मेरी रुचि पर निबंध

रुचि वह वस्तु है जिसे एक व्यक्ति अपने खाली समय में करना पसंद करता है। एक व्यक्ति के पूर्ण विकास के लिए उसके अंदर रुचि का होना काफी आवश्यक है। आमतौर पर स्कूलों या कलेजों तथा निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों के लिए मेरी हॉबी (रुचि) पर निबंध या पैराग्राफ लेखन का कार्य दिया जाता है। मेरी रुचि के इसी महत्व को देखते हुए, हमनें यहाँ विभिन्न शब्द सीमाओं में विद्यार्थियों के लिए मेरी रुचि पर निबंध उपलब्ध कराये हैं। जो कई सारे कार्यों में आपके काम आयेंगे ऐसे ही अन्य सामग्रियों के लिए भी आप हमारे वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं।

मेरी रुचि पर बड़े तथा छोटे निबंध (Long and Short Essay on My Hobby in  Hindi)

We have provided here essays on my hobby in Hindi language for students in different words limit like 100, 200, 300, 400, 500 and 600 words.

इन दिये गये निबंधों में से आप अपनी आवश्यकता अनुसार किसी भी निबंध का चयन कर सकते हैं, यह निबंध काफी सरल तथा ज्ञानवर्धक है। इन निबंधों के माध्यम से हमनें मेरी रुचि के विभिन्न विषयों जैसे कि, रुचि क्या है? रुचि क्यों आवश्यक है? रुचि का क्या महत्व है? रुचि को कैसे परिभाषित करें? रुचि हमारे जीवन निर्माण के लिए क्यों आवश्यक है? आदि पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है।

मेरी रुचि पर निबंध 1 (100 शब्द)

शौक, आनन्द, मनोरंजन और ज्ञान-प्राप्ति के सबसे अच्छे साधन हैं। इनके द्वारा समय का सदुपयोग भी होता है,  खाली और फुर्सत के समय के लिए ये सर्वोत्तम हैं। खाली समय में फुटबाल खेलना मेरा सबसे ज्यादा पसंदीदा शौक है। घर पर अपना गृहकार्य पूरा करने के बाद, मैं आमतौर पर अपना अधिकतर खाली समय फुटबॉल खेलने में व्यतीत करता हूँ। मैं बचपन से ही फुटबॉल खेलने का बहुत शौकीन हूँ हालांकि, जब मैं 5 साल का था, तब मैंने इस खेल को सही ढंग से खेलना सीखा। जब मैं 5 साल का था उस समय, मैं कक्षा 1 में था।

पिताजी ने कक्षा अध्यापक को मेरे फुटबॉल खेलने के शौक के बारे में शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन में बताया था। और मेरे अध्यापक ने पिताजी को बताया कि, कक्षा 1 से ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रतिदिन खेल खेलने की सुविधा है, इसलिए आप अपने बच्चे को यहाँ प्रवेश दिला सकते हैं। अब मैं वास्तव में, फुटबॉल खेलने का आनंद लेता हूँ, और विद्यालय की आन्तरिक प्रतियोगिताओं में भी भाग लेता हूँ।

मेरी रुचि

मेरी रुचि पर निबंध 2 (200 शब्द)

प्रस्तावना

मनुष्य जीवन अनेक प्रकार की भावनाओं और कल्पनाओं, आशा तथा आकांक्षाओं के भाव आवेगों में झूलता रहता है। दुःख और निराशाओं, संकट और संघर्षों से जूझता-टकराता कभी सुख और दुःख, कभी सफलता और कभी असफलता, कभी लाभ तथा कभी हानि का सामना करना पड़ता है।

शौक

मुझे पढ़ने का बहुत शौक है, चाहे वो अखबार, समाचार, उपन्यास, सामान्य ज्ञान की किताब, अन्य ज्ञानवर्धक किताब हो या फिर किसी अच्छे लेखक द्वारा लिखी कोई किताब हो। मैं अपने खाली समय में अधिकतर कोई भी कहानियों की किताब, समाचार पत्र, मैगजीन और अन्य ऐसे लेखों को पढ़ता हूँ, जिसमें मेरे प्रयोग में आने वाली जानकारीयां उपलब्ध हों। किताबों को पढ़ने की, मेरी इस रुचि पर सबसे पहले मेरे पिता जी ने ध्यान दिया और उन्होंने मुझे यह कहकर प्रोत्साहित किया कि यह बहुत अच्छी आदत है, मेरे बेटे, जो तुम्हें प्राकृतिक रुप से मिली है, अपनी इस आदत को कभी मत जाने देना और हमेशा इसे अपने अभ्यास में रखना। मैं बहुत छोटा बच्चा था, और परियों की कहानी और मेरे माता-पिता द्वारा दी जाने वाली अन्य कहानियों की किताबों को बहुत अधिक रुचि के साथ पढ़ता था।

