रेलवे स्टेशन पर निबंध

हर जिले और गांवों में लगभग एक रेलवे स्टेशन होता है। रेलवे स्टेशन की अपनी एक अलग ही उपयोगिता होती है। रेलवे स्टेशन पर कई प्लेटफार्म होते हैं। स्टेशन वो जगह हैं जहाँ लोगों की भीड़ के साथ-साथ यात्री ट्रेन और मालगाड़ियों की आवाजाही होती रहती है। देश के अलग-अलग हिस्सों से विभिन्न ट्रेनें आती हैं और रेलवे स्टेशनों पर रुकती हैं ताकि यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने की सुविधाएं मिल सकें।

समाज में अलग-अलग श्रेणी और विभिन्न वर्गों के लोग होते हैं, लेकिन एक रेलवे स्टेशन पर, वहां मौजूद हर एक का एक ही मकसद होता है, आगमन या प्रस्थान या किसी को लेने आना हो या फिर वहां पर काम करने वाला हो। इसलिए रेलवे स्टेशन एक ऐसी जगह है जिसका परिचालन दुनियाभर में है। यहाँ आपके लिए हम इस विषय पर अच्छी तरह से वर्णित अलग-अलग शब्द सीमा में कुछ निबंध लेकर आये हैं।

रेलवे स्टेशन पर लघु और दीर्घ निबंध (Short and Long Essays on Railway Station in Hindi)

निबंध 1 (250 शब्द) - रेलवे स्टेशनों पर आजीविका

परिचय

रेलवे स्टेशन मूल रूप से वे स्थान हैं जहाँ ट्रेनें रुकती हैं, सामान उठाती हैं और यात्रियों तथा सामानों को उतारती हैं। इसे एक छोटे से प्रतीक्षा स्थान के रूप में भी दर्शाया जा सकता है जहां लोग प्रस्थान या आगमन के लिए अपनी संबंधित ट्रेनों की प्रतीक्षा करते हैं। आमतौर पर, इन जगहों पर छोटी दुकानें, बेंच और वेटिंग रूम भी मौजूद होते हैं। जैसे ही यह शब्द "रेलवे स्टेशन" हमारे दिमाग में आता है, एक चित्र जिसमे निरंतर ट्रेन की सीटी, घोषणाओं और चारों तरफ फैली अराजकता वाली एक जगह की झलक दिखा देता है।

रेलवे स्टेशनों पर आजीविका

यह स्थान विभिन्न प्रकार के लोगों से भरा होता हैं। यहाँ आप हर वक़्त विक्रेताओं और फेरीवालों को चिल्लाते हुए देख सकते है, खाने और उपयोग करने के लिए विभिन्न वस्तुओं की लगातार बिक्री होती रहती है। रेलवे स्टेशन वह महत्वपूर्ण स्थान हैं, जो लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की सुविधा प्रदान करता है और साथ ही आगुन्तकों से भी इसी तरह की अपेक्षा रखता है। यहाँ पर टिकट काउंटर होता है, जहाँ से आप विशेष स्थलों के लिए टिकट बुक कर सकते हैं।

ज्यादातर स्टेशनों पर बुक स्टॉल भी पाया जाता है, क्योंकि कई लोग अपनी यात्रा के दौरान पढ़ने के शौकीन होते हैं। रेलवे स्टेशन; स्टेशन मास्टर और पूछताछ के कार्यालयों से भी सुसज्जित होता हैं। आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी के लिए यहाँ पर एक पुलिस स्टेशन भी उपलब्ध कराया जाता है। जिन्हें हम रेलवे पुलिस के नाम से जानते है।

निष्कर्ष

चूंकि रेलवे स्टेशन को विभिन्न ट्रेनों के लिए मार्ग की पटरियों और पड़ाव सुविधाओं के साथ प्रदान किया जाता है, इसलिए लोग यहाँ अपने गंतव्य तक जाने के लिए वहां पहुंचते हैं। उनमें से कुछ के लिए वह स्टेशन उनका गंतव्य होता है जहाँ पर वो पहुंचते हैं। इसलिए यह एक ऐसी जगह है जहां भावनात्मक भावनाएं भी पैदा होती हैं। कुछ ऐसे क्षण देखने को मिल जाते हैं जिनमें प्रियजन अपने परिवार या करीबी लोगों से विदा ले रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ लोग अपने करीबी या परिवार के सदस्यों के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं और उनके आते ही काफी खुश होते हैं।

