क्या आपको पता है ‘हैंड वाश’ कैसे करें? (Do You Really Know How To Wash Your Hands)

जैसा की हम जानते हैं, स्वच्छता सबसे बड़ा घर्म है और हर मनुष्य को इसे जरुर अपनाना चाहिए। स्वच्छता हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाती है, हमे अपने घर, दफ्तर, आस-पास का क्षेत्र एवं अपने देश को सदैव स्वच्छ रखना चाहिए।

आपको स्वयं भी इसे अपनाना चाहिए और दूसरों को भी स्वच्छता को लेकर प्रोत्साहित करते रहना चाहिए और कुछ अच्छी आदतों को अपने दैनिक जीवन में सम्मिलित करना चाहिए। जैसे की हाथों को अच्छे से साबुन से धुलना, घर को साफ़ रखना, आदि। क्या आप जानते हैं की हाथों को धुलने से आप स्वयं को कितना सुरक्षित करते हैं। आइये हाथ धुलने से संबंधित कुछ बातें विस्तार में जानें।

सेफ हैंड वाश का इतिहास (How Hand Wash Came into Existence)

हमारी भारतीय संस्कृति बहुत ही कुलीन रही है और ऐसी ही कई आदतें हैं जिनका पाठ वो कई सदियों पहले से करती आई है। परंतु एक होता है हाथ धुलना और दूसरा होता है साबुन से अच्छे से कम से कम 30 सेकंड तक हाथ धुलना।

जिसकी शुरुआत इग्नाज़ सेमेल्विस ने की थी, वे एक डॉक्टर थे और उस काल में उन्होंने देखा की जिस अस्पताल में वे काम करते थे उसमे आए दिन किसी महिला की प्रसव के दौरान मृत्यु होती जा रही थी। तो उन्होंने इस बात की बहुत तहकीकात की तो पता चला की, जो लोग उनका इलाज कर रहे थे वे स्वच्छता पर ध्यान नहीं दे रहे थे। उन्होंने सुरक्षित हाथ धुलने के सख्त नियम बनाये और इसके बाद स्वतः मृत्यु दर में कमी आगयी।

Do you Really know how to Wash your hands

हर वर्ष 15 अक्टूबर को हम ‘ग्लोबल हैंड वॉशिंग डे’ के रूप में मानते हैं और वर्ष 2019 में इसका थीम था “स्वच्छ हाथ सबके लिये”।

हाथों को सुरक्षित रूप से धुलने का तरीका (Effective Steps of Hand Washing)

हर चीज का एक तरीका होता है और यदि हम उसका सही तरीके से पालन नहीं करते तो हमे उचित परिणाम नहीं मिलते। ठीक इसी प्रकार हाथों को अच्छे से कुछ सेकंड तक रगड़ के धुलने से ही जीवाणु मरते है और हमें इसका उचित परिणाम देखने को मिलता है। आइये जाने हाथ धुलने का सही तरीका:

  • सबसे पहले हाथ के सभी गहने जैसे की कोई अंगूठी, घड़ी, आदि उतार दें।
  • हाथों को भिगोये और आवश्यकता अनुसार साबुन या हैंड वाश हाथों में ले।
  • दोनों पंजों को आपस में कुछ देर तक रगड़ें।
  • अपने नाख़ून के पास के क्षेत्र को अच्छे से साफ़ करें।
  • हाथों के उपरी हिस्से को भी रगड़ के साफ़ करें और हाथों को गोलाकार आकृति में घुमाएँ।
  • अंगूठों के आस पास के हिस्से को साफ़ करें और हाथों को साफ़ पानी से साफ़ करें।
  • अच्छे से पानी से धुलने के बाद साफ़ कपड़े से उन्हें सुखा लें।
  • फिर भी आवश्यक लगने पर सैनीटाईज़र का उपयोग करें खास तौर से बच्चों में क्यों की वे ठीक से हाथ नहीं धुलते।

कैसे, हाथों को धुलना संक्रमण को रोकता है? (How Hand Wash Prevents from Infection)

हाथों को कम से कम 20 से 30 सेकंड तक धुलना बेहद आवश्यक होता है क्यों की इसके पीछे विज्ञान है। जब हम साबुन या हैंड वाश हाथों में लगाते हैं तो साबुन में मौजूदा अच्छे बैक्टीरिया को कम से कम 10 सेकंड लगते है कीटाणु से लड़ने के लिये तैयार होने में। एक बार सक्रिय होने के बाद वे वायरस पर हमला कर देते हैं और उनके उपरी परत को सफलतापूर्वक तोड़ देते हैं और परिणामतः बैक्टीरिया या वायरस निष्क्रिय हो जाता है और मर जाता है।

साबुन के अणु द्विध्रुवीय होते हैं और उनके एक छोर पर सोडियम तो दूसरे पर पोटेशियम के अणु होते है और वे कार्बोक्जिलिक एसिड की एक कड़ी बनाते हैं। इस पूरे कड़ी को मिसेल्स कहा जाता है।