निष्कर्ष

अब में 10 साल का हूँ और कक्षा 5 में पढ़ता हूँ। अब मुझे वास्तव में, अपने पढ़ने की इस रुचि के लाभ दिखाई देते हैं। इसने मुझे सामान्य ज्ञान के किसी भी विषय पर जानकारी प्राप्त करने में सक्षम बनाया है। इस आदत ने मुझे दुनिया के आश्चर्यों, जीव की उत्पत्ति का इतिहास, अंतरिक्ष, पशु, पक्षी, पेड़-पौधे, जलीय जीवों और संसार के बारे में अन्य आश्चर्यजनक चीजों के बारे में जानने में सहायता की है।

 

मेरीरुचि पर निबंध 3 (300 शब्द)

प्रस्तावना

मेरा पसंदीदा शौक खाली समय में रुचि पूर्ण और ज्ञानवर्धक किताबों को पढ़ना है। जब कभी भी मैं स्कूल से घर जाता हूँ, तो अपना गृहकार्य पूरा करने के बाद इस तरह, की किताबों को पढ़ना पसंद करता हूँ। मैं 12 वर्ष का हूँ और कक्षा 7 में पढ़ता हूँ। अब, मैं यह अच्छी तरह से जानता हूँ, कि किताबों को पढ़ना बहुत अच्छी आदत है, जो मुझे पूर्ण बनाती है। यह शौक किसी के भी द्वारा विकसित किया जा सकता है हालांकि, मुझे यह प्राकृतिक रुप से मिला है। किताबों को पढ़ना एक व्यक्ति को खुश और व्यस्त रखता है। यह आनंद, ज्ञान, प्रोत्साहन और सूचना का अच्छा स्रोत है। यह हमें अनुशासन, न्यायप्रिय,विश्वसनीय, समय का पाबंद और इससे भी अधिक महत्वपूर्ण एक सफल व्यक्ति बनाता है।

मेरी रुचि

किताबों को पढ़ने के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अकेला और परेशान नहीं रह सकता। मेरा मानना है कि, यह आदत संसार में सोने से भी ज्यादा कीमती है। यह हमें विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए उच्च स्तर का ज्ञान, आदर्श विचार, अच्छी सोच, आदि प्रदान करता है। जो किताबें पढ़ने के शौकीन होते हैं, उनके लिए अच्छी और रुचि पूर्ण किताबें अच्छे मित्र की तरह होती है। जिसके पास यह आदत नहीं है, चाहे उसके कितनी भी अधिक सांसारिक वस्तुएं और धन क्यों न हो, फिर भी वह ज्ञान की सच्ची दौलत के अभाव में गरीब होता है। किताब पढ़ने की आदत या शौक को,किसी के भी द्वारा युवा अवस्था में भी प्रयास करने के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।

निष्कर्ष

प्रत्येक व्यक्ति कुछ न कुछ शौक रखता है। शौक हमें आनंद देते हैं। शौक रखने से हमें ऊब नहीं होती। विशाल विश्व में प्रत्येक व्यक्ति की अपनी ही मनोवृत्ति और प्रवृत्ति होती है, उसकी रुचि और कामना भी अलग-अलग प्रकार की होती है। इसी सन्दर्भ के कारण किसी व्यक्ति को मीठा प्रिय लगता है और किसी को खट्टा ज्यादा रुचिकर प्रतीत होता है।


मेरी प्रिय रुचि पर निबंध 4 (400 शब्द)

प्रस्तावना

शौक एक खाली समय में की जाने वाली गतिविधि है। यह एक उद्देश्यपूर्ण तरीके से खाली समय का उपयोग करने में हमारी सहायता करता है। शौक, आनन्द, मनोरंजन और ज्ञान-प्राप्ति के सबसे अच्छे साधन हैं। इसके द्वारा हम समय का सदुपयोग भी कर पाते है। खाली और फुर्सत के समय के लिए ये सर्वोत्तम हैं।

 

