भारतीय त्योहार

पूरी दुनिया में भारत को पारंपरिक और सांस्कृतिक उत्सव के देश के रुप में अच्छी तरह से जाना जाता है क्योंकि ये बहुधर्मी और बहुसंस्कृति का देश है। भारत में कोई भी हर महीने उत्सवों का आनन्द ले सकता है। यह एक धर्म, भाषा, संस्कृति और जाति में विविधताओं से भरा धर्मनिरपेक्ष देश है, ये हमेशा मेलों और त्योहारों के उत्सवों में लोगों से भरा रहता है। हर धर्म से जुड़े लोगों के अपने खुद के सांस्कृतिक और पारंपरिक त्योहार है। पूरे राष्ट्र में सभी धर्मों के लोगों द्वारा कुछ पर्व मनाये जाते हैं। ये अपने पीछे के महत्वपूर्ण इतिहास, रीति रिवाज और विश्वास के अनुसार अलग अंदाज में हर एक पर्व को मनाते हैं। हर एक उत्सव का अपना एक इतिहास, पौराणिक कथाएँ और मनाने का विशेष महत्व है। विदेशों में रह रहे भारत के लोग भारत के उत्सवों को बहुत उत्साह और जुनून के साथ मनाते हैं।

भारत एक ऐसा देश है जो विविधता में एकता का उदाहरण है क्योंकि यहाँ हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई तथा जैन आदि धर्म एक साथ निवास करते हैं। कुछ त्योहारों को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है जबकि कुछ क्षेत्रीय स्तर पर मनाये जाते हैं। पद्धति और धर्म के अनुसार उत्सवों को अलग-अलग वर्गों में वर्गीकृत किया गया है।

2018 के त्यौहार

हिन्दू त्यौहार

पूरी दुनिया में हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा ढ़ेर सारे सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव मनाये जाते हैं। हिन्दू धर्म को पूरे विश्व के सबसे प्राचीन संगठित धर्म के रुप में माना जाता है साथ ही साथ इसे दुनिया के तीसरे सबसे बड़े धर्म के रुप में भी गिना जाता है। हर हिन्दू त्योहार को मनाने की अपनी खास पद्धति है, देवी-देवताओं को गंगाजल चढ़ाना, व्रत रखना, जल्दी सुबह गंगाजल से स्नान करना, दान करना, कथा सुनना, होम, आरती आदि बहुत कुछ जिसके द्वारा पूजा की क्रिया संपन्न होती है। बिना किसी जाति, उम्र, और लिंग की परवाह किये हिन्दू धर्म के सभी लोग अपना त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं।

हिन्दू त्योहारों की तारीख को हिन्दू कैलेंडर की तारीखों के अनुसार तय किया जाता है, चन्द्र संबंधी कैलेंडर जो कि पूरे साल सूर्य और चन्द्रमा की चाल पर निर्भर करता है। ऐतिहासिक पौराणिक कथाओं के रुप में कुछ हिन्दू पर्वों को मनाया जाता है, कुछ मौसम के बदलने पर और कुछ पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए। कुछ त्योंहारों को तो खास संप्रदाय के लोग या भारतीय उपमहाद्वीप में ही मनाते हैं।

कई सारे प्राचीन और पवित्र धार्मिक मूलग्रंथों (भगवत गीता, महाभारत, और रामायण, ऋगवेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद ) हिन्दू देवी आदि की वजह से हिन्दू धर्म में बहुत सारी मान्यताएँ हैं। हिन्दू धर्म में देवी-देवताओं के जन्म और मरण के दिन को भी बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है जैसे नृत्य, गीत आदि से।

नीचे सभी हिन्दू पर्वों की सूची दी गई है:

 

