सर्दियों में स्वस्थ्य रहने के लिए किन खाद्य पदार्थों से परहेज करें (What Foods We should Avoid Eating in Winter Season to Stay Healthy)

इसमें कोई दो राय नही है कि सर्दियों का मौसम खाने वालों के लिए सबसे बेहतरीन मौसम होता हैं। इस मौसम में हमें तरह-तरह के फल और सब्जियां मिलती हैं जो हमें और भी जायदा आनंद देते हैं। इस मौसम में दिन छोटा होता है और रातें बड़ी और लोग अपने कम्बल में ही रहना ज्यादा पसंद करते हैं और गर्म तथा लजीज भोजन का आनंद लेते हैं। जैसा कि बाजार में कई तरह के खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं, लेकिन यहाँ कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं और खाने की आदतें हैं जिन्हें इस मौसम में स्वस्थ्य रहने के लिए नजरअंदाज करना चाहिए।

हमने कुछ सबसे आम खाद्य पदार्थों को सूचीबद्ध किया है जिन्हें सर्दियों के मौसम में खाने से बचना चाहिए और यदि खाते भी हैं तो जान लीजिये कि इन्हें कैसे खाना चाहिए। आयुर्वेद में स्पष्ट रूप से सर्दियों में कुछ खाद्य पदार्थों के परहेज का उल्लेख किया गया है। प्रत्येक खाद्य पदार्थ में कुछ गुण होते हैं, इसलिए बेहतर होगा कि मौसम के अनुसार ही इसका सेवन करें। हमने कुछ विकल्प प्रदान किए हैं जो निश्चित रूप से सर्दियों में आपके अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।

सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए के इन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए (Foods must be Avoided during Winters to Remain Healthy)

चुंकि सर्दी अपने साथ-साथ तमाम तरह के खाद्य पदार्थों को साथ लेकर आती है, फिर भी कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जिन्हें सर्दियों के दौरान खाने से बचना चाहिए। हमने कुछ विवरण के साथ नीचे उन्हें सूचीबद्ध किया है।

1. दही

आयुर्वेद के अनुसार, सर्दियों के दौरान दही के सेवन से बचना चाहिए। क्योंकि सर्दियों में विभिन्न ग्रंथियों से स्राव बढ़ जाता है और बलगम का स्राव भी बढ़ जाता है और यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। क्रीम, दही जैसे उत्पादों की तासीर ठंडी होती है इसलिए दही खांसी ला सकती है और ऐसे लोगों को परेशान करती है जिन्हें पहले से ही अस्थमा, जुकाम या फिर किसी भी तरह का श्वसन संक्रमण आदि है, यदि सर्दियों में इसका सेवन किया गया तो इन बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए, सर्दियों के दौरान और विशेष रूप से रात में दही से बचने की सलाह दी जाती है।

  • आप दही की जगह नारियल के दूध, बादाम के दूध की दही, शुद्ध रेशे वाले टोफू आदि का सेवन कर सकते हैं।

2. चाय / कॉफी

अत्यधिक चाय का सेवन आपके जलयोजन स्तर को प्रभावित कर सकता है। चाय या कॉफ़ी में कैफीन की उपस्थिति एक उत्तेजक के रूप में कार्य करती है और आमतौर पर ऊर्जा पेय जैसे चाय, कॉफी, चॉकलेट, शीतल पेय आदि में पाई जाती है।

जब कैफीन हमारे शरीर में संचारित होता है तो यह हमारे मस्तिष्क पर एक उत्तेजक प्रभाव विकसित करता है और थकान को कम करता है जो हमारे मस्तिष्क को सचेत करता है। दूसरी ओर, कैफीन में मौजूद मूत्रवर्धक प्रभाव हमारे गुर्दे को भी प्रभावित करता है।

मूत्रवर्धक प्रभाव के कारण, यह हमारे शरीर को अधिक पेशाब उत्पादन के लिए दबाव डाल सकता है। क्योंकि कैफीन हमारे गुर्दे में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है ताकि पेशाब उत्पादन अधिक हो सके। जितना अधिक हम अपने शरीर से पानी निकालते हैं, उतना ही यह निर्जलित यानी की डीहाइड्रेट होते जाता है।

चाय और कॉफी के विकल्प क्या हैं (What are the Substitutes of Tea and Coffee)

कैफीनयुक्त चाय लेने की बजाय आप एक हर्बल चाय का सेवन कर सकते हैं, हमने यहाँ आपके लिए कुछ त्वरित और स्वस्थ हर्बल चाय को बनाने की रेसिपी प्रदान की है।

  • अदरक - तुलसी की चाय

एक कंटेनर में 3 कप पानी लें और उसमें थोड़ी सी कुचली हुई अदरक और 4 पुदीने की पत्तियां डालें और इस मिश्रण को कुछ देर तक उबालें। फिर तुलसी के 4 पत्ते और 2 हरी इलायची डाल लीजिये और इसे 2 मिनट तक और उबालिए और अब आंच बंद कर दें और अपने स्वादनुसार शहद डालकर इसका सेवन कर सकते हैं।

