सुशासन दिवस

गुड गवर्नेंस डे

पूरे भारत में 25 दिसम्बर को भारत सरकार द्वारा सुशासन दिवस के रुप मनाने की घोषणा की गयी है। असल में 25 दिसम्बर, हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म दिवस है जो उन्हें हमेशा के लिये आदर और सम्मान देने के लिये सुशासन दिवस के रुप में घोषित किया गया है। भारत सरकार द्वारा यह घोषित किया गया है कि 25 दिसम्बर (सुशासन दिवस) को पूरे दिन काम किया जायेगा।

सुशासन दिवस 2019

सुशासन दिवस 2019 में बुधवार, 25 दिसम्बर को मनाया जायेगा।

राष्ट्रीय सुशासन दिवस 2018 विशेष

25 दिसंबर के दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में सुशासन दिवस मनाया गया। वर्ष 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 दिसंबर (जोकि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन है) को सुशासन दिवस के रुप में मनाने की शुरुआत की गयी थी, तब से यह हर वर्ष मनाया जाता है। हालांकि इस वर्ष का इसका कार्यक्रम काफी खास रहा क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन इसी वर्ष कुछ समय पहले हुआ है, यहीं कारण है कि इस वर्ष के सुशासन दिवस का कार्यक्रम हर वर्ष से भिन्न रहा। इस अवसर पर तमाम दलों के शीर्ष नेताओं द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सुशासन दिवस पर मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने पेश की मिसाल

राष्ट्रीय सुशासन दिवस पर मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने राजनितिक परस्परता की एक अनोखी मिसाल पेश की, इस अवसर पर अधिकारियों कर्मचारियों का दृश्य तो हर साल की तरह ही था, लेकिन मध्य प्रदेश में इस वर्ष सत्ता का दृश्य बदला हुआ है, लेकिन फिर भी मध्य प्रदेश काग्रेंस ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जंयती के अवसर पर सुशासन दिवस के इस पर्व को काफी धूम-धाम से ना सिर्फ मनाया बल्कि की सरकार में सुशासन और पारदर्शिता की शपथ भी ली। कांग्रेस के इस फैसले की पूर्व प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी काफी तारीफ की और इसे राजनितिक स्वच्छता के ओर बढ़ाया गया एक विशेष कदम करार दिया।

देश भर में मनाया गया सुशासन दिवस का कार्यक्रम

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में पूरे देश भर में सुशासन दिवस का कार्यक्रम मनाया गया, इसी के तहत हिमांचल के सोलन में भी सुशासन दिवस के अवसर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के सासंद वीरेंद्र कश्यप भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का आयोजन सोलन आयुर्वेदिक अस्पताल में किया गया, जहां सासंद वीरेंद्र कश्यप ने अस्पताल के आस-पास फैली गंदगी को साफ किया और रोगियों को फल भी वितरित किये।

इसी तरह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बीजेपी के महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी के नेतृत्व में हर बूथ पर कार्यकर्ताओं द्वारा सुशासन दिवस का कार्यक्रम मनाया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजली प्रदान करके की गयी और इसके बाद सभी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने अपने कार्यों के प्रति पारदर्शिता तथा ईमानदारी की शपथ ली।

सुशासन दिवस का इतिहास

पूर्व प्रधानमंत्री, अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म दिवस 2014 में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा हर साल पूरे भारत में सुशासन दिवस के रुप में मनाये जाने की घोषणा की गयी थी। अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रुप में मनाना भारतीय लोगों के लिये बहुत सम्मान की बात है। अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर सुशासन दिवस की पहली घोषणा भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा की गई थी।

सुशासन दिवस की घोषणा "ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन” के आधार पर की गयी है। ये एक कार्यक्रम है जो सभी सरकारी अधिकारियों को बैठक और संचार के लिये आमंत्रित करके बाद में मुख्य समारोह में शामिल होकर मनाया जाता है। यहाँ एक दिन की लंबी प्रदर्शनी का आयोजन करके और सरकारी अधिकारियों को भाग लेने के साथ ही ई-गवर्नेंस और प्रदर्शनी के बारे में कुछ सुझाव देने के लिये आमंत्रित करके मनाया जाता है।

 

संयोग से भारत में सुशासन दिवस की घोषणा 25 दिसम्बर क्रिसमस उत्सव (एक राजपत्रित अवकाश) से मेल खाती है, हालांकि सुशासन दिवस पर पूरे दिन काम करने की घोषणा की गयी है। ये पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का 90 वां जन्मदिन था जब ये घोषणा की गयी थी।

सुशासन दिवस कैसे मनाते हैं

राजग सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय की जयंती पर हर साल 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाने की घोषणा की है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) द्वारा सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों को विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करके सुशासन दिवस को मनाने का संदेश भेजा गया। स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी कई गतिविधियों में भाग लेते हैं जैसे: निबंध लेखन प्रतियोगिता, वाद-विवाद, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, खेल आदि।

विद्यार्थीयों की सुगमता के लिए प्रतियोगिताओं की ऑनलाइन व्यवस्था भी की गयी है जैसे: ऑनलाइन निबंध लेखन, ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, आदि। ये घोषणा की गयी कि सुशासन दिवस के दो दिन (25-26 दिसम्बर) चलने वाले समारोह के दौरान सभी विद्यार्थी गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। इस बात कि भी पुष्टि की गयी कि 25 दिसम्बर को ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा तो विद्यालयों का खुलना आवश्यक नहीं है।

विद्यार्थी चाहे तो प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं और नहीं भी क्योंकि ऑंनलाइन प्रतियोगिता स्वैच्छिक है। ये विद्यार्थीयों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिये बाध्य करने का समारोह नहीं है। विद्यार्थीयों का भाग लेना या न लेना उनकी अपनी इच्छा पर निर्भर करता है। छात्र अपने घरों या अन्य स्थानों से जहां वो इंटरनेट प्रयोग कर सकते हैं, प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं।

सुशासन दिवस मनाने के उद्देश्य

अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्मदिन सुशासन दिवस के रुप में बहुत से उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये घोषित किया गया:

  • सरकारी प्रक्रिया को व्यवहारिक बनाकर देश में एक "खुला और जवाबदेह प्रशासन" प्रदान करने के लिए।
  • सुशासन दिवस देश में एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन मुहैया कराने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में लोगों को जागरूक बनाने के लिए मनाया जाता है।
  • यह भारत में आम नागरिकों के कल्याण और भलाई को बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
  • सरकार के कामकाज के मानकीकरण के साथ-साथ यह भारतीय लोगों के लिए एक अत्यधिक प्रभावी और जवाबदेह शासन के लिए मनाया जाता है।
  • यह भारत में सुशासन के एक मिशन को पूरा करने के लिए अच्छी और प्रभावी नीतियों को लागू करने के लिए मनाया जाता है।
  • यह सरकारी अधिकारियों को आंतरिक प्रक्रियाओं और उनके काम के लिये प्रतिबद्ध करने के लिये मनाया जाता है।
  • सुशासन के माध्यम से देश में वृद्धि और विकास को बढ़ाने के लिए।
  • नागरिकों को सरकार के करीब लाकर सुशासन की प्रक्रिया में उन्हें सक्रिय भागीदार बनाने के लिए।