जल संरक्षण पर निबंध

स्वच्छ जल बहुत तरीकों से भारत और पूरे विश्व के दूसरे देशों में लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा साथ ही स्वच्छ जल का अभाव एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इस बड़ी समस्या को अकेले या कुछ समूह के लोग मिलकर नहीं सुलझा सकते हैं, ये ऐसी समस्या है जिसको वैश्विक स्तर पर लोगों के मिलकर प्रयास करने की जरुरत है। विभिन्न निबंध लेखन प्रतियोगिताओं तथा परीक्षा के समय विद्यार्थियों की मद के लिये बेहद सरल अलग-अलग शब्द सीमाओं में जल बचाओं के गंभीर मुद्दे पर कई सारे निबंध हम आपके बच्चों के लिये यहाँ उपलब्ध करा रहें हैं। इनका उपयोग बच्चे निभिन्न अवसरों पर अपनी जरुरत के अनुसार कर सकते हैं।

जल संरक्षण पर निबंध (सेव वाटर एस्से)

जल संरक्षण पर निबंध 1 (100 शब्द)

भविष्य में जल की कमी की समस्या को सुलझाने के लिये जल संरक्षण ही जल बचाना है। भारत और दुनिया के दूसरे देशों में जल की भारी कमी है जिसकी वजह से आम लोगों को पीने और खाना बनाने के साथ ही रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करने के लिये जरूरी पानी के लिये लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जबकि दूसरी ओर, पर्याप्त जल के क्षेत्रों में अपने दैनिक जरुरतों से ज्यादा पानी लोग बर्बाद कर रहें हैं। हम सभी को जल के महत्व और भविष्य में जल की कमी से संबंधित समस्याओं को समझना चाहिये। हमें अपने जीवन में उपयोगी जल को बर्बाद और प्रदूषित नहीं करना चाहिये तथा लोगों के बीच जल संरक्षण और बचाने को बढ़ावा देना चाहिये।

जल संरक्षण

जल संरक्षण पर निबंध 2 (150 शब्द)

प्रकृति के द्वारा मानवता के लिये जल एक अनमोल उपहार है। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है। भारत और दूसरे देशों के बहुत सारे क्षेत्रों में पानी की कमी से लोग जूझ रहें है जबकि पृथ्वी का तीन-चौथाई हिस्सा पानी से घिरा हुआ है। जल की कमी के कारण विभिन्न क्षेत्रों में लोगों द्वारा मुश्किलों का सामना किये जाने के कारण पर्यावरण, जीवन और विश्व को बचाने के लिये जल बचाने और संरक्षण करने के लिये हमें सिखाता है।

धरती पर जीवन का सबसे जरूरी स्रोत जल है क्योंकि हमें जीवन के सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिये जल की आवश्यकता है जैसे पीने, भोजन बनाने, नहाने, कपड़ा धोने, फसल पैदा करने आदि के लिये। बिना इसको प्रदूषित किये भविष्य की पीढ़ी के लिये जल की उचित आपूर्ति के लिये हमें पानी को बचाने की जरुरत है। हमें पानी की बर्बादी को रोकना चाहिये, जल का उपयोग सही ढंग से करें तथा पानी की गुणवत्ता को बनाए रखें।

जल संरक्षण पर निबंध 3 (200 शब्द)

ईश्वर के द्वारा धरती पर हमारे जीवन के लिये जल एक अनमोल उपहार है। धरती पर जल की उपलब्धता के अनुसार हम अपने जीवन में जल के महत्व को समझ सकते हैं। धरती पर मौजूद हर चीज और सभी जीव-जन्तुओं को पानी की जरुरत है जैसे इंसान, जानवर, पेड़-पौधे, कीड़े-मकौड़े और दूसरे जीव-जन्तु। धरती पर जल का संतुलन कुछ प्रक्रियाओं के द्वारा होता है जैसे वर्षा और वाष्पीकरण। पृथ्वी का तीन-चौथाई हिस्सा पानी से घिरा हुआ है जबकि, बेहद कम प्रतिशत जल अर्थात् स्वच्छ जल मानव इस्तेमाल के लिये उपलब्ध है। इसलिये, साफ पानी की कमी के साथ समस्या है जो यहाँ पर जीवन को समाप्त कर सकता है।

