ग्लोबल वार्मिंग के समाधान

ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ है पृथ्वी के वायुमंडल के तापमान में लगातार वृद्धि। ग्लोबल वार्मिंग ज्यादातर मानव गतिविधियों का एक परिणाम है जिससे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसे ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि हुई है। ग्रीनहाउस गैस या क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी) के बढ़ते उत्पादन के कारण अंटार्कटिका में बर्फ लगातार पिघल रही है और हिमालय में समुद्र का जल स्तर बढ़ रहा है तथा रेगिस्तान का विस्तार हो रहा है। पश्चिमी हवाएं बहुत मजबूत होती जा रही हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में सूखा और बाढ़ की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।

आइस ऐज (लगभग 50,000 से 100,000 साल पहले) के दौरान पृथ्वी का वैश्विक औसत वार्षिक तापमान आज की तुलना में 5-10 डिग्री सेल्सियस कम था। वैज्ञानिकों के मुताबिक 1906 से 2006 तक पृथ्वी का तापमान 0.74 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। उत्तरी और दक्षिणी गोलार्धों ने ग्लेशियरों और बर्फ से ढके क्षेत्रों में गिरावट देखी है। अंटार्कटिका का औसत तापमान पिछले 100 वर्षों में पृथ्वी के औसत तापमान के रूप में दो बार बढ़ा है।

ग्लोबल वार्मिंग कैसे रोकें/ग्लोबल वार्मिंग रोकने के तरीके - Solution To Global Warming in Hindi

पर्यावरण के क्षरण और जलवायु परिवर्तन ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के तरीके खोजने के लिए मानव जाति को एक होना चाहिए। दुर्भाग्य से गरीब देशों, जो मुख्य रूप से अपने अस्तित्व के लिए प्राकृतिक पर्यावरण पर निर्भर हैं, को पर्यावरण संबंधी चिंताओं से निपटने में सक्षम होने के लिए सहायता की आवश्यकता है।

दुनिया भर के राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में आगे बढ़ रहे हैं। भविष्य में ग्लोबल वार्मिंग को 2 डिग्री सेल्सियस से कम करने के लक्ष्य के साथ 195 देशों ने अपने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए 2015 में पेरिस जलवायु सम्मेलन में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह सही दिशा में एक बड़ा कदम था लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि हर नागरिक समान रूप से इस लक्ष्य के लिए योगदान दे। पर्यावरण संरक्षण को किसी भी ऐसे व्यक्ति द्वारा सही तरीके से हासिल किया जा सकता है जो ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए योगदान करने की इच्छा रखता है।

यहां कुछ बहुत सरल, आसान लेकिन प्रभावी कदम हैं जो हमारे दैनिक आदतों में शामिल हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत योगदान कर सकते हैं। हम में से हर एक यह परिवर्तन कर सकता है:

  • जागरूकता बढ़ाना

ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम के लिए पहली बात यह है कि हर देश के लोगों को इसके बारे में जागरूक करना है! यदि हम ऐसा करने में सफल रहे तो इससे हमें ग्लोबल वार्मिंग के फैलाव को रोकने में मदद मिलेगी। जागरूकता स्पष्ट रूप से ग्लोबल वार्मिंग में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

  • कार्बन फुट प्रिंट कम करें

पृथ्वी ग्रह को बचाने के लिए हमें वातावरण को प्रदूषण से जितना संभव हो उतना दूर रखना चाहिए। याद रखें कि पर्यावरण में जो कुछ भी हो रहा है मानवीय गतिविधियां उसके लिए जिम्मेदार हैं। हमें अपनी धरती को सच्चे अर्थों में हरा भरा बनाना होगा। 'कार्बन फुट प्रिंट' (प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन को पैमाने के मापने) को कम करना होगा। हमें सीएफसी गैसों के उत्सर्जन को कम करना चाहिए जो रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और अन्य शीतलन मशीनों के उपयोग को कम करके किया जा सकता है।

औद्योगिक इकाइयों और वाहनों की चिमनी से उत्पन्न धुआं बेहद हानिकारक है क्योंकि उनके उत्सर्जित कार्बन डाइऑक्साइड से वातावरण में गर्मी बढ़ जाती है। ग्लोबल वार्मिंग के समाधानों में से एक यह है कि औद्योगिक और वाहन उत्सर्जन को कम करने के लिए पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

  • पानी के नुकसान से बचें

जल ही जीवन है। समय बीतने के साथ स्वच्छ और ताज़ा पानी अधिक से अधिक मूल्यवान हो रहा है। हमें जहां तक ​​संभव हो पानी के उपयोग को कम करना चाहिए, ब्रश करने के दौरान नल को बंद रखें, नहाने के दौरान कम पानी का उपभोग करें और कपड़े धोने की मशीन का उपयोग तभी करें जब कपड़े बहुत अधिक हो। हर दिन अपनी कार मत धोएं और अगर धोएं तो बाल्टी के पानी के साथ धोएं। तेल और रंग नालियों में नहीं डालना चाहिए क्योंकि वे नदियों और सागरों को दूषित करते हैं।

