कैसे अच्छी नींद ले

जब आप दिन भर कड़ी मेहनत करके देर शाम घर लौटते है तो सबसे पहले घर आकर आप या तो आराम करने या थोड़ी देर सोने की सोचते हैं। कुछ घंटों की नींद आपको फिर से तरोताज़ा करके आपके शरीर में एक नई ताजगी का एहसास दिलाते है जिससे आप अगले दिन उसी जोश के साथ अपना काम कर सकें। ज़रा सोचिये क्या होगा अगर आप अपने शरीर और मन को अपर्याप्त या टिकाऊ या खराब गुणवत्ता की नींद के कारण पर्याप्त रूप से आराम नहीं दे पाए तो? ज़ाहिर है आपको नींद आएगी और थोडा चिड़चिड़ापन भी महसूस होगा। आप अपने शरीर और मन में ताजगी की कमी को महसूस करेंगे। नींद की कमी आपके शरीर के अन्दर की गतिविधियों को प्रभावित करेगी। यदि आप लंबे समय तक अपर्याप्त नींद के अधीन हैं तो यह आपके शरीर और मन पर कई मायनों में विपरीत प्रभाव डालती है।

कैसे अच्छे तरीके से सोयें और अच्छी नींद लें

तरोताज़ा और फिर से उसी जोश को प्राप्त करने के लिए अच्छी नींद के प्रभावी तरीके इस प्रकार है:

बेहतर नींद लेना संभव है

बेहतर नींद प्राप्त करना आपके हाथों में है। यदि आप इस दिशा में कुछ कदम उठाते हैं तो यक़ीनन यह संभव है। इसके लिए आपको उन मुद्दों पर काम करने की ज़रूरत है जो आपको कम या अपर्याप्त नींद लेने दे रहे हैं। अगर आप अपनी आवश्यकताओं और जरूरतों का ध्यान रखते है तो इससे आप रात की नींद लेने के लिए सही परिस्थितियों का सामंजस्य बैठा सकेंगे जिससे आपके शरीर को आराम और ताज़गी मिलेगी।

अगर यह सुनियोजन थोड़ा समय लेता है तो इसे पूरा किये बिना ना छोड़े। हो सकता है की इसके लिए आपको अपने बेडरूम या बिस्तर की व्यवस्था में थोड़ी तब्दीली करनी पड़े। यदि यह अनुशासन की मांग करता है, तो पूरे दिल से आप इसका स्वागत करें। कभी-कभी आपके कुछ छोटे परिवर्तन या आपके बेडरूम या बिस्तर में कुछ छोटे बदलाव आपकी रात की नींद के लिए अच्छे हो सकते है।

तो चलिए देखते हैं कि कैसे हम आसानी से अपनी नींद पूरी कर सकतें हैं।

कैसे अच्छी नींद ले

अपने बिस्तर और शयनकक्ष के आराम के अनुपात को बढ़ाएं

आपका बेडरूम और बिस्तर आरामदायक होना चाहिए। यह वह जगह है जहां आपको एक दिन में सात से आठ घंटे खर्च करने है। तो, क्यों नहीं इसे आराम से सुनिश्चित करें कि आपका बिस्तर आपके लिए ठीक है या नहीं, क्या यह बहुत अधिक या बहुत कम झुका हुआ है? इसकी अपनी जरुरत के अनुसार सही व्यवस्था करे।

बिस्तर की चादर, बिस्तरों के कवर, रजाई और तकियों के मामले में कपास से बने कपड़े या प्राकृतिक वस्त्र का उपयोग करना अच्छा है। प्राकृतिक कपड़े शरीर के लिए आरामदायक और त्वचा के हिसाब से अनुकूल और अधिक सुरक्षित होते है।

बिस्तर की लाइनिंग के रंग, पैटर्न और डिजाइन सुखद तथा सरल रखें। लहराते पैटर्न और रूपांकन देखने वाले को परेशान या कठिनाई का अनुभव करा सकती है। इसी तरह उज्ज्वल या बोल्ड रंग भी देखने में बहुत अच्छे नहीं लगते।

इसके बाद सुनिश्चित करें कि आपके गद्दे और तकिए आपके लिए सहज हैं या नहीं। वे न तो बहुत कड़े हों और न ही बहुत ज्यादा फोम के साथ उछालभरे हो। यदि आप अपने गद्दे पर असुविधाजनक महसूस कर रहे हैं तो शायद आपको अपने गद्दे को बदलने की कोशिश करनी चाहिए, हो सकता है की आपका गद्दा एक तरफ ज्यादा झुक गया हो।

इसके अलावा आपको अपने बेडरूम में पर्दे और तकियों के कवर साधारण रखने चाहिए। चमचमाते रंग जो हो सकता है आपको देखने में अच्छे लगते हो लेकिन नींद के लिहाज़ से ये सोते समय आँखों को दिक्कत दे सकते है।