ज्यदातर बैक्टीरिया और वायरस के उपरी परत, प्रोटीन और वसा से बने होते हैं। साबुन की लम्बी कड़ी का एक छोर, इस वसा/प्रोटीन में घुल जाता है तो वही दूसरा छोर पानी में।

यह मिसेल्स बैक्टीरिया/वायरस पर हमला कर देता है और इसका एक छोर जो प्रोटीन/वसा में घुला होता है इसके बाहरी कोशिका को तेज़ी से खींचता है। परिणामतः उपरी सतह के टूट जाने पर बैक्टीरिया/वायरस की मृत्यु हो जाती है। इस पूरे प्रक्रिया को पूरा होने में कम से कम 20 सेकंड लग जाते हैं और यही वजह है की हमें कम से कम 20 सेकंड तक अवश्य हाथों को धुलना चाहिए।

हाथ धोने के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं? (What are the Health Benefits of Hand Washing)

  • हाथ धुलने के सही तरीके को जानने के बाद आपको इससे होने वाले लाभ को भी जानना चाहिए। दरसल हम अपने हाथों से बहुत कुछ छूते रहते हैं और उसी हाथ को कभी अपने आँखों पर तो कभी अपने मुख या नाक को भी छूते हैं। इससे संक्रमण फ़ैल सकता है और आपको अनजाने में कई रोग पकड़ सकते हैं।
  • एक स्वास्थ्य शारीर की रोग प्रातिरोधक क्षमता भी अधिक होती है और इसलिये वह व्यक्ति कम बीमार पड़ता है। इस लिये सदैव हाथों को अच्छे से धुलें।
  • सुरक्षित रूप से हाथ धुलने से आप कई प्रकार के रोगों को दूर कर सकते हैं इस लिये बच्चों को शुरू से इसकी आदत डालें।
  • कम से कम हाथों को 20-30 सेकंड तक धुलने से कई प्रकार के रोगों से मुक्ति मिल सकती है जैसे:

1. संक्रामक रोगों से बचाव (Protects from Communicable Diseases)

ऐसे रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे में छूने, हवा के माध्यम से या किसी भी प्रकार से संपर्क में आने से फैलता है उसे हम संक्रामक रोग कहते हैं। इससे बचने का सबसे अच्छा माध्यम है खुद को सुरक्षित रखें, समय-समय पर अपने हाथों को धोएं। कई बार एक संक्रामक व्यक्ति खांसने के बाद उसी संक्रामक हाथों से कई अन्य सामन छु लेता है, इससे उसके हाथों के जीवाणु हर जगह फ़ैल जाते हैं और इससे दूसरों में भी संक्रमण फ़ैल जाता है।

COVID-19: इसे कोरोनावायरस के नाम से जाना जाता है, इसे इस युग का सबसे खतरनाक वायरस माना गया है। जिसने कई लोगों की जान ली और पूरी दुनिया को बुरी तरह प्रभावित किया। और इससे सुरक्षित रहने का सबसे अच्छा तरीका है सामाजिक दूरी बनाये रखना एवं बार-बार अपने हाथों को साबुन से कम से कम 20-30 सेकंड के लिये धुलना।

फ्लू: यह एक व्यक्ति से दूसरे में हवा के माध्यम से या संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से आसानी से फैलता है। यह मूलतः मांसाहारी भोजन खाने से होता है। इसके लक्षण और कोरोना के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं इस लिये बचाव के उपाय भी एक जैसे है और श्रेष्ठ होगा हाथों को अच्छे से साबुन से धुलना और मास्क का प्रयोग करना।

प्लेग: 1665 में पहली बार प्लेग अस्तित्व में आया और धीरे-धीरे पूरे विश्व में फ़ैल गया। इस रोग का मुख्य स्त्रोत था चूहा परंतु एक बार किसी व्यक्ति के संक्रामक हो जाने के बाद, वह आसानी से वाहक बन जाता है। यही कारण था इसके इतने तेजी से महामारी के रूप में फैलने का। दूषित भोजन और किसी भी प्रकार से शारीरिक संपर्क के जरिये यह फैलता है, परंतु हाथों को धुलने और सफाई का उचित ध्यान रख कर इससे बचा जा सकता है।

2. वायु जनित रोगों से बचाव (Protects from Air Borne Diseases)

अधिकांश बीमारियां जो हवा के माध्यम से फैलती हैं, जब एक संक्रामक व्यक्ति का थूक हवा के माध्यम से किसी दूसरे तक पहुंच जाते हैं, तो यह वायु जनित रोगों की क्षेणी में आते हैं। और यह थूक बात करने, छींकने, खांसने के माध्यम से एक से दूसरे जगह जाता है। इसके अलावा कई बार दूषित वायु के संपर्क में आने से भी कई रोग हो जाते हैं और ये हमारे लंग्स को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। इन सब से बचने का सबसे सरल उपाय है स्वछता और हाथों का समय-समय पर धुलते रहना, मास्क पहनना, आदि।

3. नोसोकोमियल संक्रमण से बचाव (Protects from Nosocomial Infections)

