विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध

जीवन को बेहतर और अधिक प्राकृतिक बनाने के लिए पूरे विश्वभर में पर्यावरण में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस अभियान की स्थापना की गई। आजकल, पर्यावरण का मुद्दा बहुत बड़ा मुद्दा है, जिसके बारे में सभी को जागरुक होना चाहिए और इस परेशानी का सामना करने के लिए अपने सकारात्मक प्रयासों को करना चाहिए। प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से युक्त वातावरण में सकारात्मक बदलावों को लाने के लिए विद्यार्थियों के रुप में किसी भी देश के युवा सबसे बड़ी उम्मीद है। विद्यार्थियों को यह विषय आमतौर पर, स्कूलों में पैराग्राफ, निबंध, लेख लिखने, भाषण देने या वाद-विवाद में भाग लेने के लिए मिलता है। हम यहाँ विश्व पर्यावरण दिवस पर कुछ निबंध विभिन्न शब्द सीमाओं में विद्यार्थियों की मदद करने के उद्देश्य से उपलब्ध करा रहे हैं। आप अपनी आवश्यकता और जरुरत के अनुसार किसी भी विश्व पर्यावरण दिवस निबंध को चुन सकते हैं:

विश्व पर्यावरण दिवस पे निबंध (वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे एस्से)

You can get below some essays on World Environment Day in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध 1 (100 शब्द)

विश्व पर्यावरण दिवस (डब्ल्यू.ई.डी) एक अभियान है, जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व भर में लोगों के द्वारा मनाया जाता है। इस अभियान की शुरुआत लोगों के बीच में पर्यावरण के मुद्दों के बारे में वैश्विक जागरुकता लाने के साथ ही पर्यावरण के लिए सकारात्मक कदम लेने के लिए की गई है। इसका संचालन संयुक्त राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा किया जाता है और इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा 1972 में की गई थी। यह दिन विशेष रुप से वर्तमान वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करके पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए है। यह 100 से ज्यादा देशों के लोगों के द्वारा मनाया जाता है। यह वह दिन है, जब पर्यावरण के सन्दर्भ में जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से राजनीतिक ध्यानाकर्षण के साथ ही सार्वजनिक कार्यों को बढ़ाने के लिए जनता और राजनेता इनसे प्रेरणा लेते हैं। लोगों को पर्यावरण के मुद्दों पर कार्य करने और विश्वभर में निश्चित व पर्यावरण के अनुकूल विकास का सक्रिय प्रतिनिधि बनने के लिए इस दिन को बनाया गया है।

विश्व पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध 2 (150 शब्द)

विश्व पर्यावरण दिवस के अभियान की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र की महासभा के द्वारा 1972 में की गई। यह प्रत्येक वर्ष जून के महीने में 5वीं तारीख को मनाया जाता है। यह मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोम सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर निकट भविष्य में पर्यावरण के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए एक वार्षिक अभियान के रूप में घोषित किया गया था। यह दुनिया भर में गर्म वातावरण के मुद्दों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक मुख्य उपकरण के रूप में संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्मित किया गया था। संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों के सामने पर्यावरण के मुद्दों का वास्तविक चेहरा देना और उन्हें विश्वभर में पर्यावरण के अनुकूल विकास का सक्रिय प्रतिनिधि बनाने के लिए सशक्त करना था।

यह (विश्व पर्यावरण दिवस) सुरक्षित भविष्य का निर्माण करने के लिए पर्यावरण की ओर लोगों की धारणा में बदलाव लाने को भी बढ़ावा देता है। विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के लिए विज्ञान, तकनीकी और पर्यावरण के लिए केरल राज्य परिषद द्वारा विभिन्न थीमों या विषयों पर आधारित राज्यस्तरीय गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। 2016 के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “जीवन के लिए जंगली जीवन में गैर कानूनी व्यापार के खिलाफ संघर्ष” थी।