बेहतर नींद के लिए अपने बेडरूम को और अधिक अनुकूल बनाना काफी सरल है। वास्तव में अपने बेडरूम या अपने बिस्तर में कुछ मामूली बदलाव करने से संभवतः आपको बेहतर नींद लेने में मदद मिल सकती है। यदि आप बाहरी सहायता का सहारा लेना चाहते हैं तो कोई आंतरिक डिजाइनर या वास्तु विशेषज्ञ आपको इस कार्य में मदद कर सकते हैं।

लेकिन आप खुद भी अच्छी नींद प्राप्त करने की कोशिश कर सकते हैं। हो सकता है किसी प्रकार की अशांति है - प्रकाश या शोर है जो आपकी नींद को प्रभावित कर रहा है। इस स्थिति में सबसे पहले अशांति के स्रोत को देखें और अपने बेडरूम में आंतरिक व्यवस्था को बदलने की कोशिश करें। इसके लिए शायद आपको अपने बिस्तर की अवस्था को बदलना होगा या हो सकता है की इसके लिए आपको अपने बिस्तर से मेज या कुर्सी को कुछ दूरी पर रखना पड़े। कुछ हद तक यह भी संभव है की शोर जो आपको परेशान कर रहा है किसी घूमते पंखे, घड़ी या एयर कंडीशनर से हो रहा हो। जितनी जल्दी हो इसे सुलझाएं।

स्वच्छता अच्छी ऊर्जा देती है

सबसे पहले यह सुनिश्चित करें की आपका बेडरूम और बिस्तर स्वच्छ और साफ़ सुथरे हो। आपके बिस्तर पर अनावश्यक सामान या चीजें न केवल आपके लिए आपके बिस्तर को असुविधाजनक बना देगा बल्कि यह अच्छी ऊर्जा का स्रोत भी नहीं होगा। अव्यवस्था से मुक्त कमरे में आपको अच्छी ऊर्जा मिलती है। अपने बेडरूम को अच्छी तरह हवादार रखें ताकि हवा ताजा और साफ हो। अपने शयनकक्ष को सरल और सुखद दिखाना आपके हाथों में है।

बिस्तर पर पढ़ें

आपको यह तो अच्छी तरह याद होगा कि आप जब भी अगले दिन की परीक्षा से एक रात पहले अपने बिस्तर में पढने के लिए किताब लेकर बैठे थे तो आपको तुरंत ही नींद की झपकी आने लगी थी। आपने जो योजना बनाई थी उसे पूरा नहीं कर सके। है न? क्या यह वास्तव में एक नुस्खा हो सकता है? क्या सोते समय में पढ़ने से आप सो जाते हैं?

दरअसल पढने से एक तरह का शांत प्रभाव पड़ता है जो आपको बाहरी दुनिया से डिस्कनेक्ट करके आपको अपनी ही दुनिया में ले जाता है। अपने बिस्तर में आप एक किताब या एक प्रेरणादायक कहानी, जिसे आप पढ़ना पसंद करते हैं, सोने से पहले पढ़ सकते हैं। आप देखेंगे कि आपको किताब बंद नहीं करनी होगी और न ही इसे साइड टेबल पर दूर रखना होगा। जब आपको नींद आने लगेगी तो आपके हाथों से अपने आप किताब निकल जाएगी और आप नींद के आगोश में चले जायेंगे। अच्छी नींद पाने के लिए इतना समझौता करना बुरा तो नहीं है। है न?

मोबाइल और लैपटॉप को दूर रखें

जब आप बिस्तर पर सोने आते हैं तो अपने पास अपना मोबाइल और लैपटॉप न रखें। इससे आप केवल अपने आप को जगाने की अनुमति दे रहे हैं। आपके व्हाट्सएप संदेश और एसएमएस आप तक पहुंचते रहेंगे। इस कारण आपको अपने मोबाइल को देखने से अपने आपको रोकना मुश्किल होगा। लैपटॉप भी आपको सक्रिय रखने का एक बड़ा स्रोत है तो अगर आप सोने के लिए जाना चाहते हैं, तो इससे बचें।

वैश्विक कनेक्टिविटी बढ़ने के कारण आपको लगातार ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सएप सन्देश मिलते रहेंगे। इन सभी को इस्तेमाल में लाते वक़्त हम समय की सभी सीमाओं को तोड़ देते हैं। कभी-कभी तो हम देर रात तक चैट करते रहते है। जितना हो सके इन गतिविधियों से बचें और अपने लिए एक समय सीमा निर्धारित करें क्योंकि ये सब आपकी नींद के अनमोल घंटे व्यर्थ कर देते है।

इसके अलावा इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाली हानिकारक तरंगे भी हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है इसलिए हर हालत में इन्हें अपने बिस्तर से दूर रखना ही बेहतर है।

