ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है पर निबंध

'ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है' यह एक प्राचीन कहावत है जिसका उपयोग सदियों से किया जा रहा है, जो एक सच्चे मित्र के गुणों का वर्णन करता है। हमारे लिए इस कहावत का पूरा सार समझना बेहद आवश्यक है ताकि हम एक दोस्त और सच्चे दोस्तों के बीच का अंतर समझ पाएँ।

ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है पर लघु और दीर्घ निबंध (Short and Long Essays on A Friend in Need is a Friend Indeed in Hindi)

निबंध 1 (250 शब्द) - ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है: अर्थ

परिचय

‘ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है’ जो सामान्य बातचीत में सदियों से इस्तेमाल की जाने वाली एक पुरानी कहावत है। यह कहता है कि केवल एक सच्चा मित्र वही है जो जरूरत के समय उपलब्ध हो।

वाक्यांश का अर्थ

इस वाक्यांश का अर्थ यह है कि 'ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है', यह स्पष्ट है कि एक दोस्त जो आपकी ज़रूरत के वक़्त मदद करता है केवल वही आपका सच्चा दोस्त होने के लिए योग्य है।

यानी कि, एक सच्चा दोस्त कभी आपका साथ नहीं छोड़ेगा और हमेशा आपके साथ रहेगा। वह आपको प्रेरित करने और अपने मूड को बेहतर करने का प्रयास करेगा।

एक दोस्त, जो आपको मुसीबत में देखकर हड़बड़ी में आपका साथ छोड़ देता है, वह आपका सच्चा दोस्त नहीं हो सकता है। वे किसी भी अन्य इंसान की तरह हैं जो अपनी रुचि के अनुसार आपको पसंद करते हैं और आपकी स्थिति के बारे में ज्यादा परवाह नहीं करते हैं।

इसके ठीक विपरीत, एक सच्चा दोस्त कभी भी आपको निराश नहीं करता है और जब आपको सबसे ज्यादा जरूरत होती है तो आपको सांत्वना देने के लिए हमेशा आपके पास मौजूद रहता है। वह सभी प्रकार की सहायता देने के लिए तैयार होता है, यह आर्थिक, भौतिक या कुछ भी हो सकता है। एक सच्चे दोस्त की संगति में आप सहज और तनावमुक्त महसूस करते हैं। एक सच्चा दोस्त आपको जीवन में खुश करने की वजह देता है।

निष्कर्ष

यह वाक्यांश न केवल आपको बताता है कि आपका सबसे अच्छा दोस्त कैसा होना चाहिए बल्कि यह भी बताता है कि आपको अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ कैसा होना चाहिए। आखिर दोस्ती एक दो-तरफ़ा रिश्ता होती है; आप अपने दोस्त से तब तक सच्चा और ईमानदार होने की उम्मीद नहीं कर सकते जब तक कि आप खुद भी न हों।

निबंध 2 (400 शब्द) - एक सच्चे मित्र की खूबियाँ

परिचय

यह वाक्यांश 'ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है', बताता है कि एक सच्चे दोस्त में कौन से गुण होने चाहिए। केवल एक दोस्त, जो आपकी ज़रूरत में मदद करने के लिए तैयार है, वही सच्चा दोस्त कहलाने के योग्य है।

एक सच्चे मित्र की योग्यता

एक सच्चे दोस्त के कुछ गुण यहाँ पर नीचे बताये गए हैं, जिसके आधार पर आप यह तय कर सकते हैं कि आपके साथ रहने वाला कौन सा व्यक्ति आपका सिर्फ एक दोस्त है और कौन सच्चा दोस्त है। याद रखें कि यहाँ पर बताये गए सभी गुणों वाला दोस्त ही केवल आपका सच्चा दोस्त साबित होगा; जो उक्त वाक्यांश को उचित ठहराता है।

  • भेदभाव रहित

एक सच्चा दोस्त कभी भी खुद के और आपके बीच जाति, पंथ, धर्म, संस्कृति, वित्तीय पृष्ठभूमि, सामाजिक स्थिति, आदि के आधार पर भेदभाव नहीं करता है। यदि आप गरीब या अमीर परिवार से हैं, तो उसे कोई फर्क नहीं पड़ता; चाहे आप एक घर के मालिक हों या किराए के आवास में रहते हों; चाहे आप छुट्टियों के लिए अपने सपनों की दुनिया पर जाएं या अपने दादा-दादी, आदि से मिलने जाएं; एक सच्चा दोस्त आपको हमेशा वैसे ही स्वीकार करता है जैसे कि आप हैं; वह भी बेहद आसानी से।