अपने घर के लिए ऊर्जा बचत वाले गीज़र और डिशवॉशर का उपयोग करें। गर्म पानी में कपड़े धोने और फ़व्वारे से नहाने से बचें।

संक्षेप में यह महत्वपूर्ण है कि हम जानते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए कैसे हमें पानी बचाना है।

 

  • जल संचयन को अपनाना

बारिश का पानी नालियों में बहता है और हम इसके बारे में परवाह नहीं करते। यदि आप वर्षा जल को बचाते और संग्रहीत करते हैं तो इसका इस्तेमाल विभिन्न कार्यों में किया जा सकता है और गर्मियों में पानी की कमी से बचा सकता है।

  • सफाई और स्वच्छता बनाए रखना

यदि आप गंदगी फैला रहे हैं तो पृथ्वी की सतह दूषित होने के जोखिम पर है। अपने परिवेश को स्वस्थ रखने के लिए सफाई और स्वच्छता रहने दें और पृथ्वी को साफ़-सुथरा रहने दें।

  • प्लास्टिक उपयोग को कम करें, पॉलीथीन को ' ना' कहें

प्लास्टिक पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा है। हर साल 1 मिलियन समुद्री स्तनधारी और 10 मिलियन समुद्री पक्षी प्लास्टिक को निगलने से मरते हैं। ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लिए अनिवार्य रूप से प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग भी शामिल है। इसके अलावा प्लास्टिक अपशिष्ट को ठीक से निपटाने की ज़रूरत है बजाए इसको यहाँ-वहां फेंकने के।

पॉलीएथीलीन या पॉलिथीन ऐसी वस्तु है जो जलने के बाद भी हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है। यही कारण है कि जितनी जल्दी आप इसका इस्तेमाल करना बंद कर देंगे उतना ही बेहतर होगा।

  • पौधे और संरक्षित पेड़

मिट्टी को बचाने, स्वच्छ हवा और पर्यावरण के संतुलन को सुनिश्चित करने के लिए पौधों का रोपण करना आवश्यक है। आज शहरीकरण की मांगों को पूरा करने के लिए पेड़ों को अंधाधुंध रूप से काटा जा रहा है। पेड़ ऑक्सीजन का सबसे बड़ा स्रोत हैं और विडंबना यह है कि हमने उन्हें बढ़ने के बजाए काट दिया। वृक्षारोपण ग्लोबल वार्मिंग के महान समाधानों में से एक हो सकता है।

फोटो सिंथेसिस की प्रक्रिया के दौरान पेड़ न केवल ऑक्सीजन देते हैं बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं जो कि ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य स्रोत है। हमें दुनिया को अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाने की आवश्यकता से अवगत करना चाहिए। जंगल के संरक्षण पर भी जोर देना चाहिए। यदि हर व्यक्ति पेड़ लगाता है तो पृथ्वी पर जीवन में काफी सुधार होगा क्योंकि प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीनहाउस के प्रभाव सभी काफी कम हो जाएंगे।

  • पशुओं की देखभाल

मुख्य बात जो हमारी धरती को अलग बनाती है वह यह है कि यहां जीवन है और यह जीवन मात्र मानव प्रजाति तक सीमित नहीं है। पक्षियों और जानवरों को भी जीने का अधिकार है। भोजन श्रृंखला का हिस्सा होने के कारण वे हमें कई बीमारियों और खतरों से बचाते हैं लेकिन जब हम बड़े पैमाने पर जानवरों को मारते हैं तो ऐसी कदम ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को बढ़ाते हुए गर्मी बढ़ाने वाली ग्रीनहाउस गैसों की विशाल मात्रा को जारी करती हैं।

  • वैकल्पिक ऊर्जा अपनाएं

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के महत्वपूर्ण तरीकों में कोयले द्वारा उत्पादित बिजली की बजाए नवीकरणीय ऊर्जा उपायों की आवश्यकता होती है अर्थात् पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और जलविद्युत।

यदि हम सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं तो पानी का उपयोग कम हो जाता है और यह पृथ्वी को हरा-भरा रहने में मदद करता है। इन दिनों सौर पैनल आसानी से स्थापित करने के लिए उपलब्ध हैं। सौर ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सरकारी एजेंसियों और ऊर्जा कंपनियों द्वारा प्रोत्साहन और छूट दी जा रही है।

 

