धन पर निबंध

धन स्वस्थ और सम्पन्न जीवन जीने के लिए जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है हालांकि, इसकी तुलना प्रेम और देखभाल से नहीं की जा सकती। दोनों का अपना अलग महत्व और लाभ है। हम यहाँ सरल और साधारण शब्दों में निबंध लेखन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए, धन पर निबंध उपलब्ध करा रहे हैं। हमारे धन पर यह निबंध विद्यार्थियों के लिए सरल हिन्दी भाषा में उपलब्ध तैयार किये गये हैं, ताकि यह आपके विभिन्न कार्यों में काम आ सके।

धन पर निबंध (Long and Short Essay on Money in Hindi)

Find here various money essays in Hindi language in different words limit (150, 200, 250, 300, 350, and 450 words).

आप अपनी आवश्यकता अनुसार धन पर दिये गये किसी भी निबंध का चयन कर सकते हैं। अपने इन निबंधों के माध्यम से हमने धन का क्या महत्व है? धन क्यों आवश्यक है? धन कैसे प्राप्त करें? धन से सुखी जीवन का संबंध, जीवन में धन की आवश्यकता, काला धन क्या है? जैसे कई सारे विषयों पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है।

धन पर निबंध 1 (150 शब्द)

धन जीवन की सबसे आधारभूत आवश्यकता है, जिसके बिना कोई भी अपने दैनिक जीवन की आधारभूत आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता। हम धन के महत्व की तुलना कभी भी प्यार और देखभाल के महत्व से नहीं कर सकते हैं। जब किसी को धन की आवश्यकता होती है, तो उसे प्यार से पूरा नहीं किया जा सकता और यदि किसी को प्यार की आवश्यकता होती है, तो उसे धन से पूरा नहीं किया जा सकता। दोनों की ही स्वस्थ जीवन के लिए बहुत अधिक आवश्यकता है लेकिन, दोनों का जीवन में अलग-अलग महत्व है।

हमें दोनों की ही तत्काल आवश्यकता है, इसलिए हम दोनों को समान पैमाने पर नहीं माप सकते हैं। हमें धन की सब जगह आवश्यकता होती है, जैसे- खाना खाने के लिए, पानी या दूध पीने के लिए, टीवी देखने के लिए, अखबार खरीदने के लिए, कपड़ें पहनने के लिए, स्कूल में प्रवेश लेने के लिए, शिक्षा प्राप्त करने के लिए, आदि अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदि।

धन

धन पर निबंध 2 (200 शब्द)

पैसा खुदा तो नहीं, पर खुदा से कम भी नहीं

जीवन निर्वाह के लिए सबसे आवश्यक वस्तुओं में से सबसे प्रमुख धन है। इसलिये हमें धन की सख्त आवश्यकता होती है, यह वह समय है जब जीवन के लिए धन नही, धन के लिए जीवन हो गया है। धन हमारे जीवन निर्वहन की सबसे आधारभूत आवश्यकता है, जिसके बिना कोई भी अपने दैनिक जीवन की आधारभूत आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता। हम धन के महत्व की तुलना कभी भी प्यार और देखभाल के महत्व से नहीं कर सकते हैं। जब किसी को धन की आवश्यकता होती है, तो उसे प्यार से पूरा नहीं किया जा सकता और यदि किसी को प्यार की आवश्यकता होती है, तो उसे धन से पूरा नहीं किया जा सकता। दोनों ही अच्छे जीवन के लिए बहुत आवश्यक है लेकिन, दोनों का जीवन में अलग-अलग महत्व है।

जीवन को सही तरह से व्यतीत करने के लिए दोनो की ही आवश्यकता होती है, इसलिए हम दोनों को समान पैमाने पर नहीं माप सकते हैं। हमें धन की सब जगह आवश्यकता होती है, जैसे- खाना खाने के लिए, पानी या दूध पीने के लिए, टीवी देखने के लिए, अखबार खरीदने के लिए, कपड़ें पहनने के लिए, स्कूल में प्रवेश लेने के लिए, शिक्षा प्राप्त करने के लिए, आदि अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदि जैसी सुविधाओं को धन के बिना पूरा नही किया जा सकता है।

