव के बुजुर्गों द्वारा गांव के मुद्दों का समाधान किया जा रहा था। यह वह जगह है जहां मैंने लोकतंत्र का एक छोटा सा उदाहरण देखा।

निष्कर्ष

गांव का जीवन सादगी तथा सुंदरता से भरा हुआ है। गांव की मेरी यात्रा हमेशा मुझे करुणा तथा परिवार के प्रति निस्वार्थ प्रेम सिखाती है।


 

मैनें अपनी गर्मी की छुट्टी हिल स्टेशन में कैसे बितायी पर निबंध - निबंध 4 (500 शब्द)

प्रस्तावना

ग्रीष्म ऋतु मुख्य रूप से अत्यघिक गर्मी तथा छुट्टी के लिए जाना जाता है। छात्रों के लिए यह तनाव से राहत दिलाने और प्रकृति के करीब आने का अच्छा समय होता है जिसके लिए उन्हें पूरे वर्ष भर अपने व्यस्त कार्यक्रम के दौरान समय नहीं मिलता।

हमने एक हिल स्टेशन पर जाने का फैसला किया

इस साल हमारे परिवार ने गर्मी की यात्रा के लिए एक पहाड़ी स्टेशन पर जाने का फैसला किया है। भारत में कई खूबसूरत जगहें हैं जैसे मसूरी, ऊटी, विल्सन हिल्स, कुफरी, नैनीताल, मनाली, केरल और ऋषिकेश इत्यादि जैसे कुछ स्थान जो अपने  सुंदर नामों तथा दृश्यों के लिए जाने जाते है। आखिर कार पहाड़ी स्टेशन जाने के लंम्बे चर्चे के बाद, हमने शिमला के यात्रा को चुना।

शिमला की हमारी यात्रा

हम सब सुबह वहां हमारी कार के माध्यम से पहुंचे। फिर, हम सीधे उस होटल गए जिसे हमने रहने के लिए पहले ही बुक कर लिया था। शिमला में विभिन्न संस्कृतियों से आने वाले लोगों से भरे भव्य होटलों से लेकर प्रकृतिमनोहर स्थानों और मॉल रोड से लेकर शॉपिंग सड़कों तक, पर्यटकों को लुभाने के लिए सबकुछ है। हमने शिमला के लिए 5 दिनों के यात्रा की योजना बनाई थी जिनमे पहले दिन की शाम हम सब शहर के मुख्य पर्यटन स्थल, मॉल रोड और झकू पहाड़ियों पर गए जहां उस समय कई अलग-अलग गतिविधियां चल रही थी। शिमला के रात्रि के दृश्य आश्चर्यजनक था। हम फुटूलोस डिस्कोथेक भी गए जो तेज संगीत तथा लोगों से भरा हुआ था।

अगले दिन हम सब खिलौने वाली ट्रेन के माध्यम से कालका से शिमला तक की यात्रा की। हमारे देश में ऐसी केवल 3 ट्रेनें हैं और उनमें से एक शिमला में है। वास्तव में ये ट्रेन धीमी चलती है, इस तथ्य के बावजूद भी उसके मध्यम से यात्रा करना एक मनोरंजक अनुभव रहा। शाम का समय स्कीइंग और बंजी जंपिंग जैसे कुछ बर्फ रोमांच करने में बित गया।

अगला दिन हमने शिमला के पास चेल, कुफरी और चितकुल जैसे स्थानों पर जाकर बिताया। इन स्थानों के खूबसूरत दृश्यो का आनंद लेने के अलावा स्नो एडवेंचर के लिए भी लोग जाया करते हैं

शिमला मेरे जैसे भोजन करने वाले के लिए एक अच्छी ट्रिट है। शिमला के भोजन के बारे में एक विचित्र बात यह है कि छोटे डिनर हो या कैफे, फास्ट फूड, अलग-अलग प्रकार के चाय और कोल्ड ड्रिंक या फैंसी भोजनालयों की पेशकश, में कोई अंतर नहीं होता उन सभी के मूल्य अत्यधिक होती है, उनके  मेन्यू में शराब शामिल रहता हैं। हमारे पास बेकेज़ में स्वादिष्ट सलामी बर्गर थे।

इन दिनों के दौरान इतनी सारी गतिविधियों में भाग लेने से हम वास्तव में शाम को थक जाते थे, परन्तु रातों में तारो से भरे आकाश को देखकर तथा ऊंचे पेड़ से आती मधुर संगीत को सुनकर हमारी आत्मा और दिल उत्साह से भर जाते थे, तथा वहां के घुमावदार सड़के, खूबसूरत पहाड़ियां और मंद हवाएं हमें खुशीयां तथा नई ऊर्जा प्रदान करती थी।

निष्कर्ष

हम शिमला में पांच मजेदार दिन बिताने के बाद दिल्ली वापस आ गए। इस यात्रा की यादे मेरे मस्तिष्क में आज भी ताजा है। शिमला वास्तव में पहाड़ी स्टेशनों की रानी है और मैं भविष्य में दुबारा इस जगह की यात्रा करना चाहुंगा।


 

मैनें अपनी पिछली गर्मी की छुट्टी कैसे बितायी पर निबंध - निबंध 5 (600 शब्द)

