अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस (वर्ल्ड फ़ोटोग्राफ़ी डे)

अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस हर साल 19 अगस्त को दुनिया भर में बहुत जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन न केवल फोटोग्राफी के कट्टर अनुयायियों द्वारा मनाया जाता है बल्कि दुनिया भर के सभी लोग अपने व्यवसाय और हितों के बावजूद एक साथ मिलकर फोटोग्राफी के महत्व को समझने के लिए आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं। इस विशेष दिन पर लाखों लोग अलग-अलग विचारों को पेश करते हैं और दूसरों के साथ अपनी दुनिया को साझा करते हैं, अन्य फोटोग्राफरों की कल्पनाओं में रहने की कोशिश करते हैं और इसके अलावा फोटोग्राफी के माध्यम से और अधिक खुशी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। ऐसी दुनिया जहां हर घंटे अरबों फोटो अपलोड किए जाते हैं, अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस दुनियाभर के कई फोटोग्राफरों को अपने एकल उद्देश्य से एक तस्वीर के अपने विचार को प्रसारित करने के लिए प्रेरणा प्रदान करता है फिर भी विभिन्न लोगों को प्रेरित करने के लिए फोटोग्राफर अलग-अलग सोचते हैं। अविश्वसनीय परिदृश्य से रोज़मर्रा की जिंदगी में इस दिन एक वैश्विक गैलरी की छवियों को विभिन्न कौशल, स्तर, ज्ञान और विभिन्न देशों और संस्कृति में रहने वाले लोगों द्वारा कैद किया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस (वर्ल्ड फ़ोटोग्राफ़ी डे) 2018 - World Photography Day in Hindi

अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस 19 अगस्त 2018 को मनाया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस (वर्ल्ड फ़ोटोग्राफ़ी डे) का इतिहास

19 अगस्त 1939 को फ्रांस में पहली बार एक तस्वीर की घोषणा की गई थी। इस घोषणा की प्रस्तावना 9 जनवरी 1899 को की गई जहां फ्रांस के एकेडमी ऑफ साइंसेज ने दगाइरियोटाइप प्रक्रिया की घोषणा की थी। बाद में उसी वर्ष 19 अगस्त को फ्रांसीसी सरकार ने पेटेंट की खरीद की और फ्रांकोइस अरगो, फ्रांस के 25वें प्रधान मंत्री, ने फ्रांसीसी अकादमी डेस साइंस और अकादमी डेस बेउक्स आर्ट्स को इसे प्रस्तुत किया जिसने फोटोग्राफी की प्रक्रिया का वर्णन किया। आरागो ने इसके मूल्यांकन पर चर्चा की और इसके शानदार भविष्य को समझाया तथा दुनिया के लिए इसके नि: शुल्क उपयोग को बढ़ावा दिया। इसलिए इसे "दुनिया के लिए मुफ़्त उपहार" के रूप में बोला गया।

19 अगस्त को पहली वैश्विक ऑनलाइन गैलरी का आयोजन किया गया था। यह दिन ऐतिहासिक था क्योंकि यह पहली ऑनलाइन गैलरी थी जिसका अभी तक आयोजन किया गया था और इस दिन 270 फोटोग्राफरों ने तस्वीरों के माध्यम से अपने विचारों को साझा किया और 100 से अधिक देशों के लोगों ने वेबसाइट को देखा।

भारतीय इंटरनेशनल फोटोग्राफिक काउंसिल, नई दिल्ली ने अपने संस्थापक, श्री ओ.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में विभिन्न फोटोग्राफिक दिग्गजों तक अपनी पहुंच का विस्तार किया ताकि हर साल फोटोग्राफी का जश्न मनाया जा सके। यह प्रतिक्रिया सकारात्मक रही और प्रस्ताव विभिन्न देशों में स्वीकार किया गया था। तब से 19 अगस्त को दुनिया भर में विश्व फोटोग्राफी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस (वर्ल्ड फ़ोटोग्राफ़ी डे) क्यों मनाया जाता है

