"समय" एक ऐसी चीज है जो भिखारी को राजा और राजा को भिखारी बना सकती है। समय सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसके आगे दूसरे हथियार बेकार हैं। समय एक सामान्य शब्द लगता है लेकिन इसके महत्व को समझना बहुत मुश्किल है। एक सफल और असफल व्यक्ति के बीच समय की…
समय की पाबंदी का अर्थ एक व्यक्ति के लिए निश्चित समय पर कार्य करना या दिए हुए समय पर किसी भी कार्य को पूरा करना है। एक व्यक्ति, जो हमेशा अपने कार्य को समय पर पूरा करता है, उसे समय का पाबंद या समयनिष्ठ कहते हैं। समय का पाबंद होना…
ईमानदारी का अर्थ जीवन के सभी आयामों में एक व्यक्ति के लिए सच्चा होना है। इसके अन्तर्गत किसी से भी झूठ न बोलना, कभी किसी को भी बुरी आदतों या व्यवहार से तकलीफ नहीं देना शामिल है। ईमानदार व्यक्ति कभी भी उन गतिविधियों में शामिल नहीं होता, जो नैतिक रुप…
हमारे वेबसाइट पर रिश्तों से संबंधित विभिन्न निबंध उपलब्ध है। यह निबंध पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के बच्चों के विषयों को ध्यान में रखते हुए तैयार किये गये हैं। इन निबंधों के माध्यम से हमने माता, पिता, दोस्ती, शिक्षक, दादा-दादी जैसे विभिन्न रिश्तों की महत्ता को समझाने…
माँ से बेहतर किसी को भी नहीं माना जा सकता है, उसके प्यार और देख-रेख को। "खुदा का दूसरा रूप है माँ ममता की गहरी झील है माँ वो घर किसी जन्नत से कम नहीं जिस घर मे खुदा की तरह पूजी जाती है माँ" [googleaddsfull status="1"] माँ पर छोटे…
प्रत्येक व्यक्ति अपने नज़र में हीरो होता है और संपूर्ण होता है। हर इंसान को ईश्वर ने खास बनाया है। लेकिन जब हम किसी से पहली बार मिलते हैं, तो वो हमें जानने के लिए हमसे हमारे बारे में ही पूछता है। अक्सर स्कूल-कॉलेज आदि में जब हमारा पहला दिन…
“कहि रहीम संपति सगे, बनत बहुत बहु रीति। बिपति-कसौटी जे कसे, सोई सांचे मीत।” सुविख्यात कवि रहिमदास द्वारा रचित यह दोहा हम सब ने अपने किताबों में पढ़ा है। इस दोहे के माध्यम से कवि हम से कहता है, जब व्यक्ति के पास संपत्ति होता है तब उसके अनेक सगे-संबंधी…
हमारे वेबसाइट पर महान व्यक्तियों से संबंधित कई सारे निबंध उपलब्ध है। ये निबंध पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के बच्चों के विषयों को ध्यान में रखते हुए तैयार किये गये हैं। इन निबंधों के माध्यम से हमने महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, जवाहर लाल नेहरु, डॉ सर्वपल्ली…
मदर टेरेसा एक महान महिला और “एक महिला, एक मिशन” के रुप में थी जिन्होंने दुनिया बदलने के लिये एक बड़ा कदम उठाया था। उनका जन्म मेसेडोनिया में 26 अगस्त 1910 में अग्नेसे गोंकशे बोजशियु के नाम से हुआ था। 18 वर्ष की उम्र में वो कोलकाता आयी थी और…
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान व्यक्ति और प्रसिद्ध शिक्षक थे। इनकी विद्वता के कारण ये स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति चुने गये थे। वो एक व्यापक दृष्टीकोण वाले नियमों और सिद्धान्तों को मानने वाले व्यक्ति थे जिन्होंने भारत के प्रमुख कार्यकारी की भूमिका का निर्वहन किया। वो देश की एक महान…