प्रवासी भारतीय दिवस

प्रवासी भारतीय दिवस भारत सरकार द्वारा भारतीय प्रवासियों को समर्पित किया गया दिन है। यह प्रतिवर्ष 9 जनवरी के दिन मनाया जाता है, यह दिन भारतीय प्रवासियों के द्वारा विदेशों में अपनी मेहनत और लगन से भारत का नाम बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसी दिन महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस आये थे और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नेतृत्व की बागडोर संभाली थी।

यह दिन प्रवासी भारतीयों के भारत के विकास में दिये गये योगदान को दर्शाता है क्योंकि उन्होंने अपने कार्यों द्वारा विदेशों में ना सिर्फ भारत का नाम रोशन किया है बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रवासी भारतीय दिवस 2019

प्रवासी भारतीय दिवस इस बार 9 जनवरी को नही मनाया जायेगा बल्कि की यह 21 जनवरी से शुरु होकर 23 जनवरी 2019 तक चलेगा, इसमें ऐसा परिवर्तन इलाहाबाद में हो रहे कुंभ मेले को देखते हुए किया गया है।

प्रवासी भारतीय दिवस 2019 विशेष

जनवरी 2019 में होने वाला प्रवासी भारतीय दिवस हर बार से अलग होने वाला है क्योंकि इस बार यह हर बार की तरह 9 जनवरी को नहीं मनाया जायेगा। प्रयागराज में 2019 में हो कुंभ आयोजन को देखते हुए इसकी तारीख बढ़ा दी गई है और इस बार प्रवासी भारतीय दिवस का कार्यक्रम 21 जनवरी से लेकर 23 जनवरी तक चलेगा।

इलाहाबाद में कुंभ मेले के आयोजन को देखते हुए इस बार इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रवासियों के आने की संभावना है और इस बार इसके दिनांक के परिवर्तन करने से प्रवासी कई तरह के कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे क्योंकि 21 से 23 जनवरी तक वाराणसी में चलने वाले प्रवासी भारतीय दिवस के बाद 24 जनवरी को भारतीय प्रवासी प्रयागराज में आयोजित हो रहे कुंभ मेले का भी आनंद पायेंगे। इसके बाद 26 जनवरी के दिन सभी भारतीय प्रवासी दिल्ली में होने वाले गणतंत्र दिवस में कार्यक्रम में भी हिस्सा ले सकेंगे है।

जानिये कहां होगा प्रवासी भारतीय दिवस 2019 का आयोजन?

सन् 2019 में पंद्रहवाप्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होगा। इस बार देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित करने के कई कारण है, सबसे पहला इस शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता और दूसरा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने वाला कुंभ मेला क्योंकि वाराणसी और प्रयागराज काफी आस-पास है। इसलिए यह प्रवासियों के लिए अपने सांस्कृतिक विरासत को समझने के साथ ही पर्यटन का भी अच्छा अवसर साबित होगा।

ये हैं प्रवासी भारतीय दिवस 2019 के मुख्य अतिथि

इस वर्ष वाराणसी में आयोजित होने वाले पंद्रहवे प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगुनाथ होंगे। इसके अलावा इस बार नार्वे के संसद सदस्य श्री हिमांशु गुलाटी को विशेष अतिथि तथा न्यूजीलैंड के संसद सदस्य कंवलजीत सिंह बख्शी को सम्माननीय अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया है।

वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस 2019 का कार्यक्रम

2019 में प्रवासी भारतीय दिवस वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है जो 21 जनवरी से 23 जनवरी तक चलेगा, हालांकि इसका पूर्ण रुप से कार्यक्रम लगभग 1 हफ्ते तक चलेगा, जिसमें प्रगायराज में होने वाला महाकुंभ और नई दिल्ली में होने वाला गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम भी शामिल है। इस विषय में तारीख अनुसार सारे कार्यक्रमों की सूची नीचे दी गई है।

 

