विज्ञान पर निबंध

आज का युग विज्ञान का युग है। आज हर जगह सिर्फ विज्ञान का ही बोलबाला है। कलम से लेकर लैपटॉप तक सब कुछ विज्ञान की ही देन है। आज हम सौ फीसदी विज्ञान पर ही आश्रित हैं। नित नये वैज्ञानिक अविष्कारों को देखते हुए यह इतना प्रमुख एवं महत्वपूर्ण विषय बन गया है कि आए दिन इस पर निबंध आदि परीक्षाओं में पूछे जाते रहते हैं।

विज्ञान पर छोटे-बड़े निबंध (Short and Long Essay on Science in Hindi)

निबंध - 1 (300 शब्द)

प्रस्तावना

जब हम पीछे मुड़कर देखते है तो पाते है कि विज्ञान की दुनिया ने कितनी तरक्की कर ली है। दुनिया गैजेट्स और मशीनरी से भरी पड़ी है। मशीनरी हमारे परिवेश में सब कुछ करती है। यह कैसे संभव हुआ? हम इतने आधुनिक कैसे हो गए? यह सब विज्ञान की मदद से ही संभव हुआ। विज्ञान ने हमारे समाज के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। इसके अलावा, विज्ञान ने हमारे जीवन को आसान और आलसी बना दिया है।

दैनिक जीवन में विज्ञान

विज्ञान ने हमारे जीवन में कई बदलाव किए हैं। सबसे पहले, परिवहन अब आसान है। विज्ञान की मदद से अब लंबी दूरी तय करना आसान हो गया है। इसके अलावा, यात्रा का समय भी कम हो जाता है। विभिन्न तीव्र-गति वाहन इन दिनों उपलब्ध हैं। ये वाहन पूरी तरह से हमारे समाज का रुप बदल दिए हैं। विज्ञान ने भाप इंजन को विद्युत इंजन में परिवर्तित किया है।

पहले के समय में लोग साइकिल से यात्रा करते थे। लेकिन अब हर कोई मोटरसाइकिल और कारों पर यात्रा करता है। इससे समय और मेहनत बचती है। और यह सब विज्ञान की मदद से संभव है। विज्ञान ने हमें चाँद तक पहुँचाया। यह सिलसिला यही थमा नहीं है। इसने हमें मंगल की भी एक झलक दी। यह सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

यह केवल विज्ञान के कारण संभव हुआ। इन दिनों वैज्ञानिक कई उपग्रह बनाते हैं। जिसकी वजह से हम हाई-स्पीड इंटरनेट का इस्तेमाल कर पा रहे हैं। यहां तक ​​कि हमें इसके बारे में जानकारी हुए बिना ही ये उपग्रह दिन-रात पृथ्वी की परिक्रमा करते रहते हैं।

उपसंहार

विज्ञान हमारे समाज की रीढ़ है। हमारे वर्तमान समय में विज्ञान ने हमें बहुत कुछ दिया है। इसके कारण, हमारे स्कूलों में शिक्षक कम उम्र से ही विज्ञान पढ़ाते हैं। विज्ञान के बिना आज के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

 

निबंध - 2 (400 शब्द)

प्रस्तावना

विज्ञान और प्रौद्योगिकी हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हम अपनी अलार्म घड़ियों के बजने से सुबह उठते हैं और रात को अपनी लाइट बंद करके बिस्तर पर चले जाते हैं। ये सभी विलासिता जो हम वहन करने में सक्षम हैं, विज्ञान और प्रौद्योगिकी का ही परिणाम हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात, हम यह सब थोड़े समय में कर लेते हैं क्योंकि यह केवल विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रगति के कारण संभव हुआ है।

विज्ञान विषय के रूप में

विज्ञान की महत्ता इसी बात से आंकी जा सकती है कि अब कक्षा एक के बच्चे के पाठ्यक्रम में भी विज्ञान ने स्थान बना लिया है। यह विज्ञान ही है जो हमें हमारे सौर मंडल के बारे में सिखाता है। सौर मंडल में 8 ग्रह और सूर्य हैं। सबसे उल्लेखनीय यह है कि यह हमें हमारे ग्रह की उत्पत्ति के बारे में भी बताता है। इन सबसे ऊपर, हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि विज्ञान हमारे भविष्य को बनाने में हमारी मदद करता है। लेकिन यह न केवल हमें हमारे भविष्य के बारे में बताता है, बल्कि यह हमारे अतीत के बारे में भी बताता है।

जब छात्र कक्षा 6 में पहुंचता है, तो विज्ञान तीन और उपश्रेणियों में विभाजित हो जाता है। ये उपश्रेणियाँ भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान होती है। सबसे पहले, भौतिकी ने हमें मशीनों के बारे में सिखाया। भौतिकी एक दिलचस्प विषय होता है। यह एक तार्किक विषय है।

दूसरा उपश्रेणि ‘रसायन विज्ञान’ है। रसायन विज्ञान एक ऐसा विषय है जो पृथ्वी के अंदर पाए जाने वाले तत्व से संबंधित है। और यह विभिन्न उत्पादों को बनाने में मदद करता है। दवा और सौंदर्य प्रसाधन आदि जैसे उत्पादों के परिणामस्वरूप मानव लाभ होता है।