विश्व के कोने कोने में रहने वाले लोग 19 अगस्त की तारीख आने की प्रतीक्षा करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस का उद्देश्य विचारों को साझा करना है, सभी को इस क्षेत्र की ओर अपना छोटा सा योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करना और उन लोगों के काम का प्रसार करने के लिए लोगों का ध्यान खींचना है जिन्होंने दुनिया के लिए फोटोग्राफी पर अपने विचार पेश किए। इस दिन का जश्न इसलिए मनाया जाता है ताकि विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोग एक ही छत के नीचे आ सके और इसी तरह के फोटो प्रदर्शनियों, प्रतियोगिताओं, व्याख्यान, कार्यशालाओं, सेमिनार आदि को व्यवस्थित करने के लिए एक समान मंच पर आ सके। इस दिन उन व्यक्तियों को भी याद किया जाता है जिन्होंने न केवल अतीत में अपना योगदान दिया है बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी इस क्षेत्र के विद्वानों के मार्गदर्शन में अपने कौशल को निखारने के लिए प्रेरित करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस (वर्ल्ड फ़ोटोग्राफ़ी डे) की थीम

हर साल अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस की अपनी स्वयं की थीम होती है। थीम का चुनाव उस दिन के कार्यक्रम के निर्धारित पैरामीटर के अनुसार किया जाता है। 19 अगस्त 2017 को अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस की थीम "बादलों को समझना" रखी गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ता के अनुकूल डिजिटल आधारित तस्वीर बनाना है जो एक आधिकारिक और व्यापक तस्वीर है।

विभिन्न फोटोग्राफिक समाज विभिन्न श्रेणियों के आधार पर ऑनलाइन और ऑफलाइन फोटो प्रतियोगिता आयोजित करेंगे। प्रतियोगिता में लोगों को सभी उम्र, वर्ग, व्यवसाय और रीति-रिवाजों से उनके योगदान को उनकी कहानियों को साझा करने और अन्य लोगों को अपने अनुभवों से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस (वर्ल्ड फ़ोटोग्राफ़ी डे) कैसे मनाया जाता है

2010 के बाद से दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस मनाया जाता है ताकि लोग उन सेमिनारों  के माध्यम से जान सकें बिना तस्वीरों के दुनिया में जीना कैसा लगता है। इस दिन कई लोग अपने काम का प्रदर्शन करने के लिए प्रतियोगिताओं और आर्ट गैलरी कार्यक्रमों में भाग लेते हैं जहां वे अपने काम का सर्वश्रेष्ठ हिस्सा दुनिया को दिखाने का प्रयास करते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किस के पास कितना अनुभव है या कितने वर्षों का अनुभव है कोई भी इन प्रतियोगिताओं में शामिल हो सकता है। इस तरह के कार्यक्रमों के प्रायोजकों के साथ संगठित टीम, फोटोग्राफी के ज्ञान को फैलाने के लिए लोगों को इकट्ठा करने के लिए विश्वव्यापी मीडिया कार्यक्रम, अभियान और अन्य ऐसी गतिविधियों का आयोजन करती है।

फोटोग्राफी पेशे के साथ एक बड़ी समस्या यह है कि इसमें बहुत अधिक पैसे के निवेश की आवश्यकता होती है और बिना वित्तीय समर्थन के किसी भी नए व्यक्ति के लिए अपना व्यवसाय शुरू करना मुश्किल हो जाता है। अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस अपने आप में एक ऐसा उत्सव है जो इस तरह की शुरूआत के लिए समाधान प्रदान करता है। इस दिन सभी क्षेत्रों के लोग आते हैं और प्रदर्शनियों में शामिल होते हैं और न केवल वे उनके काम की प्रशंसा करते हैं बल्कि उन परियोजनाओं के लिए लोगों को भी काम देते हैं जैसा काम वे उन युवकों से करवाने में रुचि रखते हैं और इस तरह से यह दिन युवाओं के लिए उनकी कड़ी मेहनत में विश्वास करने और उनके प्रदर्शन को दिखाने के लिए मंच प्रदान करता है। दुनिया के लिए यह दिन फोटोग्राफी की प्रतिभा को मनाने और स्वीकार करने के बारे में है चाहे वह शौकिया हो या पेशेवर हो।

हाल के वर्षों में दुनिया भर में हुए उत्सवों में से कुछ उदाहरण निम्नानुसार हैं:

