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राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस और राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह

भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/सप्ताह

लोगों के बीच में सुरक्षा जागरुकता को बढ़ाने के लिये साथ ही 4 मार्च को इस कार्यक्रम के स्थापना को याद करने के लिये हर वर्ष भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस /सप्ताह अभियान मनाया जाता है। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद एक स्वशासित संस्था (लोक सेवा के लिये गैर लाभांस और गैर सरकारी संस्था) है जो 8000 सदस्यों के साथ मुम्बई में सोसाइटी एक्ट के तहत 4 मार्च 1966 में स्थापित हुआ था। सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी सहायता सेवा के साथ उनको लाभ पहुँचाने के द्वारा उनके आर्थिक नुकसान और विभिन्न मानव समस्या सहित जीवन के घाटे को कम करने और बचाने के लिये वार्षिक आधार पर ये एक राष्ट्रीय आंदोलन है।

निजी क्षेत्रों में व्यापक तौर पर सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम के प्रदर्शन के द्वारा औद्योगिक दुर्घटना से कैसे बचा जाये के बारे में लोगों को जागरुक बनाने के लिये पूरे उत्साह के साथ इसे मनाया जाता है जो किसी भी सुरक्षा कानून के द्वारा ढँका हुआ नहीं है। पूरे सप्ताह अभियान को मनाने के दौरान, सुरक्षा जरुरतों के तहत लोगों के लिये विभिन्न प्रकार की खास गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस / सप्ताह 2021 (National Security Day)

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/सप्ताह पूरे एक सप्ताह का सुरक्षा अभियान है जो हर साल 4 मार्च (गुरुवार) से 10 मार्च (बुधवार) तक मनाया जाता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2020 विशेष

  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2020 का थीम है “आधुनिक तकनीक की मदद से सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कि गुणवत्ता को बढ़ाना” (Enhance safety and health performance by use of advanced technology).
  • इस मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए, माननीय नरेंद्र मोदी जी ने एक शुभकामना सहित पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के देश कि प्रगति में, सतत प्रयास का उल्लेख करते हुए इसे अविस्मरणीय बताया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस / सप्ताह उत्सव

स्वास्थ्य संगठनों और औद्योगिक सदस्यों सहित सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं में एक साथ संसक्ति के द्वारा इसे मनाया जाता है। निम्न लक्ष्यों को पूरा करने के लिये परिषद के द्वारा एसएचई नारों और संदेशों के साथ सभी केन्द्रीय डिज़ाइन विज्ञापन संबंधी सामानों और उपयोगी छपाई (बैज, स्टीकर, बैनर, निर्देश कार्ड, पोस्टर, वॉलेट, चमड़े के बेल्ट और बैग) के साथ वो अच्छे से उपलब्ध कराते हैं।

  • अभियान आयोजन संगठन-संबंधी सदस्यों की सुविधा के लिये।
  • गुणवत्ता पूर्णं सामानों के बारे में आश्वस्त करने के बारे में जो राष्ट्रीय एसएचई मुद्दे को दिखाता है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के आर्थिक स्व-विश्वास के लिये योगदान देने के लिये संगठन से सहायता उत्पन्न करने के लिये।

इस अभियान को आयोजित करने के लिये, सदस्यों के लिये एक राष्ट्रीय स्तर और सुरक्षित सरकारी सहायता दिया गया। इलैक्ट्रानिक मीडिया, अखबार और दूसरे औद्योगिक मैगजिन के प्रभावशाली इस्तेमाल के द्वारा लोगों के बीच इसे बहुत स्पष्ट दिखाने के लिये इस अभियान की बहुत अच्छे से योजना बनायी गयी है।

संगठन के कर्मचारियों के द्वारा सुरक्षा कसम कार्यक्रम, अभियान मनाने के दौरान एसएचई मुद्दे पर फिल्म दिखाई जाती है, वर्कशॉप, शिक्षण कार्यक्रम, ड्रामा और गीत के प्ले, बैनर प्रदर्शनी, सुरक्षा पुरस्कार वितरण, निबंध प्रतियोगिता, सुरक्षा संदेश के पोस्टर और नारा वितरण, चर्चा, सेमिनार सहित विभिन्न सार्वजनिक समारोह जैसे निम्न राष्ट्रीय स्तर के क्रियाकलाप पूरे सप्ताह के लिये संपन्न होते हैं।

