Events

डॉ अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिवस

डॉ अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिवस 2021

डॉ अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिवस 2021 में सोमवार, 6 दिसम्बर को मनाया जायेगा। इस साल 66वां डॉ अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिवस (पुण्यतिथि) मनाया जायेगा।

अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिवस 2019 विशेष

डॉ अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उनकी मूर्तियों कि सफाई की जा रही है और विभिन्न पार्कों में मौजूद उनके मूर्तियों के पास कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।

चैत्य भूमि मुम्बई में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे जो डॉ अम्बेडकर का विश्राम स्थल था और जहां उनकी समाधि भी है। महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने डॉ अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर, होने वाली तैयारियों को लेकर BMC, BEST और मुम्बई पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, श्री उद्धव ठाकरे को इस बैठक में शामिल न होने के लिए विपक्ष द्वारा कड़ी निंदा का शिकार होना पड़ा।

दादर के शिवाजी पार्क में मौजूद चैत्य भूमि पर आने वाले भक्तों के लिए, बहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन (BEST) ने खास बंदोबस्त कराए हैं। बंदोबस्त के लिये दिया जाने वाले वार्षिक बजट कोश को BEST द्वारा 10 लाख से बढ़ा कर 15 लाख कर दिया गया है। इस बार 292 अतिरिक्त लैंप चैत्य भूमि के शिवाजी पार्क और अन्य जगहों पर लगाए जाएंगे और 2 जनरेटरों कि भी व्यवस्था की गई है ताकी बिजली के जाने कि समस्या से निजात पाया जा सके।

आने वाले लाखों भक्तों के लिए, 5 दिसंबर से 7 दिसंबर कि शाम तक, दादर एवं चैत्य भूमि के बीच 40 से जादा बसों कि व्यवस्था कि गई है।

महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर, अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु देश के कोने-कोने से लाखों समर्थकों का चैत्य भूमि आने कि उम्मीद कि जा रही है। सेंट्रल रेलवे ने समर्थकों के लिए 12 खास ट्रेन चलाई हैं। कार्यक्रम देखने के लिए लोग दो-तीन दिन पहले से ही आने लगे हैं और लोगों की सुविधा हेतु बड़े पैमाने पर रहने कि व्यवस्था एवं अन्य बंदोबस्त किए गये हैं।

2019 के 64वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर, भारत सरकार ने देश के कई कोनों से मुम्बई के लिए विशेष ट्रेनें चलाई गईं हैं, जो CSMT को नागपुर, सोलापुर, अजनी, सेवाग्राम और अन्य शहरों को आपस में जोड़ेगी।

समर्थकों के लिए चलाई गयी 14 खास ट्रेनों में से 3 नागपुर से CSMT के बीच चलेंगी, 6 CSMT/ दादर से सेवाग्राम/ अजनी/ नागपुर के बीच, 2 सोलापुर से CSMT के बीच, 2 अदीलाबाद और दादर के बीच, और अजनी एवं CSMT के बीच चलाई गई हैं।

2018 में आयोजित किये गये विशेष कार्यक्रम

इस विशेष पर्व को देखते हुए काफी समय पूर्व से ही तैयारियां शुरु कर दी गयी थीं। इस दिन इंदौर में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर युवा समिति द्वारा नेहरू नगर स्थित अंबेडकर वाचनालय में में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजें बाबा साहब अंबेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। जिसके बाद बाबा साहब के विचारों पर चर्चा करने के लिए भाषण सभा भी आयोजित की गई थी।

  • अंबेडकर फाउंडेशन के कार्यक्रम में शामिल हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री

6 दिसंबर के अवसर पर नई दिल्ली स्थित संसद भवन में अंबेडकर फाउंडेशन द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा संसद भवन में स्थित बाबा साहब की प्रतिमा का माल्यार्पण करके किया गया, इस कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति वैकेंया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अन्य कई विशिष्ट नेतागण भी मौजूद रहे।

  • महापरिनिर्वाण दिवस पर समाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आगे बढ़ने का दिन

आजादी के इतने साल बाद भी देश में अनुसूचित जातियों व जनजातियों के जीवन में कोई विशेष सुधार नही आया है। यह वह तबका है जो देश की आबादी का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा है, हालांकि सरकार द्वारा इन्हें लाभवानित करने के लिए कई सारी योजनाए चलायी जाती है क्योंकि बिना सबको समान आधार पर लाये देश की तरक्की संभव नही है और वास्तव में बाबा साहब अंबेडकर का भी यहीं सपना था।