निबंध 2 (400 शब्द) - रेलवे स्टेशन: सुविधाएं

परिचय

रेलवे स्टेशन वह स्थान है जहाँ दिन भर लोगों की आवाजाही देखी जाती है। जाहिर है, यह ट्रेनों का हाल्ट बनाने की जगह है। इसलिए हम यहाँ जनता को देख सकते हैं और दिन के लगभग 24 घंटे यहाँ पर चहलकदमी कर सकते हैं।

रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं

रेलवे स्टेशन पर कितनी और किस स्तर की सुविधाएं हैं यह उसके स्थान पर निर्भर करती हैं। यदि यह एक छोटा स्टेशन है, तो यहाँ पर आपको कुछ बुनियादी सुविधाएं जैसे कि छोटी चाय की दुकान, बेंच, वॉशरूम और टिकट काउंटर ही मिलते हैं। लेकिन बड़ा रेलवे स्टेशन कई तरह की सुविधाएं प्रदान करता है जैसे शौचालय, एटीएम मशीन, रेस्तरां, विभिन्न खाद्य स्टाल, और भी बहुत कुछ। बड़े रेलवे स्टेशन कम संख्या में हैं। रेलवे स्टेशनों के अस्तित्व से लोग लाभान्वित होते हैं। हर दिन लाखों लोग यात्रा करते हैं, ट्रेनों द्वारा प्रतिदिन कई टन माल लोड और अनलोड किया जाता है। रेलवे स्टेशन लोगों को अपनी निर्धारित ट्रेन की प्रतीक्षा करने के लिए एक स्थान प्रदान करते हैं।

डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहे रेलवे स्टेशनों की सेवाओं में उन्नति

रेलवे स्टेशन यात्रा मानदंड के संबंध में यात्रियों को विभिन्न सुविधायें देने वाला एक स्थान हैं। पहले की स्थिति से वर्तमान की स्थितियों और सेवाओं में बहुत कुछ सुधार हुआ है। यात्रियों की सुविधाजनक यात्रा और इस प्रकार डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ने के लिए भारतीय रेलवे विभिन्न तकनीकों को समायोजित करने के लिए अपने स्तर पर पूरी कोशिश कर रहा है।

तकनीकी प्रगति द्वारा सेवाओं में निरंतर सुधार, यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बना रहा है।

  • टिकट प्रणाली ऑनलाइन माध्यम में बदल गई है, अब किसी भी स्थान पर ऑनलाइन माध्यम द्वारा आसानी से टिकट बुक किया जा सकता है।
  • ट्रेनों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी, आगमन और प्रस्थान का समय, अब ​​स्टेशनों पर बड़ी स्क्रीन पर आसानी से उपलब्ध है।
  • स्टेशनों पर टिकट मशीनें लगा दी गई हैं।
  • कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देते हुए, प्रत्येक और हर तरह की फूड ऑर्डरिंग सेवाएं ऑनलाइन लागू होती हैं।
  • अधिकांश स्टेशन जैव-शौचालयों से सुसज्जित हैं।
  • इंजनमुक्त वन्दे भारत ट्रेन भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही है।
  • रेलवे स्टेशन सीसीटीवी कैमरों, वाई-फाई और साथ ही विभिन्न सुरक्षा उपायों जैसी सुविधाओं से सुसज्जित हैं।
  • वर्तमान स्थिति में आने पर, जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी (कोविड-19) से प्रभावित हुई, तब यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं में सुधार किया गया। डिजिटल रूप से अलग-अलग ऑटोमैटिक सैनिटाइजेशन मशीनें लगाई गई, परीक्षण सुविधाएं, मास्क और अन्य सुरक्षा सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं।