  • ह्रदय से सच्चा हो

एक सच्चे मित्र की एक और खासियत ये होती है कि वह आपके प्रति हमेशा सच्चा होता है। वह कभी भी आपसे झूठ नहीं बोलता और कभी किसी बात के लिए आपको अंधेरे में नहीं रखता। हालाँकि, कभी-कभी सच सुनने के बाद आप अनियंत्रित हो सकते है; फिर भी, एक सच्चा दोस्त हमेशा आपके सामने सिर्फ सच्चाई ही पेश करेगा।

  • मदद करने के लिए उत्सुक

यह एक सच्चे मित्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है। ख़राब से ख़राब परिस्थिति में भी वह हमेशा आपकी मदद करने के लिए तैयार होता है। चाहे बीमारी हो या कुछ और, एक सच्चा दोस्त हमेशा आपकी तरफ रहता है और किसी भी तरह की मदद करता है, जिसकी आपको जरूरत हो सकती है। हो सकता है कि वह आर्थिक रूप से मदद कर पाने में सक्षम न हो, लेकिन वो कम से कम भावनात्मक मदद जरुर करेगा।

  • एक ईमानदार सलाहकार

एक सच्चा मित्र बहुत ही ईमानदार सलाहकार भी होता है। वह बकवास सलाह को सीधे तौर पर ख़ारिज करता है और सामने से अपनी बात को रखता है। ऐसा करने का कारण यह है कि वे हमेशा यही चाहता है कि उसका दोस्त यानी कि आप प्रगति करें और किसी तरह की कोई झूठी आशा न रखें। एक सच्चे दोस्त का केवल यही उद्देश्य होता है कि आप उसे किसी भी तरह के नुकसान से सुरक्षित रखें।

निष्कर्ष

यह इश्वर की कृपा है कि आपके पास एक सच्चा दोस्त है जो हमेशा आपकी जरूरत के अनुसार मौजूद रहता है। आपको ऐसे दोस्त को कभी दूर नहीं जाने देना चाहिए। लेकिन यह भी याद रखें कि सच्ची दोस्ती एक दो-तरफ़ा रिश्ता होती है और कम से कम रिश्ते के नज़रिए से आपको भी अपने दोस्त के लिए उसकी तरह ही होना चाहिए।

निबंध 3 (600 शब्द) - वाक्यांश का स्पष्टीकरण और सच्चे दोस्त के फायदे

परिचय

'ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है' यह वो वाक्यांश है जो एक अच्छे दोस्त की गुणवत्ता की व्याख्या करता है। यह बताता है कि एक अच्छा दोस्त वह होता है जो जरूरत पड़ने पर हमेशा आपका साथ निभाता है।

वाक्यांश का स्पष्टीकरण

यह वाक्यांश कहता है कि एक सच्चा मित्र वह है जो किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर हमेशा उपलब्ध होता है। वह हमेशा अपनी भावनात्मक और शारीरिक क्षमता को बढ़ाकर आपकी मदद करने को तैयार रहता है, जब भी आपको इसकी आवश्यकता होती है।

आपके वे दोस्त जो आपको मुसीबत में देख अपना रास्ता बदल देते हैं, वे आपके असली दोस्त नहीं होते। एक सच्चा दोस्त आपके साथ एक अनोखा भावनात्मक संबंध साझा करता है और चाहे जो भी हो जाये वो अपनी इच्छा से भी ज्यादा आपकी मदद करने के लिए उत्सुक रहता है।

समझाने के लिए एक उदाहरण, मान लीजिए कि आप परीक्षा के समय में बीमारी की वजह से एक महत्वपूर्ण कक्षा करने से चूक गए। अगले दिन आपकी परीक्षा है और आपको उस दिन के व्याख्यान के नोट्स की बेहद आवश्यकता है। इस परिस्थिति में, आप अपने कक्षा के उन दोस्तों को फोन करते हैं जो आपके सहपाठी भी हैं। बदकिस्मती से, समय के नुकसान का हवाला देते हुए ज्यादातर दोस्त आपकी मदद करने से इनकार कर देते हैं।

