पर्यावरण पर 10 वाक्य

जहां हम रहते हैं, जो पानी पीते हैं, जिस वायु में सांस लेते हैं तथा जो प्राकृतिक तत्व हम अपने चारों तरफ देखते हैं वे सभी पर्यावरण के अंतर्गत आते हैं। मानव और पर्यावरण के बीच बहुत घनिष्ट संबंध है। मनुष्य की मूलभूत जरूरते जैसे भोजन के लिए अनाज, पीने का साफ़ पानी, जीने के लिए शुद्ध वायु, वर्षा के लिए पेड़-पौधे आदि सभी पर्यावरण द्वारा ही पूरी की जाती हैं। मनुष्य, जीव-जंतु, पेड़-पौधे आदि सभी पर्यावरण पर निर्भर हैं। जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण का होना अत्यंत आवश्यक है।

आज 10 लाइन्स के सेट के माध्यम से मैं आपके लिए पर्यावरण से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रस्तुत किया है जो आपके परीक्षा के लिए बहुपयोगी होंगे।

पर्यावरण पर 10 लाइन (10 Lines on Environment in Hindi)

Set 1

1) परि और आवरण से मिलकर पर्यावरण शब्द बना है जिसका अर्थ है ‘चारों तरफ से घिरा हुआ’।

2) नदी, तालाब, भूमि, वायु, पौधे, पशु-पक्षी आदि मिलकर पर्यावरण का निर्माण करते हैं।

3) पर्यावरण मनुष्यों के साथ-साथ धरती के सभी जीवों के जीवन को प्रभावित करता है।

4) सन 1973 से प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।

5) पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह दिन मनाया जाता है।

6) पर्यावरण सभी प्रकार के जैविक व अजैविक घटकों और घटनाओं से मिलकर बनता है।

7) सभी मानवीय गतिविधियां पर्यावरण को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं।

8) मानव गतिविधियों ने पर्यावरण को बड़े स्तर पर प्रदूषित कर दिया है।

9) अपने पर्यावरण को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए।

10) प्रकृति में हस्तक्षेप किए बिना इसे स्वच्छ और हरा-भरा रखना हमारी जिम्मेदारी है।


Set 2

1) पर्यावरण वह परिवेश है जहां हम रहते हैं, जीवित रहते हैं और फलते-फूलते हैं।

2) सभी सजीवों के अस्तित्व के लिए स्वच्छ वायु व वातावरण परम आवश्यक है।

3) स्वच्छ पर्यावरण सभी जीवित प्रजातियों के विकास और पोषण में मदद करता है।

4) पर्यावरण हमारे जीवन की सभी मूलभूत चीजें प्राप्त करने में सहायता करता है।

5) हमारे आसपास के सभी सजीव तथा निर्जीव घटक मिलकर पर्यावरण का निर्माण करते हैं।

6) पर्यावरण एकमात्र ऐसा घर है जो सभी जीवों को भोजन, पानी और आश्रय देता है।

7) औद्योगीकरण व प्लास्टिक तथा रसायन का प्रयोग पर्यावरण प्रदूषण का कारक है।

8) मानव द्वारा वनों की अंधाधुंध कटाई ने भी पर्यावरण बदलाव में भूमिका निभाई है।

9) ग्लोबल वार्मिंग, अम्लीय वर्षा आदि प्राकृतिक पर्यावरण से छेड़-छाड़ का ही कारण है।

10) पानी बचा कर, पेड़ लगाकर, संसाधनों का सही उपयोग आदि उपायों से हम पर्यावरण और जीवन को बचा सकते हैं।


पृथ्वी पर मनुष्य के जीवित रहने के लिए स्वस्थ वातावरण सबसे बड़ी आवश्यकता है। स्वच्छ वातावरण का सीधा असर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। मानव जाति ने इस खूबसूरत पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बर्बाद कर दिया है जिसका प्रतिकूल प्रभाव समय-समय पर प्रकृति हमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से दिखाती है। ये हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपने पर्यावरण को स्वच्छ रखें और इसका संरक्षण करें। पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में आज हम जो कदम उठाएंगे, वे आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य और समृद्धि को सुनिश्चित करेगा।