इस विषय में प्रवासी भारतीय दिवस की आधकारिक वेबसाइट 15 सितम्बर 2019 को लांच की गयी थी। इसका पंजीकरण 15 नवंबर 2018 से शुरु हो चुका है, कोई भी व्यक्ति या समूह इस कार्यक्रम को देखने के लिए अपना पंजीकरण करा सकता है और तय शुल्क का भुगतान करके इस कार्यक्रम का आनंद ले सकता है।

  • प्रथम दिन 21 जनवरी 2019, सोमवार

प्रवासी भारतीय दिवस का पहला दिन युवा प्रवासी दिवस और उत्तर प्रदेश राज्य प्रवासी दिवस के रुप में मनाया जायेगा।

समय - सुबह 9:30  बजे से लेकर सुबह 11:00 बजे तक

युवा प्रवासी दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन

युवा प्रवासी दिवस और उत्तर प्रदेश प्रवासी दिवस का सामूहिक रुप से उद्घाटन माननीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और युवा कार्य और खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राज्यवर्धन सिंह राठौड़ द्वारा किया जायेगा।

इसके अलावा नार्वे के संसद सदस्य श्री हिमांशु गुलाटी भी इस कार्यक्रम के विशेष अतिथि होंगे तथा न्यूजीलैंड के संसद सदस्य माननीय कंवलजीत सिंह बख्शी इस कार्यक्रम के सम्माननीय अतिथि होंगे।

समय- सुबह 11:30 बजे से लेकर अपराह्न 13:00 बजे तक

इस दैरान भारतीय अधिकारी और नेता युवा प्रवासी भारतीयों से बातचीत करेंगे और उन्हें उनके मूल स्थान के विषय में अधिक से अधिक जानकारी देगें।

समय- अपराह्न 13:00 बजे से लेकर अपराह्न 14:00 बजे तक

इस समय मेहमानों के लिए माननीय मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के द्वारा अतिथिभोज का आयोजन किया जायेगा।

समय अपराह्न 14:30 से लेकर सांय 21:00 बजे तक

इस दौरान युवा प्रवासी भारतीय बीएचयू (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) में छात्रों से मिलेंगे और कई सारे विषयों पर उनसे चर्चा करेंगे। इसके बाद सभी प्रवासी और अतिथि, राज्य खेल एंव युवा कल्याण मंत्री श्री चेतन चौहान के साथ रात का भोजन करेंगे।

रात्रि 11:00 बजे तक

इसके बाद उत्तर प्रदेश युवा प्रवासी दिवस के अंत में अतिथियों को भारतीय संस्कृति और विरासतों से परिचित करना के लिए सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

 

  • दूसरा दिन – 22 जनवरी 2019, मंगलवार

15वें प्रवासी भारतीय दिवस के सम्मेलन का उद्घाटन

समय सुबह 10:00 बजे से लेकर अपराह्न 12:30 तक

प्रथम संगोष्ठी – 15वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन मुख्य अतिथि और मॉरीशस के प्रधानमंत्री श्री प्रविंद जगुनाथ द्वारा भारत के माननीय प्रधानमंत्री के उपस्थिति में किया जायेगा।

इस उद्घाटन के बाद भारत के माननायी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक भाषण भी दिया जायेगा। इसके बाद दोनो प्रधानमंत्रियों संयुक्त रुप से मॉरीशस के प्रवासी भारतीय केंद्र के पट्टिका का अनावरण करेंगे।

इस पट्टिका के अनावरण के बाद एक सवाल-जवाब प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है जिसका नाम भारत को जानिये रखा गया है, इसके बाद इस कार्यक्रम के अंत में लोगो के सामूहिक फोटे खीचे जायेंगे।

समय- अपराह्न 13:00 बजे से लेकर अपराह्न 14:30 बजे तक

इस समय के मध्य में भारत सरकार द्वारा प्रतिनिधियों के लिए भोजन का आयोजन किया जायेगा।

