इन्टरनेट पर स्पीच

इंटरनेट आजकल एक बहुत ही चर्चित विषय बन चुका है जिस पर अक्सर विभिन्न लेख लिखे जाते हैं खासकर उन मौकों पर जब छात्रों को आज की वैश्विककरण की दुनिया में कहीं संबोधित करना हो। इंटरनेट की आवश्यकता हर जगह होती है - चाहे वह एक संगठन, शिक्षा संस्थान, अनुसंधान केंद्र हो या घर पर किसी को अपने निजी कार्य के लिए। इसके अलावा शिक्षक अक्सर अपने छात्रों को इंटरनेट के फायदे और नुकसान का हवाला देते हुए तथा बच्चों पर इसके बढ़ते बुरे असर को ध्यान में रखकर एक प्रभावी स्पीच लिखने को कहते हैं। इसलिए अगर बच्चों और वयस्कों को इस विषय पर स्पीच लिखने की ज़रूरत हो तो हमने उनकी मदद के लिए इसे भी कवर किया है। हमारे द्वारा उपलब्ध स्पीचों में आप इंटरनेट पर छोटी स्पीच के साथ-साथ बड़ी स्पीचें भी पाएंगे जो व्यापक होने के साथ आपके उद्देश्य को पूरा करने में आपकी मदद कर सकती हैं। हम आत्मविश्वास से कह सकते हैं कि हमारी स्पीच सभी शिक्षार्थियों के लिए एक अच्छा संदर्भ बिंदु है।

इन्टरनेट पर स्पीच (Speech on Internet in Hindi)

इन्टरनेट पर स्पीच - 1

नमस्कार देवियों और सज्जनों!

जैसा कि आप जानते हैं आज का सेमिनार इंटरनेट ( इसके लाभ और हानि ) के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए आयोजित किया गया है। मैं आज के सेमिनार के मेजबान के रूप में इस समारोह में आप सभी का स्वागत करता हूं और आशा करता हूँ की आप सभी की सक्रिय संगठनात्मक भागीदारी से यहां उपस्थित सभी लोगों के लिए यह समारोह फायदेमंद साबित हो सके। चर्चा का दौर आरंभ करने से पहले मैं इंटरनेट पर एक संक्षिप्त भाषण देना चाहता हूं ताकि मेरे दर्शकों को इसके बारे में और जानने का मौका मिल सके और आप अपने मौजूदा ज्ञान में और वृद्धि कर सकें।

इंटरनेट की परिभाषा हर किसी के लिए समान नहीं है। इंटरनेट की व्याख्या में अलग-अलग लोगों के लिए विभिन्न अर्थ शामिल हैं। ऐसा मुख्य रूप से इस तथ्य की वजह से है क्योंकि यह व्यापार और वाणिज्य के बहुसंख्यक अवसरों के साथ कई तरह के आयामों को अपने अंदर समेटे रखता है। दूसरे शब्दों में इंटरनेट इंटरनेटवर्क प्रणाली के लिए एक संक्षिप्त शब्द है यानी कंप्यूटर का एक नेटवर्क।

क्या आप जानते हैं कि 1969 में अमेरिकी रक्षा विभाग ने अपनी उन्नत अनुसंधान परियोजना एजेंसी (ARPA) की सहायता तथा टेलीफोन लाइनों के उपयोग के माध्यम से कंप्यूटर नेटवर्क की एक प्रणाली विकसित की है और इसका नाम दिया ARPANet जिसका मतलब है कि इंटरनेट की शुरुआत? ARPANet ने अधिकारियों को कई स्थानों पर स्थित अपनी साइट्स का उपयोग करने वाले विभिन्न सैन्य कर्मियों और शिक्षाविदों तक पहुंचने में सक्षम बनाया।

फिर नेटवर्किंग प्रौद्योगिकी में क्रमिक विकास और ARPANet पर कई तरह की जानकारी तक पहुंच के साथ अधिकारियों ने स्रोत के लिए अधिक से अधिक कंप्यूटरों को जोड़ा। इस प्रकार इंटरनेट के लिए एक महत्वपूर्ण न्यूनतम समर्थन हासिल किया गया था। 1990 में ARPANet को समाप्त करके इंटरनेट ही संचार के लिए सबसे शक्तिशाली और प्रभावी रूप में उभरा।

