बच्चों के लिये दिवाली

प्रकाश के त्यौहार के रुप में, दिवाली सभी बच्चों के लिये खुशी और आनन्द के क्षण लाता है। बच्चे पूरे साल इस महान त्यौहार के आने का इंतजार करते है। वे इसे मनाना बहुत पसन्द करते है क्योंकि वे इस दिन बहुत मस्ती करते है। जब यह आने के करीब होता है, वे पहले से ही अपने माता-पिता से घर पर पूजा के लिये भगवान की मूर्ति, पूजा की वस्तुएँ, पटाखे, मीठे व्यंजन बनाने, उपहार और कपङे खरीदने, घर के रुप को नवीनीकृत करने और अन्य चीजें करने के लिये कहते है जो पिछले वर्ष की गयी थी। वे अपने दादा-दादी, नाना-नानी, और घर के अन्य सदस्यों से दिवाली की कहानी सुनाने के लिये अनुरोध करते है, क्योंकि उन्हें दिवाली की कहानी सुनना बहुत अच्छा लगता है। वे कक्षाओं में अपने मित्रों से दिवाली की तैयारी, जश्न और अन्य चीजों के बारे में चर्चा करते है। वे मोबाइल या पोस्ट के माध्यम से पूरी दुनिया में अपने प्रियजनों को संदेश, बधाई और उपहार भेजते हैं।

वे पिछले वर्ष से भी ज्यादा महान और यादगार पलों को बनाने के लिये दिवाली का बहुत उत्साह और साहस के साथ इंतजार करते है। वे रंगोली बनाना, घर की साफ-सफाई में भाग लेना, खरीददारी के लिये बाजार जाना और घर की अन्य जिम्मेदारियों को लेना सीखते है। वे घर अपनी पसंदीदा चीजें जैसे टी0वी0, संगीत थियेटर, लैपटॉप, साइकिल, खिलौने, फ्रिज, कपङे धोने की मशीन, घर की सजावट का समान, पटाखे आदि लाने के लिये बहुत उत्साहित होते है।

दिवाली पर बच्चों के लिये गतिविधियाँ

भारत में बच्चों के लिये दिवाली पर करने के लिये बहुत सारी गतिविधियाँ है। सभी घरों के बच्चें एक दूसरे के साथ धार्मिक खेल खेलकर, दिवाली कार्यक्रम की तैयारी करके एक साथ उत्सव मनाते है। वे दिवाली उत्सव की तैयारी करते समय घर की विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते है। वे दिवाली के मौसम के दौरान उत्सव का पूरा आनन्द लेने के लिये और अधिक चीजों के बारे में जानने के लिये उत्सुक रहते है।

बच्चों के लिये मस्ती की क्रियाऍ:

खेल:

बच्चें दिवाली के त्यौहार पर अपने मित्रों और परिवार के साथ अलग-अलग किस्मों के खेल खेलकर त्यौहार का आनन्द लेते है। वे आमतौर पर छुपन-छुपाई, पासिंग बक, ड्रम चारदेस, वर्ड स्क्रैंबलेर, म्यूजिकल चेयर और अन्य बहुत से इनडोर खेलों के साथ ही आउटडोर खेल खेलकर मस्ती करते है। इस महान अवसर पर वे अतिरिक्त-पाठ्योत्तर गतिविधियों में शामिल होकर अपने मित्रों के साथ और भी अधिक घुल-मिल जाते है। वे विभिन्न खेलों को खेलने के साथ ही अपने परिवार वालों और मित्रों के साथ और भी अधिक समय व्यतीत करते है।

पटाखे:

बच्चें दिवाली पर शाम के समय अपने मित्रों और परिवार वालों के साथ पटाखे जलाने का आनन्द लेते है। वे पटाखे अपने माता-पिता की देखरेख में जलाते है क्योंकि उन के साथ कोई नुकसान या दुर्घटना हो सकती है। वे पटाखे जलाने से पहले अपने बडों से सुरक्षा के उपाय जानते है कि पटाखों को कैसे जलाया जाये और खुद को कैसे बचाया जाये।

दिवाली के व्यंजन:

वे दिवाली पर माँ के द्वारा घर पर विभिन्न प्रकार के भोजन बनाने, मिठाई बनाने और अन्य व्यंजन बनाने का इंतजार करते है। अपने परिवार औऱ मित्रों सहित वे स्वादिष्ट नाश्ता, दोपहर के भोजन के साथ ही साथ रात के भोजन में लिप्त रहते है। उन्हें अपनी सबसे अधिक पसन्द की मिठाई की तैयारी में शामिल होने के लिये प्रोत्साहित किया जाता है। यह त्यौहार सभी बच्चों को अपने माता पिता से कुछ सीखने के लिए एक अनमोल क्षण प्रदान करता है।