समय- अपराह्न 14:00 बजे से लेकर 15:30 तक

दूसरी संगोष्ठी- इस दौरान दूसरी संगोष्ठी का कार्यक्रम होगा जिसका विषय “डेवलपिंग साइबर कैप सिटी ऑफ इंडिया” होगा।

समय- सांय 16:00 बजे से लेकर सांय 17:30 बजे तक

तीसरी संगोष्ठी- इसके बाद तीसरी संगोष्ठी का कार्यक्रम होगा जिसका विषय “गिविंग बैक टू इंडिया आपरट्यूनिटिस एंड चैलेंज” होगा।

समय- सांय 18:00 बजे लेकर सांय 19:00 बजे तक

इस दौरान भारतीय सांस्कृतिक परिषद द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेंगे।

रात्रि 20:00 बजे तक

भारत की माननीय विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज द्वारा अतिथियों के सम्मान में भोज का आयोजन किया गया है।

  • तीसरा दिन – 23 जनवरी 2019, बुधवार

समय - सुबह 9:00 बजे से लेकर सुबह 10:20 बजे तक

इस दौरान चौथी संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा, जिसका विषय “इंडियन कम्युनिटी ऑर्गनाइजेशन वर्किंग इन डिस्ट्रेस सिचुएशन” होगा।

समय – सुबह 10:20 से लेकर सुबह 11:40 तक

इस समय पाचवीं संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा, जिसका विषय “रोल ऑफ इंडियन डायस्पोरा इन बिल्डिंग ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन इंडिया” होगा।

समय - सुबह 11:40 से लेकर अपराह्न 12:00 बजे तक

अतिथियों के लिए टी ब्रेक

समय – अपराह्न 12:00 बजे से लेकर अपराह्न 13:30 बजे तक

छठवीं संगोष्ठी का आयोजन जिसका विषय रोल आफ “इंडियन डायस्पोरा इन बिल्डिंग फॉर अफोर्डेबल वेस्ट मैनेजमेंट” होगा।

समय - अपराह्न 13:30 बजे से लेकर अपराह्न 15:00 बजे तक

इस समय के दौरान उत्तर प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री राम नाईक द्वारा अतिथियों के सम्मान में भोज का आयोजन किया जायेगा।

समय – अपराह्न 15:00 बजे से लेकर अपराह्न 16:30 बजे तक

सातवें संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा, जिसका विषय “द रोल आफ इंडियन डायस्पोरा इन कैपसटी बिल्डिंग आफोर्डबल सोलर पावर” होगा।

समय - सांय 17:00  बजे से लेकर सांय 18:30 बजे तक

यह अतिथियों के विदाई का समय होगा और इस दौरान भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के द्वारा प्रवासी भारतीयों को प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया जायेगा।

सांय 20:00 बजे तक

इस दौरान प्रवासियों के सम्मान में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष डा विनय सहस्रबुद्धे द्वारा रात्रिभोज का आयोजन किया जायेगा।

  • चौथा दिन – 24 जनवरी 2019, गुरुवार

वैसे तो आधाकारिक प्रावासी भारतीय दिवस का अंत 23 जनवरी के दिन ही हो जायेगा परंतु जो प्रवासी भारतीय चाहें वह इसके चौथे दिन यानी 24 जनवरी को प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में भी हिस्सा ले सकते हैं, इसमें हिस्सा लेने वाले प्रवासियों के लिए विशेष वोल्वो बसों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उनके रहने खाने और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है ताकि प्रवासी भारतीय अतिथि आराम से संगम में इस पवित्र स्नान का आनंद ले सके।

  • पाचवां दिन – 25 जनवरी 2019, शुक्रवार

कुंभ मेला मे भाग लेने के बाद प्रवासी अतिथि प्रयागराज से नई दिल्ली के लिए रावाना होंगे, इसके लिए भारत सरकार द्वारा उन्हें विशेष ट्रेन से एसी टू टीयर कोचों में दिल्ली पहुचाया जायेगा।