इसके अलावा मुझे आपके साथ इंटरनेट के बारे में कुछ और बुनियादी तथ्यों को साझा करना है। इंटरनेट की संरचना में 3 मूलभूत परतें हैं जैसे इंटरनेट बैकबोन, इंटरनेट सेवा के प्रदाता और आखिर में अंतिम उपयोगकर्ता। इंटरनेट बैकबोन वास्तव में एक दूसरे के साथ जुड़ा एक उच्च गति का नेटवर्क माना जाता है और वह इंटरनेट सेवाओं के प्रदाता उच्च गति के डेटा तथा ट्रांसफर लाइन के साथ जुड़ा हुआ है। इंटरनेट तक पहुंचने के लिए अंतिम उपयोगकर्ता अधिकतर इंटरनेट सेवा प्रदाता तक पहुंचता है।

मुझे यह कहने की ज़रूरत नहीं कि इंटरनेट ने हमारे लिए सब कुछ इतना आसान बना दिया है और हम एक ही समय में विभिन्न चीजों को एक साथ इस्तेमाल कर सकते हैं अर्थात् नौकरी खोजने से लेकर बिलों के भुगतान करने तक। इससे निश्चित रूप से हमारा बहुत सारा समय, शारीरिक परिश्रम की उर्जा बचती है जिनका इस्तेमाल हम किसी अन्य काम में कर सकते हैं।

इतना सब बताने के बाद मैं यह भी उल्लेख करना चाहूंगा कि जहाँ एक तरफ इंटरनेट के विभिन्न फायदे हैं वहीँ दूसरी तरफ इसके नुकसान भी हैं यानी यह हमारे स्वास्थ्य पर काफी बुरा प्रभाव डालता है। जैसे-जैसे आप हर रोज इंटरनेट पर काम करते रहते हैं वैसे वैसे आपका शरीर इसका आदी होता जाता है और कोई शारीरिक गतिविधि करते ही आपका शरीर दर्द पैदा करने वाली बीमारियों से घिर जाता जिससे आपके जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

मुझे उम्मीद है कि मेरी स्पीच आपको अपने दृष्टिकोणों को सुदृढ़ करने और समझने में मदद करेगी। अब आप सभी दर्शकों से मेरा अनुरोध है कि आप अपनी राय दें और चर्चा का चरण आरंभ करें।

धन्यवाद।

इन्टरनेट पर स्पीच – 2

माननीय प्रधानाचार्य, उपाध्यक्ष, मेरे सहयोगी सहकर्मियों और प्रिय छात्रों – आप सभी को मेरी ओर से सुप्रभात!

सुबह की सभा खत्म होने को है और हमारी प्रबंध समिति ने प्रत्येक दूसरे दिन विषय किसी भी एक विषय का चयन करके और उस पर एक स्पीच देने का निर्णय लिया है ताकि हमारे छात्र सामाजिक रूप से और अधिक जागरूक बन सकें। तो आज जिस विषय को स्पीच देने के लिए चुना गया है वह है इंटरनेट और मैं आपका समाजशास्त्र का शिक्षक उसी पर एक स्पीच देने वाला हूँ। आशा करता हूँ कि आप इसे उपयोगी और ज्ञानवर्धक पाएंगे और आप इस पर अपनी राय भी दे सकते हैं या किसी प्रकार का प्रश्न भी पूछ सकते हैं।

अपनी स्पीच शुरू करते हुए मैं यह कहना चाहूंगा कि इंटरनेट कंप्यूटर के एक बड़े पैमाने पर प्रणाली के रूप में विकसित हुआ है जो वैश्विक स्तर पर अरबों लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सामान्य इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट का उपयोग करता है (जिसे टीसीपी / आईपी कहते हैं हालांकि हर एप्लिकेशन टीसीपी का उपयोग नहीं करता है)। यह नेटवर्क एक व्यापक वेब है जिसमें लाखों सार्वजनिक, निजी, व्यवसाय, शैक्षणिक और साथ ही सरकारी नेटवर्क शामिल हैं जो स्थानीय, वायरलेस, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल नेटवर्किंग प्रौद्योगिकियों की एक व्यापक श्रेणी के साथ जुड़ा हुआ वैश्विक प्लेटफार्म है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इंटरनेट पर आप वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) के इंटर-कनेक्टेड हाइपरटेक्स्ट पेजों की मदद से ईमेल अकाउंट्स को बनाए रखने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सूचना संसाधनों के साथ-साथ सेवाओं की व्यापक सारणी की खोज कर सकते हैं।