अपनी जिम्मेदारी को बहुत अच्छी तरह से निभाने के लिये विभिन्न विषयों के ऊपर औद्योगिक कर्मचारियों के लिये सुरक्षा गतिविधियों पर आधारित शिक्षण कार्यक्रम रखे जाते हैं। शिक्षण सत्र के दौरान उन्हें दावानुकूलि बर्तन की जाँच और परीक्षण, मशीन को उठाना, रसायन और बिजली सुरक्षा, जोखिम संभालना और आकलन, आग पर नियंत्रण और प्राथमिक सहायता ज्ञान आदि के बारे में सिखाया जाता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस / सप्ताह मनाने का लक्ष्य

  • विभिन्न स्वास्थ्य और पर्यावरण आंदोलन सहित सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिये पूरे देश भर में राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/सप्ताह मनाया जाता है।
  • अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में मुख्य सुरक्षा भूमिका निभाने के लिये बड़े स्तर पर लोगों की भागीदारी के लक्ष्य को पाने के लिये इसे मनाया जाता है।
  • अपने कर्मचारियों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण क्रियाकलापों को बढ़ावा देने के द्वारा कंपनी के मालिकों के द्वारा सहभागी दृष्टीकोण के उपयोग को ये बड़े स्तर पर अभियान मनाने के द्वारा प्रचारित करता है।
  • इस अभियान के द्वारा जरुरत पर आधारित क्रियाकलाप, कानूनी माँग के साथ स्व-अनुपालन और पेशेवर एसएचई (सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण) गतिविधियों को कार्यस्थल पर कर्मचारियों के बीच बढ़ावा दिया जाता है।
  • दूसरे कर्मचारियों को उनके कानूनी जिम्मेदारी सहित नियोक्ता और कर्मचारी को याद दिलाने के द्वारा एक बड़े स्तर पर कार्य-स्थल की सुरक्षा को प्रचारित किया जाता है।
  • कार्यस्थल पर लोगों के बीच एसएचई क्रियाकलापों को विकसित और मजबूत करने का लक्ष्य प्राप्त करना।
  • एक सुरक्षात्मक दृष्टीकोण आयोजन के द्वारा दिमाग के वैज्ञानिक स्थिति और सुरक्षात्मक संस्कृति के साथ समाज की सेवा करना।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस / सप्ताह का थीम

  • वर्ष 2021 का थीम है “आपदा से सीखें और सुरक्षित भविष्य की तैयारी करें (Learn from Disaster and prepare for a Safer Future)” है।
  • वर्ष 2020 का थीम है “आधुनिक तकनीक की मदद से सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कि गुणवत्ता को बढ़ाना” था।
  • वर्ष 2017 में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस और राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के लिए थीम “एक दूसरे को सुरक्षित रखें” था।
  • वर्ष 2016 में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस और राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के लिए थीम “ज़ीरो नुकसान प्राप्त करने के लिए सशक्त सुरक्षा आंदोलन” था।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/सप्ताह थीम 2015 का था “चिरस्थायी आपूर्ति चेन के लिये एक सुरक्षा संस्कृति का निर्माण करें”।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/सप्ताह थीम 2014 का था “कार्यस्थल पर दबाव प्रबंधन और जोखिम नियंत्रण” और “सुरक्षा: ये हमारा सबकुछ ले लेता है”।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/सप्ताह थीम 2013 का था “सुरक्षित और स्वस्थ कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिये एक साथ काम करें”।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/सप्ताह थीम 2012 का था “सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण पक्का करें- एक मूल मानव अधिकार”।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/सप्ताह थीम 2011 का था “सुरक्षात्मक और स्वास्थ्य निरोधक संस्कृति की स्थापना और बनाये रखना”।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2018 की थीम – “सुरक्षा हमारी प्राथमिकता नहीं है, यह हमारा मूल्य है” (Safety is not our priority, it is our value)
  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2019 की थीम – “औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा” (security of industrial establishments)
अर्चना सिंह

कई लोगो की प्रेरणा की स्रोत, अर्चना सिंह एक कुशल उद्यमी है। अर्चना सिंह 'व्हाइट प्लैनेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड' आई. टी. कंपनी की डायरेक्टर है। एक सफल उद्ममी होने के साथ-साथ एक कुशल लेखक भी है, व इस क्षेत्र में कई वर्षो का अनुभव है। वे 'हिन्दी की दुनिया' और अन्य कई वेबसाइटों पर नियमित लिखती हैं। अपने प्रत्येक क्षण को सृजनात्मकता में लगाती है। इन्हें खाली बैठना पसंद नहीं। इनका कठोर परिश्रम एवं कार्य के प्रति लगन ही इनकी सफलता की कुंजी है।

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द्वारा प्रकाशित
अर्चना सिंह