शेर इस धरती पर सबसे ताकतवर जानवरों में से एक है और इसे बड़ी बिल्ली भी कहते हैं। ये जंगल के राजा भी कहलाते हैं और वे कुछ इस तरह से दहाड़ते है कि उनकी गर्जना की आवाज करीब एक मील की दूरी से भी सुनाई देती है। वाकई में उनकी खूबियाँ उन्हें खास बनाती है और जंगल का राजा भी।
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परिचय
शेर को सबसे बहादुर जानवरों में से एक के रूप में जाना जाता है। यह एक फेलिडे परिवार (बिल्ली) से संबंधित है और सबसे बड़ी बिल्लियों में से एक के रूप में सूचीबद्ध है। इस श्रेणी में शेर, चीता, पैन्थर, स्नो लेपर्ड, जगुआर और तेंदुए के अलावा पांच अन्य जानवर भी शामिल हैं। वे सभी एक ही परिवार से आते हैं और यही वजह है कि वे एक जैसे ही दिखते हैं। हालाँकि एक शेर सभी से अलग दिखता है और उसे सबसे शक्तिशाली जानवर माना जाता है।
शेर के बारे में
शेर एक जंगली जानवर होता है जिसके चार पैर होते हैं और वो काफी भारी-भरकम दिखता हैं। नर सिंह के गर्दन पर ढेर सारे बालों की एक कवच होती है जो न सिर्फ उन्हें दुश्मनों के हमले से बचाती है बल्कि उन्हें भारी-भरकम भी दिखाता है; जबकि मादा शेर यानी कि शेरनी की गर्दन पर बालों का ऐसा कोई कवच नहीं होता है। वे ज्यादातर जंगल में और समूहों में रहते हैं। उनके समूह को ‘प्राइड’ के नाम से जाना जाता है, उनके समूह में 5 से 30 शेर तक हो सकते हैं। शेरनी और शावक भी प्राइड नामक इन समूहों में रहते हैं।
वे एक साथ रहते हैं और एक साथ शिकार भी करते हैं। वे 20 घंटे तक सोते हैं और बाकी बचे घंटों में अपने अन्य कार्य करते हैं। ये शेर विशेष रूप से गिर वन जो कि भारत में है वहां पाए जाते हैं और भारत को इन जानवरों के घर के रूप में जाना जाता है। वे पूर्वी अफ्रीकी देशों, दक्षिणी अफ्रीका आदि में भी पाए जाते हैं।
शेर मांस खाते हैं और कभी-कभी उन्हें घास खाते हुए भी देखा जाता है, असल में, वे घास खाने वालों में से नहीं हैं, मगर जब भी कभी उन्हें अपच महसूस होता हैं तो वे घास खा कर इस समस्या से निजात पाने की कोशिश करते हैं। घास खाने से उन्हें उल्टी करने में मदद मिलती है जिससे वे बेहतर महसूस करते हैं।
निष्कर्ष
विभिन्न जानवरों में अलग-अलग गुण होते हैं और उनके गुण ही उन्हें विशेष बनाते हैं। शेर एक शक्तिशाली जानवर है। भारत में, इसका कुछ पौराणिक महत्व भी है और यही कारण है कि राष्ट्र के कुछ हिस्सों में, लोग उनकी प्रार्थना भी करते हैं।
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परिचय
शेर जंगली जानवर हैं और वे जंगलों में रहता है, विशेष रूप से उप-सहारा अफ्रीका के घास के मैदान जैसे क्षेत्र में। वे बड़े पेड़ों या फिर पेड़ों से भरे इलाकों में रहने की बजाय चट्टानी पहाड़ियों पर, या फिर ऊंचे घास के मैदानों में रहना पसंद करते हैं। वे मांसाहारी होते हैं और बड़ी बिल्लियों के रूप में भी जाने जाते हैं।
शेरों के बारे में कुछ तथ्य
शेर क्या खाता है?
शेरों को सबसे आलसी जानवरों में से एक के रूप में जाना जाता है। वे तक़रीबन 20 घंटे तक सोते हैं और हमेशा दूसरों द्वारा किये गए शिकार को खाना पसंद करते हैं। वे बहुत बड़े चोरी करने वालों में से एक होते हैं; वे अन्य जानवरों का भोजन चुराते हैं और अपना पेट भरते हैं।
एक शेर को हर रोज तक़रीबन 16 पाउंड मांस की आवश्यकता होती है जबकि एक शेरनी करीब 11 पाउंड मांस खाती है। वे बड़े जानवरों जैसे भैंस, ज़ेबरा, आदि का शिकार करना पसंद करते हैं।
दुनिया के कुछ हिस्सों में शेर इंसानों का भी शिकार करते हैं और वे विशेष रूप से अफ्रीका में पाए जाते हैं।
निष्कर्ष
सभी जीवित प्राणी एक दूसरे से अलग होते हैं। उनमें से कुछ मांसाहारी जबकि कुछ शाकाहारी होते हैं। वे सभी मिलकर पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाते हैं। वे एक चक्र का पालन करते हैं; शाकाहारी जानवर घास और पौधे खाते हैं और मांसाहारी जानवर उन्हें खाते हैं। ऊपर बताये गए वजह, शेर को सबसे बेहतर और सबसे शक्तिशाली जानवरों में से एक बनाते हैं। उनके पास एक राजा होने के सभी गुण हैं और यही कारण है कि अन्य जानवर हमेशा शेर से डरते हैं।
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परिचय