लेकिन, आपका एक दोस्त जो आपके घर से काफी दूर रहता है, वह आपकी मदद करने में ज्यादा ख़ुशी महसूस करता है। वह अपना कीमती समय निकाल कर आपको नोट्स सौंपने के लिए आपके घर आता है। आपके इस दोस्त ने एक महत्वपूर्ण क्षण में आपकी मदद करके साबित कर दिया है कि वह एक सच्चा दोस्त है जबकि बाकी सभी ने मना कर दिया था। छोटी सी यह कहानी इस वाक्यांश को पूरी तरह से समझा देती है कि 'ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है।'

एक सच्चे दोस्त के फायदे

एक सच्चा दोस्त भगवान का दिया हुआ एक उपहार होता है, और एक व्यक्ति के लिए बहुत कीमती भी है। हर तरह के उतार-चढ़ाव में आपको अपने सच्चे दोस्त को हमेशा अपने साथ रखना चाहिए और किसी भी वजह से उसे खुद से अलग नही होने देना चाहिए। वह कठिन समय में आपके लिए भावनात्मक समर्थन प्रदान करता है। जब पूरी दुनिया आपसे मुंह फेर लेती है तब वो सच्चा दोस्त ही होता है जो आपके साथ खड़ा होता है। वह आपको किसी भी कीमत पर कभी नहीं छोड़ता। चाहे आप बीमार हों या किसी अप्रिय परीस्थिति में फंसे हों, वह व्यक्ति कभी भी आपको निराश नहीं करता है और हमेशा आपकी मदद करता हुआ ही दिखाई पड़ता है।

एक सच्चा दोस्त आपको कभी अकेला और कमजोर महसूस नहीं होने देगा। वह आपको सहज बनाने के लिए हर संभव प्रयास करता है। आप एक सच्चे दोस्त के साथ में और भी अधिक आत्मविश्वास से लबरेज और खुश रहते हैं। सच्चा दोस्त एक भावनात्मक बैकअप की तरह होता है, तब भी जब वह आसपास नहीं होता है।

एक सच्चे दोस्त का साथ आपके लिए हमेशा खुशी और ज्ञान लाता है। वह अपनी महत्वाकांक्षाओं को साझा करता है और आपका भी सम्मान करता है। एक विशेष पथ पर वह आपका मार्गदर्शन भी करता है और साथ ही आपको चेतावनी भी देता है कि जब कभी उसे कुछ ऐसा दिखता हैं जो आपको नुकसान पहुंचा सकता है या आपके लिए बेहतर न हो। एक सच्चे दोस्त से बेहतर आपको कोई भी नहीं समझ सकता है। एक सच्चा दोस्त न केवल आपको रास्ता दिखाता है बल्कि आपके साथ खुद भी उस राह पर चलता है, अगर आपको मदद की आवश्यकता होती है तो।

सच्चे मित्र का एक और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि आपको उससे हमेशा अच्छी आदतें और शिष्टाचार सीखने को मिलती हैं। अच्छे दोस्त एक दूसरे के व्यवहार का बारीकी से पालन करते हैं और एक दूसरे को अपने रोल मॉडल के रूप में सराहते हैं। आप अपने मित्र का अनुसरण करते हैं और उसकी अच्छी आदतों और शिष्टाचार को अपने जीवन में अपनाते हैं, ऐसा करने से आपकी मित्रता और भी अधिक बढ़ जाती है। एक सच्चा दोस्त आपकी पढ़ाई में भी मदद करता है और हमेशा आपके साथ विषयों पर चर्चा करता रहता है। इस बात की संभावना भी काफी ज्यादा होती है कि सच्चे दोस्त परीक्षा के लिए एक साथ तैयारी भी करते हैं और खुद के परिणाम की जांच करने से पहले एक दूसरे के परिणामों की जांच करते हैं।

निष्कर्ष

यह वाक्यांश 'ज़रूरत में काम आने वाला दोस्त ही सच्चा दोस्त होता है', बताता है कि अच्छे दोस्त की तलाश करने के लिए कौन से गुण आवश्यक होते हैं और एक सच्चे दोस्त बनने के लिए आपको क्या करना चाहिए। सच्ची मित्रता एक तरह का देना और लेना है - आप ऐसे किसी भी व्यक्ति के सच्चे मित्र नहीं हो सकते, जो आपका सच्चा मित्र नहीं हैं।