हिन्दू त्यौहार तारीख-2018
लोहड़ी (Lohri) 13 जनवरी, शनिवार
मकर संक्रांति (Makar Sankranti) 14 जनवरी, रविवार
पोंगल (Pongal) 14 जनवरी, रविवार
वसंत पंचमी (Vasant Panchami) 22 जनवरी, सोमवार
थाईपुसम (Thaipusam) 31 जनवरी, बुधवार
महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri) 13 फरवरी, मंगलवार
होलिका दहन (Holika Dahan) 1 मार्च, गुरुवार
होली (Holi) 2 मार्च, शुक्रवार
चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navaratri) 18 मार्च रविवार से 26 मार्च तक सोमवार
ऊगड़ी/तेलुगू नया साल (Ugadi) 28 मार्च बुधवार
गंगौर पर्व (Gangaur Parv) 20 मार्च मंगलवार
मेवाड़ पर्व (Mewar festival) 18 मार्च रविवार से 20 मार्च मंगलवार
राम नवमी (Ram Navami) 25 मार्च सोमवार
महावीर जयंती (Mahavir Jayanti) 29 मार्च गुरुवार
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) 31 मार्च शनिवार
रथयात्रा (Ratha-Yatra) 14 जुलाई शनिवार
गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) 27 जुलाई शुक्रवार
ओनम (Onam) 15 अगस्त बुधवार से 27 अगस्त सोमवार
रक्षा बंधन (Raksha Bandhan) 26 अगस्त रविवार
कुंभ मेला (Kumbh Mela) 29 अगस्त बुधवार से 18 सितंबर मंगलवार
जन्माष्टमी (Janmashtami) 2 सितंबर रविवार
रामलीला (Ramlila) 8 सितंबर शुक्रवार से 8 अक्टूबर रविवार तक
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) 13 सितंबर गुरुवार
ब्रह्मोत्सव (Brahma Utsav) 10 अक्टूबर बुधवार से 18 अक्टूबर गुरुवार
पितृ पक्ष (Pitru Paksha) 24 सितंबर सोमवार से 8 अक्टूबर सोमवार
रामबारात (Rambarat) 8 अक्टूबर रविवार
नवरात्र (Navaratri) 10 अक्टूबर बुधवार से 18 अक्टूबर गुरुवार तक
दशहरा (Dussehra) 19 अक्टूबर शुक्रवार
महाऋषि वाल्मिकी जयंती (Valmiki Jayanti) 24 अक्टूबर बुधवार
करवा चौथ (Karwa Chauth) 28 अक्टूबर रविवार
देव उथानी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi) 19 नवंबर सोमवार
धनतेरस (Dhanteras) 5 नवंबर सोमवार
दिवाली (Diwali) 7 नवंबर बुधवार
गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) 8 नवंबर गुरुवार
भाई दूज (Bhai Dooj) 9 नवंबर शुक्रवार
छठ पूजा (Chhath Puja) 11 नवंबर रविवार - 14 नवंबर बुधवार

 

मुस्लिम त्यौहार

पूरे विश्व में अपने सभी इस्लामिक पर्वों को मुस्लिम धर्म के सभी लोग पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। इनके कई सारे धार्मिक पर्व है जो वो अपने इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार पूरे जुनून और समर्पण के साथ मनाते हैं। कुछ महत्वपूर्ण इस्लामिक पर्व रमजान (रामादान), ईद-ए-मिलाद, मुहर्रम, बकरीद आदि हैं जिसे वो खास तरीके से मस्जिदों में दुआ माँग कर, दावत देकर और एक-दूसरे को बधाई देकर मनाते हैं।

वो अपने घरों को रात में रंग-बिरंगे प्रकाशों और दूसरी चीजों से सजाते हैं और पूरी रात एक-दूसरे के साथ मिलकर मनाते हैं। कुछ इस्लामिक पर्वों को राष्ट्रीय अवकाश के रुप में घोषित किया गया है जिस दौरान शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और दूसरे काम करने की जगहों पर छुट्टी रहती है। 7वें दशक के लगभग मुहम्मद साहब द्वारा इस्लाम को स्थापित किया गया जो कि पूरे दुनिया का दूसरा बड़ा धर्म बन चुका है। इस्लाम के पास पाँच महत्वपूर्ण स्तंभ है जैसे “शहदाह (भरोसा), सलाअ (प्राथर्ना), ज़काह (दान), रोजा (व्रत) और हज़ (तीर्थस्थान)”।

नीचे सभी मुस्लिम पर्वों की सूची दी गई है:

मुस्लिम त्यौहार तारीख-2018
बारावफात (Barawafat) 11 दिसंबर, सोमवार
मिलाद-उन-नबी (Milad un Nabi) 20 नवंबर मंगलवार से 21 नवंबर बुधवार तक
ज़ियारवाहिन शरीफ 22 जनवरी, सोमवार
हज़रत अली का जन्मदिन (Hazarat Ali's Birthday) 29 मार्च, गुरुवार
शब-ए-मिराज़ (Shab e-Meraj) 12 अप्रैल गुरुवार से 13 अप्रैल शुक्रवार तक
शब-ए-बारात (Shab-e-Barat) 30 अप्रैल सोमवार से 1 मई मंगलवार तक
जमात-उल-विदा (Jamat Ul-Vida) 14 जून गुरुवार से 15 जून शुक्रवार तक
ईद-उल-फितर (रमजान ईद) (Eid al-Fitr OR Ramadan) 14 जून गुरुवार से 15 जून शुक्रवार तक
ईद-उल-जुहा (बकरीद या ईद-उल-अदा)

(Eid al-Adha OR Bakrid)

21 अगस्त मंगलवार से 22 अगस्त बुधवार तक
मुहर्रम (Muharram) 21 सितंबर शुक्रवार

 

 

सिक्ख त्यौहार

जैसा कि भारत को बहुधर्मी, सांस्कृतिक, और पारंपरिक देश के रुप में देखा जाता है, इसीलिए इसको विविधता में एकता के लिए भी जाना जाता है। सिक्ख धर्म के लोगों के पास बहुत सारे अलग-अलग रीति-रिवाज के उत्सव होते हैं, जिन्हें वो पूरी दिलेरी और मस्ती के साथ मनाते हैं। वो अपने दस सिक्ख गुरुओं के जीवन और उनकी दी गयी सीखों (पाठों) को याद करते हैं। कुछ हिन्दू त्योहारों को अलग कारणों की वजह से सिक्खों द्वारा मनाया जाता है।

सिख धर्म में सभी उत्सवों पर पूजा-पाठ करने की विधि, पवित्र किताब जिसे “गुरुग्रंथ साहिब” कहा जाता है में निर्देशित है, जिसे पहली बार सिक्ख गुरु, गुरु नानक द्वारा संकलित किया गया था और बाद में सिक्ख गुरु, गुरु अर्जुन ने संपादित किया। सिख धर्म का गुरु ग्रन्थ लोगों के बीच देवताओं की जगह रखता है और किसी भी सिख त्योहार को मनाते समय वे इसे पालकी में रखकर सार्वजनिक जूलुस (बारात) के साथ बाहर ले जाते हैं। ये भगवान से जुड़ने के लिए और अपने उत्सव को मनाने के दौरान गुरुबानी गाना, पवित्र गीत, पवित्र किताबों को पढ़ना और धार्मिक गीत-संगीत करते हैं।

नीचे सभी सिक्ख पर्वों की सूची दी गई है:

सिक्ख पर्व तारीख-2018
गुरुगोविन्द सिंह जयंती (Guru Gobind Singh Jayanti) 5 जनवरी, शुक्रवार
लोहरी (Lohri) 13 जनवरी, शनिवार
होल्ला मोहल्ला (Hola Mohalla) 2 मार्च शुक्रवार से 4 मार्च रविवार तक
सोदल मेला (Sodal Mela) 15 सितंबर, शनिवार
गुरुरामदास जी जयंती (Guru Ramdas Ji Jayanti) 9 अक्टूबर, मंगलवार
गुरुनानक जयंती (Guru Nanak Jayanti) 23 नवंबर, शुक्रवार
गुरु पूरब (Guru Purab) 23 नवंबर, शुक्रवार
गुरुग्रंथ साहिब की स्थापना

 

 