  • छठवां दिन – 26 जनवरी 2019, शनिवार

भारत सरकार द्वारा प्रवासी भारतीय दिवस 2019 के प्रतिनिधियों को भारत के 70वें गणतंत्र दिवस में शामिल होने के लिए विशेष पास प्रदान किये जायेंगे ताकि वह भारत के इस राष्ट्रीय पर्व का आनंद ले सकें।

स्कूलों में मनाया जा रहा है प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम

प्रवासी भारतीय दिवस को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में जोर-शोर से तैयारियां की जा रही है। इस विशेष कार्यक्रम को देखते हुए विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस कार्यक्रम में सौरागोपालपुर में मारीशस, आर्य महिला इंटर कालेज में सूरीनाम, डीपीएस वाराणसी में बेलारुस, नगवा स्थित तुलसी विद्या निकेतन में अलस्वाडोर और सनबीम एकेडमी में अस्ट्रेलिया पर आधारित थीम कार्यक्रम देखने को मिले। छात्रों द्वारा इन देशों के संस्कृति तथा पहनावे के साथ ही इन देशों के विकास में प्रवासी भारतीयों के अहम योगदान की भी जानकारी प्रदान की गयी और इनसे जुड़े कार्यक्रमों का मंचन किया गया।

वर्ष 2019 में 21 जनवरी से 23 जनवरी तक वाराणसी में आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस को देखते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ ही जिला प्रशानसन भी इसके तैयारियों में लगा हुआ है। शहर के मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार पूरे जिले के विद्यालयों में प्रवासी भारतीय दिवस पखवाड़ा मनाया जा रहा है।

प्रवासी दिवस को ईकों फ्रेंडली संदेश देने के लिए वाराणसी में चलेगी सोलर बोट

प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जनवरी माह में आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस को देखते हुए विशेष तैयारियां की जा रही है। इसी के तहत चैंबर आफ कामर्स के द्वारा प्रवासी दिवस के कार्यक्रम से पहले वाराणसी में हाइब्रिड सोलर बोट का परिचालन शुरु कराया जायेगा ताकि लोगों को पर्यावरण और नवकरणीय ऊर्जा के संसाधनों के प्रति जागरुक किया जा सके। इसके साथ ही श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण की मशीन भी लगायी जायेगी।

जनपद में किये जा रहे हैं सुरक्षा के विशेष इंतजाम

सुरक्षा इंतजामों को देखते हुए प्रशासन ने अभी से मुस्तैदी दिखानी शुरु कर दी है, ताकि किसी भी संभावित अनहोनी को रोका जा सके। इसी के तहत सुरक्षा एजेंसियों द्वारा वाराणसी में चलने वाली नावों की भी कोडिंग की जा रही है और उस नाव को कौन चलाता है तथा उसका मालिक कौन है जैसी जानकारियां इकठ्ठा की जा रही है, ताकि प्रवासी भारतीय दिवस के दिन कोई भी बाहरी नाव काशी में प्रवेश ना कर सके। इसके साथ ही घाटों की चेकिंग भी शुरु कर दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए घाट किनारे स्थित होटलों और धर्मशालाओं में आने वाले लोगों की भी जांच रही है।

तेज हुए वीवीआईपी निरीक्षण दौरे

वाराणसी में आयोजित हो रहे प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के लिए एक गरिमामय और महत्वपूर्ण विषय बता चुके है और जैसे-जैसे कार्यक्रम का दिन नजदीक आता जा रहा है शहर में अधिकारियों और मंत्रियों द्वारा कार्यों का निरीक्षण तेज होता जा रहा है, ताकि इस विशेष अवसर में किसी प्रकार की कमी ना रह जाये, प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम को देखते हुए स्वंय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार वाराणसी का दौरा कर चुके हैं।

इसी के तहत बुधवार 12 दिसंबर के दिन राज्य मंत्री स्वाति सिंह ने वाराणसी का दौरा किया और कार्यक्रम के आयोजन का जायजा लिया। इस आयोजन के विषय में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में सदैव से ही अतिथि को देवता तुल्य माना जाता है और यह वाराणसी जनपद के साथ ही यह पूरे उत्तर प्रदेश के लिए काफी गर्व का अवसर है क्योंकि इस आयोजन द्वारा हमें विश्व भर से आ रहे अतिथियों के सेवा का अवसर मिलेगा।

प्रवासी भारतीय दिवस क्यों मनाते है?