साफ-सफाई औऱ सजावट की गतिविधियाँ:

बच्चें अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर की साफ-सफाई और सजावट की गतिविधियों में बहुत उत्साह के साथ शामिल होते है। दिवाली बच्चों को बहुत सारी चीजें जैसे; रंगोली बनाना, घर की सजावट करना, उपहार देना, नये दोस्त बनाना, नये व्यंजन बनाना, परंपरागत और सांस्कृतिक क्रियाएँ करना, बडों का सम्मान करना आदि को सीखाने के बहुत सारे अवसर लाती है।

हस्तशिल्प बनाना:

बच्चें अपने घर पर या कक्षा में अपने मित्रों और परिवार वालों के साथ दिवाली से सम्बन्धित हस्तशिल्प बनाने का आनंद लेते है। दिवाली से सम्बन्धित कुछ हस्तशिल्प दीयें, मालायें, मोमबत्ती और घर की सजावट की वस्तुएँ आदि हैं। वे अपने शिक्षकों और माता-पिता से आकर्षक हस्तशिल्प सीखने के लिये बहुत उत्सुक होते है।

बच्चों के लिये दिवाली पर निबंध:

दिवाली निबंध-1

भारत प्रत्येक साल सबसे ज्यादा त्यौहार मनाने वाला देश है, जहाँ सभी धर्मों के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुसार विभिन्न त्यौहारों को मनाते है। पूरा निबंध पढें.........

दिवाली निबंध-2

भारत एक महान देश है जिसे त्यौहारों की भूमि के नाम से भी जाना जाता है। सबसे ज्यादा प्रसिद्ध और मनाया जाने वाला त्यौहार दिवाली या दिपावली है जो हर साल दशहरे के त्यौहार के 20 दिन बाद अक्टूबर या नवम्बर के महीने में पडता है। पूरा निबंध पढें.........

दिवाली निबंध-3

दिवाली हिन्दू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह इसे मनाने के बहुत सारे रीति-रिवाज, परंपराएँ और सांस्कृतिक विश्वास रखता है। पूरा निबंध पढें.........

दिवाली निबंध-4

दिवाली हिन्दूओं का वार्षिक त्यौहार है जो अक्टूबर और नवम्बर के महीने में पडता है। इसे मनाने के पीछे बहुत से धार्मिक और सांस्कृतिक विश्वास है। पूरा निबंध पढें.........

दिवाली निबंध-5

दिवाली का त्यौहार प्रकाश के त्यौहार के रुप में भी जाना जाता है जो इसे मनाने के पीछे बहुत सारे सांस्कृतिक विश्वास लाता है। यह जैन, सिख, और हिन्दू धर्म के लोगों के लिये बहुत महत्व रखता है। पूरा निबंध पढें.........

दिवाली निबंध-6

दिवाली भारत का सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध त्यौहार है जो हर साल पूरे देश के साथ-साथ देश के बाहर भी मनाया जाता है। पूरा निबंध पढें.........

बच्चों के लिये दिवाली के तथ्य

बच्चों के लिये दिवाली पर मस्ती के तथ्य:

  • कई देशों जैसे: भारत, नेपाल, सूरीनाम, म्यांमार, मॉरिशस, त्रिनिदाद और टोबैगो, सिंगापुर, गुयाना, श्रीलंका, मलेशिया और फिजी में यह एक राष्ट्रीय छुट्टी है।
  • यह भारत के व्यापारियों के लिए नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत है।
  • दीवाली भारत में सर्दियों के फसल के मौसम की शुरुआत के साथ ही गर्मी की फसल के मौसम के अंत का संकेत है।

 

 

दिवाली के कुछ धार्मिक तथ्य

  • दीवाली पांच दिनों तक मनाये जाने वाला त्यौहार है, इसे रोशनी के त्यौहार के रूप में जाना जाता है।
  • दीवाली के त्यौहार पर मिट्टी के दीये तेल के साथ प्रज्जवलित करने की परंपरा है।
  • इस साल मुख्य दीवाली 3 नवंबर को मनायी जायेगी।
  • यह हिंदू अनुष्ठान है कि पूरी रात दीपक, मोमबत्ती या अन्य बिजली की रोशनी आदि का प्रकाश करने व्यवस्था दिल से समृद्धि का स्वागत करने के लिए की जाती है।
  • दीवाली अंधेरे को हटाने और हमारे जीवन में प्रकाश और आशीर्वाद के समावेश का संकेतक है।
  • यह बरसात के मौसम के बाद नए मौसम के आने का भी संकेत है।
  • लोग दरवाजों पर विभिन्न रंगों का प्रयोग करके रंगोली बनाते है, नए कपङे पहनते है, घर के दरवाजे और खिडकियॉ खोलते है और धन और समृद्धि का स्वागत करने के लिये पूरी रात दीये जलाते है।