जैन पर्व

जैन धर्म के लोग बहुत सारे रीति-रिवाज़ और धार्मिक रस्मों को त्योहार के रुप में मनाते हैं। इनके रीति-रिवाज़ विभिन्न तरीकों में मूर्ति पूजा से संबंधित है और त्योहार तीर्थांकरों की जीवन की घटनाओं से संबंधित है जो आत्मा की शुद्धि में शामिल थे। इनके रीति-रिवाज़ दो भागों में विभाजित होते हैं कार्या और क्रिया। जैन श्वेताम्बर के अनुसार छ: अनिवार्य कर्तव्य होते हैं जिन्हें आवश्यकाश् कहते हैं जो कि “चतुर्विशंती-स्तव: तीर्थांकरों की तारीफ करना, कयोत्सरगा: ध्यान, प्रतिक्रमण: पिछले बुरे कामों का प्रायश्चित करना, प्रत्याख्यना: किसा भी चीज का त्याग करना, समयीका: शांति और ध्यान, वंदन: गुरुजनों का आदर करना आत्मसंयमी बनना”।

जैन दिगम्बर के अनुसार छ: कर्तव्य है जो “दाना: दान, देवपूजा: तीर्थांकरों की पूजा करना, गुरु उपस्थी: गुरुजनों का आदर करना आत्मसंयमी बनना, संयम: विभिन्न नियमों से खुद पर काबू रखना, स्वाध्याय: धार्मिक ग्रंथों को पढ़ना, तापा: तपस्या” जोकि जैनों की मूलभूत रीति-रिवाज़ है।

 

नीचे सभी जैन पर्वों की सूची दी गई है:

जैन पर्व तारीख-2018
दीप दीवाली (Dev Diwali)  22 नवंबर, गुरुवार
महामस्तक अभिषेक (Mahamastak Abhisheka) 17 फरवरी शनिवार से 25 फरवरी रविवार तक
महावीर जयंती (Mahavir Jayanti) 29 मार्च, गुरुवार
परयूशन (Paryushana) 7 सितंबर शुक्रवार से 14 सितंबर शुक्रवार

 

 

ईसाई पर्व

विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा रंग-बिरंगे उत्सवों को मनाने के कारण भारत विभिन्न संस्कृतियों और जातियता की भूमि के रुप में है । ईसाई धर्म के लोग क्रिसमस, ईस्टर, गुड फ्राई-डे जैसे आदि त्योहार मजे से भरपूर क्रियाओं और बहुत उत्साह के साथ मनाते हैं। दूसरे धर्म के लोग भी क्रिसमस मनाते हैं जो भारत में विविधता में एकता की निशानी है।

भारत में बहुत सारी प्रसिद्ध जगह हैं जहाँ पर ईसाई त्योहारों को मनाया जाता है जैसे गोवा जहाँ सबसे पुरानी और सुंदर चर्च मौजूद है। वो दावत देते हैं, प्रार्थना करते हैं और उनके उत्सव मनाने के दौरान जुलूस निकाला जाता है।

नीचे सभी ईसाई पर्वों की सूची दी गई है:

ईसाई पर्व तारीख-2018
गुड फ्राइडे (Good Friday) 30 मार्च, शुक्रवार
ईस्टर (Easter) 1 अप्रैल, रविवार
क्रिसमस (Christmas) 25 दिसंबर, मंगलवार

 

 

बौद्ध पर्व

बौद्ध धर्म के लोग अपने भगवान बुद्ध और बोधिसत्व से अच्छी तरह जुड़ कर मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि बौद्ध समारोह पहली बार भगवान बुद्ध के द्वारा शुरु किया गया था और उन्होंने अपने भक्तों को ये सलाह दी कि अपने बंधन को मजबूत करने के लिए एक-दूसरे के संपर्क में रहें। ऐतिहासिक त्योंहार को मनाने के लिए इनके अपने रीति-रिवाज़ और विश्वास होते हैं। ये अपने पर्व को मनाने के लिए ऐतिहासिक वस्तुओं की पूजा करते हैं ।

इनका उत्सव ज्यादा धार्मिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक बन जाता है जो किसी समुदाय की सेवा करने के लिए बाध्य नहीं है।

 

नीचे सभी बुद्धिष्ठ पर्वों की सूची दी गई है:

बुद्धिष्ठ पर्व तारीख-2018
लोसर (Losar) 16 फरवरी शुक्रवार से 18 फरवरी रविवार
बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) 22 मई, मंगलवार
हेमिस गोमपा (Hemis Gompa) 23 जून शनिवार से 24 जून रविवार
उलामबना (Ullambana) 25 अगस्त, शनिवार