तीसरा उपश्रेणि, सबसे रोचक ‘जीवविज्ञान’ है। जो हमें हमारे मानव शरीर के बारे में सिखाता है। यह हमें इसके विभिन्न भागों के बारे में बताता है। इसके अलावा, यह कोशिकाओं के बारे में भी छात्रों को सिखाता है। विज्ञान इतना उन्नत है कि इसने हमें यह भी बता दिया कि, कोशिकाएं मानव रक्त में मौजूद होती हैं।

निष्कर्ष

विज्ञान की मदद से कई असाध्य रोगो का ईलाज संभव हो पाया है। चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान ने अद्वितीय प्रगति की है। जिसे पहले मानव सोच भी नहीं सकता था, उसे आज विज्ञान ने सम्भव कर दिखाया है। एक्स-रे मशीन से मानव के भीतर की तस्वीर खींच जाती है। क्या गज़ब की तकनीक विकसित की है, विज्ञान ने।

 

निबंध - 3 (500 शब्द)

प्रस्तावना

विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने हमें आधुनिक सभ्यता की स्थापना के लिए प्रेरित किया है। यह विकास हमारे दैनिक जीवन के लगभग हर पहलू में बहुत योगदान देता है। इसलिए, लोगों को इन परिणामों का आनंद लेने का मौका मिलता है, जो हमारे जीवन को अधिक आराम और आनंददायक बनाते हैं।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लाभ

अगर हम इसके बारे में सोचते हैं, तो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के कई लाभ हैं। वे छोटी चीज़ों से लेकर बड़े तक होते हैं। उदाहरण के लिए, सुबह का पेपर जो हम पढ़ते हैं, जो हमें विश्वसनीय जानकारी देता है, वैज्ञानिक प्रगति का परिणाम है। इसके अलावा, बिजली के उपकरण जिनके बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है जैसे कि रेफ्रिजरेटर, एसी, माइक्रोवेव आदि उन्नत (एडवांस) तकनीकी प्रगति का परिणाम है।

इसके अलावा, अगर हम परिवहन परिदृश्य को देखें, तो हम देखते हैं कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी यहाँ भी एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हम तेज़ी से पृथ्वी के दूसरे हिस्से तक पहुँच सकते हैं, सभी प्रौद्योगिकी के उन्नत स्वरुप का ही परिणाम है।

इसके अलावा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने मनुष्य को हमारे ग्रह से आगे देखने में सक्षम बनाया है। नए ग्रहों की खोज और अंतरिक्ष में उपग्रहों की स्थापना बहुत हद तक विज्ञान के कारण ही सम्भव हो पाया है।

इसी तरह, विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने चिकित्सा और कृषि क्षेत्रों पर भी प्रभाव डाला है। बीमारियों के लिए खोजे जा रहे विभिन्न उपचारों ने विज्ञान के माध्यम से लाखों लोगों की जान बचाई है। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी ने किसानों को बड़े पैमाने पर लाभान्वित करने वाली विभिन्न फसलों के उत्पादन को बढ़ाया है।

विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी वैज्ञानिक

अंत में, थॉमस एडिसन, सर आइजैक न्यूटन जैसे कई वैज्ञानिक इस दुनिया में पैदा हुए। उन्होंने बड़े आविष्कार किए हैं। थॉमस एडिसन ने प्रकाश बल्ब का आविष्कार किया। अगर उन्होंने यह आविष्कार नहीं किया होता तो आज पूरा जग अंधेरे में रहता। इस वजह से थॉमस एडिसन का नाम इतिहास में दर्ज हो गया।

एक अन्य प्रसिद्ध वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन थे। सर आइजक न्यूटन ने हमें ग्रेविटी के बारे में बताया। इसकी मदद से हम कई अन्य सिद्धांतों की खोज करने में सक्षम हो पाये।

भारत में वैज्ञानिक अब्दुल कलाम थे। उन्होंने हमारे अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा बलों के लिए बहुत योगदान दिया। उन्होंने कई उन्नत मिसाइलें बनाईं। इन वैज्ञानिकों ने महान काम किया और हम उन्हें हमेशा याद रखेंगे।

इसी क्रम में बेहद सराहनीय कदम उठाते हुए ईसरो के अध्यक्ष वैज्ञानिक के. सीवान के नेतृत्व में भारत ने प्रथम प्रयास में ही चंद्रयान-2 मिशन के तहत चंद्रमा पर अपना यान प्रक्षेपित किया। चूंकि इसमे हमें सफलता नहीं मिली, लेकिन यह भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि साबित हुई।

उपसंहार

वास्तव में हमारा अस्तित्व ही अब विज्ञान पर निर्भर करता है। हर दिन नई तकनीकें आ रही हैं जो मानव जीवन को आसान और अधिक आरामदायक बना रही हैं। इस प्रकार, हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के युग में रहते हैं।

इसके बाद, विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने गणित, खगोल भौतिकी, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा और अधिक सहित विभिन्न क्षेत्रों को आगे बढ़ाने में सहायता की है। इन विकासों के कुछ बेहतरीन उदाहरण हैं जैसे रेलवे सिस्टम, स्मार्टफोन, मेट्रो सिस्टम आदि।