गाय पर निबंध

गाय एक बहुत महत्वपूर्ण घरेलू पशु है। हमारे भारत देश में गाय को "माता" का दर्जा प्राप्त है। कई बार बच्चों को आम तौर पर उनकी कक्षा या परीक्षा में गाय पर निबंध लिखने को दिया जाता हैं। इसी सन्दर्भ में हम यहाँ पर गाय से जुड़े छोटे तथा बड़े निबंध उपलब्ध करा रहे है जिनका उपयोग आप अपने बच्चों का गृहकार्य कराने और उनके लेखन शक्ति को बढ़ाने में कर सकते हैं।

गाय पर बड़े तथा छोटे निबंध (Long and Short Essay on Cow in Hindi)

Get here essay on cow in Hindi language in different words limit like 100, 200, 300, 400, 500 and 600 words.

इन दिये गये निबंधों में से आप अपनी आवश्यकता अनुसार किसी भी निबंध का चयन कर सकते हैं, यह निबंध काफी सरल तथा ज्ञानवर्धक है। इन निबंधों के माध्यम से हमनें गाय से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे कि गाय को माता क्यों कहते हैं? गाय का भारतीय संस्कृति में महत्व क्या है? गौपालन का इतिहास क्या है? गाय सबसे अच्छा पालतू जीव क्यों है? गाय का खान-पान क्या है? गाय का उपयोग क्या है? आदि पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है।

गाय पर निबंध 1 (100 शब्द)

भारतीय संस्कृति में गाय को माता दर्जा प्रदान किया गया है, गाय एक महत्वपूर्ण घरेलू पशु है। यह इसका दूध काफी स्वास्थवर्धक और पौष्टिक होता है, मुख्यतः यह एक पालतू पशु है। गाय अन्य पशुओं के तरह एक जंगली पशु नही है और दुनिया के कई हिस्सों में पाया जाता है। भारतीय लोग इसे एक माँ की तरह सम्मान देते हैं। भारत में प्राचीन समय से ही गाय की देवी के रूप में पूजी जाती है। भारत में लोग इसे अपने घरों में धन लक्ष्मी के रूप में लातें है। गाय सभी जानवरों में सबसे पवित्र पशु के रूप में जाना जाता है।

यह विभिन्न आकार, रंग व कई किस्मों में पाया जाता है। गाय का शरीर बहुत ही बड़ा और शक्तिशाली होता है। गाय के चार पैर , दो सींग और एक लम्बी पूंछ होती है। गाय के दो कान होते हैं। गाय की पूंछ के निचले हिस्से में ढेर सारे बाल होते हैं। ये बाल बहुत रंग के होते हैं जिनमें लाल रंग के साथ काले , भूरे और सफेद रंग के बाल होते हैं।

गाय

गाय पर निबंध 2 (200 शब्द)

प्रस्तावना

गाय बहुत ही उपयोगी पशु है और इससे हमें दूध भी प्राप्त होता है। गाय का दूध काफी स्वास्थवर्धक माना जाता है। गाय एक घरेलू और धार्मिक पशु है। हिन्दू धर्म में गाय की पूजा का एक बहुत ही प्राचीन रिवाज है, इसके साथ ही कई सारे पूजन कार्यों में भी गाय के गोबर, गौमूत्र, दूध आदि का भी उपयोग किया जाता है। गाय के दूध का उपयोग पूजा, अभिषेक और अन्य कई सारे पवित्र कार्यों में किया जाता है। हिंदू धर्म में गाय को "गौ माता" कहकर भी पुकारा जाता है। इसका शरीर काफी बड़ा होता है और इसके चार पैर, एक लंबी पूंछ, दो सींग, दो कान, दो आंख, एक बड़ी नाक, एक बड़ा मुंह होता। गा देश के लगभग हर क्षेत्र में पायी जाती है।