निष्कर्ष

रेलवे स्टेशन बहुत अधिक भीड़ वाले स्थान होते हैं। यहाँ का परिदृश्य काफी अलग होता है। लोग यहाँ पर दिन-रात चलते रहते हैं। कई अपने गंतव्यों की तरफ यात्रा कर रहे होते हैं तो उनमे से कुछ अपने गंतव्य पर पहुंच रहे होते हैं। सामान भी एक स्थान से दुसरे स्थान तक लाया ले जाया जाता है, माल लोड या अनलोड किया जाता है। कुल मिलाकर यह एक महत्वपूर्ण स्थान है जो कई बुनियादी जरूरतों और गतिविधियों की पूर्ति करता है।

निबंध 3 (600 शब्द) - रेलवे स्टेशन: सुविधाएं, दृश्य, व रेलवे का निजीकरण

परिचय

रेलवे स्टेशन एक ऐसी जगह है जहाँ विभिन्न ट्रेनें आती हैं और प्रस्थान करती हैं और कुछ ऐसा ही यात्रियों और सामानों के साथ भी होता है। किसी यात्री की यात्रा एक रेलवे स्टेशन से शुरू होती है और रेलवे स्टेशन पर ही समाप्त भी होती है, इस प्रकार यह स्टेशन ट्रेनों के साथ यात्रा करने के लिए अनिवार्य हो जाता है। यहाँ कई ट्रैक होते हैं जो विभिन्न ट्रेनों के लिए अलग-अलग मार्ग हैं। स्टेशन पटरियों के साथ थोड़ी ऊंचाई पर बना होता है।

रेलवे स्टेशनों पर आवश्यक सुविधाएं

यह स्थान तमाम तरह की सुविधाओं से सुसज्जित होता है जैसे भोजन और चाय के स्टॉल, शौचालय, टिकट काउंटर, आदि। ट्रेन का इन्तजार कर रहे यात्रियों के लिए या वहां पहुंचने वाले लोगों के लिए यह एक फायदेमंद सुविधा साबित होती है। बहुत से यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए यहां से अपनी संबंधित ट्रेनों में सवार होते हैं। कुल मिलाकर यह जगह चारों ओर चहल-पहल से भरा हुआ है होता। यहाँ का परिदृश्य भी काफी मनभावन होता है। यहां पर विभिन्न क्षेत्रों के लोग देखे जा सकते हैं। कई रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न श्रेणियों के लिए एक प्रतीक्षालय भी है। लोग अपने भारी भरकम सामान के साथ, प्लेटफार्म की ओर बढ़ते रहते हैं। आपराधिक गतिविधियों की जाँच के लिए रेलवे पुलिस के साथ सुरक्षा सेवाएँ भी मौजूद होती हैं।

रेलवे स्टेशन का दृश्य

चूंकि मैंने कभी ट्रेन से यात्रा नहीं की हैं, इसलिए लखनऊ की यह यात्रा मेरा पहला अनुभव है। जब हम अपने-अपने सामान के साथ रेलवे स्टेशन पर पहुँचे, तो मैंने देखा कि स्टेशन के बाहर दो और चार पहिया, ऑटो-रिक्शा जैसे कई वाहन खड़े हैं। कैब, ऑटो और रिक्शा चालक यात्रियों को लाने और ले जाने में व्यस्त थे।

हमने स्टेशन के बाहर बैठे और भीख माँगते हुए कई भिखारियों को भी देखा। चूंकि हमारे टिकट पहले से ही बुक थे, इसलिए हमने टिकट खिड़की पर कदम नहीं रखा। लेकिन मैं यह उल्लेख करना चाहूंगा कि जैसे ही कोई स्टेशन में प्रवेश करता है, सामने ही एक टिकट खिड़की होती है जहां ढेर सारे लोग एक कतार में होते हैं जो अलग-अलग गंतव्यों के लिए टिकट प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। चारों तरफ पुरुष, महिलाएं और बच्चे थे। यहाँ लगभग सभी आयु वर्ग के लोग मौजूद थे। रेलवे स्टेशन पर बैठने की जगह पूरी तरह से कब्जे में थी। कुछ यात्री नीचे लेटे हुए थे जबकि कुछ फर्श पर ही बैठे थे।