 

धन पर निबंध 3 (300 शब्द)

प्रस्तावना

धन जीवन की आधारभूत आवश्यकता है, जिसके बिना कोई भी स्वस्थ और शान्तिपूर्ण जीवन की कल्पना नहीं कर सकता है। हमें अपनी छोटी से छोटी आवश्यकता को पूरा करने के लिए धन की आवश्यकता होती है। आधुनिक समय में, जब सभ्यता का विकास तेजी से हो रहा है और हर कोई पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण कर रहा है, ऐसे समय में हमें वस्तुओं के बढ़ते हुए मूल्य के कारण अधिक धन की आवश्यकता होती है। पहले समय में, एक प्रथा प्रचलन में थी जिसे विनिमय प्रणाली कहा जाता था, जिसमें किसी को भी एक वस्तु के बदले में दूसरी वस्तु प्राप्त हो जाती थी हालांकि, अब इस आधुनिक संसार में प्रत्येक वस्तु या चीज को खरीदने के लिए केवल धन की आवश्यकता होती है।

पैसा

आजकल आपको हर एक काम के लिए पैसे चाहिए, कपड़े, भोजन के लिए, एक आश्रय के लिए और यहां तक कि कई स्थानों पर आपको पानी के लिए भी पैसे चुकाने पड़ते हैं। हालांकि ऐसा भी कहा जा सकता है कि ‘पैसा हर खुशी नही प्रदान कर सकता है’ लेकिन क्या आप बिना किसी पैसे के खुश रह सकते हैं? चूंकि पैसा हमारे जीवन का एक बड़ा हिस्सा है, इसलिए आपको खुश रहने के लिए कम से कम धन की आवश्यकता तो होती ही है।

निष्कर्ष

धन का महत्व दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है, क्योंकि हमारा रहन-सहन बहुत महँगा हो गया है। धन के महत्व में उत्पादन, उपभोग, विनिमय, वितरण, सार्वजनिक राजस्व आदि के क्षेत्र में बड़े स्तर पर वृद्धि हुई है। यह आय, रोजगार, आगम-निगम, सामान्य मूल्य स्तर आदि के निर्धारण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि वर्तमान समय के परिदृश्य को देखा जाए तो इस बात में कोई संदेह नहीं है कि, जिसके पास धन की अधिकता है, वो ही संसार में अधिक सभ्य माना जाता है। अतः हम कह सकते हैं कि जीवन के हरेक पहलू में धन काफी आवश्यक है।


 

धन की आवश्यकता पर निबंध 4 (400 शब्द)

प्रस्तावना

इस तरह के प्रतियोगी समाज और संसार में, हम में से कोई भी बिना धन के जीवित नहीं रह सकता। हमें अपनी आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए धन की आवश्यकता होती है, जैसे- भोजन खरीदना, और जीवन की अन्य आधारभूत आवश्यकताएं, जिन्हें बिना धन के प्राप्त करना बिल्कुल असंभव है। समाज में वे लोग जो धनी हैं और जिनके पास सम्पत्ति है, उन्हें समाज में आदरणीय और सम्मानित व्यक्ति माना जाता है हालांकि, एक गरीब व्यक्ति को बिना किसी अच्छी भावना के घृणा की दृष्टि से देखा जाता है।

 

धन की आवश्यकता

धन समाज में व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि करता है और उसकी एक अच्छी छवि का निर्माण करता है। हम सभी व्यापार, अच्छी नौकरी, अच्छे व्यवसाय आदि के माध्यम से अधिक से अधिक धन कमाकर धनी होना चाहते हैं ताकि, हम आधुनिक समय की बढ़ती हुई सभी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें। यद्यपि, बहुत कम ही लोगों को अपने करोड़पति बनने के सपने को पूरा करने का अवसर मिलता है। इसलिए, धन पूरे जीवन में महत्व रखने वाली वस्तु है।