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध 3 (200 शब्द)

पूरे विश्वभर में विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत पर्यावरण के मुद्दों पर वैश्विक जागरुकता का उत्थान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा 1972 में की गई थी। इस अभियान की शुरुआत इस ग्रह (पृथ्वी) की प्रकृति की रक्षा करने के लिए लोगों को पर्यावरण के लिए सकारात्मक कदम उठाकर प्रेरित करने के लिए की गई है। इस अभियान की घोषणा संयुक्त राष्ट्र के मानव पर्यावरण के सम्मेलन की शुरुआत में की गई थी। इसका संचालन संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा किया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस के 2015 के कार्यक्रम के आयोजन पर भारत के प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी ने अपने आधिकारिक निवास स्थल (7, रेस कोर्स रोड, नई दिल्ली) पर पौधारोपण किया था।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मीडिया और मशहूर हस्तियों की इस कार्यक्रम में भागीदारी के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुकता और प्रोत्साहन को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के सद्भावना दूत विश्व पर्यावरण दिवस में भागीदारी के लिए विश्वभर में संदेश भेजते हैं। यह अभियान लोगों को इस कार्यक्रम से बड़ी संख्या में जोड़ने के लिए एक निमंत्रण है, ताकि लोग वातावरण की वास्तविक स्थिति को समझें और पर्यावरण मुद्दों के दुष्प्रभावों के खिलाफ प्रभावी कार्यक्रमों के साथ जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने के लिए पर्यावरण प्रतिनिधि बनें। हमें बेहतर भविष्य के लिए इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए और अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखने की प्रतिज्ञा करनी चाहिए।

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध 3 (250 शब्द)

विश्व पर्यावरण दिवस एक अभियान है, जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को, विश्वभर में पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करने और हमारे ग्रह पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का भाग बनने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।

विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास

विश्व पर्यावरण दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा मानव पर्यावरण के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अवसर पर 1972 में हुई थी। हालांकि, यह अभियान सबसे पहले 5 जून 1973 को मनाया गया। यह प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है और इसका कार्यक्रम विशेषरुप से, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किए गए वार्षिक विषय पर आधारित होता है। यह कार्यक्रम एक शहर के द्वारा आयोजित किया जाता है, जहाँ पर्यावरण से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाती है, जिसमें बहुत सी गतिविधियों को शामिल किया जाता है। हमारे वातावरण की सुरक्षा के लिए विश्वभर में लोगों को कुछ सकारात्मक गतिविधियाँ के लिए प्रोत्साहित और जागरुक करने के लिए यह दिन संयुक्त राष्ट्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन है। अब, यह 100 से भी अधिक देशों में लोगों तक पहुँचने के लिए बड़ा वैश्विक मंच बन गया है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियाँ

विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम भारत में विशेषरुप से, स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मनाया जाता है। विद्यार्थियों के मध्य जागरुकता पैदा करने के लिए अध्यापक कुछ प्रभावी कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाते है; जैसे- निबंध लेखन, भाषण देना, शिक्षा, विषय चर्चा, स्लाइड शो, क्विज प्रतियोगिता, कला प्रतियोगिता, बैनर प्रदर्शन, सेमिनार, संगोष्ठियों, निर्धारित विषय पर कार्यशालाएं, चित्रकला प्रतियोगिता, संबंधित विषय पर व्याख्यान, थीम पर आधारित प्रदर्शन, फिल्मी शो, कथन लेखन, आदि। हमारे वातावरण की सुरक्षा के सन्दर्भ में विद्यार्थियों को सकारात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

निष्कर्ष:

हमारे पर्यावरण की स्थिति प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण दिन प्रति दिन गिरती जा रही है। बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमें हमारे देश में पर्यावरण के अनुकूल विकास को बढ़ावा देना चाहिए।

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध 5 (300 शब्द)

