क्या आप जानते हैं की पेशाब रोकना कितना खतरनाक हो सकता है? (Do You Know How Dangerous can be Holding your Pee?)

हमारे शरीर में विभिन्न अंग और अंगों में अलग-अलग प्रणालियाँ होती हैं जैसे की श्वसन प्रणाली, पाचन तंत्र, मूत्र प्रणाली, आदि। जब शरीर के सभी भाग ठीक से काम करते हैं, तभी उनमें आपस में सामंजस्य रहता है और हमारा शरीर ठीक तरीके से काम करता है और स्वास्थ्य रहता है। शरीर का एक भी भाग ठीक तरह से काम न करते तो स्वतः शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है।

आज हम यहाँ हमारे पेशाब तंत्रिका के बारे में बात करेंगे। जिस प्रकार एक शहर को साफ़ करने के लिये एक बेहतर ड्रेनेज सिस्टम की आवश्यकता होती है ठीक इसी प्रकार हमारे शरीर के लिये भी एक सिस्टम की आवश्यकता होती है। हमारे शरीर के इस ड्रेनेज सिस्टम को हम यूरिनरी सिस्टम या पेशाब तंत्रिका कहते हैं।

हमारे पेशाब तंत्रिका को रेनल सिस्टम (Renal System) भी कहते हैं और इसका कार्य शरीर से कचरा निकालने के साथ-साथ रक्तचाप का नियंत्रण करना है। यह रक्त का pH बनाये रखने के लिये भी काम करता है। इस सिस्टम के प्रमुख भाग मूत्र वाहिनी, मूत्राशय, और गुर्दे हैं।

जानिए महत्वपूर्ण कारण की क्यों पेशाब नहीं रोकना चाहिए/ पेशाब रोकने के दुष्प्रभाव (Know Major Reasons Why you should not Hold your Pee/ Side Effects of Holding Pee)

Do You Know How Dangerous can be Holding your Pee

यह हमारे शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, इसलिये इससे संबंधित किसी भी समस्या को लेकर शर्म महसूस न करें। हमारे शर्माने से हमारे ही शरीर का नुकसान होता है। अपने पेशाब को कभी-कभी रोकने से तो कोई दिक्कत नहीं होती, परंतु इसे आदत बना लेना बेहद खतरनाक हो सकता है, कई बार ऑपरेशन की भी नौबत आ सकती है, आइये जाने कैसे:

  • किडनी स्टोन (Kidney Stone)

लंबे समय तक पेशाब रोक कर रखने से आपके गुर्दे में पथरी हो सकता है और आज कल ऐसे बहुत मामले देखने को मिल रहे हैं। हमारे पेशाब में कैल्शियम ऑक्सलेट, यूरिक एसिड जैसे मिनरल्स होते हैं जो पथरी के मुख्य जड़ हैं। यह एक दिन में नहीं हो जाता अपितु यह धीरे-धीरे आपके गुर्दे में बनता और बढ़ता रहता है। और ज्यादा दिक्कत होने पर ही इसका पता चलता है और इसे ऑपरेशन के माध्यम से ही निकाला जाता है।

  • दर्द की अनुभूति (Extreme Pain)

पेशाब रोकने या किसी प्रकार की अनदेखी करने से कई बार असहनीय दर्द हो सकता है। यह आमतौर पर तब होता है जब आप पेशाब रोकने के आदि हो चुके होते हैं। और जब बहुत देर तक पेशाब रोकने के बाद जब वह अचानक निकलता है तब भी इस प्रकार का दर्द महसूस किया जा सकता है।

  • यूरिन ट्रैक का संक्रमण (Urinary Tract Infection)

बहुत ज्यादा देर तक मूत्राशय में मूत्र की उपस्थिति इस प्रकार के संक्रमण को विकसित करती है। बैक्टीरिया को अनुकूल वातावरण मिलते ही वे बहुत जल्दी-जल्दी बढ़ने लगते हैं और संक्रमण को फैला देते हैं। इसके बढ़ने की आशंका तब भी रहती है जब आप बहुत कम पानी का सेवन करते हैं। इस लिये इसे रोके नहीं और खूब पानी पीया करें।