गाय की देखभाल

विभिन्न देशों में अलग आकृति और आकार की गाय पायी जाती है। हमारे देश में यह छोटे कद की होते हैं जबकि कुछ देशों में यह बड़े कद-काठी और शारीरिक बनावट की होती है। इसकी पीठ लम्बी और चौड़ी होती है। हमें गाय की अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए और उसे अच्छा भोजन और साफ पानी देनी चाहिए। यह हरी घास, भोजन, अनाज और अन्य चीजें खाती है। पहले वह खाना अच्छी तरह से चबाती है और धीरे-धीरे उसे पेट में निगल जाती है।

निष्कर्ष

अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग रंग और आकार की गाय पायी जाती है। कुछ गाय काले कुछ सफेद तो कुछ मिश्रित रंग की होती है। प्राचीन समय से ही गायों ने मानव जीवनयापन में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गाय का दूध का हमारे खानपान का एक अहम हिस्सा रहा है। मानव जीवन को पोषित करने और गाय की उत्पत्ति के पीछे एक महत्वपूर्ण इतिहास छुपा है। हम सब हमारे जीवन में इसके महत्व और आवश्यकता को जानते हैं और हमेशा हमें इसका सम्मान करना चाहिए।

 

गाय पर निबंध 3 (300 शब्द)

प्रस्तावना

गाय एक घरेलू पशु है। यह हिंदू धर्म के लोगों का सबसे महत्वपूर्ण पालतू पशु है। यह एक मादा पशु है जो सुबह और शाम दो बार दूध देती है। कुछ गाय अपनी आहार और क्षमता के अनुसार दिन में तीन बार तक भी दूध देती हैं। हिंदू समुदाय द्वारा गाय को गऊ माता कहकर संबोधित किया जाता है। हिन्दू लोग गाय का बहुत ज्यादा सम्मान और पूजा करते हैं। गाय के दूध का इस्तेमाल पूजा और कथा के दौरान भी किया जाता है। गाय के दूध का उपयोग त्योहारों और पूजा के दौरान देवी-देवताओं के प्रतिमा का अभिषेक करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

गाय का खान-पान

गाय हरी घास, खाद्य पदार्थ, अनाज और अन्य खाद्य चीजें खाती है। गाय के दो मजबूत सींग होते है जो इसकी और इसके बछड़े की रक्षा के लिए उपयोगी होती है, अगर कोई इसे या इसके बछड़े को परेशान करता है तो वो इसी सींग से उसपर हमला करके खुद को और अपने बछड़े को बचाती है। इसके पूछ पे लम्बे-लम्बे बाल होते है, जिसका यह मक्खी व अन्य कीड़ो को अपने ऊपर से भगाने में उपयोग करती है।

निष्कर्ष

गाय का दूध हमारे लिए बहुत लाभदायक होता है, यहीं कारण है कि गाय को समाज में इतना महत्वपूर्ण सम्मान प्रदान किया गया है। गाय 9-10 महीने के बाद एक छोटे बछड़े या बछड़ी को जन्म देती है। गाय अपने बछड़े को चलना और दौड़ना नहीं सिखाती है बल्कि की जन्म के कुछ देर उपरांत वह स्वयं ही चलने व दौड़ने लगता है। गाय का बछड़ा कुछ दिनों या महीनों के लिए उसका दूध पीता है और फिर गाय की तरह खाना-खाना शुरू कर देता है। गाय सभी हिंदूओं के लिए एक बहुत ही पवित्र पशु है। यह चार पैर, एक पूंछ, दो कान, दो आंख, एक नाक, एक मुंह, एक सिर और विशाल पीठ वाला एक घरेलू पशु है।

 

गाय पर निबंध 4 (400 शब्द)