कई बार किसी एक बीमारी की वजह से हम अस्पताल जाते हैं और दवा के दौरान हमे कोई नया रोग पकड़ लेता है तो इसे नोसोकोमियल संक्रमण कहते हैं; इसके होने में अस्पताल कर्मचारियों का पूरा योगदान होता है, क्योंकि कई बार स्वच्छता का उचित ध्यान न देने पर ऐसे रोग एक मरीज से दूसरे को हो जाते हैं। इसे हम अस्पताल स्टाफ के गैर जिम्मेदाराना आदतों के कारण होने वाले रोग कह सकते हैं। इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है हाथों को समय-समय पर कम से कम 20-30 सेकंड तक धोना।

इस संक्रमण से होने वाले कुछ प्रमुख रोग हैं मेथिसिलिन-प्रतिरोधी स्टैफिलोकोकस ऑरियस (MRSA), हेपेटाइटिस, आदि।

4. आँखों को संक्रमण से सुरक्षित रखता है (Can Keep you Safe from Eye Infections)

आँखें हमारे शरीर के सबसे संवेदनशील हिस्सा है और हमे इनकी सदैव अतिरिक्त देखभाल करनी चाहिए। आम तौर पर जब हमारी एक आँख संक्रमित होती है तो दूसरी भी आसानी से हो जाती है। वास्तव में होता ये है की हम हाथों से संक्रमित आँख को छुते हैं और फिर उसी हाथ से असंक्रमित आँख को भी छु लेते हैं। इस क्रम में संक्रमण आसानी से फ़ैल जाता है और न चाहते हुए भी हमारी आँखें संक्रमित हो जाती हैं। हमारा ही एक हाथ वाहक के रूप में काम करता है और हम खुद को ही और बीमार कर बैठते हैं।

इस लिये सदैव अपने हाथों को स्वच्छ रखें और इससे आप कई प्रकार के संक्रमण को रोक सकते हैं।

कुछ अन्य रोग जो हाथ धोने से दूर रहते हैं (Some other Diseases Which Remains Away from Hand Wash)

साल्मोनेलोसिस: एक बैक्टीरिया जनितरोग, जिसमे बैक्टीरिया सीधे तौर पर आपके पेट को प्रभावित करता है। यह आम तौर पर पोल्ट्री सामग्री, मछली या कच्चा मांस के कारण होता है, इसलिये खाने को अच्छे से पका के खाए और इनके संपर्क में आने के बाद हाथों को अच्छे से धोना न भूलें।

पेट के कीड़े: यह छोटे बच्चों के में पाए जाते हैं और इसका मुख्य स्त्रोत गंदे हाथ और नाख़ून होते हैं।

गियार्डियासिस: यह एक ऐसा संक्रमण है जो दूषित पानी के संपर्क में आने से होता है और बच्चे इससे आसानी से संक्रमित हो जाते है क्योंकि वे अक्सर कुछ भी छुते है और छोटे बच्चे खास कर चलने के लिये अपने हाथों का प्रयोग करते हैं।

हाथों को कितनी बार धुलना चाहिए? (How Many Times you should Wash your Hand)

हाथ धुलने के तरीके जानने के बाद आपको उनको धुलने की संख्या भी अवश्य जानना चाहिए। हर चीज की एक सीमा होती है और ये भी संभव नहीं की आप हर काम के बाद हाथों को धुलें। आवश्यकता से अधिक बार हाथ धुलने से आपकी हाथों की त्वचा शुष्क हो सकती है और उनमें दरारें पड़ सकती हैं क्यों की साबुन हमारी त्वचा के लिये कठोर होते हैं। इस लिये हाथ धुलने का सही संख्या जानना बेहद जरुरी है।

निम्नलिखित गतिविधियों के बाद हाथ अवश्य धोएं (Must Wash your Hands after these Activities)

  • शौचालय के प्रयोग के बाद हमेशा हाथ धोएं।
  • खाना खाने से पहले हमेशा हाथ धुलें।
  • जब कभी कोई ऐसा काम करे जिससे आपके हाथ गंदे हो जाएँ तो हाथों को अवश्य धोएं।
  • छींकने और खांसने के बाद हाथ अवश्य धोएं।
  • सार्वजनिक स्थानों पर जाने पर बस की सीट, हैंडल, पार्क, गेट, मोबाइल फोन, आदि जैसे वस्तुओं को छूने के बाद हाथों को जरुर धोएं।
  • यदि किसी जानवर को छुते हैं या आपका अपना कोई पालतू जानवर है तो उनको छूने के बाद हाथों को जरूर धोएं।

निष्कर्ष

किसी भी बीमारी को दूर रखना वाकई में संभव है बस हमें उनके बचाव के क़दमों को नहीं भूलना चाहिए। हमे स्वच्छता संबंधित आदतों को खुद में एवं बच्चों में सृजित करना चाहिए इससे आप कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं और वाकई एक स्वास्थ्य जीवन जी सकते हैं। व्यक्तिगत स्वछता आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस प्रकार सुरक्षित रहें और दूसरों को भी इसके लाये प्रेरित करें।