कोविड-19 पर निबंध

कोरोना एक प्राण घातक रोग है और इससे बचाव ही इसकी दवा है। यह रोग चीन के वुहान शहर से शुरू हो कर पूरे विश्व में फ़ैल गया और इतना विकराल हो गया की भारत जैसे देश को पूरी तरह बंद घोषित कर दिया गया। आईये इसे विस्तार में जानते हैं।

कोरोना वायरस डिजीज (कोविड-19) पर छोटे-बडे निबंध (Short and Long Essay on Corona Virus Disease - Covid-19 in Hindi)

निबंध – 1 (300 शब्द)

परिचय

कोरोना एक वायरस जनित रोग है जिसने महामारी का रूप ले लिया है और समस्त संसार में तबाही मचा रहा है। इस रोग की शुरुआत जुकाम एवं खासी मात्र से होती है जो धीरे-धीरे आगे चल कर एक विकराल रूप ले लेती है और रोगी के स्वसन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करती है। इतनी बुरी तरह की कई बार रोगी की मृत्यु हो जाती है।

इसकी उतपत्ति कहाँ से हुई?

कोरोना की उत्पत्ति सबसे पहले 1930 में एक मुर्गी में हुई थी और इसने मुर्गी के स्वसन प्रणाली को प्रभावित किया था और आगे चलकर 1940 में कई अन्य जानवरों में भी पाया गया। इसके बाद सन् 1960 में एक व्यक्ति में पाया गया जिसे सर्दी की शिकायत थी। इन सब के बाद वर्ष 2019 में इसे दुबारा इसका विकराल रूप चीन में देखा गया जो अब धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैलता जा रहा है।

कैसे करें कोरोना से बचाव

कोरोना से बचाव करने में ही समझदारी है, क्यों की यह एक संक्रामक रोग है जो बहुत ही तेजी से एक दूसरे में फैलता है। डब्लू एच ओ ने कुछ सावधानियों की सूची निकाली है और यह भी बताया है की कोरोना से बचाव के ये मूल मंत्र हैं। आइये इन्हें विस्तार में जानते हैं।

  • सदैव बहार से आने के बाद अपने हाथों को साबुन से करीब 20-30 सेकंड तक अवश्य धोएं।
  • अपने हाथों को अपने मुख से दूर ही रखें, जिससे की संक्रमण होने पर भी आपके अंदर न जा पाए।
  • लोगों से 5 से 6 फीट की दूरी सदैव बनाये रखें।
  • जरूरी न हो तो बाहर न जाये।
  • सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
  • सदैव मास्क और ग्लव्स पहने।
  • संक्रमण की स्थिति में खुद को दूसरों से अलग कर लें और नजदीकी अस्पताल में सूचित करें।

निष्कर्ष

कोरोना एक जान लेवा बीमारी है, जो कभी भी और किसी को भी हो सकता है। इस लिये बताइ गई सावधानी अवश्य बरतें और सतर्क रहें। बच्चों को भी समझाए और हाथ धुलने की आदत उनमे भी सिखाये और इस बीमारी को दुनिया से ख़तम करने की जंग में एक बहुमूल्य योगदान अपना भी दे।

निबंध – 2 (400 शब्द)

परिचय

कोरोना एक वायरस का नाम है, जिनके कुछ प्रकार इंसानों के लिये खतरनाक है, तो कुछ जानवरों के लिये। यह एक ऐसी बीमारी है जो सीधे तौर पर आपके स्वशन तंत्र को प्रभावित करती है। और इस बीमारी से सारी दुनिया बुरी तरह प्रभावित है। डब्लू एच ओ इसे महामारी घोषित कर चुकी है। इसके शुरुवाती लक्षण फ्लू जैसे ही होते हैं जो धीरे-धीरे एक विकराल रूप धारण कर लेता है।

कोरोना के लक्षण

  • बुखार
  • सर्दी और खासी
  • गले में खराश
  • शारीर में थकान
  • सांस लेने में दिक्कत (सबसे प्रमुख)
  • मांसपेशियों में जकड़न
  • लंबे समय तक थकान

खुद को कोरोना से कैसे बचाएं

कोरोना का संक्रमण बड़ी आसानी से फ़ैल जाता है और इसकी अब तक कोई दवा नहीं मिली है, इस लिये इसे बहुत घातक रोग की श्रेणी में रखा गया है। कोरोना के मामले दिन प्रति दिन पूरी दुनिया में बढ़ते जा रहे हैं। डब्लू एच ओ ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।