धन की आवश्यकता सभी को होती है, चाहे वह गरीब हो या अमीर और शहरी क्षेत्र का हो या फिर ग्रामीण क्षेत्र का। शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों से अधिक धन कमाते हैं क्योंकि शहरी इलाकों के लोगों की तकनीकी तक पहुँच बहुत आसान होती है और उनके पास अधिक स्रोत होते हैं, जो उनकी धन कमाने की क्षमता को बढ़ाते हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग विकास के क्षेत्र में पिछड़ जाते हैं और शहरी क्षेत्र अधिक विकसित हो जाते हैं।

निष्कर्ष

धन के महत्व में उत्पादन, उपभोग, विनिमय, वितरण, सार्वजनिक राजस्व आदि के क्षेत्र में बड़े स्तर पर वृद्धि हुई है। यह आय, रोजगार, आगम-निगम, सामान्य मूल्य स्तर आदि के निर्धारण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि वर्तमान समय के परिदृश्य को देखा जाए तो इस बात में कोई संदेह नहीं है कि, जिसके पास धन की अधिकता है, वो ही संसार में अधिक सभ्य माना जाता है। पहले समय में, एक प्रथा प्रचलन में थी जिसे विनिमय प्रणाली कहा जाता था, जिसमें किसी को भी एक वस्तु के बदले में दूसरी वस्तु प्राप्त हो जाती थी हालांकि, अब इस आधुनिक संसार में प्रत्येक वस्तु या चीज को खरीदने के लिए केवल धन की आवश्यकता होती है।


 

धन का महत्व पर निबंध 5 (500 शब्द)

प्रस्तावना

धन जीवन में बहुत ही आवश्यक वस्तु है हालांकि, यह समय, प्यार और सच्ची देखभाल जैसी चीजों को नहीं खरीद सकता है। यह तो केवल एक व्यक्ति की बाहरी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकता है न कि आन्तरिक आवश्यकताओं को जैसे- प्यार। आजकल, हर चीज महँगी हो गयी है लेकिन, उन्हें खरीदना साधारण जीवन जीने के लिए बहुत ही आवश्यक है। यदि हमारे पास धन नहीं होगा तो हमारी स्थिति कैसी होगी, इस सत्य की कोई व्यक्ति कल्पना भी नहीं कर सकता।

धन का महत्व

  • धन के अभाव में व्यक्ति की मृत्यु निश्चित है और यदि जीवित भी रहता है तो उसे बहुत से कष्टों का सामना करना पड़ता है। धन हमें सभी आवश्यक चीजों को खरीदने के योग्य बनाता है और पूरे जीवन भर हमारी मदद करता है। यदि हम जीवन में धन के महत्व को समझ जाए तो हमें कभी भी धन को बिना किसी उद्देश्य के व्यय या दुर्पोयोग नहीं करेंगे। हम धन और प्यार की तुलना नहीं कर सकते हैं, क्योंकि एक सफल जीवन जीने के लिए हमें धन और प्यार दोनों की ही आवश्यकता होती है।
  • इस प्रतियोगी संसार में, अच्छी नौकरी प्राप्त करके धन कमाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति प्रसिद्ध कालेज या विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा के साथ अच्छी पढ़ाई करना चाहता है। परिवार में सभी सदस्यों की आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक व्यक्ति को अधिक धन कमाने की जरूरत होती है, विशेष रुप से उस व्यक्ति के लिए, जो परिवार में केवल अकेला कमाने वाला होता है।
  • अपने परिवार के सभी सदस्यों की खाने, पहनने, और रहने की आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक व्यक्ति को धन की आवश्यकता होती है। समाज में धनी व्यक्तियों की विशेष पहचान और प्रसिद्धि होती है हालांकि, गरीब लोग अपना जीवन एक दिन में केवल दो वक्त का भोजन प्राप्त करने में ही व्यतीत कर देते हैं। ये सभी परिवर्तन और अन्तर केवल धन के कारण ही है।