तनाव दूर रखना ही अच्छा है

मोबाइल और लैपटॉप की ही तरह तनाव को भी दूर रखें। दिनभर के चिंताग्रस्त विचारों और प्रत्याशित तनाव को छोड़कर अपने मन को अगले दिन की आने वाली बाधाओं का सामना करने के लिए तैयार करें। चिंताएं किसी स्थिति को हल करने में मदद नहीं करती हैं और न ही वे आपकी नींद में मदद करती हैं। जब नए दिन की नई मुसीबत आती है तो उसका समाधान भी निकल सकता है। जरुरी नहीं कि जो मुसीबतों का आप अनुमान लगा रहें हैं वो असल में आपके साथ घटित हो तो आराम करिए और खुश रहिए।

तनावपूर्ण नहीं तनावरहित मन ही नींद को आमंत्रित कर सकता है। अच्छी नींद के लिए अक्सर ध्यान लगाने का सुझाव दिया जाता है। आप चाहे तो किसी पेशेवर ट्रेनर की मदद से ध्यान लगाने की कला को सीख सकते हैं।

संगीत नींद को और प्यारा बनाता है

आप को यह तो याद नहीं होगा कि आपकी मां आपको सुलाने के लिए किस तरह लोरियां गाती थी पर शायद आपको यह जरुर याद होगा कि आप किस तरह अपने बच्चों को सुलाने के लिए गाने या लोरी गाते थे। यह संगीत और लोरी का नरम स्वर ही है जो वास्तव में आपको आराम महसूस करने में मदद करता है और अच्छी नींद लेने में सहायता करता है। वास्तव में भारतीय राग में (स्वरुपयुक्त पैटर्न) - हिन्दुस्तानी और कर्नाटक-शास्त्रीय संगीत हैं जो नींद को प्रेरित कर सकते हैं। अक्सर मातायें इस तरह के संगीत को अपने बच्चों को आसानी से सुलाने के लिए उपयोग में लाती है। उदाहरण के लिए, अन्ना भैरवी राग का एक छोटा से मुखड़ा अक्सर बच्चों को सुलाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है।

तो कोशिश करें सोने के समय कुछ नरम संगीत सुनने की। वोकल संगीत ठीक है अगर यह नरम और कोमल है तो। निश्चित रूप से ज़ोर-ज़ोर बजने वाला या कठोर संगीत सोने के लिहाज से उपयुक्त नहीं है। अगर आप वायलिन या बांसुरी के संगीत को रात में सुनेंगे तो आप पाएंगे कि आप आसानी से सो जाते हैं।

गर्म पानी की बौछार

जहाँ ठंडे पानी की बौछार आपके मन को शांति और ताज़गी देता है वहीं गर्म पानी का स्नान आपको आराम करने में मदद करेगा और आपको आसानी से नींद लेने में सक्षम बनाएगा। यह न केवल आपकी परेशानी को दूर करेगा बल्कि आपके शरीर पर जमी दिनभर की धूल को दूर करने के साथ आप को साफ रखने का भी कार्य करता है।

समय और नींद की अवधि महत्वपूर्ण हैं

एक रिसर्च के अनुसार ऐसा सुझाव दिया गया है कि हमें प्रतिदिन सात से आठ घंटे सोना चाहिए। औसतन उम्र के अनुसार सोने की अवधि में थोड़ा अंतर हो सकता है। तो, सुनिश्चित करें कि आप सही समय सही अवधि की नींद पूरी करें। विशेषज्ञ यह भी सुझाव देते है कि हम आधी रात से पहले ही अपनी कुछ घंटों की नींद पूरी कर लेते हैं इसलिए आपको जरुरत है तो बस अच्छी तरह से योजना बनाने की जिसमें आप रात को जल्दी सोने चले जायें और अगले दिन सुबह जल्दी उठ जायें। अगर आप रात को 10 बजे तक सो जाते है तो आप अगले दिन जल्दी उठकर सुबह के समय का सदुपयोग कर सकते है जैसे सैर करना इत्यादि।

हमारा शरीर काफी आसानी से और स्वाभाविक रूप से अपने आप को अनुशासन के लिए ढाल लेता है। इसलिए बिस्तर पर जाने के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें और जितना संभव हो इस नियम का पालन करें।

खाना और व्यायाम सोने से बिलकुल पहले ना करें

अपने खाने को सोने के समय से कम से कम दो घंटे पहले समाप्त करें। इसके अलावा कॉफ़ी का सेवन भी नींद को प्रभावित करता है। यह आपका मस्तिष्क सक्रिय रखता है जिससे आपको सोने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए कॉफी और चाय के सेवन से सोते समय दूर रहें। सोने के समय से पहले व्यायाम करने से भी बचे। व्यायाम करने से आपके शरीर में सक्रियता और शारीरिक अंगो में फुर्ती आएगी जिससे आपकी नींद कम हो सकती है।

प्रकृति के साथ सामंजस्य

प्राकृतिक घड़ी का पालन करना शरीर के लिए अच्छा है। सूर्य उदय के साथ उठना और सूर्य अस्त होने के थोड़ी देर बाद सो जाना। इस नियम का पालन आपके शरीर के लिए काफी लाभदायक हो सकता है। इससे आप दिन के दौरान अधिक ताज़ा और ऊर्जावान महसूस करेंगे और रात में एक अच्छी नींद का आनंद ले पायेंगे।