इतिहास इस बात का गवाह है की हर 100 वर्ष पर दुनिया में कोई न कोई महामारी जरुर आती है। और इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है बचाव। कुछ ऐसे कदम जो आप निजी तौर पर ले सकते हैं, जिससे आप खुद को इससे बचा सकते हैं।

  • हमेशा अपने हाथ धोएं।
  • अपने मुह हो बार-बार न छुएं।
  • सबसे 5 से 6 फिट की दूरी बना कर चलें या रहें।
  • बहुत आवश्यक न हो तो घर से बहार न जाएं।
  • सार्वजनिक स्थानों पर जैसे की मॉल, बाज़ार, आदि जगहों पर न जाएं।
  • अपने रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करें।
  • लोगों से हाथ न मिलाएं।
  • मास्क लगाना उस व्यक्ति के लिये आवश्यक होता है जो कोरोना से ग्रसित होता है, परंतु कई बार संक्रमित व्यक्ति को पता ही नहीं होता की उसे कोरोना है, इस लिये अपनी सुरक्षा अपने हाथ में। मास्क अवश्य लगाएं।
  • रेलगाड़ी, बस, आदि से यात्रा करने से बचें।
  • कम से कम 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोना न भूलें।

क्या कोरोनावायरस से मृत्यु निश्चित होती है?

नहीं, जरूरी नहीं की आपको यदि कोरोना है तो अब बचने की कोई उम्मीद नहीं है। सच यह है की जितनी जल्दी आपको इसका ज्ञात होता है अपने नजदीकी अस्पताल जरुर जाएँ, क्यों की इसका उपचार घर पर मुमकिन नहीं है और बाकी परिवार वाले भी संक्रमित हो सकते हैं।

निष्कर्ष

जितने केस आ रहे हैं उनमे से कई पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं। सबसे अहम् बात यह है की अपने खान-पान पर ध्यान दें और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करें, इससे बचने का यही मात्र उपाय है। इसके साथ ही जो बचाव के उपाय बताये गए हैं इनका सख्ती से पालन करें।

निबंध – 3 (500 शब्द)

परिचय

कोरोनावायरस कोविड-19, जो अब एक महामारी का रूप ले लिया है। यह बहुत ही खतरनाक बीमारी है, जिसकी दवा अब तक नहीं खोजी गयी है परंतु सुझाये गए बचाव के तरीकों का पालन कर के इससे बचा जा सकता है। कोरोना से संक्रमित होने के 4 से 14 दिनों में इसके प्रभाव नजर आते हैं। आईये इसे विस्तार में जानें।

क्या है कोरोना के प्रमुख लक्षण

एक कोरोना प्रभावित व्यक्ति में तुरंत असर नहीं दिखता, उसमे इसके लक्षण दिखने में करीब 14 दिन भी लग जाते हैं। इस लिये यदि आप कही संक्रमित क्षेत्र से आये हों या आपको जरा भी संदेह हो तो खुद को सब से अलग कर लें और जब तक खून की जांच का रिपोर्ट नहीं आजाता खुद को सुरक्षित रखें। इसके लक्षण इस प्रकार हैं:

  • सुखी ख़ासी आना
  • बुखार का रहना
  • सर्दी होना
  • शरीर में अकड़न और दर्द
  • पूरा दिन थकान महसूस करना
  • सांस लेने में तकलीफ।
  • गले में खराश।

कैसे बचें कोरोना से

कोरोना से बचने का सबसे अच्छा उपाय है की स्वयं की देखभाल करें। आप जितना ज्यादा खुद को सुरक्षित करेंगे उतना ही कम कोरोना होने की संभावना रहेगी। यह पाया गया है की जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है, वो कोरोना को आसानी से हरा सकता है। इस लिये अपने खान पान पर विशेष ध्यान दें। इसके अलावा भी कुछ और भी बचाव हैं, जिनका पालन सबको करना चाहिए।

  • हमेशा कोई भी बाहरी वस्तु छूने के बाद हाथ अवश्य धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें।
  • साबुन से हाथ को कम से कम 30 सेकंड तक अवश्य धोएं।
  • लोगों से 5 से 6 फिट की दूरी बनायें।
  • मास्क का उपोग करें।
  • जरुरी न होने पर घर से बहार न ही निकले।
  • बहार से लाये गए सामान को पहले अच्छे से धुल लें तब घर में रखें।
  • संदिग्ध स्थिति में खुद को दूसरों से अलग कर लें।
  • इस दौरान कहीं यात्रा करने से बचें।