इंटरनेट अपेक्षाकृत किफायती और तेज़ है - इंटरनेट सभी संगठनों और दुनिया भर के छात्रों को महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रदान करके लाभ पहुँचा रहा है। इंटरनेट के दो सबसे महत्वपूर्ण उपयोग सूचना और संचार हैं। जल्द से जल्द जानकारी को यथासंभव तरीके से अधिक से अधिक संशोधित किया जाए जिससे जनता के लिए बेहतर शिक्षा और समझ का दायरा खुल सके।

हालांकि दुर्भाग्यवश आज की पीढ़ी खासकर हमारे छात्र इस तकनीक के इतने आदी हो गए हैं कि वे अपने शैक्षणिक लक्ष्यों से दूर हो रहे हैं। वे पूरे दिन इंटरनेट सर्फिंग, ब्राउज़िंग और दोस्तों के साथ इंटरनेट पर चैट करते समय अपना समय बिताते हैं जिससे उनके पास बमुश्किल अपनी पढ़ाई के लिए समय बच पाता है। इससे भी खराब बात तो यह है कि यह आदत उनको अपनी पढाई के प्रति अनियमित बनाती जिससे वे एक संगठित जीवन जीने की अपनी क्षमता खो देते हैं जिसके कारण उन छात्रों का स्तर लगातर गिरता चला जाता है। छात्रों को इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल करने और सोशल नेटवर्किंग साइटों का इस्तेमाल करने की आदतों के बारे में अध्ययन करने के बाद विशेषज्ञों का मानना ​​है कि परिणाम निश्चित रूप से छात्रों के अनुकूल नहीं हैं।

फेसबुक, ट्विटर, माइस्पेस आदि जैसे सोशल नेटवर्क छात्रों के शैक्षिक लक्ष्यों के रास्ते में प्रमुख बाधा बन गए हैं। इन तकनीकों की गंभीर समस्या यह है कि जब छात्र विश्वविद्यालय के अध्ययन के स्तर पर आ जाते हैं तो उन्हें इसका आदि बनने से रोकने का कोई तरीका नहीं है लेकिन विद्यालय छात्रों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और उन्हें समय प्रबंधन कौशल के महत्व को समझने में मदद कर सकते हैं।

दूसरी तरफ इंटरनेट सूचनाओं का विशाल भंडार है और इसका छात्रों को उनकी परियोजनाओं और कार्य को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इंटरनेट पर निश्चित रूप से मानवता से जुड़ी सभी संभव जानकारी या ज्ञान मिल सकता है तो आसानी से आवश्यक जानकारी के लिए इंटरनेट के माध्यम से ब्राउज़ करें और जब भी ज़रूरत पड़े तो उनका अध्ययन करें।

अंत में मैं कहना चाहता हूं कि अगर प्रौद्योगिकी का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो वह वरदान बन जाती है और यदि इसका गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया तो यह मानवता को नष्ट कर सकती है। तो इसका सर्वोत्तम उपयोग करें और इसके लाभों का फायदा उठाएं।

अब बच्चों आप अपने हाथ उठाकर एक-एक करके अपने विचारों को हमारे साथ साझा कर सकते हैं।

धन्यवाद।


 

इन्टरनेट पर स्पीच – 3

आदरणीय प्रधानाचार्य, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्रिय छात्रों – आप सभी को मेरी तरफ से सुप्रभात!

आज हमारी संस्था में इस बैठक का आयोजन इंटरनेट के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए किया गया है और मैं इस संस्था के प्रबंधक के रूप में इंटरनेट पर कुछ शब्दों के माध्यम से इसके विभिन्न पहलुओं का वर्णन करना चाहता हूं क्योंकि इन दिनों यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम सभी को इंटरनेट के बारे में जानकारी हो। इंटरनेट आज की जीवन शैली की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। इंटरनेट कंप्यूटर नेटवर्क के सेट की एक प्रणाली है जो इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) का इस्तेमाल करते हुए संचार करती है और उन संचारों को आगे बढ़ने के लिए बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल (बीजीपी) का इस्तेमाल करती हैं।

कंप्यूटर के माध्यम से मजबूत और गलती-सहिष्णु संचार का निर्माण करने के लिए 1960 के दशक में इंटरनेट की उत्पत्ति यूनाइटेड स्टेट्स सरकार द्वारा शुरू किए गए अनुसंधान की वजह से हुई। आधुनिक इंटरनेट पर संक्रमण की शुरुआत और संस्थागत, व्यक्तिगत और मोबाइल कंप्यूटर में तेजी से वृद्धि 1990 की शुरुआत में नेटवर्क से जुड़ने के कारण हुई थी। 2000 के दशक के अंत तक इंटरनेट की सेवाएं हमारे जीवन के लगभग हर हिस्से में मिश्रित हो चुकी थी। पारंपरिक संचार नेटवर्क और मीडिया जैसे समाचार पत्र, पेपर मेल, टेलीविज़न इत्यादि को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है जैसे कि ईमेल, डिजिटल समाचार पत्र, ऑनलाइन संगीत आदि।