स्वच्छ जल जीवन के लिये बहुत महत्वपूर्ण तत्व है। इसलिये भविष्य को सुरक्षित करने के लिये हमें जल संरक्षण की आवश्यकता है। अगर हम पानी को बचाते हैं, हम धरती पर पूरे विश्व और जीवन को बचाते हैं। जल सार्वभौमिक द्रावक कहलाता है इसलिये जीवन की गुणवत्ता को आश्वस्त करने के लिये ये मुख्य घटक है। हमें एक-साथ मिलकर बिना इसको प्रदूषित किये केवल जरुरत के अनुसार पानी इस्तेमाल करने की एक प्रतिज्ञा लेनी चाहिये। पानी में दूसरी गंदगियों और औद्योगिक प्रदूषकों को मिलने से रोकने के द्वारा जल प्रदूषण से हमें हमारे जल को बचाना चाहिये। यहाँ पर उचित प्रदूषण प्रबंधन होना चाहिये जिसका सभी को पालन करना चाहिये।

जल संरक्षण पर निबंध 4 (250 शब्द)

ये सभी के लिये बिल्कुल साफ है कि धरती पर जीवन के अस्तित्व के लिये जल बहुत ही जरूरी है। जीवन जीने से संबंधित हमारी सभी क्रियाओं के लिये जल की आवश्यकता है। हमलोग धरती पर चारों तरफ़ (धरती का लगभग तीन-चौथाई भाग) से पानी से घिरे हुए हैं इसके बावजूद हमलोग भारत और दुनिया के दूसरे देशों में पानी की समस्या से जूझ रहें हैं; क्योंकि महासागर में लगभग पूरे जल का 97% नमकीन पानी है, जो इंसानों के उपयोग के लिये सही नहीं है। धरती पर मौजूद पूरे जल का केवल 3% ही उपयोग लायक है (जिसका कि 70% बर्फ की परत और ग्लेशियर के रुप में है और 1% जल ही पीने लायक पानी के रुप में उपलब्ध है)।

इसलिये, हमें धरती पर स्वच्छ जल के महत्व को समझना चाहिये और अपनी पूरी कोशिश करनी चाहिये कि हम पानी की बर्बादी करने के बजाय उसे बचायें। हमें अपने स्वच्छ जल को औद्योगिक कचरे, सीवेज़, खतरनाक रसायनों और दूसरे गंदगियों से गंदा होने और प्रदूषित होने से बचाना चाहिये। पानी की कमी और जल प्रदूषण का मुख्य कारण हमेशा बढ़ती जनसंख्या और तेजी से बढ़ता औद्योगिकीकरण और शहरीकरण है। स्वच्छ जल की कमी के कारण, निकट भविष्य में लोग अपनी मूल जरुरतों को भी पूरा नहीं कर सकते हैं। भारत के कुछ राज्यों (जैसे राजस्थान और गुजरात का कुछ भाग) में महिलाएँ और लड़कियाँ साफ पानी के लिये लंबी दूरी तय करती हैं। हाल ही में हुए अध्ययनों के अनुसार, ऐसा पाया गया कि लगभग 25% शहरी जनसंख्या की साफ पानी तक पहुंच नहीं है। “जल संरक्षण, जीवन बचाओ और विश्व बचाओ” के उद्देश्य को बनाने के द्वारा सबसे अधिक उपयुक्त तरीकों के माध्यम से स्वच्छ पानी की कमी से निपटने के लिये हमें एक-साथ आने की जरुरत है।

जल संरक्षण पर निबंध 5 (300 शब्द)

