एकता पर भाषण

एकता के विषय का हमेशा से बहुत महत्व रहा है खासकर जब छात्रों को इसके संबंध में संबोधित किया जाना हो। एकता और उसके विभिन्न उपयोगों को समझने की आवश्यकता हर जगह होती है चाहे वह मौका पेशेवर हो, व्यक्तिगत हो या पारिवारिक जीवन हो। इसके अलावा शिक्षक अक्सर अपने छात्रों को एकता पर एक भाषण तैयार करने के लिए कहते हैं ताकि वे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में जो भूमिका निभा सकते हैं उसे अच्छी तरह जाने। हम आपको एकता पर छोटे तथा लंबे भाषण उपलब्ध करवा रहे हैं। इन निबंधों में जो सामग्री हम प्रदान कर रहे हैं उसे समझना काफ़ी आसान है और भाषणों में बताए गए कई उदाहरणों की मदद से छात्रों को एकता के महत्व को महसूस करने में सहायता मिल सकती है। हम यह कहने में गर्व महसूस होता है कि हमारी सामग्री सभी छात्रों के लिए एक अच्छा संदर्भ बिंदु बन सकती है।

एकता पर भाषण (स्पीच ऑन यूनिटी) - Speech on Unity in Hindi

एकता पर भाषण (स्पीच ऑन यूनिटी) - 1

देवियों और सज्जनों नमस्कार!

मैं राजेश दसवीं कक्षा का छात्र आज आपके सामने एक भाषण देने के लिए यहां खड़ा हूँ। अपने सभी साथी सहपाठियों को सुनने के बाद अब मैं सभी सदस्य कर्मचारियों की अनुमति से मानव अस्तित्व के सबसे आवश्यक तत्व, एकता, पर बात करना चाहूंगा।

फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट का एक प्रसिद्ध कथन "इतिहास में जिस बिंदु पर हम खड़े हैं वो वादों और खतरों से भरा है। दुनिया या तो एकता और व्यापक रूप से साझा समृद्धि की ओर बढ़ेगी या इससे अलग हो जाएगी"। यह कहानियां हमेशा सही साबित हुई हैं क्योंकि जब भी एकता में कोई हलचल पैदा हुई है दुनिया ने बहुत आतंक और अस्थिरता देखी है।

भारत में रहने वाले लोग विभिन्न जातियों, धर्मों और मान्यताओं से संबंध रखते हैं पर वे एकता में रहते हैं और इस तथ्य को साबित करते हैं कि विविधता में एकता है। जाति, वर्ग, धर्म आदि जैसी अनेक मान्यताओं में मतभेद होने के बावजूद एकता परस्पर शांति, प्रेम सद्भाव आदि के अस्तित्व पर केंद्रित है। भारतीय धर्मों के संबंध में इसकी सीमा कभी समाप्त नहीं होती। यह विभिन्न भाषाओं और धर्मों के पुनर्मिलन की जगह है। विशिष्ट रीति-रिवाजों के साथ संपूर्ण विश्व के लोग हमारे देश में बहुत ही शांत तरीके से अपना जीवनयापन करते हैं। यहाँ मुसलमान, सिख, हिंदू, यहूदी, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी एक दूसरे के साथ प्रेम और शांति के साथ रहते हैं। वे सभी बहुत जोश और उत्साह के साथ अपने धार्मिक उत्सवों का पालन करते हैं।

जब सद्भाव होता है तो विचारों में अधिक ताकत, बेहतर संचार और बेहतर समझ होती है। अंग्रेजों के भारत पर शासन के पहले दिन से लेकर भारत की आज़ादी के दिन तक भारतीयों की आजादी का संघर्ष सभी समुदायों की धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के अलग होने के बावजूद उनके संयुक्त प्रयास किए बिना संभव नहीं था। वे सिर्फ एक एजेंडे से प्रेरित थे और यह भारत की आजादी प्राप्त करने का था। यही कारण है कि भारत की स्वतंत्रता संग्राम विविधता में एकता का एक बढ़िया उदाहरण है।

29 अलग-अलग राज्यों और 7 विभिन्न संघ राज्य क्षेत्रों में रहने वाले लोग भाईचारे के एक विश्वास के साथ एकजुट हैं। बंधन, देखभाल, प्रेम और सद्भाव मिलकर जीवन का वास्तविक सार प्रदान करते हैं। यह एकता है जो इतने आतंकवाद, भ्रष्टाचार और हंगामे के बाद भी देश भर में समृद्ध, मजबूत और खुशनुमा भारत का आधार बन गई है। लोग कर्म और आध्यात्मिकता में उच्च महत्व रखते हैं जो रिश्तों को मजबूत करता है। लोग समान रूप से सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। एकता न केवल लोगों को नैतिक रूप से मदद करती है बल्कि यह अन्य देशों के लिए भी एक महान प्रतिमान है जो काफी हद तक पर्यटकों को आकर्षित करती है।

