जानें, रात में भूखे पेट सोने से क्या होता है (Know What Happens if We Stay Hungry at Night)

रात का भोजन हमारे शारीरिक प्रणाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण रोल अदा करता है, अगर हम इसे टालते हैं या नजरअंदाज करते हैं, तो हमें गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझना पड़ सकता है और रात की नींद भी ख़राब हो सकती है। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि अपने रोजमर्रा के काम करने में भी हम उतने उत्साही नहीं रहेंगे। दिन का भोजन टालने और रात का भोजन टालने में अंतर होता है। वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध हो चुका है कि रात का भोजन टालने की वजह से रात्रिकालीन में शरीर की बहाली प्रक्रिया बाधित हो सकती है जो गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों को आमंत्रित करती है, इसलिए रात का भोजन टालना कोई समझदारी वाला फैसला नहीं है।

भारतीय मान्यताओं के अनुसार, यह विशेष रूप से कहा गया है कि सप्ताह में एक दिन व्रत करना चाहिए लेकिन रात में यह महत्त्वपूर्ण है कि सोने जाने से पहले कुछ खा कर ही सोना चाहिए।

हमें रात का भोजन नहीं छोड़ना चाहिए, क्यों/ रात का भोजन नहीं करने के 9 नुकसान (9 Reasons Why We Should Not Avoid Eating at Night/ Disadvantages of Skipping Night Meal)

आइये एक नजर डालते हैं रात का भोजन नजरअंदाज करने के परिणाम के बारे में:

1. वजन बढ़ा सकता है, भूख (Hunger can Increase Your Weight)

अगर हम रात का खाना टालते हैं, हम सुबह भूखे ही उठेंगे और ये आपको जंक फ़ूड खाने की तरफ प्रेरित करेगा और ऐसा बार-बार होगा, नतीजन ज्यादा तेल, वसा, आदि युक्त भोजन करने की वजह से आपका वजन बढ़ने लगेगा। ये बिंदु आपको समझायेंगे रात का भोजन टालने के विपरीत परिणामों के बारे में:

  • जब हम भूखे होते हैं तो हमारे पेट से घ्रेलिन हॉरमोन (जिसे भूख हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है) उत्पन्न होते हैं और अगर भूख हार्मोन भारी मात्रा में निकलते हैं तो हमारा शरीर आवश्यकता से अधिक भोजन का सेवन कर सकता है।
  • अगर हम अपना रात का भोजन टाल देते हैं तो इसका मतलब है कि 7-12 घंटे में हमारा शरीर घ्रेलिन की अधिक मात्रा छोड़ देगा और हम भूखे ही उठ जायेंगे।
  • सामान्य तौर पर अगर हम रात में खाने से बचते हैं, तो हम भूखे ही उठते हैं या फिर देर रात नींद खुल जाएगी, हम भोजन के लिए तरस उठते हैं और उस समय हमें जो कुछ भी मिलेगा वह हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा हो या बुरा हम खा लेते है।

2. देर रात तेज पेट दर्द होना (Sharp Stomach Pain at late Night)

भूखे पेट सोने से रात में पाचन ग्रंथियों के खराब प्रदर्शन के कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दर्द हो सकता है। इस दर्द के कारण, हमारी नींद में गड़बड़ी तो होगी ही और तो और हमारा पाचन तंत्र और अन्य आंतरिक अंग रात में कायाकल्प प्रक्रिया को भी धीमा कर देंगे।

  • भूख से होने वाले इस दर्द को हंगर पैंग्स भी कहा जाता है। एक खाली पेट मजबूत संकुचन पैदा कर सकता है और पेट में तेज दर्द के पीछे यही कारण है कि हम अपना भोजन छोड़ते हैं।
  • हमारा शरीर एक नियमित अंतराल पर एक निश्चित मात्रा में भोजन करने का आदि होता है और यदि हम किसी भी एक वक़्त के भोजन को छोड़ते हैं तो यह हमें पेट दर्द पैदा कर देगा।

3. इंसुलिन स्राव की दर कम होना (Low Rate of Insulin Secretion)

