भारत निर्वाचन आयोग पर 10 वाक्य

चुनाव किसी देश के विकास की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होते हैं और ये देश की आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत विकास में भी सहायक होता है। भारत निर्वाचन आयोग इस विकास की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहा है। वर्तमान नियम के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के एक मुख्य आयुक्त और 2 अन्य आयुक्त हैं जो अपने 6 वर्षों के कार्यकाल के दौरान पूरी निष्ठा से देश के किसी भी हिस्से में चुनावी प्रक्रिया को कराने के लिए तत्पर रहते हैं।

आज इस लेख में मैंने भारत निर्वाचन आयोग से संबंधित 10 वाक्यों के सेट प्रस्तुत किए हैं जो आपको भारत निर्वाचन आयोग के बारे में अच्छी तरह से जानकारी उपलब्ध कराते हैं।

भारत निर्वाचन आयोग पर 10 लाइन (10 Lines on Election Commission of India in Hindi)

Set 1

1) भारत में चुनाव प्रक्रिया का संचालन करने वाली संस्था को भारत निर्वाचन आयोग कहा जाता है।

2) भारत निर्वाचन आयोग को ही भारतीय चुनाव आयोग के नाम से भी जानते हैं।

3) देश में निष्पक्ष चुनाव कराने के उद्देश्य से 25 जनवरी 1950 को इस आयोग का गठन किया गया।

4) भारतीय निर्वाचन आयोग का मुख्यालय देश की राजधानी दिल्ली में स्थित है।

5) भारतीय संविधान में अनुच्छेद 324 से 329 में चुनाव आयोग का वर्णन किया गया है।

6) भारत निर्वाचन आयोग का मुखिया मुख्य चुनाव आयुक्त होता है जो वर्तमान में श्री अनुप चंद्र पाण्डेय हैं।

7) भारत निर्वाचन आयोग में आयुक्तों की नियुक्ति देश के राष्ट्रपति करते हैं।

8) यह भारत में 1952 से दक्षता के साथ संघ व राज्यों के चुनाव संचालित कर रही है।

9) भारत निर्वाचन आयोग निष्पक्षता, विश्वसनीयता के साथ चुनाव कराने वाली एक स्वायत संवैधानिक संस्था है।

10) भारत के लोकतांत्रिक विकास में भारत निर्वाचन आयोग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


Set 2

1) देश में पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव हो यह सुनिश्चित करने का कार्य भारत निर्वाचन आयोग करती है।

2) भारत निर्वाचन आयोग किसी चुनावी दल को संवैधानिक दर्जा देता है।

3) भारत निर्वाचन आयोग चुनाव में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी पर रोक लगाने का काम करता है।

4) भारत में मतदान करने के लिए मतदाता पत्र जारी करने का कार्य चुनाव आयोग करती है।

5) भारतीय निर्वाचन आयोग चुनाव संबंधी राजनितिक विवादों को हल करता है।

6) भारत निर्वाचन आयोग चुनाव के समय में ‘आचार संहिता’ के माध्यम से सभी नियम व कानूनों को जारी करता है।

7) चुनाव आयोग किसी प्रत्याशी के तय धनराशी से अधिक व्यय करने या आचार संहिता के उल्लंघन करने पर नामांकन रद्द कर सकता है।

8) लोकसभा, विधानसभा, राज्यसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव, भारत निर्वाचन आयोग कराती है।

9) जिलापरिषद, नगरपालिका, ग्रामपंचायत, तहसील एवं नगर परिषद के चुनाव राज्य चुनाव आयोग कराती है।

10) भारत निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करता है कि नियमित रूप में समय-समय से चुनाव प्रक्रिया चलती रहे।


भारत में चुनाव आयोग दो भागों में विभाजित है एक भारत निर्वाचन आयोग और दूसरा राज्य निर्वाचन आयोग और दोनों अपना कार्य करते हुए देश में होने वाले सभी चुनाव करा रहे हैं। देश में समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार चुनाव आयोग के नीति-नियमों में सुधार किये जाते रहते हैं और इसे और ज्यादा प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाता है।