प्रस्तावना

गर्मी किसी भी छात्र के अकादमिक वर्ष में सबसे अधिक प्रतीक्षित करने वाले समय होता है। तेजस्वी सूरज और अत्यधिक गर्मी के बावजूद, ये महीने हमेशा मेरी आत्मा को एक असाधारण प्रकार की शांति प्रदान करते करता है तथा यह मेरी एकाग्रता को बढ़ाता है और आलस को दूर करता है। ये छुट्टीयां नई चीजों को तलाशने, नये जगहों पर घूमने, योजना बनाने और बहुत सारी चीजे करने का एक अच्छा समय होता है। गर्मी की छुट्टी हमेशा मजेदार होती हैं लेकिन मेरी गर्मी की छुट्टियां विशेष रूप से यादगार रही। यह विशेष इसलिए थी क्योंकि उन छुट्टियों में विदेशी भूमि पर मेरा पहला आगमन था।

मेरी पहली विदेश यात्रा

वर्ष 2017 स्कूल में मेरा आखिरी शैक्षणिक सत्र था। इसलिए, कॉलेज जाने से पहले पूरे परिवार के साथ विदेश घुमने जाना, यह एक अच्छा अवसर था जो मुझे मेरे परिवार ने उपहार के रूप में दिया था। हमारी यात्रा की योजना परी डिज्नीवर्ल्ड और ग्लैमरस हांगकांग और फिर मलेशिया के बहु जातीय देश द्वीप का एकदम सही मिश्रण था।

गर्मी की छुट्टी के दूसरे दिन मैं छत्रपति शिवाजी हवाई अड्डे, मुंबई के टर्मिनल 2 पर था और मै अपनी फ्लाइट बोर्डिंग तथा सोशल मीडिया पर इसके बारे में कहानियां पोस्ट करने का इंतजार कर रहा था। मैं अपने माता-पिता, भाई बहन और चचेरे भाइयों से घिरा हुआ था, हर किसी के चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। मेरे सभी चचेरे भाई, चाची और चाचा के साथ एक पूर्ण विस्तारित पारिवारिक अवकाश होने के नाते, जब हम हवाई अड्डे पर टैक्सी से निकले तब सबकुछ बहुत मजेदार लग रहा था। यह बादलों के बीच मेरी पहली यात्रा नहीं थी, लेकिन यह मेरी सबके साथ पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान थी जो पूरे शहर की रात की रोशनी का शानदार दृश्य दे रही थी और मुझे पता था कि ये यात्रा मेरे लिए एक तरह का अनुभव बनने जा रही थी।

हांगकांग में लैंडिंग, ने मुझे अपने हवाई अड्डे की दृष्टि से अचंभित कर दिया, यह सब देख के मुझे लगा कि वास्तव में "पहली छाप आखिरी छाप होती है" और यह इस तथ्य का उदाहरण दे रहा है। मैं निश्चित रूप से कल्पना से परे तथा आश्चर्यचकित था लेकिन कहीं ना कहीं मुझे पता था कि यह तो अभी सिर्फ शुरुआत थी। पहले दिन मुख्य रूप से इस खूबसूरत जगह के लुभावनी सड़कों तथा वहां के फैशन, भोजन, तकनीक में समृद्ध, आधुनिक चीजों की खोज करना शुरु किया और साथ ही साथ उनके प्रचीन जीवन के बारे में जानने की कोशिश कि।

अगली जगह हमने वह देखा, जिसको देखने के लिए हम सभी लंबे समय से सपना देख रहे थे जो कि मज़ेदार डिज्नीलैंड था। पहली चीज, जिसने मेरा ध्यान खींचा वह डिज्नी पात्रों के कपड़े पहने हुए लोग, अंतरिक्ष और दुकानों के अद्भुत विस्तार, दूर तक बड़े महल - डिज्नी कैसल था। वह बहुत शानदार था। इसके आकर्षण और मोहक दृश्य ने मुझे आश्चर्य कर दिया। एक पूर्ण परेड शो के बाद आतिशबाजी विशेष रूप से आपको आश्चर्यचकित कर सकती है, क्या आपने वास्तव में कभी कल्पना की दुनिया में प्रवेश किया है? परन्तु यह मेरे विश्वास की कल्पना की तुलना से भी बहुत अधिक था।

अगला दिन भी यात्रा का था क्योंकि हम अपने अगले गंतव्य मलेशिया जा रहे थे। जहां हम आए थे वहां से सिटी गेटवे पूरी तरह से विपरीत था। इस शहर में स्काई स्क्रैपर्स नहीं थे लेकिन खूबसूरती से भरा हुआ यह क्षैतिज शहर संस्कृति और विविधता में बहुत समृद्ध था। मस्जिदों, संग्रहालयों और विरासत स्थलों की उत्कृष्टता पूरी तरह से आधुनिक जीवनशैली और शहर के आधुनिक लेआउट के साथ मिलती है। देश के पहाड़ी शीर्ष हिस्सों जैसे कि जेंटिंग हाइलैंड्स को निश्चित रूप से पृथ्वी पर स्वर्ग कहा जा सकता है। यहां समुद्र तटों को आराम और पुनर्जीवित करने के लिए एक आदर्श जगह प्रदान की गई है। मुझे खुशी है कि हमने इस यात्रा को हमारे अंतिम गंतव्य के रूप में चुना।

निष्कर्ष

यह अब तक के सबसे अच्छी छुट्टियों में से एक रहा जहां मुझे बहुत सारी खूबसूरत चीजें और जगह देखने को मिला। मैंने अपने प्यारे परिवार के साथ बहुत अच्छा समय बिताया। मेरी आखिरी गर्मी की छुट्टी वास्तव में अब तक की सबसे अच्छी गर्मी की छुट्टियों में से एक रही।

 

 

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