विक्रेता - कई तरह के फल और खाने की चीजों के साथ छोटे सामान बेचने वाले भी कई विक्रेता थे। वे चिल्ला रहे थे और सामान बेच रहे थे, ताकि वे अपने स्टॉक का एक बड़ा हिस्सा बेच सकें।

प्लेटफ़ॉर्म दृश्य - जैसे ही हम प्लेटफ़ॉर्म क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, चारों ओर बहुत भीड़ थी, क्योंकि उसी क्षण एक ट्रेन आई थी। कुछ यात्री ट्रेन में चढ़ने की जल्दी में थे और कुछ टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के लिए बाहर की ओर भाग रहे थे। सामान उठाने के लिए यात्रियों की मदद करने वाले कुली भी वहां मौजूद थे।

हमारी ट्रेन अपने निर्धारित प्लेटफॉर्म पर समय से आ गई; हम ट्रेन के अंदर जाने में कामयाब रहे और अपनी सीटों की तलाश कर रहे थे। एक बार जब हमें हमारी सीट मिल गयी तो, हम सभी वहाँ पर बैठ गए और तब स्टेशन छोड़ने का समय आ गया। लेकिन यह मेरा पहला और बड़ा ही खूबसूरत अनुभव था।

रेलवे का निजीकरण अच्छा या बुरा

लाभ

  • भारतीय रेलवे के निजीकरण तहत, रेलवे को निजी कंपनियों के सुपुर्द कर दिया जायेगा, उनके उचित कार्य और अभिविन्यास के परिणामस्वरूप, बुनियादी ढांचे और अन्य सेवाओं में सुधार किया जाएगा।
  • स्टेशन को बेहतर साफ-सफाई से संवारा जाएगा।
  • यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
  • जैसे-जैसे बुनियादी ढांचों में सुधार होगा, यह ट्रेनों को समय पर आने में सक्षम करेगा।

नुकसान

  • निजीकरण के बाद, रेलवे में सरकारी नौकरियां समाप्त हो जाएंगी, क्योंकि निजी कम्पनियाँ कम लोगों को रोजगार देकर अधिक पैसा बनाने में विश्वास करती हैं।
  • बढ़ा हुआ किराया एक आम आदमी और गरीब लोगों के लिए मुश्किल ला सकता है।
  • संभव है की सरकारी रेल में देरी हो सकती है क्योंकि निजी रेलगाड़ियों को पहले सिग्नल दिया जायेगा।

सौर ऊर्जा का उपयोग करके रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से विद्युतीकृत हैं

आज की तारीख में, देशभर में करीब 900 से भी अधिक रेलवे स्टेशनों को पूरी तरह से विद्युतीकृत किया गया है। यह सब सौर ऊर्जा का उपयोग करके किया जाता है। यह स्थिरता की दिशा में एक सफल कदम है और निश्चित रूप से सतत विकास लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा। इसके इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन भी कम हो जाएगा। वाराणसी और दिल्ली का स्टेशन इन नवाचारों के ताजा उदाहरण हैं।

रेलवे स्टेशन पर कप्तान अर्जुन रोबोट का परिचय - कृत्रिम बुद्धिमत्ता की विशेषता

यह आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) द्वारा सुरक्षा और जांच के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों की जाँच में भी शामिल होगा, और साथ ही आतंकवादी गतिविधियों पर भी नज़र रखेगा।

निष्कर्ष

यह ट्रेन से यात्रा करने का मेरा पहला अनुभव था लेकिन काफी खूबसूरत था। जैसे ही गार्ड ने सीटी बजाई, ट्रेन स्टेशन से दूर होती चली गई। यह कहा जा सकता है कि रेलवे स्टेशन उन जगहों पर महत्वपूर्ण हैं जहाँ दैनिक आधार पर विभिन्न गतिविधियाँ की जाती हैं। लोग इन स्टेशनों के कारण यात्रा के दौरान खुद को सहज महसूस करते हैं।