मेरा शौक - टेलीविजन (दुनिया भर की ताजा खबरें)

मेरा पसंदीदा शौक टीवी देखना है। मैं खाली समय में टीवी देखना बहुत पसंद करता हूँ। टीवी देखना मेरा शौक है, लेकिन मेरा यह शौक मेरी पढ़ाई में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करता। सबसे पहले, मैं अपना गृहकार्य और याद करने का कार्य पूरा करता हूँ और उसके बाद टीवी देखता हूँ। मुझे लगता है कि, मेरा यह शौक बहुत अच्छा है, क्योंकि टीवी देखने से मुझे विभिन्न क्षेत्रों के बारे में जानकारी मिलती है। मुझे आमतौर पर, समाचार और डिस्कवरी चैनल के साथ ही एनिमल प्लैनेट चैनल पर कार्यक्रम देखना पसंद है। मुझे कुछ अच्छे कार्टून देखना भी पसंद है, जिनसे मुझे कला और कार्टून बनाने के क्रियात्मक विचार मिलते हैं। मेरे माता-पिता मेरी इस आदत की प्रशंसा करते हैं और उन्हें उस समय बहुत खुशी होती है, जब वे मुझसे सभी ताजा खबरों को सुनते हैं।

अभी मैं 8 साल का हूँ और कक्षा 3 में पढ़ता हूँ हालांकि, मेरे इस शौक का विकास मेरे बचपन में ही हो गया था। सही ढंग से टीवी देखना, हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमें दुनिया भर में होने वाली सभी घटनाओं के बारे में ताजी जानकारियों के विषय में बताता है। दुनिया भर में घटित होने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी रखना वर्तमान समय के आधुनिक समाज में बढ़ती हुई, प्रतियोगिता के कारण बहुत अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

कुछ लोगों का मानना है कि, टीवी देखना केवल समय की बरबादी करना है लेकिन, वे इस वास्तविकता से बिल्कुल अनभिज्ञ है कि, यदि टीवी को सही ढंग से देखा जाए, तो यह एक व्यक्ति को सफलता के रास्ते की ओर ले जात है। इसे देखने के बहुत से लाभ हैं, क्योंकि यह हमारे ज्ञान में सुधार के साथ ही हमारी जीवन-शैली से संबंधित बहुत सी सूचनाएं देता है। टीवी पर ऐसे कई कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं जो वास्तव में, दुनिया भर की घटनाओं के बारे में हमारी जागरूकता बढ़ाते हैं। टीवी पर बहुत से विषयों पर आधारित कार्यक्रम भी प्रसारित किए जाते हैं जैसे- इतिहास, गणित, अर्थशास्त्र, विज्ञान, भूगोल, संस्कृति आदि के बारे में लोगों को अधिक जागरूक करने के लिए प्रसारित किए जाते हैं।

निष्कर्ष

हमारी रुचि वह वस्तु है जो की हमें भविष्य में आगे बढ़ने की राह दिखाती है। हम अपनी रुचि को ध्यान में रखते हुए यह समझ सकते है की हमें किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। और फिर हम उसी क्षेत्र में अपना कॅरिअर बनाते है। इसलिए हर मनुष्य के जीवन उसकी एक अलग रुचि होती है जजों उसके सफलता का कारण बनती है।


 

मेरी रुचि (शौक) पर निबंध 5 (500 शब्द)

प्रस्तावना

लोगों के कई तरह के शौक होते है जैसे - चित्रकला, पतंग उड़ाना, मूर्तिकला, किताबें पढ़ना, टेलीविजन देखना, कढ़ाई, बुनाई, खाना बनाना, शूटिंग करना, किताबें पढ़ना, बागवानी, फोटोग्राफी, मछली पकड़ना,संगीत सुनना, संगीत वाद्ययंत्र बजाना, पक्षी-देखना, टिकट संग्रह, पुराने सिक्के का संग्रह इत्यादि हैं।

शौक का अर्थ

शौक किसी भी व्यक्ति में उसकी अन्य आदतों में से एक विशेष रुचि को प्रदर्शित करता है जो उसकी सारी आदतों से अलग होता है। शौक बहुत अच्छी वस्तु है, जो हर किसी में होता है। किसी भी वस्तु का शौक होना एक अच्छी आदत है जो सभी में होनी बहुत आवश्यक है, क्योंकि यह उस व्यक्ति को उसकी पसंद की चीजों को करने के लिए प्रेरित करता है। यह व्यक्ति को खुले दिमाग से किसी कार्य में व्यस्त करता है। यह हमें कभी भी अकेला नहीं छोड़ता और हमारा मानसिक बीमारियों से बचाव करता है।