कोरोना की भयावह स्थिति

कोरोना से अब तक पूरे विश्व में लाखों लोग प्रभावित हो चुके हैं और हजारों जानें भी जा चुकी हैं। दुनिया के कुछ प्रभावशाली देश जैसे की इटली, युएस, इसके चपेट में बुरी तरह आचुके हैं और वहां रोजाना 500 से अधिक जानें जा रही हैं। कोरोना ने पूरे विश्व के अर्थव्यस्था को हिला दिया है और भारत, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इरान, आदि जैसे देश भी इसके चपेटे में आ चुके हैं। पूरे विश्व में इस विनाशकारी महामारी ने तबाही मचा रखी है। अफ़सोस की बात तो यह है की इतने उन्नति के बावजूद, अब तक इसकी कोई दवा नहीं मिल पायी है।

निष्कर्ष

सतर्क रहें स्वास्थ्य रहें और कोरोना को दूर भगाएं। सरकार द्वारा उठाये गए क़दमों का पालन करें और उनके दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। आज तक कई महामारी आचुके हैं और जब हम सबको हरा सकते हैं तो ये कौनसी बड़ी बिमारी है। दूसरों के चक्कर में पड़ने से अच्छा है अपनी रक्षा करें, यही काफी है।


निबंध 4 (1100 शब्द) - Long Essay

परिचय

कोरोना या कोविड-19 एक वायरस के तौर पर सबसे पहले चाइना के वुहान शहर मे सामने आया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे माहामारी करार दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) के अनुसार इस वायरस के लक्षण आम तौर से सर्दी-जुकाम जैसी ही होते है। इस वायरस के खात्मे के लिए लगभग सारे देश ही दवा और वैक्सिन बनाने मे लगे हुए है। जब तक इस वायरस का कोई ठोस इलाज नहीं मिल जाता है तब तक हमें सावधानी से रहने की आवश्यकता है।

कोरोना वायरस या कोविड-19 क्या है?

कोरोना वायरस संक्रमण करता है, जो आमतौर से हमारे खांसी जुकाम के लक्षणों की तरह होते है। वास्तव मे इस संक्रमण के कारण हमें सूखी खांसी, सांस लेने मे तकलीफ जैसी समस्या आने लगती है, और आगे चलकर यह हमारी मृत्यु का कारण भी बन सकता है। कोरोना के संक्रमण को पहली बार चीन के वुहान शहर मे पाया गया था। चीन के वैज्ञानिकों और W.H.O. के अनुसार यह वायरस चमगादड़ो के द्वारा मानव शरीर मे नवम्बर-2019 के महीने मे पहली बार सामने आया था। W.H.O. के अनुसार सर्दी, जुकाम, सूखी खांसी, सांस लेने मे तकलीफ जैसी समस्या करोना वायरस के प्रमुख लक्षण है। चीन, अमेरिका, फ्रांस, भारत के साथ-साथ आज विश्व के लगभग 180 से ज्यादा देश इस महामारी से पीडित है। इस वायरस के इलाज के लिए किसी ठोस दवा का इजात अभी तक नही हुआ है।

इस वायरस के प्रमुख लक्षण और पहचान

कोरोना वायरस बीमारी के पता चलने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सूखी खांसी, सांस लेने मे तकलीफ जैसी समस्या इसके प्रमुख और प्रारंभिक लक्षण है। शुरु मे यह आम सर्दी जुकाम जैसा प्रतीत होता है पर जांच के बाद ही यह पता लगाया जा सकता है कि यह कोरोना है या नही। छींक आने पर व्यक्ति के अंदर से निकले छींक के कणों के कारण यह हवा मे फैल जाते है, और उसके संपर्क मे आने वाले व्यक्ति को यह संक्रमण आसानी से हो सकता है।

यह एक बेहद खतरनाक संक्रमण है जो कि आमतौर पर दिखाई नही देता है, और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के संपर्क मे आने से यह संक्रमण फैलता है। भारत मे यह संक्रमण पहली बार फरवरी-2020 मे पाया गया, और आज यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसे लेकर हमे बहुत सावधान रहने की जरुरत है, और जितना हो सके लोगों के संपर्क मे आने से बचे और खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखे।

कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति मे लक्षण

कोरोना वायरस के संपर्क मे आने के बाद उस व्यक्ति मे सूखी खांसी, बुखार और सांस लेने जैसी समस्या होती है, तो उसे तुरंत चिकित्कीय परामर्श की आवश्यता है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होता है।