प्रवासी भारतीय दिवस भारतीय प्रवासियों के सम्मान में मनाया जाता है। जिन्होंने ने अपने लगन और मेहनत से विदेशों में भारतीय संस्कृति का परचम लहराया और अपने देश का मान बढ़ाया। प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की शुरुआत सन् 2003 से हुई थी। इस दिन को 9 जनवरी के दिन मनाने के पीछे एक ऐतिहासिक कारण है क्योंकि यह वह जब महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस आये थे।

यही कारण है कि इस दिन को 9 जनवरी के दिन मनाया जाता है। सरकार को प्रवासी भारतीय दिवस मनाने का सुझाव सर्वप्रथम स्वर्गीय लक्ष्मी मल द्वारा दिया गया था। उनका मानना था कि भारतीय प्रवासी भारत के तरक्की में भारतीय नागरिकों के तरह ही सहयोगी है और उन्हें उचित सम्मान देकर हम भारत की तरक्की को एक तीव्र गति दे सकते है।

प्रवासी भारतीय दिवस पर होने वाले कार्यक्रम

प्रवासी भारतीय दिवस पर कई सारे कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। मुख्यतः यह कार्यक्रम विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित किये जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, पुरस्कार वितरण जैसे कार्यक्रम प्रमुख होते है। प्रवासी भारतीय दिवस पर होने वाले यह कार्यक्रम इस उत्सव की शोभा को और भी बढ़ा देते है। इस दिन भारत सरकार द्वारा किसी महत्वपूर्ण भारतीय प्रवासी को इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया जाता है, जिसने की अपने कार्यों द्वारा भारत का नाम रोशन किया हो।

इसके बाद भारतीय प्रवासियों के उपलब्धियों पर चर्चा की जाती है तथा इसके साथ ही उनकी परेशानियों और समस्याओं पर भी चिंतन किया जाता है और इन्हें दूर करने का प्रयास किया जाता है। इस दौरान प्रवासी भारतीयों को भारत में तकनीकी और उद्योग को बढ़ाने के लिए निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। भारत में निवेश करने वाले प्रवासियों के लिए भारत सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जाती है, ताकि उन्हें भारत में व्यापार और उद्योग स्थापित करने में आसानी हो।

प्रवासी भारतीय दिवस कैसे मनाया जाता है?

प्रवासी भारतीय दिवस मनाने का अपना एक विशेष तरीका है। सबसे पहले इस कार्यक्रम का प्रधानमंत्री द्वारा दीप प्रज्वलित करके उद्घाटन किया जाता है। इसके बाद मुख्य अतिथि, प्रधानमंत्री और माननीय व्यक्ति अपने स्थान ग्रहण करते है। इन कार्यों के बाद इस दिन के जश्न में तमाम तरह के भाषण, रंगारंग तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते है और इन सबके अंत में राष्ट्रपति द्वारा भारतीय प्रवासियों को विदेशों में भारत का नाम बढ़ाने के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।