वेबसाइट प्रौद्योगिकी के अनुकूलन के माध्यम से प्रिंट प्रकाशन को ब्लॉगिंग, वेब फीड्स और ऑनलाइन समाचार एग्रीगेटर्स में परिवर्तित किया जा रहा है। इंस्टेंट मैसेजिंग, इंटरनेट फ़ोरम और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के रूप में व्यक्तिगत इंटरैक्शन के कई नए आयाम स्थापित किये गये हैं। ऑनलाइन खरीदारी की प्रवृत्ति प्रत्यक्षता और सुविधा के कारण काफी बढ़ी है। इंटरनेट पर व्यापार और वित्तीय सेवाएं दुनिया भर के पूरे उद्योगों को आपस में जोड़ने में मदद करती हैं।

वर्ल्ड वाइड-वेब (WWW) इसकी सबसे बड़ी सेवा है। इसका इस्तेमाल दुनिया भर के अरबों लोगों द्वारा किया जाता है। WWW (वर्ल्ड वाइड वेब) के अलग-अलग सॉफ्टवेयर जैसे माइक्रोसॉफ्ट का इंटरनेट एक्सप्लोरर / एज, मोज़िला फायर फॉक्स, ओपेरा, एप्पल का सफारी और गूगल क्रोम आदि उपयोगकर्ताओं को एक वेब पेज से दूसरे वेब पेज में हाइपरलिंक्स के माध्यम से नेविगेट करने की सुविधा प्रदान करता है। WWW (वर्ल्ड वाइड वेब) ने एक विशाल स्तर पर जानकारी विकेंद्रीकृत कर दी है।

कई फायदों के साथ इंटरनेट के कुछ नुकसान भी हैं। कुछ पहलुओं में इंटरनेट खतरनाक साबित हो सकता है। कभी-कभी लोग इसका इस्तेमाल अफवाहों या अन्य लोगों के रहस्यों को फैलाने या खतरनाक कामों जैसे आतंकवादी हरकतों को अंजाम देने के लिए करते हैं। कई बार इसका इस्तेमाल अन्य लोग आपके द्वारा भेजी गई जानकारी को पढ़ने के लिए भी कर सकते हैं जो इंटरनेट के माध्यम से भेजी गई है। उदाहरण के लिए फेसबुक की गोपनीयता सेटिंग्स के साथ कुछ समस्याएं हैं। कोई व्यक्ति किसी वेबसाइट पर कुछ पोस्ट करता है तो यह बुरा भी साबित हो सकता है जब तक वह यह सुनिश्चित न करे कि वह क्या कर रहा है। एक सुरक्षित वेबसाइट की जांच करने का तरीका यह है कि आप यह सुनिश्चित कर ले कि URL http:// के बजाय https:// के साथ शुरू हो। इसका मतलब यह है कि यह सुरक्षित है और अन्य लोगों द्वारा जब इसे भेजा जा रहा है तो इसकी जानकारी नहीं पढ़ी जा रही है। अंत में यह हमारे हाथों में है कि इंटरनेट को सकारात्मक तरीके से उपयोग करें या नकारात्मक तरीके से।

इसी के साथ मैं अपनी स्पीच खत्म करता हूँ और आशा करता हूँ की इस स्पीच ने इंटरनेट के बारे में आपकी जानकारी में वृद्धि की है।

धन्यवाद और आशा करता हूँ कि आपका दिन शुभ हो।


 

इन्टरनेट पर स्पीच – 4

आदरणीय प्रधानाचार्य, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्रिय छात्रों।

मैं कक्षा 12 की छात्रा नंदनी हूँ और इंटरनेट पर स्पीच बोलने के लिए आज आप सबके सामने यहां हूं। जैसा की आप जानते हैं इस समारोह का आयोजन इंटरनेट की युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इंटरनेट हमारे आज के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए। सबसे बड़ा विश्वव्यापी संचार नेटवर्क आज इंटरनेट है। इंटरनेट कंप्यूटर नेटवर्क के सेट की वैश्विक प्रणाली है जो इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) का उपयोग कर संचार करती है।