उदाहरण के लिए एक परिवार बंधन, सद्भाव और एकता का प्रतीक है, वे एक छत के नीचे एक साथ रहते हैं, वे एक मजबूत बंधन साझा करते हैं, वे एक-दूसरे के साथ अपनी परेशानियों और दुःखों को साझा करते हैं और यही एकता की मूल ताकत है। एकता का महत्व कभी भी कम नहीं हो सकता। पानी की कुछ बूंदें महासागर बना देती हैं और यही एकता का आधार बनती है।

आज हमने अपनी बातचीत में चर्चा की है और यह पाया है कि एकता जीवन के प्रत्येक चरणों में सर्वोच्च और सर्वशक्तिमान है। एकता के बिना इस दुनिया में कोई उपलब्धि संभव नहीं है।

धन्यवाद।

 

एकता पर भाषण (स्पीच ऑन यूनिटी) - 2

आदरणीय प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों!

मैं साक्षी 9वीं कक्षा सेक्शन-ए से आज आपकी मेजबान हूं। आज हम सभी इस साल के वार्षिक समारोह में इकट्ठे हुए हैं और प्रबंधन समिति ने छात्रों के लिए एक विशेष छूट देते हुए कक्षाओं का संचालन नहीं करने का निर्णय लिया है ताकि हमारे स्कूल की अखंडता को बनाए रखने के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास किए जा सके। आज मैं एकता नामक विषय पर बात करना चाहती हूं।

एकता को उन लोगों में एक गुण के रूप में परिभाषित किया जाता है जहां वे सभी के संयुक्त हित के लिए समूह में काम करते हैं चाहे वे समूह बड़े हो या छोटे हो बजाए केवल अपने खुद के हित के लिए काम करने के। यह एकल और सामान्य लक्ष्य के लिए एकता, एकजुटता, सद्भाव की भावना है।

ताकत व्यावहारिक रूप से बोले तो एकता पर जोर देती है और अगर हर बार लोग एक-दूसरे के साथ सद्भाव और एकजुटता में काम करे तो नतीज़े में सौ गुना बढ़ोतरी हो जाती है। किसान और उसके पुत्रों की प्रसिद्ध कहानी मेरे विचारों को बहुत स्पष्ट रूप से समझाएंगे। किसान ने अपने कट्टरपंथी पुत्रों को लकड़ी के एक बंडल को तोड़ने के लिए कहा और बेटे ऐसा करने में विफल हो गए। बाद में किसान ने उन्हें प्रत्येक छड़ी को अलग-अलग तोड़ने के लिए कहा और उन्होंने बिना कोई अतिरिक्त प्रयास किए बिना लकड़ी को तोड़ दिया। इसके बाद पिता उन्हें एक महत्वपूर्ण सबक सिखाने के लिए घर ले गया और उन्हें बताया कि अगर वे एकजुट होकर खड़े रहे तो कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा और अगर विभाजित हो गए तो वे बिखर जाएंगे। इस प्रकार यह स्पष्ट है कि मानव जीवन के प्रत्येक चरण में एकता बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है जबकि घृणा और ईर्ष्या एकता को कमज़ोर करती है जिसका नतीज़ा आख़िरकार बर्बादी और तबाही है।

एकता सभी के लिए समान अधिकार भी प्रदान करती है। एक साथ खड़े रहना कार्यस्थल, निजी जीवन और विभिन्न संगठनों को शामिल करने के लिए कई जगहों पर लोगों के मनोबल को बढ़ाती है। यह संबंधों को मज़बूत करने और टीमवर्क पर जोर देने में मदद करती है जिससे प्रदर्शन में सुधार, काम की गुणवत्ता और स्वस्थ जीवन शैली सुधरती है। यह स्वस्थ मानव संबंधों में सुधार और सभी के लिए समान मानवाधिकारों की सुरक्षा करती है।

भारत में विविधता में एकता विशेष रूप से पर्यटन का स्रोत प्रदान करती है। विभिन्न रिवाज, मूल उत्पत्ति, जीवन शैली, धर्मों और त्यौहारों के लोग दुनिया के दूसरे देशों के पर्यटकों और सैलानियों को आकर्षित करते हैं। विविधता में एकता राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देती है जिसमें लगभग सभी पहलुओं की विविधताएं हैं। यह एक देश की समृद्ध विरासत के मूल्य का सम्मान करती है और उसी की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत और समृद्ध करती है।