विश्व पर्यावरण दिवस लगभग 100 से भी अधिक देशों के लोगों के द्वारा 5 जून को मनाया जाता है। इसकी घोषणा और स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा 1972 में हुई थी, हालांकि इस कार्यक्रम को हर साल मनाने की शुरुआत 1973 से हुई। इसका वार्षिक कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के द्वारा घोषित की गई विशेष थीम या विषय पर आधारित होता है।

इस अभियान का समारोह प्रत्येक वर्ष अलग-अलग शहरों के द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसके दौरान पूरे सप्ताह अन्तर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियाँ लगाई जाती है। इस अभियान के आयोजन के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र लोगों को पर्यावरण के बारे में जागरुकता और प्रोत्साहन को बढ़ावा देता है। यह सकारात्मक सार्वजनिक गतिविधियाँ और राजनीतिक ध्यान प्राप्त करने के लिए प्रभावी वार्षिक अभियान है।

इसे अधिक प्रभावी बनाने और वर्ष की विशेष थीम या विषय के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। विभिन्न क्रियाएं; जैसे- निबंध लेखन, पैराग्राफ लेखन, भाषण, नाटक का आयोजन, सड़क रैलियाँ, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कला और चित्रकला प्रतियोगिता, परेड, वाद-विवाद, आदि का आयोजन किया जाता है। लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाने के लिए अन्य प्रकार की प्रदर्शनियों को भी आयोजित किया जाता है। यह सामान्य जनता सहित शिक्षाविदों, पर्यावरणविदों, प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों, राजनीतिज्ञों, आदि के समूहों को आकर्षित करता है।

मेजबान शहर के अलावा विश्व पर्यावरण दिवस वाले दिन, यह अन्य देशों के द्वारा वैयक्तिक रुप से अपने राज्यों, शहरों, घरों, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों आदि पर परेडों और सफाई गतिविधियाँ, रीसाइक्लिंग पहल, वृक्षारोपण के साथ सभी प्रकार की हरियाली वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और लोगों को इस खूबसूरत ग्रह की बुरी परिस्थितियों की ओर ध्यान देने के लिए आयोजित किया जाता है। इस दिन सार्वजनिक अवकाश नहीं होता इस प्रकार सभी स्कूल और कार्यालय खुले रहते हैं और कोई भी अवकाश नहीं लेता है। यह कार्यक्रम इस पृथ्वी की सुन्दरता को बनाए रखने के लिए कुछ सकारात्मक गतिविधियों के लिए एकसाथ कार्य करने की एक पहल है। हमें पूरे सालभर कार्यक्रम के उद्देश्यों को अपने ध्यान में रखना चाहिए और उन्हें वृक्षारोपण के माध्यम से आसपास के वातावरण को सुन्दर बनाने और साफ-सफाई, पानी की बचत, बिजली का कम प्रयोग, जैविक और स्थानीय खाद्य पदार्थों का उपयोग, जंगली जीवन की सुरक्षा आदि बहुत सी गतिविधियों को कार्यरुप में बदलना चाहिए। जीवन के लिए हमारे पास एकमात्र यही ग्रह है, यह हमारा घर है और हम सभी इसकी प्राकृतिक सुन्दरता को सदैव के लिए बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है।

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध 6 (400 शब्द)

विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण को सुरक्षित, स्वस्थ और सुनिश्चित बनाने के लिए नई और प्रभावी योजनाओं को लागू करने के द्वारा पर्यावरण मुद्दों को सुलझाने के लिए मनाया जाता है। इसकी घोषणा 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा पर्यावरण पर विशेष सम्मेलन “स्टॉकहोम मानव पर्यावरण सम्मेलन” के उद्धघाटन पर हुई थी। यह पूरे संसार के लोगों के बीच में पर्यावरण के बारे में जागरुकता फैलाने के साथ ही पृथ्वी पर साफ और सुन्दर पर्यावरण के सन्दर्भ में सक्रिय गतिविधियों के लिए लोगों को प्रोत्साहित और प्रेरित करने के उद्देश्य से हर साल मनाया जाता है। यह साल के बड़े उत्सव के रुप में बहुत सी तैयारियों के साथ मनाया जाता है, जिसके दौरान राजनीतिक और सार्वजनिक क्रियाओं में वृद्धि होती है।