इंटरनेट का विकास "यूनाइटेड स्टेट्स डिफेन्स एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी" (डीएआरपीए) ने किया है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में है। पहला कनेक्शन ARPANet के रूप में जाना गया और इसे अक्टूबर 1969 में विकसित किया गया था। इंटरनेट की सबसे लोकप्रिय सेवा वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) है और इसे 1990 में ब्रिटेन के एक ब्रिटिश टिम बर्न्स ली नाम के व्यक्ति ने स्विटजरलैंड में सीईआरएन में बनाया था। वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट पर सर्वाधिक उपयोग की जाने वाली सेवा है और इसे "वेब" के रूप में भी जाना जाता है। इसमें कई वेबसाइटें शामिल हैं जिनमें ब्लॉग और विकीपीडिया शामिल हैंI हर कोई इन वेब पेजों को पढ़ सकता है और इसे किसी भी व्यक्ति द्वारा इंटरनेट पर देखा जा सकता है अगर इस पर कोई पासवर्ड की आवश्यकता न हो तो।

इंटरनेट के पास तकनीकी कार्यान्वयन, पहुंच और उपयोग के लिए कोई केंद्रीकृत सरकार ही नहीं है। प्रत्येक अधिकृत नेटवर्क को अपनी नीति निर्धारित करनी होगी।

आज की दुनिया में इंटरनेट कई उद्देश्यों जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक मेल भेजने, कई एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन चैट करने, एक उपकरण से एक स्थान से दूसरे स्थान पर फ़ाइल को ट्रांसफर करने और अनगिनत विषयों पर अनन्त जानकारी प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। इंटरनेट का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण उपयोग ई-मेल भेजना और प्राप्त करना है। ई-मेल सुरक्षित और निजी है तथा यह एक उपयोगकर्ता से दूसरे उपयोगकर्ता को भेजा जाता है। इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन जैसे एआईएम या आईसीक्यू जैसी वेबसाइटें दो से ज्यादा लोगों को चैट करने की अनुमति देती है और यह दूसरी वेबसाइटो के मुक़ाबले बहुत तेज भी है।

दुनिया भर की कई सरकारें इंटरनेट को बुरा मानती हैं और इसी वजह से कुछ साइटों को अपने देश के कुछ हिस्सों में या पूरे ही देश में ब्लॉक कर देती हैं। उदाहरण के लिए चीन की सरकार सोचती है कि विकिपीडिया अच्छा नहीं है और देश के लोग इसे पढ़ या इसमें कुछ जोड़ ना सकें इसलिए इसे बंद कर देती है। कभी-कभी माता-पिता इंटरनेट के उन हिस्सों को ब्लॉक कर देते हैं जो उनके बच्चों के भविष्य के लिए अच्छा नहीं है। कई उपकरणों या ज्यादातर उपकरणों में अभिभावकीय नियंत्रण प्रणाली होती है। कई देशों ने पूरी तरह से इंटरनेट का उपयोग बंद कर रखा है जैसे कि उत्तर कोरिया और म्यांमार।

कुछ वेबसाइटें लोगों को हानिकारक वायरस डाउनलोड करने के लिए या बेवकूफ बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं ताकि उस सिस्टम में घुस सकें जिसके माध्यम से कोई भी जासूसी कर सकता है। ई-मेल भी खतरनाक हो सकता है क्योंकि कोई भी व्यक्ति किसी अनुलग्नक के माध्यम से हानिकारक वायरस आदि भेज सकता है। कई लोग इंटरनेट चैट रूम का इस्तेमाल दूसरों पर नज़र रखने के लिए करते हैं। इंटरनेट पर कई वेबसाइट्स में कुछ ऐसी सामग्री होती है जो बहुत से उपयोगकर्ताओं के लिए मुश्किल भरी हो सकती है। कभी-कभी इंटरनेट पर लोग पैसा या व्यक्तिगत डेटा भेजकर धोखाधड़ी करने वाले लोगों का शिकार बन जाते हैं।

हमें बस इंटरनेट पर सुरक्षित रूप से सर्फ करने के लिए जागरूकता और थोड़ा ज्ञान होने की आवश्यकता है तथा हमें इसका समझदारी से भी उपयोग करना चाहिए।

इसी के साथ मैं अपनी स्पीच का निष्कर्ष निकालते हुए आशा करती हूं कि यह आपको इंटरनेट के बारे में एक स्पष्ट दृष्टि प्रदान करेगी।

धन्यवाद। आपका दिन शुभ हो।