समाज राष्ट्र की बुनियादी इकाई है और जब एक संगठित समाज के संगठन में एकता रहेगी तो यह बिना किसी संदेह के राष्ट्र के विकास में योगदान करेगी जो कि अंतिम लक्ष्य है। विश्व स्तर पर कई समस्याएं बढ़ रही हैं और इन समस्याओं को विशिष्ट स्तरों पर संभालने और निपटाने के लिए एकजुट होने की जरूरत है। विभिन्न राष्ट्रों का इस स्थिति का सामना करने के लिए एकजुट होना जरूरी है। यह किसी भी प्राणी, जो इस ब्रह्मांड में मौजूद है, के लिए जीवित रहने की क्षमता है।

एकता की शक्ति अपने आप में एक विशिष्ट गुण है और इसके बहुत फायदे हैं। उदाहरण के लिए हर इंसान अपना एक सुरक्षित अस्तित्व तभी बनाए रख सकता है जब तक वह एकजुट रहता है। दूसरी ओर अगर वे अकेले रहते हैं तो उन्हें आसानी से धोखा दिया जा सकता है और उन पर काबू पाया जा सकता है। इसलिए हम सभी को एकजुट होने के मूल नियम का पालन करना चाहिए ताकि कोई भी शक्ति हमें अलग नहीं कर सके और हम विकास के लिए प्रयास करते रहें।

अब कृपया मुझे अपने भाषण खत्म करने की अनुमति दें और मैं भी हर किसी से अनुरोध करती हूं कि अगर उन्हें कोई सवाल पूछना हो तो पूछने में कोई संकोच न करें।

धन्यवाद।

एकता पर भाषण (स्पीच ऑन यूनिटी) - 3

आदरणीय प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों! आप सभी को मेरी ओर से सुप्रभात।

आज हम सभी हमारे शैक्षणिक और निजी जीवन में एकता और टीम के काम के महत्व को सिखाने के लिए हमारे स्कूल द्वारा आयोजित संगोष्ठी के लिए यहां मौजूद हैं। हम सब पहले ही एक टीम, परिवार, कंपनी, देश आदि में एकता की भूमिका के बारे में जानते हैं। एकता के बिना इस दुनिया में जीवन का अस्तित्व संभव नहीं है।

एकता किसी भी टीम के लिए सफलता की कुंजी है। यदि हमें अन्य लोगों के साथ काम करना है तो उनके साथ सहयोग करना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि हर व्यक्ति की अलग-अलग सोच है और प्रत्येक स्थिति के प्रति एक उनका अलग दृष्टिकोण है। हालांकि अलग-अलग लोगों के साथ सामंजस्य बनाए रखकर जीना मुश्किल है। इस दुनिया में कई उदाहरण हैं जहां एकता को बनाए रखा गया है और कई जगह ऐसी है जहां एकता का नामोनिशान नहीं है। इसलिए हम एक उदाहरण लेते हैं जहां दोनों मामलें मौजूद हैं।

भारत देश में हम सभी धर्मों, जातियों, भाषाओं आदि में एक विशाल विविधता को देखते हैं। यहां हिंदू, सिख, मुस्लिम, ईसाई आदि एकता के साथ रहते हैं। भारत जैसे इस देश में लोगों के बीच एकता को बनाए रखना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि यहाँ विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के लोग अलग-अलग विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। बेशक जब विभिन्न विचारधाराओं के दो लोग एक साथ आते हैं तो अलग-अलग सोच, विश्वास और विचारों का संघर्ष होगा और इसलिए इस देश में एकता के अस्तित्व के लिए खतरा उत्पन्न होगा लेकिन फिर भी हमारा देश लोगों के बीच शांति को बनाए रखने में सक्षम है और एकता के अस्तित्व से ही संभव है।

हम हर वर्ष 15 अगस्त को हमारे देश में स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं जो कि सभी प्रकार की एकता की ताकत का सबसे बड़ा उदाहरण है। यह लोगों के बीच शक्ति और एकता की भावना के बिना संभव नहीं है। एकता मुख्य कारण है कि हमारा देश इस दुनिया में स्वतंत्रता को बनाए रखने में समर्थ क्यों है। इसके विपरीत देश में अब भी कई जगहें हैं जहां एकता मौजूद नहीं है। हम कई हत्याओं, बलात्कार, डकैती आदि से संबंधित कई समाचार सुनते हैं। ये सब चीजें एकता के पक्ष में नहीं हैं। ये सभी अपराध सुरक्षा के अभाव और लोगों के बीच एकता की कमी के कारण होते हैं क्योंकि अधिकांश लोग इन अपराधों के वक़्त दूसरों की मदद करने में रुचि नहीं लेते हैं।

हम सभी छात्र इस देश का भविष्य हैं और हमें अपने जीवन में एकता के महत्व को समझना होगा। एकता भाईचारे, बिरादरी और उस देखभाल के अस्तित्व का कारण है जो हमारी दूसरे लोगों के प्रति है। हम जानवरों से भी एकता का सबक सीख सकते हैं। वे अपनी एकता के कारण इस दुनिया में मौजूद हैं। जीवित रहने के लिए एकता का होना आवश्यक है।