अदरक आपको सर्दियों में गर्म रखता है और तुलसी में जीवाणुनाशक गुण होते हैं जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाते हैं।

  • थाइम हर्बल चाय

एक कप उबलता हुआ पानी लेकर उसमें कटी हुई अजवायन की पत्तियाँ डालें और इसे ढककर 5 मिनट तक छोड़ दें और फिर पत्तियों को निकाल कर रख दें।

यह गले में खराश की समस्या और एक असहज पेट के लिए बहुत ही अच्छा है।

  • मेंहदी की चाय

एक कप उबलता हुआ पानी ले लीजिये और उसमें 2 चम्मच मेंहदी डालकर उसे 5 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर उसके बाद पत्तियों को हटा दें (आप या तो ताजा या सूखे पत्ते का उपयोग कर सकते हैं) और एक चम्मच शहद मिलाकर और इसे परोसें।

पेट की समस्याओं से निपटने के लिए यह बेहद ही अच्छा माना जाता है और कुछ जीवाणुरोधी गुणों के साथ आता है। यह एंटीऑक्सिडेंट का एक समृद्ध स्रोत भी है।

3. डिब्बाबंद सूप

सर्दियों में हम कुछ गर्म पेय या सूप का गर्मागरम घूंट लेना पसंद करते हैं। हममें से ज्यादातर लोग इस मौसम में सूप पीना पसंद करते हैं और बाजार में विभिन्न डिब्बाबंद सूप उपलब्ध हैं। वे आपके नाश्ते और खाने के सबसे बेहतर और आसान विकल्पों में से एक हैं। मगर हमें उन डिब्बाबंद सूपों से बचना चाहिए क्योंकि वे असली सूप नहीं होते हैं; इनमें कृत्रिम स्वाद मिलाया गया होता हैं और ये सोडियम से भरपूर होते हैं। और तो और ये पौष्टिक भी नहीं होते हैं, जबकि घर पर बने सूप का सेवन करना ज्यादा बेहतर है।

डिब्बाबंद सूप के कुछ बेहतर विकल्प (Some Good Alternatives of Canned Soup)

हमने आपके लिए कुछ पौष्टिक और स्वस्थ व्यंजनों को लायें हैं। जिनका आप डिब्बाबंद सूप की जगह सेवन कर सकते हैं।

  • बिग सूप

एक पैन में 100 ग्राम बेकन लार्डन डालकर उसे सुनहरा होने तक पकाएं। फिर अपने स्वाद के अनुसार नमक और कटा हुआ गाजर, 2 कीमा बनाया हुआ लहसुन, 1 अजवाइन और कटा हुआ हरा लहसुन पैन में मिला लीजिये। इस मिश्रण को 5 मिनट तक के लिए पकाएं जब तक कि सब्जियां नरम न हो जाएं। फिर 2 कप दाल, वेजिटेबल स्टॉक और टमाटर का रस डालें और 10 मिनट के लिए मिश्रण को धीमी आंच पर रहने दें और परोसने से पहले इसमें हरी धनिया डाल लीजिये।

  • ब्रोकोली पनीर सूप

एक बर्तन लें और उसमें 2 चम्मच जैतून का तेल डालें और उसमे एक कटा हुआ प्याज डालकर उसे कुछ समय के लिए पकाएं। फिर कीमा बनाया हुआ लहसुन और अजवाइन की पत्तियां डालें। अपने स्वाद के अनुसार एक कप क्यूबड ब्रोकोली, 1 पका हुआ आलू, काली मिर्च, शोरबा और स्वाद अनुसार नमक डालें, मिश्रण को 10 मिनट तक पकाएं। इसमें एक कप दूध मिला लें और इस मिश्रण को उसी तरह के एक मिश्रण में मिलाएँ। फिर आधा कप कटा हुआ पनीर डालें और एक बार जब पनीर पिघल जाए तो आंच को बंद कर दीजिये। आप इस सूप को फ्रिज में करीब 3 सप्ताह तक के लिए भी रख सकते हैं।

  • मलाईदार आलू मकई का सूप

इस सूप को बनाने के लिए आपको 2 कप आलू, 1 कॉर्न, 1 पका हुआ जलपीनो, 1 चम्मच जीरा, आधा चम्मच अजवायन, कुछ धनिया पत्ती, नमक और थोड़ा पानी लेकर कुकर में धीमी आंच पर 2 घंटे तक पकाएं। फिर आलू को छील लें और बादाम के पेय का एक कप मिलाकर और मिश्रण को एकदम स्मूदी में बदलने दें। अपने स्वाद के अनुसार नीबू का रस और कुछ और स्टॉक और नमक डालकर इसे परोसें।