हमारी पृथ्वी एक खूबसूरत ग्रह है और हमारा पर्यावरण, प्रकृति, विभिन्न जानवर, जीव, महासागर आदि मिलकर इसे और भी सुंदर बनाते हैं। क्या आप जानवरों के बिना दुनिया की कल्पना कर सकते हैं; हाँ यह हो सकता है लेकिन तब हमारी धरती उतनी सुन्दर नहीं दिखेगी जितना कि अभी दिखती है। इस ग्रह पर तमाम तरह की प्रजातियों की उपस्थिति इसे और भी अधिक सुंदर बनाती है।
जिस तरह से कुछ लोग हैं जो शाकाहारी भोजन खाते हैं और ऐसे लोग भी हैं जो मांसाहारी खाना खाते हैं। उसी तरह, जानवर भी दो प्रकार के होते हैं, उनमें से कुछ शाकाहारी होते हैं जबकि कुछ मांसाहारी हैं। शेर एक मांसाहारी जानवर है और वह ‘जंगल के राजा’ की उपाधि भी धारण करता है। इसके अद्वितीय गुण और क्षमताएं इसे उपरोक्त शीर्षक बनाये रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ बनाती हैं। शेर विभिन्न प्रकार के होते हैं।
शेर के प्रकार
स्थान और क्षेत्र के आधार पर शेर विभिन्न प्रकार के होते हैं। वे दिखने में भी अलग होते हैं और यहाँ मैंने उनका उल्लेख किया है:
बर्बरी शेर
ये विशेष रूप से उत्तरी अफ्रीका में पाए जाते हैं; यह शेर परिवार की एक दुर्लभ नस्ल है। बर्बरी शेर के अन्य नाम एटलस शेर, इजीप्टीयन शेर और उत्तरी अफ्रीकी शेर हैं।
उन्हें शेर की प्रजातियों में सबसे बड़ा माना जाता है और उनका वजन करीब 250 किलोग्राम से 300 किलोग्राम तक होता है।
एशियाई शेर
इसका नाम ही इसकी जगह को परिभाषित करता है और यह मुख्य रूप से भारत में गिर राष्ट्रीय उद्यान में पाया जाता है। यह दुनिया में शेरों की सबसे बड़ी जीवित प्रजाति में से एक है।
हालाँकि अफ्रीकी शेरों की तुलना में वे थोड़े कम हैं और वे 20,000 किमी के क्षेत्र में फैले हुए हैं। उनका वजन तक़रीबन 190 किग्रा (नर) और 120 किग्रा (मादा) तक होता है।
एशियाई शेरों के पेट और पेट के पास एक दोहरी-अनुदैर्ध्य तह होती है। यह उन्हें एक नया रूप देता है और अफ्रीकी शेर की तुलना में उनके बाल भी कम होते हैं। गर्दन के क्षेत्र के पास कम बालों के होने की वजह से उनके कान आसानी से दिखाई देते हैं। इस तरह से वे अलग दिखते हैं।
पश्चिम अफ्रीकी शेर
पैन्थेरा लियो लियो विशेष रूप से पश्चिम अफ्रीका में पाया जाता है और सबसे दुर्लभ नस्ल के शेरों में से एक है। शुरुआत में, यह पूरे अफ्रीका में पाया जाता था लेकिन अब यह कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रह गया है। इस नस्ल की आबादी में लगातार कमी आई है। इसे रेड लिस्ट में भी चिह्नित किया गया था। इस प्रकार के शेरों की गर्दन पर किसी तरह का कोई बाल नहीं होता है और वे छोटे समूह में रहते हैं।
ट्रांसवाल शेर
शेर जिसे पैंथेरा लियो क्रूगर के नाम से भी जाना जाता है, आमतौर पर ये दक्षिण अफ्रीका में पाये जाते है। कुछ हिस्सों में, इसे दक्षिण-पूर्वी शेर के रूप में भी जाना जाता है। वे तुलनात्मक रूप से बड़े होते हैं और करीब 550 पाउंड (नर) और 400 पाउंड (मादा) तक के वजन के हो सकते हैं। उनके कई सारे नाम होते हैं और बढ़ती उम्र के साथ साथ इनका रंग गहरा होता जाता है। सभी शेर जन्मजात शिकारी होते हैं, लेकिन अपने शरीर की बनावट की वजह से ट्रांसवाल को सर्वश्रेष्ठ के रूप में जाना जाता है। उनके शरीर की लंबाई 10 फीट तक बढ़ सकती है, वे अन्य शेरों की तरह 13 से 25 साल तक जीवित रहते हैं। वे सफेद रंग के होते हैं जो उन्हें और भी अधिक आकर्षक बनाता हैं।
कांगो शेर
इन शेरों को पैंथेरा लियो अजंडिका और मध्य अफ्रीकी शेर के रूप में भी जाना जाता है। वे युगांडा में पाए जाते हैं। कांगो शेर का एकमात्र अंतर उनके गर्दन का घना बाल होता है जो गहरे रंग का है; जबकि अन्य के उम्र और कुछ अन्य कारकों के आधार पर अलग-अलग रंग के होते हैं। लेकिन कांगो शेर में गहरे रंग के गर्दन के बाल उन्हें दूसरों से अलग बनाते है।
शेर खतरे में क्यों हैं?
कुछ प्रजातियों के खतरे की सूची में शामिल होने के पीछे कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं;
निष्कर्ष
हमें जानवरों को बचाने के लिए अपना योगदान देना चाहिए; या तो यह शेर हो या फिर बाघ। हम सभी को जीने का अधिकार है और हमें यह समझना चाहिए कि पृथ्वी हमारी अपनी संपत्ति नहीं है। जानवरों और अन्य जीवित प्राणियों को भी जीने का समान अधिकार है। शेर जंगल का गौरव हैं और उन्हें बचाया जाना चाहिए।