नियमित तौर पर भोजन को टालने की वजह से शरीर में इंसुलिन स्राव की दर कम हो जाती है, सुबह के वक़्त शरीर में इन्सुलिन की सामान्य दर तक़रीबन 25 mIU/L होती है (जब हम कोई भी भोजन नहीं किये होते हैं) और ग्लूकोज लेने के बाद आखिरी चरण तक़रीबन 16-166 mIU/L होता है, मैंने इस बारे में थोड़ी और विस्तार से चर्चा की है:

  • भोजन टालने से इंसुलिन स्राव की दर कम हो सकती है और शरीर एक गंभीर स्थिति में जा सकता हैं जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है।
  • हाइपोग्लाइसीमिया वह स्थिति है, जब हमारे शरीर में शुगर का स्तर कम हो जाता है।
  • कम इंसुलिन की वजह से चक्कर आना, सिरदर्द और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
  • रात के खाने को टालने की वजह से, ग्लूकोज का स्तर गड़बड़ हो जाएगा और अचानक इसमें कमी या बढ़ोतरी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है।

4. मांसपेशियों का वजन घटना (Losing Muscular Mass)

जब हम सोते हैं तो हमारा पूरा शरीर मरम्मत प्रक्रिया में होता है मगर इस दौरान इसे इंधन यानी की भोजन चाहिए होता है लेकिन अगर हम रात का भोजन टाल दते हैं, तो इस परिस्थिति में हमारे शरीर की मरम्मत प्रक्रिया धीमी हो जाती है। अगर हम अपने भोजन को टाल कर अपने कैलोरी सेवन को कम करने की कोशिश करते हैं, तो निश्चित रूप से हमारे मांसपेशियां घटने लगती है क्योंकि रात के वक़्त शरीर में मस्कुलर फैट का निर्माण होता है और अगर रात में उचित भोजन नहीं लेते हैं तो इसकी वजह से हमारे शरीर की मरम्मत प्रक्रिया प्रभावित होती है और मांसपेशियों भी घटती हैं। फिटनेस के शौक़ीन या सभी सामान्य लोगों के लिए भी रातोरात मांसपेशियों का कम होना अच्छी बात नही है।

5. मानसिक अशांति (Mood Disorder)

मानसिक अशांति या फिर मन का अचानक से बदलना भी काफी हद तक भोजन छोड़ने की वजह से होता है। असल में भूख हमें चिड़चिड़ा बना देती है और यही वजह है की अचानक ही हमारा मन अशांत हो जाता है। आइये एक नजर डालते हैं उन तथ्यों पर जिनका असर भोजन टालने की वजह से आपकी मनः स्थिति पर पड़ता है:

  • मन का बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है, जब हम किसी भी तरह के तनाव से जूझ रहे होते हैं तब और यह तनाव हमारी भूख को मारता है और भूख की वजह से हम चिड़चिड़े और गुस्सैल होने लगते हैं।
  • भोजन और मनः स्थिती के बीच एक बहुत ही गहरा सम्बन्ध होता है, अगर हम किसी भी वक़्त का भोजन टालते हैं तो यह सीधे तौर पर हमारे मानसिक स्थिति को प्रभावित करता है।

6. सुस्त और थका हुआ शरीर (Lethargic and Fatigued body)

रात के भोजन को टालने की वजह से आप काफी सुस्त होने लगते हैं और आपका उर्जा स्तर कम होने लगता है और सारा दिन थके-थके से रहते है भले ही आपने सुबह का नाश्ता किया हो। अगले दिन के लिए हमारे शरीर के उर्जा स्तर को बनाये रखने में रात का भोजन काफी महत्वपूर्ण रोल अदा करता है लेकिन अगर आप रात का खाना टाल देते हैं तो, यह आपके पूरे दिन को प्रभावित करता है।

कितना भी भारी भरकम नाश्ता कर लीजिये लेकिन आप बाकी के अन्य दिनों की तरह उस रोज ज्यादा उत्साह में नहीं रहते हैं जब रात का भोजन टालते हैं। मान लीजिये कि हम अपने दिन की शुरुवात कम उर्जा के साथ करते है तो इसका असर हमारे रोजमर्रा के काम पर पड़ेगा। अगर हम सारा वक़्त थके-थके से ही महसूस करेंगे तो हम अपने दिन भर के कार्यप्रणाली पर कैसे ध्यान केन्द्रित कर पायेंगे, इसलिए रात का भोजन टालने पर आपको इस तरह के प्रतिकूल परिणाम मिल सकते है।