कलह का कारण

जिस भी घर में धन की कमी होती है वहां आये दिन लड़ाई-झगडे होते रहते है। पति-पत्नी में झगडे होते रहते है। न धन कमाने की दशा में कोई एक दूसरे की इज्जत नहीं करता। पड़ोसी तथा रिश्तेदार भी गरीब व्यक्ति को हेय दृष्टि से देखते है। उससे कतराने लगते है यह सोचकर कि कही वो व्यक्ति उससे धन न मांग ले। इसके साथ ही आज के समय में तो कोई गरीब व्यक्ति से दोस्ती भी नहीं करना चाहता।

निष्कर्ष

धन न तो समय को खरीद सकता है और न ही रोक सकता है और साथ में न ही सच्चे प्यार तथा देखभाल को खरीद सकता है। लेकिन फिर भी इसकी सभी को आवश्यकता होती है, ताकि जीवन को सही रास्ते पर अग्रसित किया जा सके। भले ही धन समय और प्यार नहीं दे सकता लेकिन फिर हमें यह खुशी, आत्मविश्वास, सन्तुष्टि, शारीरिक और मानसिक शान्ति अवश्य प्रदान करता है। जिसके कारण हमें जीवन जीने में आसानी होती है और हरेक कठिन समस्या को सुलझाया जा सकता है।


 

धन पर निबंध 6 (600 शब्द)

प्रस्तावना

अपने जीवन को सन्तुष्टि पूर्ण तरीके से जीने के लिए मनुष्य के लिए धन बहुत ही महत्वपूर्ण वस्तु है। जिस प्रकार सभी स्थानों पर पेड़ और पशु पाए जाते हैं, उसी तरह हमें भी हर जगह धन की आवश्यकता होती है। समाज में रहने के लिए, हमें समाज में अपने पद और स्थिति को बनाए रखने के लिए धन की आवश्यकता होती है। खाना खाने या पानी पीने, कपड़े पहनने, स्कूल में प्रवेश लेने के लिए, दवा लेने के लिए या अस्पताल में इलाज कराने के लिए या फिर अन्य गतिविधियों के लिए, हमें बहुत अधिक धन की आवश्यकता होती है। अब यह सवाल उठता है कि, इस आवश्यक धन को कैसे प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए हमें उच्च स्तरीय पढ़ाई और कठिन मेहनत करनी पड़ती है ताकि, हमें अच्छी नौकरी प्राप्त हो सके या फिर हम अपना स्वयं का व्यवसाय खोले, जिसके लिए हमें अधिक कौशल और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है।

धन से लाभ

  • सम्मान पूर्ण जीवन जी सकते है:

किसी व्यक्ति का सम्मान तभी होता है जब वो आर्थिक रुप से समृद्ध  होता है। नहीं तो आज के समाज में धनहीन व्यक्ति की कोई इज्जत नहीं है।

  • शुद्ध और पौष्टिक भोजन खा सकते है:

जिनके पास धन है वो तरह-तरह के स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजनों का आनंद ले सकते है। और खुद को बीमारियों से बचा सकते है।

  • अपनी सुरक्षा की जा सकती है:

आजकल के समाज में चोरी, डकैती बहुत बढ़ गयी है और अमीर  व्यक्ति धन की वजह से अपने लिए सुरक्षा प्रदान कर सकते है।

  • कर्ज चुकाया जा सकता है:

किसी व्यक्ति से लिया गए कर्ज  अमीर व्यक्ति बहुत ही आसानी से कर्ज चूका सकता है।

  • भौतिक सुखों का भोग प्राप्त किया जा सकता है:

पर्याप्त मात्रा में धन होने पर सभी भौतिक सुखों का भोग किया जा सकता है जैसे अच्छा मकान लेना, अच्छे कपड़े, कारें और अन्य दूसरी चीजे।