मुझे आज भी याद है कि, जब मैं केवल 3 साल का था, मुझे आमतौर पर, बगीचे मैं अपना खाली समय व्यतीत करना अच्छा लगता था। मैं अपने पिताजी के साथ प्रतिदिन सुबह को पार्क में जाना बहुत पसंद करता था। जब मैं छोटा बच्चा था, तब मेरे पिताजी मुझे छोटे पौधों को पानी देते हुए देखकर अकसर हसा करते थे। लेकिन अब वह मुझ पर गर्व करते हैं कि, मैंने पौधों के जीवन को बचाने के लिए कुछ किया और पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व के लिए उनके महत्व और मूल्य को समझा।

शौक हमारे प्रतिदिन के जीवन का वो हिस्सा होता है, जिसे हम हर रोज अवश्य करते हैं। यह हमारी प्रतिदिन के दबाव से बचने में मदद करता है। यह हमें बहुत अधिक आनंद और शारीरिक, मानसिक व आत्मिक शान्ति प्रदान करता है। यह एक योग और ध्यान की तरह है, कभी-कभी तो इससे भी अधिक लाभ प्रदान करता है। यह हमारे मस्तिष्क को क्रियात्मकता की ओर ले जाता है और जीवन में कुछ बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। अच्छी आदतें नाटकीय रुप से हमारे व्यक्तित्व और चारित्रिक विशेषताओं में सुधार करने के साथ ही हमारे प्रदर्शन को बेहतर करती हैं। यह हमारी योग्यता और क्षमता को खोजने में मदद करता है और उन्हें सही दिशा में प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। हमारे शौक हमें जीवन की दैनिक भीड़ से अलग रखकर, हमारे दिमाग को ताजा और शान्त बनाते हैं।

मेरा प्रिय शौक

मेरा पसंदीदा शौक बागवानी करना है और मुझे नए पौधों को लगाना और उन्हें हर सुबह पानी देना बहुत अच्छा लगता है। खिलते हुए फूलों और बढ़ते हुए पौधों को देखकर मुझे महान उपलब्धी महसूस होती है और जीवन की वास्तविकता का अहसास होता है। यह मुझे तंदुरुस्त, मजबूत, स्वस्थ और तरोताजा रखने में मदद करता है। प्रतिदिन पेड़ों को पानी देना और बागवानी करना, मेरे लिए सबसे अच्छा व्यायाम है, जो मेरे मस्तिष्क और शरीर को सकारात्मक की ओर मोड़ता है।

निष्कर्ष

हमारे शौक हमें आनंद प्रदान करने का कार्य करते हैं। शौक रखने से हमें जीवन में ऊबाहट नहीं महसूस होती है। विशाल विश्व में प्रत्येक व्यक्ति की अपनी ही मनोवृत्ति और प्रवृत्ति होती है, उसकी रुचि और कामना भी अलग-अलग प्रकार की होती है। इसी सन्दर्भ के कारण किसी व्यक्ति को मीठा प्रिय लगता है और किसी को खट्टा ज्यादा रुचिकर प्रतीत होता है। शौक हमारे प्रतिदिन के जीवन का वो हिस्सा होता है, जिसे हम हर रोज अवश्य करते हैं। यह हमारी प्रतिदिन के दबाव से बचने में मदद करता है।


 

मेरी रुचि (शौक) पर निबंध 6 (600 शब्द)

प्रस्तावना

किसी भी वस्तु या कुछ करने का शौक अच्छी चीज है, जो एक व्यक्ति को बचपन से प्राप्त होता है। इसे किसी भी आयु में विकसित किया जा सकता है हालांकि, बचपन से ही किसी शौक का होना अपना एक अलग महत्व रखता है। हम सभी कुछ कामों को अपनी रुचि के अनुसार करते हैं जो, हमें खुशी और आनंद प्रदान करते हैं, वही शौक कहलाता है। कुछ लोगों में अपनी रुचियों, पसंद और नापसंद के अनुसार अलग-अलग शौक होते हैं।