इसी के साथ मैं अपने भाषण को समाप्त करता हूँ और इस प्रसंग के आयोजन के लिए हमारे प्रधानाचार्य मैम को हमें जीवन में एकता के महत्व को महसूस करने का मौका प्रदान करने और आप सभी को भी बहुत धीरज रखकर मेरे शब्दों को ध्यान से सुनने के लिए विशेष धन्यवाद देना चाहता हूं।

धन्यवाद और मैं आप सभी के शुभ दिन होने की कामना करता हूँ।


 

एकता पर भाषण (स्पीच ऑन यूनिटी) - 4

देवियों और सज्जनों सुप्रभात।

आज यहाँ इस सभा को एक विशेष सामाजिक कारण के लिए संगठित किया गया है। लोगों के दिल में एकता की भावना जगाने के लिए। वही एकता जिसने हमारे देश को वर्षों के ब्रिटिश शासन के बंधन के बाद हमें स्वतंत्रता प्राप्त करने में सक्षम किया था। लोगों के बीच इस भावना को जगाने की आवश्यकता है जो पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का सबसे बड़ा कारण है। जैसा कि हम जानते हैं कि भारत विविधताओं का देश है लेकिन फिर भी लोग एक-दूसरे के प्रति प्यार और स्नेह के साथ एक साथ रहते हैं। हम में से हर एक जानता है कि हमें एक-दूसरे के धर्मों का सम्मान करना चाहिए।

मुझे आशा है कि आप सभी ने पंक्ति "एकता में अटूट शक्ति है" को सुना है और यह वास्तव में बिल्कुल सही है। एकता एक स्तंभ है जिस पर संपूर्ण विश्व और विशेषकर देश निर्भर हैं। यदि कोई देश किसी भी संकट से गुजर रहा है तो अगर देश के लोग एकजुट हो जाते हैं इस तरह की समस्याओं से निपटने में थोड़ा आसानी हो जाती है। जो राजनेता हर बार एक-दूसरे का विरोध करते हैं उन्हें भी एकता के साथ खड़े होना चाहिए। ये सब चीजें केवल तभी संभव हो सकती हैं जब लोग अपने देश के प्रति विश्वास करें।

जैसा कि मैंने पहले कहा है कि हमारा देश भारत एक बहु-धार्मिक देश है और फिर भी इसके लोगों में एकता की भावना है। देश के लोगों के बीच एकता का सबसे बड़ा उदाहरण हमारे इतिहास में है जब हमने अंग्रेजों के खिलाफ आजादी हासिल की और अभी इसे बनाए रखा है। यह उन लोगों के बीच एकता और विश्वास के बिना संभव नहीं होता जो उन्होंने उस समय दिखाई थी। संस्कृति, धर्म, वंश आदि के अलावा विविधता को विभिन्न संस्कृतियों, कपड़े, भोजन, जीवन शैली आदि में देखा जा सकता है।

न केवल एक देश बल्कि पूरी दुनिया में एकता की एक महत्वपूर्ण भूमिका है और ऐसे कई मामले देखने को मिलते हैं जहां कोई देश किसी समस्या से गुज़र रहा है और पूरे विश्व के देश इस समस्या को हल करने के लिए एकजुट हो गए। यह केवल तब संभव हो सकता है जब लोगों में एकता हो।

इसलिए हम जानते हैं कि एकता हर पहलू में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और हर किसी के जीवन पर अच्छा प्रभाव डालती है। एकता में पूरी दुनिया को बदलने की शक्ति है लेकिन यह पूरी तरह से हम पर निर्भर है कि हम सभी एकजुट रहे। यह सही समय है जब हम सभी बाधाओं के खिलाफ एकजुट हो जाएँ जैसे आतंकवाद, दंगें, पशु क्रूरता, हत्या, डकैती, भ्रष्टाचार आदि जो दुनिया भर में शांति को भंग कर रहे हैं बजाए सरकार द्वारा चलाई देश हित की नीतियों और कदमों के। इन सभी समस्याओं को जड़ से समाप्त तभी किया जा सकता है जब हम इसके खिलाफ एकजुट होंगे।

इसी के साथ मैं अपने भाषण को समाप्त करता हूं और हमारे प्रबंध टीम और समर्थकों को विशेष धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने बिना शर्त इस भाषण का समर्थन किया। एक विशेष धन्यवाद आप सभी लोगों को यहां एकत्र होने और इस आयोजन को सफल बनाने के लिए भी जाता है। मैं आप सभी के शुभ दिन होने की कामना करता हूँ!