प्रस्तावना

भारत में हिन्दू धर्म के लोग गाय को "माँ" के रूप में पूजते है। यह बहुत ही उपयोगी घरेलू पशु है। यह हमें दूध देती है जो की हमारे स्वास्थ के लिए बहुत लाभदायक और पौष्टिक होता है। गाय दुनिया के लगभग सभी देशों में पायी जाती है। गाय का दूध मनुष्यों के लिए बहुत ही फायदेमंद, पौष्टिक और उपयोगी है। हम अपने स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए रोज गाय का दूध पीते हैं। डॉक्टर मरीजों को हमेशा गाय का दूध पीने की सलाह देते हैं। गाय का दूध नवजात शिशुओं के लिए अच्छा व आसानी से पच जाने वाला भोजन है। यह स्वभाव से बहुत ही सीधा पशु होता है। इसका शरीर बड़ा, चार पैर, एक लंबी पूंछ, दो सींग, दो कान, एक मुंह, एक बड़ी नाक और एक सिर होता है।

गाय का आकार और भोजन

गाय भिन्न-भिन्न आकार व रंग रूप की होती हैं। यह भोजन, अनाज, हरी घास, चारा और अन्य खाद्य चीजें खाती है। गाय खेतों में हरी घास खाना ज्यादा पसंद करती है। दुनिया भर में गाय का दूध खाने की कई चीजो को बनाने में प्रयोग की जाती है। हम गाय की दूध से दही, मट्ठा, पनीर, घी, मक्खन, मिठाई, खोया, पनीर और कई सारी चीज़ें बना सकते हैं। गाय का दूध आसानी से पच जाता है और पाचन विकार के रोगियों के लिए एक उपयोगी चीज है। गाय का दूध हमें मजबूत और स्वस्थ बनाता है। यह हमें संक्रमण और विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाता है। यह हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। यदि हम इसका सेवन नियमित रूप से करें तो हमारा दिमाग तेज और याददाश्त मजबूत होगी।

गाय का महत्व

हिंदू धर्म में गाय का महत्व सबसे ज्यादा है। लगभग सभी हिंदू परिवार अपने घरों में गाय पालते हैं। अपने आहार,  नस्ल और क्षमता के अनुसार गाय दिन में दो से तीन बार दूध देती है। कई पवित्र उत्सव और त्योहारों के दौरान गाय का दूध भगवान को दिया जाता है जिसे भगवान के मूर्ति के अभिषेक करने के लिए उपयोग किया जाता है।

निष्कर्ष

यह अलग आकृति और आकार में पाया जाता है। हमारे देश में यह छोटे कद के होते है जबकि कुछ देशों में यह बड़े कद काठी के होते है। इसकी पीठ लम्बी और चौड़ी होती है। हमें गाय की अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए और उसे अच्छा भोजन और साफ पानी देनी चाहिए। यह हरी घास, भोजन, अनाज और अन्य चीजें खाती है। गाय एक ऐसा जीव है, जिसके कारण हम अपने जीवन में तमाम तरह के दुग्ध उत्पादों का आनंद ले पाते है। इसके साथ ही यह एक बहुत ही शांत तथा सरल स्वभाव का जीव है, यहीं कारण है कि दूसरे अन्य पशुओँ के तुलना में गाय को इतना अधिक सम्मान दिया जाता है।


 

गाय पर निबंध 5 (500 शब्द)

प्रस्तावना

गाय को भारतीय संस्कृति में माँ समान दर्जा प्रदान किया गया है, गाय सामान्यतः एक दिन में दो बार दूध देती है। यह अपने पौष्टिक दूध के माध्यम से हमारे भोजन आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी अहम योगदान प्रदान करती है। गाय दुनिया के लगभग हर क्षेत्रों में पायी जाती है। ताजा और स्वस्थ दूध प्राप्त करने के लिए भी लोग इसे घरों में पालते है। यह महत्वपूर्ण और उपयोगी घरेलू पशु है। गाय एक पालतू पशु है और इसकी सभी चीजे पवित्र और उपयोगी मानी जाती है और दूध, घी, दही, गोबर और गोमूत्र जैसी वस्तुओं को पूजा कार्यों में काफी उपयोगी माना जाता है।