धरती पर जीवन के अस्तित्व को बनाये रखने के लिये जल का संरक्षण और बचाव बहुत जरूरी होता है क्योंकि बिना जल के जीवन सभव नहीं है। पूरे ब्रह्माण्ड में एक अपवाद के रुप में धरती पर जीवन चक्र को जारी रखने में जल मदद करता है क्योंकि धरती इकलौता अकेला ऐसा ग्रह है जहाँ पानी और जीवन मौजूद है। पानी की जरुरत हमारे जीवन भर है इसलिये इसको बचाने के लिये केवल हम ही जिम्मेदार हैं। संयुक्त राष्ट्र के संचालन के अनुसार, ऐसा पाया गया है कि राजस्थान में लड़कियाँ स्कूल नहीं जाती हैं क्योंकि उन्हें पानी लाने के लिये लंबी दूरी तय करनी पड़ती है जो उनके पूरे दिन को खराब कर देती है इसलिये उन्हें किसी और काम के लिये समय नहीं मिलता है।

राष्ट्रीय अपराध रिकार्डस् ब्यूरो के सर्वेक्षण के अनुसार, ये रिकार्ड किया गया है कि लगभग 16,632 किसान (2,369 महिलाएँ) आत्महत्या के द्वारा अपने जीवन को समाप्त कर चुकें हैं, हालांकि, 14.4% मामले सूखे के कारण घटित हुए हैं। इसलिये हम कह सकते हैं कि भारत और दूसरे विकासशील देशों में अशिक्षा, आत्महत्या, लड़ाई और दूसरे सामाजिक मुद्दों का कारण भी पानी की कमी है। पानी की कमी वाले ऐसे क्षेत्रों में, भविष्य पीढ़ी के बच्चे अपने मूल शिक्षा के अधिकार और खुशी से जीने के अधिकार को प्राप्त नहीं कर पाते हैं।

भारत के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, पानी की कमी के सभी समस्याओं के बारे में हमें अपने आपको जागरुक रखना चाहिये जिससे हम सभी प्रतिज्ञा ले और जल संरक्षण के लिये एक-साथ आगे आये। ये सही कहा गया है कि सभी लोगों का छोटा प्रयास एक बड़ा परिणाम दे सकता है जैसे कि बूंद-बूंद करके तालाब, नदी और सागर बन सकता है। जल संरक्षण के लिये हमें अतिरिक्त प्रयास करने की जरुरत नहीं है, हमें केवल अपने प्रतिदिन की गतिविधियों में कुछ सकारात्मक बदलाव करने की जरुरत है जैसे हर इस्तेमाल के बाद नल को ठीक से बंद करें, फव्वारे या पाईप के बजाय धोने या नहाने के लिये बाल्टी और मग का इस्तेमाल करें। लाखों लोगों का एक छोटा सा प्रयास जल संरक्षण अभियान की ओर एक बड़ा सकारात्मक परिणाम दे सकता है।

जल संरक्षण पर निबंध 6 (400 शब्द)

जल संरक्षण

जीवन को यहाँ संतुलित करने के लिये धरती पर विभिन्न माध्यमों के द्वारा जल संरक्षण ही जल बचाना है।

धरती पर सुरक्षित और पीने के पानी के बहुत कम प्रतिशत के आंकलन के द्वारा, जल संरक्षण या जल बचाओ अभियान हम सभी के लिये बहुत जरूरी हो चुका है। औद्योगिक कचरे की वजह से रोजाना पानी के बड़े स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। जल को बचाने में अधिक कार्यक्षमता लाने के लिये सभी औद्योगिक बिल्डिंगें, अपार्टमेंटस्, स्कूल, अस्पतालों आदि में बिल्डरों के द्वारा उचित जल प्रबंधन व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिये। पीने के पानी या साधारण पानी की कमी के द्वारा होने वाली संभावित समस्या के बारे में आम लोगों को जानने के लिये जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाना चाहिये। जल की बर्बादी के बारे में लोगों के व्यवहार को मिटाने के लिये इसकी त्वरित जरुरत है।