भारत

भारत में अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस बहुत जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह न केवल अपनी राष्ट्रीय राजधानी में बल्कि पूरे देश के सभी राज्यों के लोगों के विभिन्न समूहों द्वारा कई गतिविधियों के रूप में मनाया जाता है। विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र इंटर कॉलेज प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं। ऐसी ही एक प्रतियोगिता हाल में श्री प्रकाश विद्यानिकेतन के छात्रों द्वारा आयोजित की गई थी। वहां प्रसिद्ध वन्यजीव फोटोग्राफर कैप्टन सुरेश शर्मा, फैशन फोटोग्राफर बी.के. अग्रवाल और पेशेवर फोटोग्राफर प्रबल मोहंती ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। इन दिग्गजों ने फोटोग्राफी की कला में अपनी अंतर्दृष्टि साझा की। इसी तरह व्यावसायिक फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर एसोसिएशन के सदस्यों ने अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस वाई.वी.एस. मूर्ति ऑडिटोरियम, आंध्र यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में मनाया। फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन रजिस्ट्रार वी. उमा महेश्वर राव ने किया। हर साल आँख परीक्षण शिविर, सांस्कृतिक गतिविधियां और मेधावी छात्रों के पुरस्कारों की प्रस्तुति भी इस देशव्यापी उत्सव का एक हिस्सा बनती है। इतना ही नहीं पूरे देश में कई प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया जाता है जहां फोटोग्राफी से संबंधित काम की प्रशंसा की जाती है। उसके बाद एकत्रित धन परोपकारी प्रयोजनों के लिए उपयोग किया जाता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका

यू.एस.ए. महान आविष्कारक मार्क ज़करबर्ग का घर है। हाल के दिनों में फ़ोटोग्राफर्स के काम की सराहना करने के लिए दुनियाभर में कई लोगों के लिए फेसबुक एक मंच बन गया था। विश्व फोटोग्राफिक फोरम फोटो प्रेमियों का फोटो प्रेम के लिए फोटो प्रेमियों द्वारा बनाया एक फेसबुक ग्रुप है। इस ग्रुप ने 1 फरवरी, 2017 से फोटोग्राफी के लिए ईनाम देना शुरू कर दिया था। यहां इस ग्रुप के प्रसिद्ध फेसबुक संस्थापकों द्वारा फोटो की जांच की जाती है और सर्वोत्तम छवियों को रोजाना आधार पर क्यूरेटर चॉइस के रूप में बेहतरीन फ़ोटो घोषित किया जाता है। इतना ही नहीं पूरे देश के लोग खुले दिल से इस दिन का स्वागत करते हैं, प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं और एक दूसरे के काम की सराहना करते हैं।

फ्रांस

अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस की फ्रांस में बहुत अधिक प्रतीक्षा की जाती है क्योंकि फोटोग्राफी की उत्पत्ति यही शुरू हुई थी। लोग बहुत खुशी और विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ इस दिन का स्वागत करते हैं। न केवल सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में विभिन्न प्रदर्शनियों की स्थापना की जाती है बल्कि शौकिया फोटोग्राफी करने वाले लोगों की प्रदर्शनी भी सड़क किनारे लगाई जाती है और हर कोई उनके कामों की सराहना करता है। फ्रांसीसी लोग खेलने, चित्रकारी करने और सिनेमा देखने के साथ अपने खाली समय को बिताते हैं। इसके अलावा वे समुद्र और पहाड़ों पर भी जाते हैं और वहां घूम-फिरकर समय व्यतीत करते हैं क्योंकि ये सुंदर पल उन्हें सारी उम्र मीठी यादें दे जाते हैं।

इंग्लैंड

प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस का स्वागत इंग्लैंड में बहुत खुशी के साथ किया जाता है। इंग्लैंड में विभिन्न पुरस्कारों और समारोहों के माध्यम से पूरे वर्ष के दौरान फोटोग्राफी का जश्न मनाया जाता है। विभिन्न देशों के लोग हर साल लंदन, इंग्लैंड में आयोजित विश्व प्रसिद्ध फोटोग्राफी पुरस्कारों में भाग लेते हैं। जनवरी के महीने में सोनी वर्ल्ड फोटोग्राफ़ी अवार्ड्स विजेताओं और उपविजेताओं की घोषणा की जाती है जिसमें दुनिया भर के फोटोग्राफरों को आर्किटेक्चर, पोट्रेट, वन्य जीवन और एकल में सर्वश्रेष्ठ छवियों का पुरस्कार दिया जाता है। यात्रायें, छुटियाँ मनाने और जीवन शैली जैसी अन्य विशेष श्रेणियां भी हैं। विश्व फोटोग्राफी दिवस का उत्सव इंग्लैंड के लोगों के लिए फोटोग्राफी के माध्यम से देश की विभिन्न समस्याओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करता है। देश भर के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों के विषय पर सेमिनार रखे जाते हैं और इस तरह फोटोग्राफ इंग्लैंड के लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का एक माध्यम बन जाता है।