7. नींद में बाधा (Sleep Cycle Breakdown)

रात का भोजन टालने की वजह से नींद भी प्रभवित होती है, हम हमेशा की तरह एक अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं। भूख आपको सुबह जल्दी या फिर रात में भी उठा सकती है।

  • लम्बे वक़्त तक भूखे रहने की वजह से हमारे रोजमर्रा के काम में बाधा पहुँचती है, नतीजन हम उचित नीद ले पाने में सक्षम नहीं हो पाते हैं।
  • अगर हम कम सोते हैं तो हमारा अगला दिन प्रभावित होता है और हमे अपने रोज के काम करने में परेशानी होती है। हमेशा से इस बात की सलाह दी जाती है कि पहले खाओ और फिर सोओ क्योंकि जब हम सोते हैं हमारे शरीर को आतंरिक मरम्मत के लिए ऊर्जा और कैलोरी की आवश्यकता होती है।
  • रात का भोजन टालने की वजह से हम कई-कई बार आधी रात को ही जग जाते हैं, जो कि अच्छी बात नहीं होती है।

8. मीठा खाने का आदि बनना (Turning in a Sweet Tooth Person)

रात का भोजन टालने की वजह से हम मीठे खाद्य पदार्थों की तरफ आकर्षित होते हैं। ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन हमारा वजन बढ़ा सकता है, हमारे शरीर का सुगर स्तर भी इसकी वजह से बढ़ सकता है और लम्बे समय तक मीठी चीजों के सेवन से त्वचा संबंधी समस्या भी आ सकती है।

  • मीठा भोजन खाना अच्छा है मगर अत्यधिक मीठा खाना स्वास्थ्य के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है जैसे अचानक से सुगर का स्तर बढ़ जाना, वजन बढ़ना, कोलेस्ट्रोल स्तर भी प्रभावित हो सकता है।
  • एक बार जब हम रात में मीठा खाद्य पदार्थ खाने के आदी हो जाते हैं तो यह धीरे-धीरे हमारी आदत में शुमार हो जाती है जो न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य को बल्कि त्वचा को भी प्रभावित करती है।
  • ज्यादा मात्रा में मीठा सेवन करने से हमें मुहासे और अन्य तरह की स्वास्थ्य एलर्जी की समस्या होने लगती है।

9. सुजन (Bloating)

जब कोई व्यक्ति लगातार अपना भोजन टालने लगता है तो उस परिस्थिति में सुजन होना एक सामान्य प्रक्रिया हो जाती है। सही से भोजन न लेने की वजह से पेट में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बनता है जो पेट में सुजन पैदा करता है।

  • सुजन की वजह से गैस और पाचन सम्बन्धी समस्या उत्पन्न होती है, रात का भोजन हमारे पाचन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण रोल अदा करता है और अगर हम इसे टालते हैं तो हमारा पाचन तंत्र प्रभावित होने की वजह से हम सुजन और गैस की समस्या का सामना करते हैं।
  • आपको रात का भोजन टालने की वजह से होने वाली तमाम तरह की समस्याओं के लिए एक बेहतर योजना बनानी पड़ेगी।

रात्रिकालीन भोजन को नियमित करने के लिए घरेलू उपाय (Remedial Solutions that can Regularize your Dinner Plan)

जैसा कि हमने देखा है रात का भोजन टालने से हमारे अन्दर सकारात्मक विचार की जगह ज्यादातर नकारात्मक विचार आने लगते हैं, आइये उन बिन्दुओं पर एक नजर डालते हैं जो रात के भोजन के लिए हमारी भूख को बढ़ाएंगे और यदि हम इसका नियमित रूप से पालन करते हैं, तो हम रात के खाने को छोड़ने की आदत से धीरे-धीरे छुटकारा पा सकते हैं:

1. उन आदतों की सूची बनाइये जो आपको रात का भोजन न करने पर मजबूर करते है (List out the Reasons that Makes you Skip Dinner)

वो कौन सी वजह है जो हमें रात का भोजन टालने की वजह देता है? यह बहुत ही जरूरी है कि हम उस वजह का पता लगायें ताकि हमारा रात का भोजन एक बार फिर से नियमित हो पाए। यहाँ दिए गए बिंदु आपको बताएँगे उस जड़ समस्या के बारे में जो आपको रात का खाना टालने की वजह बनते हैं:

  • रात के भोजन का समय, रात्रिकालीन भोजन टालने में एक मुख्य बिंदु हो सकता है।
  • देर रात घर आना भी रात का भोजन टालने की एक वजह हो सकती है।
  • कभी कभी, नियमित भोजन की प्रक्रिया को नहीं अपनाने की वजह से रात का भोजन टल जाया करता है।
  • यहाँ पर इसके अलावा और भी कई सारे वजह हो सकते हैं जो हमारे रात के भोजन के टालने की वजह हैं मगर महत्वपूर्ण ये हैं कि हमें इनको नजरअंदाज करना होगा तभी हम नियमित रूप से रात का भोजन कर पाएंगे।

2. अपने रात के भोजन में तमाम तरह के पौष्टिक आहार को शामिल करें (Include Various Nutritious Elements in your Dinner)

रात के भोजन को टालने की आदत से छुटकारा पाने के लिए आप अपने डिनर में कई स्वादिष्ट और नींद को बढ़ावा देने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। रात के खाने में क्या बना है? आज रात के खाने में क्या बनाया जाये? ये सभी सवाल एक आलसी वजह है जो रात के खाने को टालने का कारण बनते हैं, इसलिए यहाँ पर दिए गए ये तमाम बिंदु आपको रात के भोजन के महत्त्व को बताएँगे:

  • एक स्वादिष्ट रात्रिकालीन भोजन आपके स्वाद तंत्र को खोलता है और आपको रात का भोजन करने के लिए उकसाता है।
  • रात के भोजन में तरह-तरह के पोषक और स्वादिष्ट चीजों को मिलाने की कोशिश कीजिये और इसे रोजाना के तौर पर योजनाबद्ध कीजिये, ये स्वतः ही आपको रात का भोजन करने के लिए प्रेरित करेगा।
  • हम रात के भोजन में केला, शहद, टर्की का मीट, और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं जो नीद को बढ़ावा देते हैं, ये शरीर में मेलाटोनिन के स्तर को बढ़ता है और नियमित नींद लाने में मदद करता है।

3. हर पहर के भोजन को समय पर करने की आदत डालें (Make a Habit of Having Each Meal Timely)

जब आप बाकी सभी पहर का खाना समय पर खाते हैं तो यह आपको रात का खाना भी समय पर खाने में मदद करता हैं। मान लीजिये आपने दोपहर में 2 बजे खाना खाया और शाम को 5 बजे के करीब हल्का नाश्ता किया; यह निश्चित है कि आप शाम 7 या 8 बजे के करीब भूख महसूस करेंगे।

हमारा भोजन 3 चरण में बना होना चाहिए, यानी कि, नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना। हर एक चरण में हमारे शरीर को पोषण का इतना हिस्सा मिलना चाहिए जिससे शरीर उचित ढंग से अपना काम कर सके। इसलिए रात के भोजन को टालना हमारे शारीरिक कार्यप्रणाली में एक अवरोध हो सकता है, इसलिए अगर हर एक पहर का भोजन हम समय पर करते हैं तो यह प्रतिदिन के लिए हमारे रात के भोजन के समय को भी नियमित करता है।

4. प्रोटीन का सेवन (Intake of Protein)

औसतन एक पुरुष को प्रतिदिन के अनुसार 56 ग्राम प्रोटीन और एक महिला को प्रतिदिन 46 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता पड़ती है। रात के खाने में या दिनभर के किसी भी वक़्त के खाने के दौरान प्रोटीन युक्त भोजन करना हमारे चयापचय स्तर को बढ़ने में मदद करता है। आइये एक नजर डालते हैं प्रोटीन युक्त भोजन और रात के भोजन में आपस में किस तरह का सम्बन्ध है:

  • प्रोटीन एक पोषक तत्व है जो रात के भोजन को टालने से होने वाले हर नुकसान की भरपाई करता है, इसलिए प्रोटीन युक्त भोजन खाने का प्रयास किया करें।
  • प्रोटीन वह है जिसका सेवन आप अपने चयापचय स्तर को बरकरार रखने के लिए करते हैं और शरीर का तंत्र नियमित रूप से चलता रहे इसलिए।
  • रात के समय, हम प्रोटीन युक्त भोजन लेते हैं तो इससे अनियमित नींद या रात में शारीरिक गतिविधियों के मरम्मत में होने वाली रुकावट कम हो जाती है और इसी लिए चिकित्सकों द्वारा भी यह सलाह दी जाती है कि अपने भोजन में नियमित रूप से प्रोटीन को शामिल करना चाहिए।

5. जंक फ़ूड खाने की आदत को छोड़ें (Stop Habit of Keeping Junk Food)

यहाँ पर रात के खाने और जंक फ़ूड का बहुत ही गहरा सम्बन्ध है। रात के भोजन को टालने की वजह से कई बार हम जंक फ़ूड की तरफ आकर्षित होते हैं। आइये देखते हैं किस तरह से रात का भोजन टालने की वजह से हम जंक फ़ूड की तरफ आकर्षित होते हैं:

  • अगर आप अपने साथ सारा वक़्त जंक फ़ूड रखते हैं आप इसके लिए हमेशा आकर्षित रहेंगे बजाय एक स्वस्थ रात्रिकालीन भोजन के।
  • मान लीजिये अगर आपने रात का भोजन टाल दिया और आपने मन बना लिया है की रात में कुछ अस्वस्थ्य भोजन करने का जैसे की कुछ जंक फ़ूड, इस तरह का अस्वस्थय भोजन मुक्त किचन आपके स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर होता है और इससे आपको नियमित तौर पर रात का भोजन करने की आदत भी बनी रहती है।
  • पिज़्ज़ा, बर्गर,फ्रेंच फ्राइज,आदि ये सभी अस्वस्थ्य भोजन के तौर पर जाने जाते हैं क्योंकि इनमे संतृप्त वसा की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो हमारे चयापचय स्तर के लिए बेहद ही हानिकारक होती है, इन सभी चीजों का सेवन हमारा वजन भी बढ़ाता है।
  • संतृप्त वसा के सेवन से हमारे शरीर में कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ता है और एक बेहतर शारीरिक ढाँचे के लिए संतृप्त वसा का कम सेवन बेहद जरूरी है।
  • रेड मीट, मक्खन, नारियल तेल, पाम आयल में भी संतृप्त वसा पाया जाता है और इन सभी का रात के भोजन में खाद्य पदार्थ के रूप में सेवन करना हमारे पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है।

6. रात का भोजन करना का सर्वोत्तम समय (Best Time to Have Dinner)

दिन का आखिरी भोजन करने का सबसे बेहतर समय क्या हो सकता है? वैज्ञानिक रूप से बताया गया है कि शाम के 6 से 7 बजे तक हमें रात का भोजन कर लेना चाहिए। मगर रात्रिकालीन भोजन करने का सर्वोत्तम समय सोने से दो घंटे पहले का होता है। अगर आप 11 बजे सोते हैं तो आप अपना भोजन 9 बजे तक कर लें।

जब हम सोते हैं तो हमारा शरीर पुनःस्थापन की अवस्था में होता है, रात का भोजन करना बहुत ही आवश्यक होता है और रात का भोजन हमारे चयापचय स्तर को बढ़ने में मददगार होता है। इसलिए रात का भोजन करने का समय भी रात के भोजन करने जितना ही महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

जहाँ तक हमने देखा कि रात का भोजन टालना एक समझदारी वाला फैसला नहीं है, यह न केवल रात्रिकालीन में आपके शरीर के पुनःस्थापन प्रक्रिया को धीमा कर देता है बल्कि मानसिक थकावट और नींद प्रक्रिया में असमानता लाता है। रात में खाना नहीं खाने से वजन कम होने की कल्पना सच तो है मगर बहुत ही भयावह तरीके से। आखिर में, हम यह पाते हैं कि रात का भोजन टालना एक स्वस्थ्य शरीर के लिए बेहतर विचार नहीं है, एक निश्चित समय के अंतराल पर हमारे शरीर को उचित आहार चाहिए होता है और रात का भोजन उसी का हिस्सा है। इसलिए एक विचारगत रात्रिकालीन भोजन से, हम बुरी आदतों से बच सकते हैं।