इसके कुछ प्रमुख लक्षण

  • कभी-कभी संक्रमण की वजह से आप बार-बार पेशाब महसूस कर सकते हैं; सामान्य से अधिक।
  • आपके पेशाब में रक्त आ सकता है।
  • किसी भी प्रकार की बैक्टेरिया या फंगस के कारण आप पेशाब में जलन महसूस कर सकते हैं।
  • कभी-कभी आपके पेशाब से अत्यधिक दुर्गंध भी आने लगता है।
  • मूत्राशय में सूजन (Swelling in Bladder)

वह आपका मूत्राशय और किडनी होता है, जो पेशाब रोकने का दाब सबसे अधिक सहता है और यदि आप यह आदत विकसित कर लेते हैं तो उसमें सूजन आ जाती है। और कई बार यह फट भी जाता है (बहुत दयनीय स्थिति में)

ऐसी स्थिति से बचने के लिये कुछ स्वस्थ आदतें (Some Healthy Habits to Avoid such Situation)

  • घर से बहार जाते समय हमेशा एक बार वॉशरूम का इस्तेमाल अवश्य कर लिया करें।
  • रोज सोने से पहले भी पेशाब करने की आदत विकसित करें, खुद की भी और बच्चों की भी।
  • जब कभी ऐसे स्थान पर हों जहाँ वॉशरूम न हो तो विचलित होने के बजाय अपना ध्यान कही और लगायें इससे आपको थोड़ा समय मिल जायेगा।
  • हर तीन घंटे पर वॉशरूम के उपयोग की आदत विकसित करें, इससे आपको कभी रोकना नहीं पड़ेगा।
  • पेशाब न लगने के डर से कभी पानी पीना न कम करें, कई बार पानी की कमी से भी आपको यूरिन संबंधित बीमारियाँ हो सकती हैं।

पेशाब रोकने से होने वाले नुकसान से बचने के लिये निर्दिष्ट क़दमों का पालन करें। कई बार शौचालय की अनुपलब्धता की वजह से भी हमें ऐसा करना पड़ सकता है। कभी-कभी चल सकता है परंतु रोज ऐसी स्थिति से बचने के लिये ऊपर लिखे उपायों को जरूर अमल में लायें।

पेशाब रोकने से आप निम्न जटिलताएं महसूस कर सकते हैं (Complications you can Feel when you won’t Pee)

ज्यादा देर तक मूत्राशय में पेशाब की उपस्थिति से संक्रमण उत्पन्न होता है। जीवाणु प्रजनन शुरू कर देते हैं और इस प्रकार संक्रमण फैलता चला जाता है। और ऐसा तब होता है जब आप पानी कम पीते हैं।

जब आप कम पानी पीते हैं तो आपके मूत्राशय को पर्याप्त पानी नहीं मिलता और वह जल्दी बाहर नहीं निकल पाता और ऐसे में बैक्टेरिया आसानी से अपना काम शुरू कर देते हैं और कई प्रकार के संक्रमण को जन्म देते हैं।

ज्यादा देर तक पेशाब रोकने से आपके मूत्राशय की मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं, क्यों की उनको अपने वास्तविक आकर से अपना आकार बढ़ाना पड़ जाता है। पेशाब को रोकने के लिये और कई बार मूत्राशय इसे बैक फ़ोर्स के कारण किडनी में वापस भेज देता है जिससे किडनी को क्षति पहुँचती है।

हमारी पेशाब प्रणाली (Our Urine System)

शरीर के विभिन्न भागों की तरह यह भी एक भाग होता है जो शरीर से पेशाब निकलने में मदद करता है। इस प्रणाली के निचले भाग में दो किडनी होते हैं, एक शरीर के दाएँ तो दूसरा बाई ओर।

रक्त जब किडनी में प्रवेश करता है तो पेशाब का निर्माण होता है। रक्त को फ़िल्टर कर के जो कचरा निकलता है वही पेशाब होता है। हमारे किडनी की सबसे छोटी इकाई नेफ्रॉन होता है और ये कचरा उसी के अपशिष्ट नलिकाओं में एकत्रित होता है और ऐसी कई नलिकाएं होती हैं जो आपस में एक दूसरे से जुड़ी होती हैं। यहाँ से ये कचरा मूत्रवाहिनी में प्रवेश करती हैं और जा कर मूत्राशय में पहुँचती हैं। और यह प्रणाली पुरुषों और महिलाओं में एक समान होती और काम करती हैं।