विश्व पर्यावरण दिवस (डब्ल्यू.ई.डी) की स्थापना इस ग्रह से सभी पर्यावरण संबंधी मुद्दों को हटाने और इस ग्रह को वास्तव में सुन्दर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं, एजेंडों और उद्देश्यों के साथ हुई है। पर्यावरण संबंधी समस्याओं पर ध्यान केन्द्रित करने और पर्यावरण के मुद्दों पर लोगों को एक चेहरा प्रदान करने के लिए पर्यावरण के लिए इस विशेष कार्यक्रम की स्थापना करना आवश्यक था। यह समारोह स्वस्थ्य जीवन के लिए स्वस्थ वातावरण के महत्व को समझने के साथ ही विश्वभर में पर्यावरण के अनुकूल विकास को निश्चित करने के लिए लोगों को सक्रिय प्रतिनिधि के रुप में प्रेरित करने में हमारी मदद करता है। यह लोगों के सामान्य सूझ को फैलाता है कि, सभी राष्ट्रों और लोगों के सुरक्षित और अधिक समृद्धशाली भविष्य की उपलब्धता के लिए पर्यावरण मुद्दों के प्रति अपने व्यवहार में बदलाव के लिए यह आवश्यक है।

विश्व पर्यावरण दिवस का संचालन संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के द्वारा किया जाता है। इसका मुख्यालय नैरोबी, केन्या में है, हालांकि, यह विश्वभर के लगभग 100 से भी अधिक देशों में मनाया जाता है। इसकी स्थापना 1972 में हुई थी, तथापि, इसे सबसे पहले वर्ष 1973 में मनाया गया था। इसका सम्मेलन प्रत्येक वर्ष अलग-अलग शहरों के द्वारा (जिसे मेजबान देश भी कहा जाता है) अलग थीम या विषय के साथ किया जाता है। यह लोगों के अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से मनाया जाता है। 2016 के विश्व पर्यावरण दिवस का विषय या थीम “जीवन के लिए वन्यजीवन में गैरकानूनी व्यापार के खिलाफ संघर्ष” था, जिसकी मेजबानी अंगोला देश के द्वारा की गई थी।

इस सम्मेलन का उद्देश्य सभी देशों के लोगों को एक साथ लाकर जलवायु परिवर्तन के साथ मुकाबला करने और जंगलों के प्रबंध को सुधारने के लिए समझौता करना था। यह बहुत सी क्रियाओं; जैसे- वृक्षारोपण, पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित विषयों पर विद्यार्थियों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला प्रदर्शनी, चित्रकला प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, वाद-विवाद, व्याख्यान, निबंध लेखन, भाषण आदि के साथ मनाया जाता है। युवाओं को पृथ्वी पर सुरक्षित भविष्य के लिए पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर प्रोत्साहित करने के लिए (निश्चित योजना प्रबंध के संदर्भ में) कार्यशालाओं का भी आयोजित किया जाता है।

2009 में, चेन्नई और बैंगलोर में पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचे और ग्लोबल वार्मिंग पर अंकुश लगाकर प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए कला प्रतियोगिता, विद्यार्थियों के लिए ई-कचरा (ईलक्ट्रोनिक अपशिष्ट) के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, ऊर्जा के स्रोतों का पुनः उपयोग, वन्य जीवन संरक्षण, वर्षा के पानी का संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ने पर वाद-विवाद प्रतियोगिता, जैविक अपशिष्ट आदि के माध्यम से पर्यावरण मेले का आयोजन किया गया था।