  • बिजली के उपयोग को कम करें

छोटे कदम उठाकर ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में मदद मिल सकती है। जब आप घर में किसी भी बिजली के उपकरण का उपयोग नहीं कर रहे हैं तो आपको इसे तुरंत बंद करना चाहिए। जैसे जब आप टीवी नहीं देख रहे हैं तो इसे बंद रखें या कमरे से निकलते समय ट्यूब लाइट, बल्ब बंद कर दें। जब आप ऑफिस से निकले तो अपना कंप्यूटर और मॉनिटर बंद कर दें। ऐसा करने से आप न केवल अपने बिजली के बिल की बचत करना कर सकेंगे बल्कि बिजली की खपत को भी कम कर सकेंगे।

इसके अलावा ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के तरीके में एलईडी या कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट लाइट (सीएफएल) बल्ब का इस्तेमाल भी शामिल है। हालांकि यह थोड़ा महंगा है पर ये पर्यावरण के अनुकूल हैं और लंबे समय तक चलते हैं और लंबे समय तक बहुत सारी ऊर्जा को बचाते हैं। अपने सामान्य बल्बों को सीएफएल या एलईडी बल्बों के साथ बदलें क्योंकि वे सामान्य बल्ब से 70% कम ऊर्जा का उपभोग करते हैं।

  • ऊर्जा-कुशल उपकरण खरीदें

हमेशा ऊर्जा कुशल उत्पादों को खरीदें क्योंकि वे आपको ऊर्जा बिलों की अच्छी मात्रा में बचत करने में मदद कर सकते हैं। ये उत्पाद ऊर्जा, पैसे बचाने और कार्बन फुट प्रिंट्स को कम करने में आपकी सहायता कर सकते हैं। जब आप कम कार्बन डाइऑक्साइड का उपभोग करेंगे तो यह पर्यावरण में भी कम जारी होगा।

  • अक्षय ईंधन विकल्पों तलाशें

कारों के लिए खरीदारी करते समय उन लाभों को देखें जो अक्षय ईंधन प्रदान करते हैं। बिजली, स्मार्ट कार या सीएनजी जैसे स्वच्छ ईंधन पर चलने वाली कारों का उपयोग करें।

  • रीड्यूस, रीयूज़ और रीसाइकिल

लगभग सभी चीजों को पुनर्नवीनीकरण किया जा सकता है। आपको उन उत्पादों को खरीदने की कोशिश करनी चाहिए जो रीसाइक्लिंग होने में सक्षम हैं - ग्लास, पेपर, गत्ता, प्लास्टिक या धातु किराने की दुकान में खरीदी गई बोतलों, प्लास्टिक के कंटेनर आदि का पुन: उपयोग करें। पानी की बोतलें, दही कप, और अन्य चीजों का पुन: उपयोग किया जा सकता है। पेड़ों की कटाई करने की आवश्यकता को खत्म करने के लिए आपको कागज और लकड़ी के उपयोग को भी कम करना चाहिए।

औद्योगिक कचरे विशेष रूप से रासायनिक इकाइयों से निकलने वालो को ठीक से पुनर्नवीनीकरण की आवश्यकता है। अपनी तरफ से डिस्पोजेबल उत्पादों का इस्तेमाल करने की कोशिश करें। उन्हें यहाँ वहाँ ना फेंके। पुरानी वस्तुओं के पुनर्चक्रण से कार्बन फुट प्रिंट्स काफी कम हो सकता है क्योंकि वस्तुओं के उत्पादन की तुलना में रीसायकल के लिए बहुत कम ऊर्जा लगती है।

  • कचरा कम करें

मिथेन और अन्य ग्रीनहाउस गैसों के लिए जमीन में दबा कचरा मुख्य योगदानकर्ता है। कचरा या फसल की खाल के जलने से वातावरण में वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि यह जहरीले गैसों को रिलीज करता है जिसके परिणामस्वरूप स्मोग (स्मोक + फोग) निकलता है जो बुरी तरह से हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।

  • पैदल चलना या साइकिल चलाने को प्राथमिकता दें

यदि आप कहीं बाहर जा रहे हैं तो कृपया देखें कि क्या आपको गाड़ी से जाना ज़रूरी है। यदि आपको थोड़ी दूर जाना है उदाहरण के लिए स्थानीय बाजार तो आप या तो चल कर जाइए या साइकिल चला कर जाईए। कार से न जाने से आप न केवल ईंधन बचा सकेंगे बल्कि ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में भी मदद कर सकेंगे। इसके अलावा आप अन्य संभावनाएं भी देख सकते हैं जैसे कि कार पूलिंग जिसमें आप अपने सहकर्मियों, उसी क्षेत्र में रहने वाले दोस्त के साथ यात्रा कर सकते है। चूंकि धुएं और गैसोलीन के उत्सर्जन के कारण ग्लोबल वार्मिंग में तेजी आई है इसलिए ऊर्जा खपत को कम करने के लिए उनकी खपत कम करना एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • कृषि भूमि को बचाएं