गाँव के स्तर पर लोगों के द्वारा बरसात के पानी को इकट्ठा करने की शुरुआत करनी चाहिये। उचित रख-रखाव के साथ छोटे या बड़े तालाबों को बनाने के द्वारा बरसात के पानी को बचाया जा सकता है। युवा विद्यार्थियों को अधिक जागरुकता की आवश्यकता है साथ ही इस मुद्दे के समस्या और समाधान पर एकाग्र होना चाहिये। विकासशील विश्व के बहुत से देशों में रहने लोगों को जल की असुरक्षा और कमी प्रभावित कर रही है। आपूर्ति से बढ़कर माँग वाले क्षेत्रों में वैश्विक जनसंख्या के 40% लोग रहते हैं। और आने वाले दशकों में ये परिस्थिति और भी खराब हो सकती है क्योंकि सबकुछ बढ़ेगा जैसे जनसंख्या, कृषि, उद्योग आदि।

जल को कैसे बचायें

रोजाना पानी को कैसे बचा सकते हैं उसके लिये हमने यहाँ कुछ बिन्दु आपके सामने प्रस्तुत किये हैं:

  • लोगों को अपने बागान या उद्यान में तभी पानी देना चाहिये जब उन्हें इसकी जरुरत हो।
  • पाइप से पानी देने के बजाय फुहारे से देना अधिक बेहतर होगा जो प्रति आपके कई गैलन पानी को बचायेगा।
  • पानी को बचाने के लिये सूखा अवरोधी पौधा लगाना अच्छा तरीका है।
  • पानी के रिसाव को बचाने के लिये पाइपलाइन और नलों के जोड़ ठीक से लगा होना चाहिये जो प्रतिदिन आपके लगभग 20 गैलन पानी को बचाता है।
  • कार को धोने के लिये पाइप की जगह बाल्टी और मग का इस्तेमाल करें जो हर आपके 150 गैलन पानी को बचा सकता है।
  • फुहारे के तेज बहाव के लिये अवरोधक लगाएँ जो आपके पानी को बचायेगा।
  • पूरी तरह से भरी हुई कपड़े धोने की मशीन और बर्तन धोने की मशीन का प्रयोग करें जो प्रति महीने लगभग 300 से 800 गैलन पानी बचा सकता है।
  • प्रति दिन अधिक पानी को बचाने के लिये शौच के समय कम पानी का इस्तेमाल करें।
  • हमें फलों और सब्जियों को खुले नल के बजाय भरे हुए पानी के बर्तन में धोना चाहिये।
  • बरसात के पानी को जमा करना शौच, उद्यानों को पानी देने आदि के लिये एक अच्छा उपाय है जिससे स्वच्छ जल को पीने और भोजन पकाने के उद्देश्य के लिये बचाया जा सकता है।

जल संरक्षण पर निबंध 7 (1000 शब्द)

परिचय

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि जल हमें और दूसरे जीव-जन्तुओं को धरती पर जीवन प्रदान करता है। धरती पर जीवन को जारी रखना बहुत जरूरी है। बिना पानी के, किसी भी ग्रह पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। पृथ्वी पूरे ब्रह्माण्ड का एकमात्र ऐसा ग्रह है जहाँ पानी और जीवन आज की तारीख तक मौजूद है। इसलिये, हमें अपने जीवन में जल के महत्व को दरकिनार नहीं करना चाहिये और सभी मुमकिन माध्यमों के प्रयोग से जल को बचाने की पूरी कोशिश करनी चाहिये। पृथ्वी लगभग 71% जल से घिरी हुई है हालांकि, पीने के लायक बहुत कम पानी है। पानी को संतुलित करने का प्राकृतिक चक्र स्वत: ही चलता रहता है जैसे वर्षा और वाष्पीकरण। हालांकि, धरती पर समस्या पानी की सुरक्षा और उसे पीने लायक बनाने की है जोकि बहुत ही कम मात्रा में उपलब्ध है। जल संरक्षण लोगों की अच्छी आदत से संभव है।