अमीरों का गरीबों पर दबाव

पहले, अमीर लोगों के अधिक दबाव के कारण गरीबों की स्थिति बहुत ही दयनीय थी। वे गरीब लोगों की मदद नहीं करते थे और उन्हें बहुत ही कम वेतन पर केवल अपने नौकर की तरह प्रयोग करते थे। यद्यपि, अब सरकार के नए नियमों और कानूनों को लागू करने के कारण गरीबों की स्थिति में पहले की अपेक्षा कुछ सुधार अवश्य हुआ है, क्योंकि सरकार ने गरीबों की स्थिति में सुधार करने के लिए समानता के अधिकार को लागू किया है। अब सभी को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अच्छी नौकरी प्राप्त करने के लिए समान अवसर मिलता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि, धन लोगों के मन में बुराई को जन्म देता है हालांकि, मैं ऐसा नहीं सोचता, क्योंकि सोच मानव शरीर की एक क्रिया है न कि धन की।

निष्कर्ष

मैं समझता हूँ और मानता हूँ कि, धन खुशियों की बहुत महत्वपूर्ण चाबी है, जिसे भगवान द्वारा हमें उपहार में दिया गया है। यह मानव के मस्तिष्क पर निर्भर करता है कि, वह इसे किस तरीके से लेता है। कुछ लोग इसे केवल अपनी भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रयोग करते हैं और वे इसे कभी भी दिल से नहीं लेते हालांकि, कुछ लोग धन को ही अपना सब कुछ मान लेते हैं और वे धन प्राप्त करने के लिए कुछ भी करने को तैयार होते हैं। इसकी प्राप्ति के लिए वे हत्या, चोरी, डकैती, भ्रष्टाचार, रिश्वत लेना आदि जैसे कोई भी आपराधिक कार्य कर सकते हैं।


 

धन पर निबंध 7 (700 शब्द)

प्रस्तावना

इसमें कोई संदेह नहीं है कि, धन हमारे एक अच्छे जीवन के लिए काफी आवश्यक है। धन हमारे लिए लगभग सब कुछ है। समाज में उच्च पद को बनाए रखने के लिए, यह बहुत ही आवश्यक है। यह केवल धन ही है जो, हमारे जीवन की सभी शुरुआती आवश्यकताओं, आराम और जरूरतों को पूरा कर सकता है। यदि किसी के पास धन है, तो वह अपने जीवन में अपनी सभी इच्छाओं को पूरा कर सकता/सकती है, जो उसके व्यक्तित्व के विकास, आत्मविश्वास में सुधार, विश्वसनीय, योग्यता में वृद्धि, क्षमता में वृद्धि और साहस में बहुत बड़े स्तर पर वृद्धि करने में मदद करता है।

बिना धन के हम इस संसार में निःसहाय और अकेला महसूस करते हैं, जहाँ कोई भी हमारी मदद और सहायता व सुझाव देने के लिए नहीं होता। इस वर्तमान भौतिक संसार में, धन बहुत ही महत्वपूर्ण और शक्तिशाली वस्तु है, जिसके बिना कोई भी जीवित नहीं रह सकता।

सुविधा का साधन

धन होने पर हर कोई व्यक्ति हर तरह का सुख प्राप्त कर सकता है। जैसे अच्छा भोजन, अच्छे कपड़े, मोबाइल फोन, टीवी, फ्रिज, ओवन, बंगला, मोटर कार आदि। जबकि गरीब लोग धन न होने के कारण विभिन्न परेशानियों से जूझते रहते है। वो बसों, ट्रेनों के जनरल डिब्बे में धक्के खाने को मजबूर है। मलिन बस्तियों में रहने को मजबूर है जहाँ उन्हें अनेक रोगों का सामना करना पड़ता है। जबकि इसके विपरीत एक अमीर व्यक्ति उच्च श्रेणी का टिकट लेकर आराम से यात्रा कर सकता है।