4. शतावरी

शतावरी, लिली परिवार से सम्बंधित है और यूरोप के जंगली हिस्सों में पाई जाती है। यह सफेद रंग में भी उपलब्ध है और इसका कारण हैं इसके बढ़ने का तरीका। इसमें प्रचुर मात्रा में फोलिक एसिड होता है और गर्भावस्था के दौरान इसकी अत्यधिक मात्रा में सेवन की सिफारिश की जाती है लेकिन केवल तब जब यह ताजा हो। शतावरी मुख्य रूप से वसंत के मौसम में पाया जाता है और किसी भी खाद्य पदार्थ को ताजा-ताजा खाना बेहतर होता है। वे संचित कर के भी रखे हुए होते हैं, लेकिन वे सर्दी की वजह से पीले और लकड़ी के रंग में बदल जाते हैं।

  • चूंकि सर्दियों में अन्य तमाम तरह की ताजी हरी सब्जियां उपलब्ध होती हैं, इसलिए शतावरी के बजाय अन्य सब्जियां जैसे केल, ब्रोकोली, लीक आदि का सेवन करना बेहतर होता है।

5. डेयरी उत्पाद

दुग्ध उत्पाद जैसे दूध, मलाई के अन्य रूपों जैसे घी, पनीर आदि बहुत फायदेमंद होते हैं, लेकिन सर्दियों में दूध या क्रीम का सेवन वास्तव में आपको नुकसान पहुंचा सकता है। दूध आपके शरीर में कफ पैदा कर सकता है और पहले से मौजूद कफ को और भी गाढ़ा कर सकता है जो सर्दियों में आपको परेशान कर सकता है और ठण्ड तथा जलन और गले में खराश भी पैदा कर सकता है। इसलिए, सर्दियों में डेयरी उत्पादों से बचना ज्यादा बेहतर है।

सर्दियों में दूध लेने के कुछ स्वस्थ्य तरीके (Some Healthy Ways to take Milk in Winters)

हमने दूध का सेवन करने और सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए कुछ स्वस्थ व्यंजन और तरीकों के बारे में चर्चा की हैं।

  • करक्यूमिन (हल्दी) दूध

एक चम्मच करक्यूमिन और 1 कप पानी को मिलाकर इस मिश्रण को तब तक उबालें जब तक कि यह आधा न हो जाए और इसमें अपने स्वाद अनुसार थोड़ा सा गुड़ मिला लीजिये। एक बार जब यह मिश्रण आधा हो जाये तो आंच को बंद कर दें और उसे ठंडा होने दें। अब एक गिलास उबला हुआ दूध लें और इसे ठंडे किए हुए करक्यूमिन मिश्रण में मिलाएं। इसे गर्म परोसा जाना चाहिए। करक्यूमिन में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो कफ को कम करते हैं और प्रतिरक्षा को बढ़ाते हैं।

  • खजूर और दूध

खजूर के साथ एक गिलास दूध उबालें और उन्हें गर्मागरम परोसें। खजूर को सुपरफूड माना जाता है और इनमें प्राकृतिक शर्करा की उपस्थिति हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद ही अच्छी होती है। खजूर में भरपूर मात्रा में आयरन होता है जो हमारे लिए बहुत ही अच्छा होता है।

  • केसर वाला दूध

एक गिलास दूध और केसर के 4 से 5 तार मिला कर इस मिश्रण को तब तक उबालें जब तक कि यह पीले रंग का न हो जाए। अगर ज़रूरत हो तो इस मिश्रण में कुछ नट्स और शहद मिला लें और इसे गर्मा-गर्म परोसें। केसर में पिक्रोक्रोसिन और डी-ग्लूकोज होता है जो केसर को गर्म बनाता है और सर्दियों में ठंड और किसी भी प्रकार के फंगल को बढ़ने से रोकने में मदद करता है।

निष्कर्ष

यदि सही से खाया जाये, तो यही खाद्य पदार्थ वरदान में बदल जाते हैं और अगर आप इससे अनभिज्ञ हैं तो तो यह आपको समस्या में भी डाल सकते हैं। हमने आपके लिए सबसे सामान्य खाद्य पदार्थ और खाने की आदतों को विकल्पों के साथ बताया है। अपने आहार में इन सामान्य बदलाव को आजमायें और सर्दियों में स्वस्थ्य और तंदुरस्त रहें। हर बार हमें डॉक्टर या दवा की ही आवश्यकता नहीं पड़ती, कभी-कभी अपने आहार में थोड़ा सा बदलाव कर के, हम स्वस्थ्य जीवन जी सकते हैं। हमारा मुख्य लक्ष्य आपको स्वस्थ बनाना है क्योंकि यह बहुत खूब कहा गया है "स्वास्थ्य ही धन है"। इसलिए, स्वस्थ रहें और खुशहाल जिंदगी जियें।