इसी कार्य के लिए सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों व जनजातियों के लिए चलायीं जा रही कुछ विशेष योजनाए निम्नलिखित हैः

1) स्टैंड अप इंडिया

इस योजना का शुभआरंभ 5 अप्रैल 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। इसके अंतर्गत अनुसूचित जातियों व जनजातियों और महिलाओं के लिए 10 लाख से लेकर 1 करोड़ तक का लोन प्रदान किया जाता है।

2) उद्यम पूंजी योजना

अनुसूचित जाति के लिए उद्यम पूंजी निधि द्वारा उद्यम कार्यों के लिए 81 कंपनियों द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।

इसके अलावा उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य कई ऐसी योजनाएं है, जो गरीबों और पिछड़ों के कल्याण के लिए चलायी जा रही है। जिनके द्वारा अनुसूचित जातियों व जनजातियों तथा गरीब व निर्धन लोगों को सरकार द्वारा विशेष सुविधाएं मुहैया करायी जाती है।

  • बाबा साहब से जुड़े पंचतीर्थ स्थान

इसके साथ ही सरकार द्वारा बाबा साहब के जीवन से जुड़े हुए पांच महत्वपूर्ण स्थानों को तीर्थ स्थल के रुप में विकसित करने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। ताकि आने वाली पीढ़ी भी बाबा साहब के संघर्षों और देश निर्माण में उनके दिये गये योगदान के विषय में जान सके।

  1. महू, मध्य प्रदेश उनका जन्म स्थान
  2. लंदन यू.के. में अध्ययन के दौरान उनका निवास स्थान
  3. दीक्षा भूमि, नागपुर वह स्थान जहां उन्होंने बौद्ध धर्म की दिक्षा ली
  4. चैत्य भूमि, मुबंई में स्थित उनका स्मारक
  5. महापरिनिर्वाण स्थल, दिल्ली जहां उनका परिनिर्वाण हुआ

बाबासाहेब अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिन

डॉ भीमराव रामजी अम्बेडकर की मृत्यु 6 दिसम्बर 1956 को हुई थी यही कारण है कि डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिन या पुण्यतिथि हर साल उन्हें 6 दिसम्बर को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिये मनाया जाता है। उन्हें, "भारतीय संविधान का जनक" कहा जाता है। भारत के लोग सुंदर ढंग से सजायी गयी प्रतिमा पर फूल, माला, दीपक और मोमबत्ती जलाकर और साहित्य की भेंट करके उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। इस दिन लोगों की बड़ी भीड़ उन्हें सम्मान और आदर देने के लिये सुबह संसद भवन परिसर में आती है और एक सबसे प्रसिद्ध नारा "बाबा साहेब अमर रहें" लगाते हैं। इस अवसर पर बौद्ध भिक्षु सहित कुछ लोग कई पवित्र गीत भी गाते हैं।

देश भर से लोगों की एक बड़ी भीड़ भारत के संविधान के महान वास्तुकार, डॉ बाबासाहेब अंबेडकर के लिए श्रद्धा अर्पण करने के लिए दादर में "चैत्य भूमि" (डॉ अम्बेडकर के स्मारक) पर जमा हो जाते हैं। सभी तरह की सुविधाएं जैसे शौचालय, पानी के टैंकर, वाशिंग कमरे, फायर स्टेशन, टेलीफोन केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, आरक्षण काउंटर आदि लोगों को आसानी से चैत्य भूमि पर इस दिन पर उपलब्ध हो जाती है।

उनके बेटे की पत्नी (पुत्र-वधू) मीरा ताई अम्बेडकर द्वारा 5 दिसंबर को आधी रात को समता सैनिक दल सलाम लिया जाता है। सलामी देने के बाद, उनकी शिक्षाओं को सस्वर पढ़ा जाता है और फिर स्तूप फाटक सभी के लिए खोल दिया जाता है।

डॉ अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिवस क्यों मनाया जाता है?