ऐसे बहुत से शौक हैं, जो हम विकसित कर सकते हैं; जैसे- नाचना, गाना, संगीत सुनना, चित्रकारी करना, इंडोर या आउटडोर खेल खेलना, चिडियों को देखना, प्राचीन चीजों को एकत्र करना, फोटो खींचना, लिखना, अलग-अलग चीजों को खाना, पढ़ना, बागवानी करना, आदि। हमारे शौक हमारे जीवन-यापन में मदद करते हैं, जिसकी मदद से हम सफल कैरियर का निर्माण कर सकते हैं। शौक वह होता है, जिसका हम अपने खाली समय में पूरी तरह आनंद लेते हैं।

मेरा पसंदीदा शौक

मेरा पसंदीदा शौक खाना बनाना, संगीत सुनना और बागवानी करना है हालांकि, मैं हमेशा बागवानी करना पसंद करता हूँ। मेरे लिए बागवानी करना ध्यान करने जैसा है, जो मेरे कार्य करने की क्षमता, रुचि और योग्यता में सुधार करती है। यह मुझे उच्च स्तर की शान्ति प्रदान करती है और मेरे पूरे दिन को उपयोगी बनाती है। हर सुबह, मैं अपने बगीचे में खिलते हुए फूलों, धीरे-धीरे बढ़ते हुए पौधों को देखकर आनंद लेता हूँ। मैं अपने बगीचे में प्रतिदिन सूरज निकलने और छिपने का भी आनंद लेता हूँ।

मैं आमतौर पर, स्कूल से मिले गृहकार्य को अपने हरे-भरे बगीचे में बैठकर करना पसंद करता हूँ। मुझे अपने पिता के साथ शाम को प्रतिदिन बगीचे में बैडमिंटन खेलता हूँ और अपनी माता जी के साथ शाम को टहलने का आनंद लेता हूँ। मैं प्रतिदिन नए पौधों के विकास को देखता हूँ और पौधों को हर रोज पानी देता हूँ। मैंने अपने बगीचे में इसकी खूबसूरती और सजावट को बढ़ाने के लिए कुछ नए और सजावटी पौधों को भी लगाया है।

बागवानी का शौक

मैं 14 साल का हूँ और कक्षा 9 में पढ़ता हूँ। मैं अपने इस शौक को अपने जीवन के आखिरी क्षणों तक जारी रखना चाहता हूँ। वे मुझे व्यस्त, खुश, और दैनिक जीवन के सभी तनावों से दूर रखते हैं। मेरे माता-पिता मुझे सारे शौकों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। जब में अपनी सभी समस्याओं को आसान तरीके से लेकर उन्हें बिना किसी गुस्से और तनाव के, हल करने की कोशिश करता हूँ, तो वे यह देखकर बहुत खुश होते हैं। मेरी माँ हमेशा कहती हैं कि, बागवानी करना किसी भी अन्य शौक से अलग व अच्छी रुचि है; यह हमें आशीर्वाद देती है क्योंकि पौधों को पानी देने के माध्यम से हम उन्हें जीवन देते हैं।

मैं बचपन से ही, अपने बगीचे में इसकी देखभाल के लिए प्रतिदिन, 1 घंटे का समय देता हूँ। मैंने वेल्वेट घास का प्रयोग करके तीन सुन्दर हरे घास के गलीचे बनाए हैं। मैंने बगीचे के हरेक कोने में फूलों का सुन्दर बैंड बनाया है और रंग-बिरंगे गुलाब, लिली, मोगरा, गेंदा, सूरजमुखी, और अन्य मौसमी फूलों को लगाया है। क्रिसमस के त्योहार पर, मैं अपने बगीचे के बिल्कुल बीच में एक बड़े क्रिसमस पेड़ को अपने मित्रों और परिवार के साथ मिलकर सजाने का आनंद लेता हूँ।

निष्कर्ष

शौक बहुत अच्छी वस्तु है, जो हर किसी में होता है। किसी भी वस्तु का शौक होना एक अच्छी आदत है जो सभी में होनी बहुत आवश्यक है, क्योंकि यह उस व्यक्ति को उसकी पसंद की चीजों को करने के लिए प्रेरित करता है। यह व्यक्ति को खुले दिमाग से किसी कार्य में व्यस्त करता है। यह हमें कभी भी अकेला नहीं छोड़ता और हमें कई तरह की मानसिक बीमारियों से भी बचाता है। शौक किसी भी व्यक्ति में उसकी अन्य आदतों में से एक विशेष रुचि को प्रदर्शित करता है जो उसकी सारी आदतों से अलग होता है।

 

 

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