भारत में फोटोग्राफी का आयोजन करने के लिए कुछ सुझाव

भारत अलग-अलग रीति-रिवाजों और परंपराओं से भरा एक विशाल देश है। हर किसी का जश्न मनाने का एक अपना तरीका होता है जिससे वे उत्साहित हो जाते हैं। हजारों लोग हैं जो फोटोग्राफी सीखने के लिए एक या दूसरे कॉलेज में शामिल होते हैं और कुछ लोगों को फोटोग्राफी की कला ईश्वर से उपहार में मिलती हैं। रघू राय, होमी व्याराल्ला, दब्बू रत्नानी, दयानिता सिंह जैसे महान फोटोग्राफर काफी समय से हमारे समुदाय का एक हिस्सा रहे हैं। अब हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए इस क्षेत्र में अपनी योग्यता साबित करने का समय आ गया है। भारत में अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस को मनाने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:

  • भारतीयों को फोटोग्राफी किसी कॉलेज शौक के रूप में ना लेकर एक पेशे के रूप में लेना चाहिए और व्यावसायिक कॉलेजों के माध्यम से उसी के तथ्य और विवरण जानने के लिए उसे प्रोत्साहित करें।
  • अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस पर प्रत्येक शहर में धन कमाने वाले कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए जहां हर कोई प्रवेश शुल्क के बिना भाग ले सके और अपने काम के आधार पर स्कूलों और कॉलेजों में प्रवेश पा सके और अपने सपनों को पूरा कर सके।
  • बच्चे के शुरुआती बचपन के विकास में एक मजबूत आधार दिया जाना चाहिए जहां माता-पिता अपने उनके हितों को देखे और उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें जहां बच्चे खुद को सहज महसूस करते हैं। इस तरह फोटोग्राफी की तकनीकों पर व्यक्ति की पकड़ बढ़ाई जा सकती है।
  • न केवल लड़कों बल्कि लड़कियों को भी उनके पसंदीदा क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए समर्थन देना जाना चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस पर महिलाओं के लिए विशेष सेमिनार स्थापित किए जाने चाहिए। उसके बाद नौकरी प्रासंगिक कौशल सिखाया जाना चाहिए और यह भी महिलाओं के बीच बेरोजगारी के मुद्दे को कम कर सकता है।
  • पूरे वर्ष के दौरान फोटोग्राफी के क्षेत्र में निवेश और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने वाले वातावरण का निर्माण किया जाना चाहिए। लोगों को विचारों से जुड़ने में मदद करने के लिए नवाचार विशिष्ट कौशल की आवश्यकता होती है।
  • हर किसी को एक व्यस्त दिनचर्या से मुक्त होना चाहिए। अपने पुराने कैमरें निकाले और बाहर निकले तथा फोटोग्राफी के रूप में समय को यूँ ही बनाए रखने के लिए कुछ तस्वीरें ले।

निष्कर्ष

अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस सभी समुदायों का एक जश्न है जो विश्व भर में लाखों लोगों को जोड़ता है। यह दुनिया में सकारात्मक परिवर्तन लाने की इच्छा रखता है चाहे वह हमारी रोजमर्रा की पसंद में हो या उन संगठनों के द्वारा जिसका हम समर्थन करते हैं। यह केवल एक दिन नहीं है, यह हर दिन कैमरे का एक नरम स्पर्श है, हमारे जीवन में प्रकाश की एक चमक और एक पल है जिस पर हमेशा के लिए कब्जा कर लिया जाता है। आज फोटोग्राफी हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गई है और यह एक ऐसे उपकरण के रूप में विकसित हुआ है जो हम सभी को जोड़ता है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं, आप कहां हैं; अंतर्राष्ट्रीय फोटोग्राफी दिवस हमें फोटोग्राफी की संभावना को तलाशने के लिए हमारी आँखें खोलने में मदद करता है और हमें दुनिया को साझा करने में सक्षम बनाता है जैसा हम इसे देखते है।