गाय के गोबर का ईंधन तथा खाद के रुप में भी इस्तेमाल किया जाता है। गाय को एक पवित्र जीव माना जाता है और हिंदू धर्म में पूजा और कथा के दौरान गाय द्वारा उत्पादित वस्तुओं का उपयोग प्रमुखता से किया जाता है। गाय आम तौर पर टहलते हुए घास खाना पसंद करती है, इसे एक स्थान पर खड़े रह कर घास खाना पसंद नही है। इसके साथ ही गोमूत्र कई बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए बहुत उपयोगी वस्तु है।

गाय का उपयोग

गाय हरी घास, अनाज, खाद्य पदार्थ, चारा और अन्य चीजें खाती है। पहले वह भोजन को अच्छी तरह से चबाती है फिर उसे निगलती है। इसकी बड़ी सींग इसकी और इसके बच्चों की रक्षा करती है। कभी-कभी यह अपने बचाव के लिए अपने सींग से लोगों पर हमला भी कर देती है। गाय का गर्भकाल लगभग 9 महीने का होता है जिसके बाद वह अपने बछड़े को जन्म देती है। गाय, एक बछड़े या एक बछड़ी को जन्म देती है अगर वह बछड़ा हुआ तो वह बड़ा होकर बैल के रुप में खेती में काम आता है और अगर बछड़ी हुयी तो वह बड़ी होकर गाय के रुप में एक दुधारु पशु के रुप में काम आती है। लोग बैल का उपयोग खेत जोतने व बैलगाड़ियाँ चलाने में करते है। बैल किसानों के लिए एक पूंजी होती है क्योंकि वह खेती के कार्यों में बहुत उपयोगी होती है।

गाय का दूध हमें मजबूत और स्वस्थ बनाता है। यह हमें संक्रमण और विभिन्न प्रकार की बीमारियों के प्रति हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर देता है। यह हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। यदि हम इसका सेवन नियमित रूप से करें तो हमारा दिमाग तेज और याददाश्त मजबूत हो जायेगी।

निष्कर्ष

हम हमेशा गाय का सम्मान करते हैं और उसके प्रति बहुत दयालु होते है। गाय हत्या हिन्दू धर्म में बहुत बड़ा पाप माना जाता है। कई देशों में गौ हत्या पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारतीय लोग गाय की पूजा करते हैं और कई सारे पवित्र अवसरों पर इसके उत्पादों का उपयोग पर करते है। गाय का गोबर मौसमी फसलों के बेहतर विकास के लिए इसकी प्रजनन क्षमता के स्तर को बढ़ाने के लिए एक बहुत अच्छे उर्वरक के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही मृत्यु के बाद गाय का चमड़ा जूते, बैग, पर्स आदि बनाने के लिए तथा इसकी हड्डियां कंघी, बटन, चाकू का मुठिया जैसे चीजों को बनाने के लिए प्रयोग की जाती है।


 

गाय पर निबंध 6 (600 शब्द)

प्रस्तावना

गाय एक बहुत ही उपयोगी पालतू पशु है। यह सबसे सफलतम घरेलू पशुओं में से एक है और इसे आम लोगो द्वारा कई उद्देश्यों के लिए घर पर रखा जाता है। यह बड़े शरीर, दो सींग, दो आंख, दो कान, एक नाक, एक मुंह, एक सिर, एक बड़ी पीठ और पेट वाली मादा पशु है। गाय का दूध हमारे लिए काफी स्वास्थ्यवर्धक और लाभकारी है। दूध हमारी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और संक्रमण व अन्य रोगों से बचाता है। कई देशों में इसे पवित्र पशु का दर्जा प्राप्त है और भारत में इसे एक देवी की तरह पूजा जाता है। हिंदू समाज ने गाय को माँ का दर्जा दिया है और इसे ''गऊ माता'' कहकर संबोधित किया जाता है।