चूंकि कर्मचारियों की फितरत उनके कार्यालयों के पास घर को किराए पर लेने या खरीदने के लिए होती है इसलिए धीरे-धीरे वे पूरे क्षेत्र में कब्ज़ा कर लेते हैं। नतीजतन वर्षा का जल जमीन पर नहीं जा पाता और नालियों के माध्यम से एक ही स्थान पर एकत्र हो जाता है तथा नदियों और अन्य छोटे जलाशयों को भी दूषित करता है।

उन जगहों पर नए उद्योगों की स्थापना की जानी चाहिए जहां कृषि की खेती नहीं की जा रही है। यह हमें पृथ्वी को हरा-भरा बनाए रखने में मदद करेगा।

  • सड़क के साथ पेड़ लगाए

सरकार को सड़कों का निर्माण करने वाली उन कंपनियों के साथ अनुबंध करना चाहिए जो सड़क के दोनों किनारों के खाली मैदान पर पेड़ लगाए। मिट्टी के क्षरण को रोकने के लिए नहरों पर पेड़ों को लगाया जाना चाहिए।

  • पहाड़ों पर पेड़ लगाना

पहाड़ी क्षेत्रों में पेड़ लगाने के लिए एक अभियान शुरू किया जा सकता है क्योंकि पर्यावरण संरक्षण में पेड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हम मिट्टी संरक्षण में मदद करने के लिए इस तरह के क्षेत्रों में फलों, फूलों, छोटी झाड़ियों और बड़ी झाड़ियों के पेड़ों को लगा सकते हैं।

  • सब्ज़ियां उगाएं

आज जो सब्जियां हम खाते हैं वह रसायनों और कीटनाशकों के अवशेषों को लेती हैं। यदि हम कार्बनिक सब्जियां लगाते हैं तो यह हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद होगा।

  • धूम्रपान छोड़ें

धूम्रपान, एक हानिकारक आदत, वायु प्रदूषण को बढ़ाता है। पर्यावरण प्रदूषण से कुछ हद तक बचा जा सकता है अगर हम धूम्रपान छोड़ देते हैं।

  • अपने वाहन की मरम्मत कराते रहें

यदि आप अपने वाहनों की मरम्मत कराते रहते हैं और समय-समय पर उसके प्रदूषण की जांच करते हैं तो आप पर्यावरण संरक्षण और इसके बचाव में योगदान कर सकते हैं।

  • एयर-कंडीशनर के फ़िल्टर बदलें

यदि आप ऐसा नहीं कर रहे हैं तो न केवल आप ऊर्जा बर्बाद कर रहे हैं बल्कि गंदा हवा में भी सांस ले रहे हैं। तो बेहतर तरीके से अपने हवा के फिल्टर को नियमित अंतराल पर साफ करते रहें।

निष्कर्ष

ग्लोबल वार्मिंग के असर को रोकने के लिए हमें वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों के अनुपात को कम करना होगा। इसके लिए यह जरूरी है कि हम वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन को नियंत्रित करके जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करें। हमें ऊर्जा के स्रोतों का उपयोग करना है जिसमें कार्बन का उपयोग सीमित मात्रा में किया जाए या बिल्कुल ही ना किया जाए जैसे सौर ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और पवन ऊर्जा आदि। पेड़ों की कटाई को रोका जाना चाहिए और अधिक से अधिक वृक्ष लगाए जाने चाहिए क्योंकि वे सबसे ज़रूरी हैं। ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ हमारी लड़ाई में वे हमें मदद करते हैं।

ग्लोबल वार्मिंग के डर ने दुनिया के विभिन्न देशों को एकजुट कर दिया है। 1997 में क्योटो प्रोटोकॉल के तहत दुनिया के कई देशों ने कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने पर अपनी सहमति व्यक्त की थी। यह प्रोटोकॉल 2005 के बाद से लागू हुआ था लेकिन भारत और चीन इसके कई प्रावधानों से असहमत थे क्योंकि वे अपने देश के विकास में ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए क्योटो प्रोटोकॉल में अपनाई गई नीतियों को रूकावट मानते थे। इसके बाद 12 दिसंबर 2015 को सर्वसम्मति से पेरिस जलवायु समझौते को अपनाया गया था। इसमें कई चीजों पर सहमत बनी। यह आशा की जाती है कि अधिक से अधिक देश असहमति के बिन्दुओं के बारे में भूल जाएंगे और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के तरीकों को खोजने के लिए एक मंच पर एक साथ आएंगे।