क्रोध क्या है? गुस्सा करना स्वाभाविक है। यह एक प्रकार की भावना ही होती है, जिस प्रकार प्रेम, घृणा आदि। यह तब उत्पन्न होता है, जब हमारी बात या विचार कोई नहीं मानता। हम क्रोध में आकर अपना आपा खो बैठते है और ऐसा कुछ कह या कर देते हैं…
कहते हैं यदि कलयुग में कोई ईश्वर इस धरती पर हैं, तो वो केवल परम राम भक्त श्री हनुमान ही हैं। श्री हनुमान को वायु पुत्र भी कहा जाता है। उनका वेग तो वायु से भी तेज माना जाता है। उनका जन्म ही राम काज को सिध्द करने के लिए…
प्रथम पूज्य श्री गणेश गणपति, विनायक, गौरी नंदन आदि नामों से मशहूर है। वे सिद्धी और बुध्दि के देवता है। बिना बप्पा (श्री गणेश) के आशीर्वाद के कोई कार्य पूर्ण नहीं होता। श्री गणेश को कोई भी शुभ काम करने से पहले पूजा जाता है। श्री गणेश प्रथम-पूज्य है। यानि…
देवों के देवमहादेव अनादि और अनंत है। प्रत्येक देवी-देवताओं की जन्म कथाएं प्रचलित है, किंतु महादेव अजन्मे है। अर्थात वो इस सृष्टि की रचना से पहले से है, और जब यह सृष्टि समाप्त हो जाएगी, तब भी केवल महादेव ही होंगे। [googleaddsfull status="1"] भगवान शिव पर छोटे-बड़े निबंध (Short and…
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम श्री हरि विष्णु के दस अवतारो में से सातवें अवतार थे। बारह कलाओं के स्वामी श्रीराम का जन्म लोक कल्याण और इंसानो के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करने के लिए हुआ था। श्रीराम को हिन्दू धर्म के महानतम देवताओं की श्रेणी में गिना जाता है। वे करुणा,…
भगवान बुध्द ईश्वर के अवतार माने जाते हैं। उनका जन्म दुनिया के कल्याण के लिए हुआ था। वो अत्यंत भावुक और संवेदनशील थे। वो किसी का दर्द नहीं देख पाते थे। इसलिए उनके पिता उन्हें संसार के सारे विलासिताओं में लगा कर रखते थे, फिर भी उनका मन सांसारिक मोह-माया…
निर्गुण भक्ति शाखा के महान कवि एवं संत शिरोमणि रैदास (संत रविदास) उन महान पुरुषों में से एक है, जिन्होंने समाज की धारा का रुख मोड़ दिया था। उनके द्वारा गाए दोहों और पदों से आम जनता का उध्दार हुआ। अत्यंत सहृदयी स्वभाव के रैदास को संत कबीर का समकालीन…
हाल के कुछ विगत वर्षों में तेजी से ग्रामीण जनता शहरों की ओर पलायन की है, क्योंकि उन्हें भी शहरी लोगों की भांति आरामदायक जीवन शैली आकर्षित करने लगी है। शहरीकरण सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक बन गया है जो अधिकांश देशों में कई भयंकर परिणाम लेकर आया है।…
“अभी तो इस बाज की असली उड़ान बाकी है। अभी तो इस परिंदे का इम्तिहान बाकी है। अभी-अभी तो मैने लांघा है समुन्दर को, अभी तो पूरा आसमां बाकी है।” - अरुणिमा सिन्हा पहाड़ की चढ़ाई कई लोगों के शौक के वरीयता सूची में रहता है। यह एक ऐसी गतिविधि…
सड़को पर आए दिन घटने वाले रोष घटनाओं को रोड रेज़ कहते है। लोग सड़को पर जब लड़ाई-झगड़ो पर उतर आते हैं, तब रोड रेज़ होता है। कभी-कभी तो लोग फिजुल में ही एक-दूसरे पर गुस्सा करने लगते हैं, और बात मार-पीट तक पहुँच जाती है। जब पढ़े-लिख समझदार लोग…