इस वायरस का शिकार ज्यादातर 55-60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों मे अधिक पाया गया है। अक्सर वो व्यक्ति जो किसी पुराने रोग जैसे मधुमेह, गुर्दे का रोग या दिल कि बीमारी जैसी समस्या से पीड़ित है उस पर इस संक्रमण का असर अधिक है। इस संक्रमण से प्रभावित व्यक्ति का पता चलने के बाद उसे चिकित्सा सेवा के लिए औरों से अलग बनाएं गए कोविड अस्पतालों मे इसका संपूर्ण इलाज किया जाता है।

  • किसी संक्रमित व्यक्ति को आम लोगों से अलग या खास तौर पर बनाए गए कोविड अस्पतालों मे रखा जाना चाहिए।
  • कोरोना वायरस की कोई ठोस दवा या वैक्सिन अभी तक इजात नही की गई है, परंतु इससे प्रभावित व्यक्ति को इस वायरस से लड़ने और उसके असर को कम करने की दवा मरीजों को दी जाती है।
  • तमाम देशों के वैज्ञानीक और उनकी टीम इस वायरस के वैक्सिन या दवा बनाने की कोशिश मे प्रयत्नशील है।
  • प्रभावित व्यक्ति को, जब तक वह पुर्ण स्वस्थ न हो जाए, सबसे अलग रखना चाहिए और आम लोगों के संपर्क से दूर रखना चाहिए।

संक्रमण से कैसे बचे

विश्व स्वास्थय संगठन और स्वास्थ मंत्रालय के अनुसार इस संक्रमण से बचने के लिए कुछ विशेष दिशा निर्देश जारी किये गए है।

  • एक दूसरे के संपर्क मे आने से बचें और दो गज की सामाजिक दूरी को बनाए रखे।
  • बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल अवश्य करे।
  • समय-समय पर कम से कम 20 सेकेन्ड तक अपने हाथों को अच्छे से धोएं।
  • खांसते या छीकते समय अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढ़के।
  • एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें।
  • बहुत जरुरी होने पर ही घर से बाहर निकले।

संक्रमण को फैलने से रोके

विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार यह संक्रमण किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क मे आने से फैलता है। इसलिए बहुत जरुरी काम होने पर ही घर से बाहर निकले। घर से निकलते वक्त अपने मास्क का इस्तेमाल अवश्य करें, जो अच्छे तरह से आपके नांक और मुंह को ढके। समय-समय पर अपने हाथों को भी धोते रहें।

हवा और एक दूसरे के संपर्क मे आने से इसके फैलने का खतरा अधिक होता है, अतः आप अच्छे मास्क का उपयोग करे। मास्क को बार-बार हाथ से न छुए, इसे पहनने या उतारने के लिए इसके फीते या रबर का प्रयोग करें।

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए:

  • अपने मुंह और नांक को अच्छी तरह से मास्क से ढ़के।
  • समय-समय पर हाथों को सेनेटाइजर या साबून से कम से कम 20 सेकेन्ड तक धोएं।
  • दो गज की सामाजिक दूरी बनाएं रखे।
  • सार्वजनिक स्थानों पर पांन, घुटखा खाकर न थुकें।
  • ट्रेन, बस इत्यादि के सफर करने से बचे।
  • यदि आपको आफिस या कार्य के लिए बाहर जाना है तो आप सामाजिक दूरी बनाए रखे।
  • किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क मे आने के बाद खुद को परिवार या समाज से कम से कम 14 दिन तक अलग रखें।

निष्कर्ष

कोविड-19 संक्रमण भारत सहित आज दुनिया के लगभग 180 देशों से अधिक देश प्रभावित है, और इससे अब तक तकरीबन 1 करोड़ 30 लाख लोग प्रभावित हो चुके है। और काफी मात्रा मे लोग इससे ठीक भी हो चुके है। इस वायरस के कारण अब तक लगभग 5 लाख लोगों की मौत भी हो चुकी है। दुनियां भर के वैज्ञानिक स्वास्थ संगठन के साथ मिलकर इसकी वैक्सिन या दवा इजात करने के प्रयास मे लगे है। लगभग 100 वर्ष पूर्व 1910 मे हैजा (कॉलरा) महामारी के कारण विश्व भर मे तकरीबन 8 लाख से अधिक मौत हुई थी, और आज लगभग पूरा विश्व इस महामारी से ग्रसित है। इस जानलेवा बीमारी से घबराने की आवश्यकता नही है। विश्व स्वास्थ संगठन और स्वास्थय मंत्रालय के नियमों का पालन करके बचा जा सकता है। जितना हो सके दूसरे व्यक्तियों के संपर्क मे आने से बचे और स्वस्थ रहे।