किडनी में रक्त को छानते समय पानी, सोडियम और अन्य खनिजों को छान देता है। हमारा किडनी एक दिन में करीब 180 लीटर रक्त छान सकता है और इसके अन्दर मौजूद नेफ्रॉन 99% पोषक तत्वों को अवशोषित कर सकता है और इस पूरे प्रक्रिया में केवल 1% बचा हिस्सा ही पेशाब होता है, जिसे वह बाहर निकाल देता है।

हमारी यह पेशाब प्रणाली, एंडोक्राइन सिस्टम के एल्डोस्टेरोन, एंटीडायरेक्टिक और पैराथायराइड जैसे हार्मोन द्वारा नियंत्रित होता है। लंबे समय तक पेशाब रोकना खतरनाक हो सकता है, यह संक्रमण बढ़ाता है और कभी-कभी मूत्राशय को क्षति पहुंचा सकता है और कई किडनी संबंधित बीमारियों को भी जन्म देता है।

एक स्वस्थ शरीर एक सामान्य आधार पर करीब 800 से 2000ml मल-मूत्र का उत्पादन करता है। कई बार कुछ कारण वश यह कम या ज्यादा हो जाता है जैसे की कम पानी पीने से, मधुमेह जैसे बीमारी में, या कोई भी अन्य कारण होने पर। ऐसी स्थिति को कभी अनदेखा नहीं करनी चाहिए, ऐसे में चिकित्सकीय सलाह अवश्य लेना चाहिए।

आपके मूत्राशय में पेशाब की मात्रा (Amount of Urine your Bladder Hold)

एक 2 वर्ष की आयु का बच्चा करीब 4 औंस (Ounces) तक पेशाब रोक सकता है तो वहीं 5 वर्ष से ऊपर के बच्चे 10 औंस तक रोक सकते है और यह मात्रा एक वयस्क में बढ़ कर 16 औंस तक हो सकती है।

जब आपका मूत्राशय में पेशाब भरने लगता है तो वहां मौजूद तंत्रिकाएं सक्रिय हो जाती हैं और वे तुरंत मस्तिष्क को संकेत देती हैं की वह आपको बताये। जब ऐसा करने पर भी हम पेशाब को बाहर नहीं निकालते तो मस्तिष्क वापस वही संदेश हमारे मूत्राशय को भेजता है और थोड़ी देर रुकने का संदेश देता है और जब तक पेशाब बाहर नहीं आता इस प्रकार संदेश कभी मूत्राशय तो कभी मस्तिष्क के पास घूमता रह जाता है और हमारी बेचैनी बढ़ती जाती है।

निष्कर्ष

किसी भी चीज की अती आपको परेशानी में डाल सकती है, ठीक इसी प्रकार पेशाब भी आपको परेशानी में डाल सकता है। इसे हलके में न लें ये आगे चलकर कई खतरनाक बीमारियों को जन्म दे सकता है। कभी-कभी मूत्र प्रणाली में आने वाले रूकावट के कारण मृत्यु भी हो जाती है। कई बार ऐसा होता है की आप अपने मित्रों की अपेक्षा अधिक घबराहट महसूस कर सकते है (अधिक पेशाब) ऐसे में घबराएं नहीं, कई बार जो ज्यादा पानी पीते हैं उनको ज्यादा बार जाना पड़ सकता है।

समय और आयु के अनुसार भी पेशाब संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है जैसे की छोटे बच्चों में उनके शारीरिक परिवर्तन के कारण इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो सकती है और अकसर वे सोते समय बिस्तर गीला कर देते हैं। सोते समय यह प्रक्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है और इसी वजह से हम रात में सोते समय बीच में बहुत कम बार पेशाब जाने के लिये उठते हैं। तनाव या किसी प्रकार के बीमारी की स्थिति में भी यह प्रक्रिया प्रभावित होती है। इस लिये स्वस्थ रहें और दूसरों तक भी ऐसी ज्ञानवर्धक जानकारी अवश्य पहुंचाएं।