गलत ढंग से कमाया गये धन का प्रभाव

आजकल, गलत ढंग से धन कमाने के लिए बुरे लोग, भ्रष्टाचार, रिश्वत, गैर-कानूनी कार्य, अपहरण, समाज के अमीर लोगों की हत्या आदि बुरे कार्यों का सहारा लेते हैं, जो मानवता के सभी नैतिक मूल्यों और आदर्शों की ह्रास करते हैं। आलसी लोग धन प्राप्त करने के गलत तरीकों का प्रयोग करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि, धन कमाने के ये सबसे आसान और सरल रास्ते हैं हालांकि, यह सत्य नहीं है। इन तरीकों से कोई भी व्यक्ति कम समय और प्रयासों में धन प्राप्त कर सकता हैं, लेकिन बहुत अधिक समय तक नहीं। निश्चित ही वो एक दिन आने वाले समय में पकड़ा जायेगा क्योंकि वो एक गलत और कमजोर रास्ते पर चल रहा था। वे व्यक्ति जो मानवता के सभी नियमों का पालन करके धन कमाते हैं, वे कम धन कमाते हैं परन्तु, वह धन बहुत अधिक समय तक प्रयोग में आता है और वे समाज के उच्च सम्मानित व्यक्ति बनते हैं।

काला धन

भ्रष्टाचार करने वाले लोग अपना धन, दूसरे देशों में, सामान्य जनता से छिपाने के लिए काले धन के रुप में छिपाते हैं और इस धन को वे बुरे कार्यों या अपने भौतिक आराम को बढ़ाने में लगाते हैं। यद्यपि, समाज के आम लोग, गलत तरीकों से धन कमाने वाले लोगों का बहुत अधिक सम्मान करते हैं क्योंकि, वे उन लोगों से डरते हैं। इसके साथ ही उन्हें थोड़ा सा लालच भी होता है कि, यदि वे उन लोगों की चापलूसी करेंगे तो उन्हें भी कुछ धन प्राप्त हो जाएगा। ऐसे लोग आमतौर पर, भाई, भाऊ, दादा या डॉन कहे जाते हैं। धन न तो समय को खरीद सकता है और न ही रोक सकता है और साथ में न ही सच्चा प्यार और देखभाल को खरीद सकता है, फिर भी इसकी सभी के द्वारा माँग की जाती है, ताकि जीवन को सही रास्ते पर अग्रसर किया जा सके। यह समय और प्यार नहीं दे सकता हालांकि, खुशी, आत्मविश्वास, सन्तुष्टि, शारीरिक और मानसिक शान्ति अवश्य प्रदान करता है। जिसके कारण जीवन जीने में आसानी होती है और हरेक कठिन समस्या को सुलझाया जा सकता है।

काले धन की समस्या ने भारत में कई अन्य मुद्दों को जन्म दिया है। काले धन की वजह से प्रमुख मुद्दों में गलत जानकारी फ़ैल रही है, जिसमें देश की अर्थव्यवस्था मुख्य है। सरकार पूरी तरह से टैक्स राजस्व पर निर्भर है और काले धन जमा करने के लिए टैक्स की चोरी से देश की राजकोष प्रणाली पर बुरा असर पड़ा है। इन प्रभावों के अलावा यह आम जनता पर भी असर डालता है क्योंकि यह देश में सामाजिक और आर्थिक असमानता का आधार है।

निष्कर्ष

आज के समय में सब लोग अधिक से अधिक धन पाना चाहते है। कुछ लोग भ्रष्ट तरीके से धन का संग्रह करते है जो कि गलत है। भले ही धन जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है लेकिन अवैध तरह से धन एकत्र करना सही कार्य नही है और यह व्यक्ति के पतन का कारण बनता है। यहीं कारण है कि लोगों को ईमानदारी से धन कमाना चाहिए और इसका दुर्पयोग करने के बजाय इसे अच्छे कामों में लगाना चाहिए।


 

ऊपर दिए गए सभी “धन पर निबंध” विद्यार्थियों की मदद करने के उद्देश्य से पेशेवर लेखकों के द्वारा लिखे गए हैं, जिनमें से विद्यार्थी अपनी जरुरत और आवश्यकता के अनुसार कोई भी ‘धन पर निबंध’ को चुन सकते हैं।धन पर निबंध आमतौर पर, विद्यार्थियों के लिए स्कूल में निबंध प्रतियोगिता के दौरान अपने विचारों को प्रदर्शित करने के लिए दिए जाते हैं।