डॉ अम्बेडकर महापरिनिर्वाण दिवस हर साल देश के प्रति डॉ भीमराव अम्बेडकर के महान योगदान को मनाने के लिए नगर निगम और अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए राज्य सरकार के कर्मचारियों के संघ द्वारा एक समारोह का आयोजन करके मनाया जाता है। उनके महान प्रयास ने देश को एकजुट रखने में बहुत मदद की है। डॉ भीमराव अम्बेडकर द्वारा लिखित भारत का संविधान अभी भी देश का मार्गदर्शन कर रहा है और आज भी ये कई संकटों के दौरान सुरक्षित रूप से बाहर उभरने में मदद कर रहा है।

भारत सरकार द्वारा डॉ अंबेडकर फाउंडेशन (वर्ष 1992 में मार्च 24 को) स्थापित किया गया, ताकि पूरे देश में लोग सामाजिक न्याय का संदेश प्राप्त कर सकें।

डॉ अंबेडकर फाउंडेशन द्वारा प्रदर्शन की जाने वाली गतिविधियॉं

डॉ अंबेडकर फाउंडेशन द्वारा निम्नलिखित गतिविधियॉं की गयी है:

> जनपथ पर डॉ अम्बेडकर नेशनल पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना।

> हिन्दी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं में डॉ बी आर अम्बेडकर के कामों के व्याख्यान को उपलब्ध करा रहें हैं।

> डॉ अंबेडकर के जीवन के मिशन के साथ ही विभिन्न सम्मेलनों, कार्यशालाओं, प्रदर्शनियों, व्याख्यान, सेमिनार, संगोष्ठी और मेलों का आयोजन।

> समाज के कमजोर वर्ग के लिए डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार और सामाजिक परिवर्तन के लिए डॉ अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार देना।

> हर साल डॉ अम्बेडकर की 14 अप्रैल को जन्मोत्सव और 6 दिसंबर पर पुण्यतिथि का आयोजन।

> अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के मेधावी छात्रों के बीच में पुरस्कार वितरित करने के लिए डॉ अम्बेडकर नेशनल मेरिट अवार्ड योजनाएं शुरू करना।

> हिन्दी भाषा में सामाजिक न्याय संदेश की एक मासिक पत्रिका का प्रकाशन।

> अनुसूचित जाति से संबंधित हिंसा के पीड़ितों के लिए डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय राहत देना।

Related Information:

अम्बेडकर जयंती

डॉ भीमराव अम्बेडकर पर निबंध

अंबेडकर जयंती पर भाषण

डॉ भीमराव अंबेडकर पर स्लोगन (नारा)

डॉ भीमराव अंबेडकर पर कविता

अर्चना सिंह

कई लोगो की प्रेरणा की स्रोत, अर्चना सिंह एक कुशल उद्यमी है। अर्चना सिंह 'व्हाइट प्लैनेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड' आई. टी. कंपनी की डायरेक्टर है। एक सफल उद्ममी होने के साथ-साथ एक कुशल लेखक भी है, व इस क्षेत्र में कई वर्षो का अनुभव है। वे 'हिन्दी की दुनिया' और अन्य कई वेबसाइटों पर नियमित लिखती हैं। अपने प्रत्येक क्षण को सृजनात्मकता में लगाती है। इन्हें खाली बैठना पसंद नहीं। इनका कठोर परिश्रम एवं कार्य के प्रति लगन ही इनकी सफलता की कुंजी है।

Recent Posts

  • निबंध

भारतीय ध्वज संहिता पर निबंध (Essay on Flag Code of India in Hindi)

भारत का ध्वज संहिता नियमों का एक समूह है जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज के…

August 9, 2022
  • 10 Lines

भारतीय ध्वज संहिता पर 10 वाक्य (10 Lines on Flag Code of India in Hindi)

भारत का ध्वज संहिता भारत के राष्ट्रीय ध्वज के उचित प्रदर्शन को सुनिश्चित करता है।…

August 6, 2022
  • 10 Lines

राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर 10 वाक्य (10 Lines on National Flag Adoption Day in Hindi)

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में भारत के राष्ट्रीय ध्वज का बहुत ही बड़ा महत्व…

August 3, 2022
  • निबंध

हर घर तिरंगा पर निबंध (Essay on Har Ghar Tiranga in Hindi)

हर घर तिरंगा अभियान आजादी का अमृत महोत्सव के तहत भारत की आजादी के 75…

July 28, 2022
  • 10 Lines

हर घर तिरंगा पर 10 वाक्य (10 Lines on Har Ghar Tiranga in Hindi)

"हर घर तिरंगा" आजादी का अमृत महोत्सव के तहत शुरू किया गया एक अभियान है।…

July 27, 2022
  • 10 Lines

सिनी शेट्टी पर 10 वाक्य (10 Lines on Sini Shetty in Hindi)

कर्नाटक की सिनी शेट्टी को फेमिना मिस इंडिया 2022 का ताज पहनाया गया है। दुनिया…

July 5, 2022