प्रवासी भारतीय दिवस अब तक इन जगहों पर मनाया गया है

  • 2003 में पहला प्रवासी भारतीय दिवस नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
  • 2004 में दूसरा प्रवासी भारतीय दिवस नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
  • 2005 में तीसरा प्रवासी भारतीय दिवस मुंबई में आयोजित किया गया।
  • 2006 में चौथा प्रवासी दिवस भारतीय हैदराबाद में आयोजित किया गया।
  • 2007 में पाँचवाँ प्रवासी भारतीय दिवस नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
  • 2008 में छठवां प्रवासी भारतीय दिवस नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
  • 2009 में सातवां प्रवासी भारतीय दिवस चेन्नई में आयोजित किया गया।
  • 2010 में आठवां प्रवासी भारतीय दिवस नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
  • 2011 में नौवां प्रवासी भारतीय दिवस नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
  • 2012 में दसवां प्रवासी भारतीय दिवस जयपुर में आयोजित किया गया।
  • 2013 में ग्यारहवां प्रवासी भारतीय दिवस केरल में आयोजित किया गया।
  • 2014 में बारहवां प्रवासी भारतीय दिवस नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
  • 2015 में तेरहवां प्रवासी भारतीय दिवस गांधीनगर में आयोजित किया गया।
  • 2017 में चौदहवां प्रवासी भारतीय दिवस बैंगलोर में आयोजित किया गया।

अब तक आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि

  1. 2003 में मारीशस के प्रधानमंत्री सर अनेरुदजगुनाथ प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  2. 2004 में गुयाना के राष्ट्रपति श्री भरत जगदेव प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  3. 2005 में सुरीनाम के उप-राष्ट्रपति जे.आर. अजोधिया प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  4. 2006 में साउथअफ्रीका के राजनीतिक कार्यकर्ता और नेल्सनमंडेला के समकालीन श्री अहमदकथरादाप्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  5. 2007 में सिंगापुर के विख्यात प्रो. एस. जयकुमार प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  6. 2008 में मारीशस के प्रधानमंत्री डॉ नवीनचंद्रारामगुलम प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  7. 2009 में सुरीनाम के उप-राष्ट्रपति डॉ रामादीनसरदोजे प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  8. 2010 में यूनाइटेड किंगडम के नागरिक और अल्फाहास्पिटल ग्रुप के चेयरमैन डॉ खलीलहमीद प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  9. 2011 में न्यूजीलैंड के गर्वनर जनरल सर आनंद सत्यानंद प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  10. 2012 में त्रिदिनादएंवटोबैगोकी नागरिक श्रीमती कमला प्रसाद बिस्सनेर प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थीं।
  11. 2013 में मारीशस के राष्ट्रपति श्री राजकेश्वरपुरयाग प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  12. 2014 में मलेशिया के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन के संघीय मंत्री दातो श्री जी. पलेनीवाल प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  13. 2015 में गुयाना के नागरिक और कार्परेटिवरिपब्लिकआप गुयाना के अध्यक्ष श्री डोनाल्डरबीन्द्रनाथरामोतर प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।
  14. 2017 में पुर्तगाल के प्रधानमंत्री अंटोनियोकोस्ता प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि थे।

प्रवासी भारतीय दिवस थीम

किसी भी कार्यक्रम या आयोजन की थीम उसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है, यह वह नारा होता है जो लोगों को उस आयोजन या कार्यक्रम का महत्व और उद्देश्य समझाता है। किसी आयोजन में थीम का होना इसलिए भी काफी आवश्यक होता है क्योंकि ज्यादातर लोग किसी आयोजन का दिन भलें ही भूल जाते हों पर उसके थीम को लंबे समय तक याद रखते है। इसी प्रकार से प्रवासी भारतीय दिवस के थीम हमें इस दिन का महत्व समझाने का प्रयास करते हुए, इस बात का अहसास दिलाते हैं कि हमारे देश की तरक्की में प्रवासी भारतीयों का भी एक बड़ा योगदान है।

प्रवासी भारतीय दिवस के पिछले वर्षों के थीम

  • 2008 – प्रवासियों के साथ जुड़ो, आगे बढ़ो (इंगेजिंग द डायस्पोराः द वे आफ फारवर्ड)
  • 2011 – वैश्विक भारतीयों के साथ जुड़ो (इंगेजिंग द ग्लोबल इंडियन)
  • 2012 – वैश्विक भारतीय – सम्मिलित तरक्की (ग्लोबल इंडियन –इनक्लूजिव ग्रोथ)
  • 2015 – अपना भारत अपना गौरव (कनेक्टिंग अक्रास जेनरेशन)
  • 2019 –नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका (रोल आफ इंडियन डायस्पोरा इन बिल्डिंग ए न्यू इंडिया)