शारीरिक संरचना

गाय का एक मुंह, दो आँखें, दो कान, चार थन, दो सींग, दो नथुने तथा चार पांव होते हैं। पांवों के खुर गाय के लिए जूतों की तरह काम करते हैं। गाय की पूंछ लंबी होती है तथा उसके किनारे पर बालों का एक गुच्छा भी होता है, जिसका वह मक्खियां आदि उड़ाने के लिए उपयोग करती है। गाय की कुछ प्रजातियों में सींग नहीं होती है।

हिन्दू धर्म के लिए गाय

हमारे दैनिक उपयोग के साथ ही कई सारे प्रयोजनों में भी गाय का दूध हमारे लिए काम आता है। हिंदू धर्म में यह माना जाता है की गऊ दान सबसे बड़ा दान है। गाय हिंदूओं के लिए एक पवित्र पशु है। गाय अपने जीवन काल में हमें बहुत तरीकों से लाभ प्रदान करती है और यहां तक की मरने के बाद भी हमारे लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होती है। जीवित रहने पर ये दूध, बछड़ा, बैल, गोबर, गोमूत्र देती है और मृत्यु के बाद इसके चमड़े और हड्डियों को काम में लाया जाता है। अतः हम कह सकते है की यह हमारे लिए पूरी तरह से उपयोगी होती हैं। हम इसके दूध से कई उत्पाद बना सकते है जैसे की घी, क्रीम, मक्खन, दही, मट्ठा, मिठाई इत्यादि और इसके मूत्र व गोबर प्राकृतिक उर्वरक के रूप में किसानों के पेड़, पौधों और फसलों के लिए अत्यधिक उपयोगी है।

यह हरी घास, खाद्य पदार्थ, अनाज और अन्य खाद्य चीजें खाती है। गाय के पास दो मजबूत सींग होता है जो इसकी और इसके बछड़े की रक्षा के लिए उपयोगी होती है, अगर कोई इसे या इसके बछड़े को परेशान करता है तो वो इसी सींग से उसपर हमला करके खुद को और अपने बछड़े को बचाती है। इसके पूछ पे लम्बे-लम्बे बाल होते है जिसका उपयोग यह मक्खी व अन्य कीड़ो को अपने ऊपर से भगाने के लिए करती है। गाय अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग रंग और आकार के होते है।

कुछ गाय काले कुछ सफेद तो कुछ मिश्रित रंग की होते है। हम कह सकते है कि गायों ने कई मायनों में मनुष्यों की काफी मदद की है। गायों का कई वर्षों से हमारे जीवन को स्वस्थ बनाने में एक बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मानव जीवन को पोषित करने और गाय की उत्पत्ति के पीछे एक महान इतिहास छुपा है। यहीं कारण है कि  हमें गायों को कभी चोट नहीं पहुँचनी चाहिए और उन्हें समय पर उचित भोजन और पानी देना चाहिए। हम सब हमारे जीवन में इसके महत्व और आवश्यकता को अच्छे से जानते हैं और इसीलिए हमें इसका हमेशा सम्मान करना चाहिए।

निष्कर्ष

गाय एक बहुत ही उपयोगी घरेलू पशु है। यह हमें दूध देती है जो की बहुत ही फायदेमंद और पौष्टिक होता है। यह दुनिया के लगभग सभी देशों में पाया जाती है। गाय का दूध परिवार के सभी सदस्यों के लिए बहुत ही लाभदायक, पौष्टिक और उपयोगी है। हम अपने स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए रोज गाय का दूध पीते हैं। डॉक्टर मरीजों को हमेशा गाय का दूध पीने की सलाह देते हैं। गाय का दूध नवजात शिशुओं के लिए अच्छा व आसानी से पच जाने वाला भोजन है। यह स्वभाव से बहुत ही सीधा पशु होता है।

 

 

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