हमें जल को क्यों बचाना चाहिये

हमें जल को क्यों बचाना चाहिये का उत्तर जानने के लिये, पहले पानी के महत्व को जानना चाहिये अर्थात् हमारे जीवन में जल कितना कीमती है। बिना ऑक्सीजन, पानी और भोजन के जीवन संभव नहीं है। लोकिन इन तीनों में सबसे जरूरी जल है। अब प्रश्न उठता है कि कितना प्रतिशत शुद्ध जल धरती पर मौजूद है।

आंकड़ों के अनुसार, ऐसा आकलन किया गया है कि 1% से भी कम पानी पृथ्वी पर पीने के लायक है। अगर हम पीने के पानी और विश्व की जनसंख्या का पूरा अनुपात निकालें, ये होगा, हर दिन पानी के 1 गैलन पर एक बिलियन से भी अधिक लोग पूरी दुनिया में जी रहें हैं। ऐसा भी आकलन किया गया है कि लगभग या 3 बिलियन से भी ज्यादा लोग 2025 तक पानी की कमी से जूझेंगे।

लोग अब स्वच्छ जल का महत्व समझना शुरु कर चुके है हालांकि पूरी तरह से जल को बचाने की कोशिश नहीं कर रहें हैं। पानी को बचाना एक अच्छी आदत है और जीवन को धरती पर जारी रखने के लिये हरेक को अपना सबसे बेहतरीन प्रयास करना चाहिये। कुछ साल पहले, कोई भी दुकान पर पानी नहीं बेचता था हालांकि अब समय बहुत बदल चुका है और अब हम देख सकते हैं कि सभी जगह शुद्ध पानी का बॉटल बिक रहा है। पूर्व में, पहले लोग पानी को दुकानों में बिकता देख आश्चर्यचकित हो गये थे हालांकि अब, अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिये 20 रुपये प्रति बॉटल या उससे अधिक देने के लिये तैयार हैं। हम साफतौर पर महसूस कर सकते हैं कि आने वाले भविष्य में पूरी दुनिया में स्वच्छ जल की अधिक कमी होगी। नीचे, हमने कुछ तथ्य दिये हैं जो आपको बतायेगें कि आज हमारे लिये साफ पानी कितना मूल्यवान बन चुका है:

  • बहुत सारे लोग जो पानी से होने वाली बीमारियों के कारण मर रहें हैं, 4 मिलियन से ज्यादा हैं।
  • साफ पानी की कमी और गंदे पानी की वजह से होने वाली बीमारियों से सबसे ज्यादा विकासशील देश पीड़ित हैं।
  • एक दिन के समाचार पत्रों को तैयार करने में लगभग 300 लीटर पानी खर्च हो जाता है, इसलिये खबरों के दूसरे माध्यमों के वितरण को बढ़ावा देना चाहिये।
  • पानी से होने वाली बीमारियों के कारण हर 15 सेकेण्ड में एक बच्चा मर जाता है।
  • पूरे विश्व में लोगों ने पानी के बॉटल का इस्तेमाल शुरु कर दिया है जिसकी कीमत $60 से $80 बिलियन प्रति साल है।
  • भारत, अफ्रीका और एशिया के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को साफ पानी के लिये लंबी दूरी (लगभग 4 कि.मी. से 5कि.मी.) तय करनी पड़ती है।
  • भारत में पानी से होने वाली बीमारी के वजह से लोग ज्यादा पीड़ित हैं जिसकी वजह से बड़े स्तर पर भारत की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है।