प्रवासी भारतीय दिवस की आवश्यकता

प्रवासी भारतीय दिवस का दिन हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिन हमें भारत के विकास में प्रवासी नागरिकों के योगदान की याद दिलाता है। जिन्होंने अपने कठिन परिश्रम से ना सिर्फ विदेशों में भारत का नाम बढ़ाया बल्कि की भारत की आर्थिक तरक्की में भी अहम योगदान दिया। भले ही भारत के प्रवासी नागरिक विदेशों में बस गये हो लेकिन उन्होंने अपनी संस्कृति और सभ्यता को आज भी अपनाये रखा है और हर मुश्किल समय में भारत के साथ खड़े रहते है। चाहे वह प्राकृतिक आपदा हो या फिर आर्थिक या राजनीतिक संकट प्रवासी भारतीयों ने हर तरह से भारत की सहायता करने का प्रयास किया तथा भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने निवास देशों में सदैव भारत के पक्ष में आवाज उठाई।

उनके अपने मूल निवास के इस लगाव और भारत की प्रगति में उनके योगदान के कारण सन् 2003 से प्रवासी भारतीय दिवस का यह कार्यक्रम बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है।

प्रवासी भारतीय दिवस मनाने के कारण

2016 में प्रकाशित हुए आकड़ो के अनुसार लगभग 3.10 करोड़ भारतीय प्रवासी विदेशों में रहते है, जिनमें से लगभग 1.8 करोड़ भारतीय मूल के प्रवासी है और 1.3 करोड़ गैर प्रवासी भारतीय है जो कि विश्व के 146 देशों में फैले हुए है। अपने कठिन परिश्रम और लगन के कारण भारतीय प्रवासियों को विदेशों में एक आदर्श अल्पसंख्यक नागरिक माना जाता है। अपनी इसी मेहनत के बलबूते वह आज विदेशों में कई सारे उच्च पदों पर पदस्थ है, जो हर मुश्किल हालातों में भारत का पक्ष लेते है।

भले ही भारतीय प्रवासियों ने भारत को छोड़ दिया पर उन्होंने अपनी संस्कृति को नहीं छोड़ा है और वह जहां भी गये इसका प्रचार-प्रसार किया। जिससे की विदेशों में लोगों को भारतीय संस्कृति के विषय में और भी अच्छे से जानने में सहायता मिली। इसके अलावा उनके द्वारा भेजे गये धन से भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है, आकड़ो के अनुसार प्रवासी भारतीय, जिसमें की विदेशों में काम कर रहे गैर प्रवासी भारतीय और मजदूर भी शामिल है। उनके द्वारा प्रतिवर्ष 69 बिलियनडालरकी राशि भारत भेजी जाता है, जो किरेमिटेंस के मामले में पूरे विश्व में सर्वाधिक है।

जिस तरह से भारत के महानतम प्रवासियों में से एक महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस आये और भारत की आजादी का नेतृत्व करते हुए, हमें स्वतंत्रता दिलायी उसी तरह विदेशों में बसे भारतीय प्रवासियों के भारत के विकास में योगदान को देखते हुए प्रवासी भारतीय दिवस का यह कार्यक्रम इतने भव्य स्तर पर और धूम-धाम से मनाया जाता है।

प्रवासी भारतीय सम्मान

प्रवासी भारतीय दिवस को विदेशों में भारत का परचम लहराने वाले प्रवासी भारतीयों को प्रवासी भारतीय दिवस के दिन प्रवासी भारतीय सम्मान से नवाजा जाता ह। इसकी शुरुआत सन् 2003 में हुई थी यह पुरस्कार अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रवासी भारतीयों को प्रदान किया जाता है। प्रवासी नागरिकों को यह सम्मान भारतीय राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है। अभी तक यह पुरस्कार 136 लोगों को दिया जा चुका है।