10 वाक्य

इंजीनियर्स डे पर 10 वाक्य (10 Lines on Engineer’s Day in Hindi)

एक समाज, देश या फिर विश्व के ढांचे के निर्माण में इंजीनियर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक नई खोज के लिए तकनीकी चुनौतियों और उनके समाधान के लिए वे अपने गणितीय और वैज्ञानिक विचारों के साथ शिक्षा का उपयोग करते हैं। इंजीनियर्स को हमारे विकास और प्रगति की रीढ़ कहना गलत नहीं होगा क्योंकि इनके आविष्कारों ने ही हमें आधुनिक बनाया है।

इंजीनियर्स डे (अभियंता दिवस) पर 10 लाइन (Ten Lines on Engineer’s Day in Hindi)

आज इस लेख के माध्यम से हम मानव विकास में सहयोगी सभी इंजीनियर्स को सम्मानित करने वाले दिन “इंजीनियर्स डे” के बारे में जानेंगे।

Abhiyanta Divas par 10 Vakya – Set 1

1) भारत में ‘इंजीनियर्स डे’ या ‘अभियंता दिवस’ प्रतिवर्ष 15 सितंबर को मनाया जाता है।

2) यह दिन भारत के महान इंजीनियर एवं भारत रत्न सम्मानित ‘मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया’ के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

3) मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को आधुनिक भारत के ‘विश्वकर्मा’ के रूप में याद किया जाता है।

4) यह दिन हमारे विकास के लिए सभी इंजीनियर्स को धन्यवाद करने के लिए मनाते हैं।

5) कई जगह स्कूलों में भी इस दिन बच्चों को प्रोजेक्ट कार्य देकर प्रेरित किया जाता है।

6) इस दिन इंजीनियरिंग कॉलेजों में कई प्रकार के कार्यक्रम किए जाते हैं।

7) विश्व को आधुनिक बनाने का काम मुख्य रूप से इंजीनियर्स ने किया है।

8) नई तकनीकों, प्रक्रियाओं, सेवाओं और उत्पादों का विकास इंजीनियरों ने ही किया है।

9)  विश्व के कई देशों द्वारा अभियंता दिवस अलग-अलग तारीख पर मनाया जाता है।

10) वैश्विक स्तर पर 4 मार्च को ‘विश्व इंजीनियरिंग दिवस’ मनाया जाता है।

Abhiyanta Divas par 10 Vakya – Set 2

1) इंजीनियर्स को किसी भी देश के बुनियादी ढांचे की रीढ़ कहा जाता है।

2) प्रतिवर्ष इंजीनियर्स दिवस एक नए थीम के आधार पर मनाया जाता है।

3) 2023 में विश्व इंजीनियर्स डे का थीम “टिकाऊ भविष्य के लिए इंजीनियरिंग” है।

4) भारत में 1968 से प्रतिवर्ष 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है।

5) भारत में यह दिन महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के जयंती के रूप में मनाया जाता है।

6) इनका जन्म ‘15 सितंबर 1861’ को मैसूर के कोलार जिले में हुआ था।

7) मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का भारत के आधुनिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

8) इनके विकास कार्यों के लिए 1955 में इन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

9) कृष्णराजसागर बांध, मैसूर विश्वविद्यालय और मैसूर बैंक निर्माण आदि इनके महान योगदान हैं।

10) प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भारत में इंजीनियरों की संख्या सबसे अधिक है।


एक समय था जब हम चिट्ठी भेज कर दूर रहने वाले लोगों से बात कर पाते थे पर आज हम मोबाईल के जरिए आसानी से बात कर सकते हैं। आधुनिक युग में स्मार्टफोन, मोटर वाहन, हवाई जहाज, बिजली, टेलीविजन आदि सब कुछ इंजीनियरों की ही देन है। देश के सतत विकास के लिए ये इंजीनियर सदैव ही कार्यरत रहते हैं। उनके कार्यों और अथक प्रयासों ने हमारे जीवन को सरल और आसान बनाया है। उनके महान योगदान के लिए एक दिन उन सभी इंजीनियर्स के नाम होना ही चाहिए।

Shubham Singh

राजनितिशास्त्र से स्नातक एवं इतिहास से परास्नातक करने के पश्चात् शुभम सिंह लेखन कार्य से जुड़ गये। लेखन से पूर्व किये गये गहन अन्वेषण इनके लेखों में साफ़ दिखाई देते है। उत्कृष्ठ लेखन के साथ-साथ ये युवाओं को उनके शिक्षा एवं भविष्य से सम्बंधित मार्गदर्शन भी करते है। इनका मानना है की सही दिशा में किया गया परिश्रम व्यक्ति को हमेशा सफल बनाता है।

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