जल बचाव के तरीके

जीवनशैली में बिना किसी बदलाव के पानी बचाने के कुछ बेहतरीन तरीकों को हमने आपसे साझा किये। घर का कोई सदस्य घरेलू कार्यों के लिये रोज लगभग 240 लीटर पानी खर्च करता है। एक चार सदस्यों वाला छोटा मूल परिवार औसतन 960 लीटर प्रतिदिन और 350400 लीटर प्रतिवर्ष खर्च करता है। रोजाना पूरे उपभोग का केवल 3% जल ही पीने और भोजन पकाने के लिये उपयोग होता है बाकी का पानी दूसरे कार्यों जैसे पौधों को पानी देना, नहाना, कपड़े धोना आदि में इस्तेमाल होता है।

जल बचाव के कुछ सामान्य नुस्ख़े:

  • सभी को अपनी खुद की जिम्मेदारी को समझना चाहिये और पानी और भोजन पकाने के अलावा पानी के अधिक उपयोग से बचना चाहिये।
  • अगर धीरे-धीरे हम सभी लोग गार्डन को पानी देने से, शौच में पानी डालने से, साफ-सफाई आदि के लिये पानी की बचत करने लगेगें, प्रति अधिक पानी का बचत संभव होगी।
  • हमें बरसात के पानी को शौच, लाँड्री, पौधौ को पानी आदि के उद्देश्य लिये बचाना चाहिये।
  • हमें बरसात के पानी को पीने और भोजन पकाने के लिये एकत्रित करना चाहिये।
  • हमें अपने कपड़ों को केवल धोने की मशीन में धोना चाहिये जब उसमें अपनी पूरी क्षमता तक कपड़े हो जाएँ। इस तरीके से, हम 4500लीटर पानी के साथ ही बिजली भी प्रति महीने बचा लेंगे।
  • फुहारे से नहाने के बजाय बाल्टी और मग का प्रयोग करें जो प्रति वर्ष 150 से 200लीटर पानी बचायेगा।
  • हमें हर इस्तेमाल के बाद अपने नल को ठीक से बंद करना चाहिये जो 200 लीटर पानी हर महीने बचायेगा।
  • होली त्योहार के दौरान पानी के अत्यधिक इस्तेमाल को कम करने के लिये सूखी और सुरक्षित को बढ़ावा देना चाहिये।
  • जल बर्बादी से हमें खुद को बचाने के लिये अपने जीने के लिये जल की एक-एक बूंद के लिये रोज संघर्ष कर रहे लोगों की खबरों के बारे में हमें जागरुक रहना चाहिये।
  • जागरुकता फैलाने के लिये हमें जल संरक्षण से संबंधित कार्यक्रमों को बढ़ावा देना चाहिये।
  • गर्मी के मौसम में कूलर में अधिक पानी बर्बाद न होने दें, केवल जरुरत भर का ही इस्तेमाल करें।
  • हमें पाइप के द्वारा लॉन, घर या सड़कों पर पानी डालकर नष्ट नहीं करना चाहिये।
  • पौधारोपण को वर्षा ऋतु में लगाने के लिये प्रेरित करें जिससे पौधों को प्राकृतिक रुप से पानी मिलें।
  • हमें अपने हाथ, फल, सब्जी आदि को खुले हुए नल के बजाय पानी के बर्तन से धोने की आदत बनानी चाहिये।
  • हमें दोपहर के 11 बजे से 4 बजे तक पौधों को पानी देने से बचना चाहिये क्योंकि उस समय उनका वाष्पीकरण हो जाता है। सुबह या शाम के समय पानी देने से पौधे पानी को अच्छे से सोखते हैं।
  • हमें पौधरोपण को बढ़ावा देना चाहिये जो सुखा सहनीय हो।
  • हमें पारिवारिक सदस्यों, बच्चों, मित्रों, पड़ोसियों और सह-कर्मचारियों को सकारात्मक परिणाम पाने के लिये अपने अंत तक यही प्रक्रिया अपनाने या करने के लिये प्रेरित करना चाहिये।