कोरोना के कारण, प्रभाव और उससे बचाव पर निबंध

कोरोना वायरस का एक बड़ा परिवार है, जो दिसंबर 2019 में कोविड-19 या नोवेल कोरोना वायरस (nCoV) नामक बीमारी की वजह से लोकप्रिय हो गया। यह बीमारी गंभीर सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 (SARS-CoV-2) नामक कोरोना वायरस की वजह से हुआ है।

कोरोना वायरस बीमारी के कारण, प्रभाव और उससे बचाव पर लघु और दीर्घ निबंध (Short and Long Essay on Causes, Effects and Prevention of Corona Virus Disease)

निबंध 1 (250 शब्द) - एक रोगी की शारीरिक रचना पर कोविड-19 के प्रभाव

परिचय

कोरोना वायरस एक बीमारी है जिसे आधिकारिक तौर पर कोविड-19 का नाम दिया गया है, जो कोरोना वायरस परिवार के ही वायरस की वजह से होता है। वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के लिए कोरोना वायरस नया नहीं हैं; लेकिन कॉरोनो वायरस परिवार की यह विशेष समस्या, जो कोविड-19 के लिए जिम्मेदार है, इसे पहली बार खोजा गया है।

एक रोगी की शारीरिक रचना पर कोविड-19 के प्रभाव

कोविड​​-19 आमतौर पर एक श्वास सम्बन्धी बीमारी है जो अंतिम चरण में फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिससे रोगी को सांस लेने में मुश्किल होने लगती है, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हो जाती है।

संक्रमण के 4 से 10 दिनों के दौरान विकसित हुए प्रारंभिक लक्षणों में सामान्य फ्लू के लक्षण शामिल हैं, जैसे, बुखार, मिचली, शरीर में दर्द, खांसी, गले में खराश, आदि। जैसे-जैसे यह संक्रमण शरीर के अन्य भागों में फैलता है, लक्षण और भी अधिक गंभीर होते जाते हैं।

जब यह संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचता है, तो यह फेफड़े को एक प्रोटीन की परत से ढंकता चला जाता है जो फेफड़ों की कार्यप्रणाली को रोकता है। इसकी वजह से रोगियों को सांस लेने में मुश्किल होती है, और अंततः उनका निधन हो जाता है।

कोविड-19 को रोकना

कोविड-19 को फैलने से बचाने के लिए समाजीकरण और व्यक्तिगत स्वच्छता के बुनियादी नियमों को अपनाकर इसे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में होने से रोका जा सकता है। इस बीमारी के प्रसार से बचने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप सामाजिक रूप से स्वयं को अलग कर लें ताकि न तो आप संक्रमित हों और न ही आप किसी और को संक्रमित करने का साधन बने। नियमित रूप से साबुन से हाथ धुलें और अपने मुँह, आँख और नाक को छूने से बचें, ऐसा करने से आप संक्रमित होने से बचेंगे।

निष्कर्ष

कोविड-19 विश्व चिकित्सा समुदाय के लिए नया है और अभी तक इसका कोई इलाज नहीं मिल पाया है। इस महामारी से लड़ने के लिए सबसे अच्छी नीति है कि आप खुद को और इससे संक्रमित व्यक्ति को भी समाज के संपर्क से अलग रखें।

निबंध 2 (400 शब्द) - कोरोना वायरस के लक्षण व वैश्विक प्रभाव

परिचय

कोरोना वायरस (CoV), यह वायरस का एक परिवार है जो मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिस्टम (MERS-CoV) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS-CoV) जैसी बीमारियों के लिए जिम्मेदार रहा है। दिसंबर 2019 में, नोवेल कोरोना वायरस (2019-nCoV) नामक वायरस की एक नया प्रजाति खोजी गयी थी। यह वायरस कोविड-19 बीमारी के लिए जिम्मेदार है, जिसे मार्च 2020 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा एक महामारी घोषित कर दिया गया था।

कोरोना वायरस के लक्षण - (कोविड-19) संक्रमण

नोवेल कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्यों में हस्तांतरित हुआ है। इस वायरस की उत्पत्ति की जगह चीन का वुहान प्रांत था। कोविड​​-19 से संक्रमित होने के बाद इसके लक्षण 4 से 14 दिनों तक कभी भी विकसित हो जाते हैं। कोरोना वायरस के लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं -

  • बुखार, आमतौर पर 100°F से भी अधिक
  • खांसी
  • सांस लेने में कठिनाई (सांस की तकलीफ)
  • आलस और थकान
  • शरीर दर्द
  • बहती नाक
  • गले में खराश और दर्द

कोविड-19 के लक्षणों की गंभीरता सामान्य से लेकर काफी तगड़ी हो सकती है। अधिक गंभीर लक्षणों में निमोनिया और उल्टी शामिल है क्योंकि तब तक यह बीमारी अपने अंतिम चरण में पहुंच जाती है और फिर इससे बचने की उम्मीद तक़रीबन न के बराबर हो जाती है।

वैश्विक प्रभाव

मार्च 2020 में कोविड-19 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा एक महामारी घोषित कर दिया गया है। आज की तारीख तक वैश्विक स्तर पर कम से कम 3 करोड़ से भी ज्यादा संक्रमित व्यक्तियों को प्रभावित करने और 10 लाख लोगों के जीवन लीला समाप्त करने के अलावा, इसके डर ने कई देशों को आर्थिक मंदी का सामना करने पर मजबूर कर दिया है।

विश्व अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस का प्रभाव उतना ही गंभीर है जितनी कि यह बीमारी। दुनिया भर के कई प्रमुख शहरों को कोरोना वायरस के डर के कारण पूरी तरह से लॉकडाउन के तहत रखा गया था। तमाम तरह के व्यापारिक लेन-देन पूरी तरह से बंद कर दिए गए थे और लोगों ने संक्रमण फैलने से रोकने के लिए खुद को अपने घरों तक सीमित कर लिया था। दुनिया भर के कार्यालयों को बंद कर दिया गया और कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा जाता था। पर्यटन उद्योग को तो बहुत ही बड़ा झटका लगा है और साथ ही सरकारों ने अपने अपने देश से सभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की आवा-जाही तक को रद्द कर दिया था।

कोरोना वायरस (कोविड-19) को फैलने से कैसे रोका जा सकता है?

कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए इन निम्नलिखित तरीकों को लागू किया जा सकता है क्योंकि सम्पूर्ण विश्व इसका इलाज खोजने के लिए अभी भी संघर्ष कर रहा है -

  • सामाजिक दूरी का अभ्यास करें।
  • अनावश्यक रूप से बाजार स्थानों, पार्क, मॉल आदि में जाने से बचें।
  • इसके अलावा, दोस्तों और रिश्तेदारों से तब तक मिलने से बचें जब तक सरकार यह घोषणा न कर दे कि ऐसा करना अब सुरक्षित है।
  • समय-समय पर अपने हाथ ठीक से धुलें।
  • आंख, नाक और मुंह के आसपास हाथों से अपना चेहरा छूने से बचें।
  • आप जिनसे भी मिलते हैं, उसके बीच कम से कम 6 फीट की दूरी बनाकर रखें।
  • उन स्थानों पर सतहों या चीजों को छूने से बचें जहाँ भारी संख्या में लोग गुजरते हैं।

निष्कर्ष

कोरोना वायरस का अब तक कोई इलाज नहीं है और इससे पहले की यह सामूहिक हत्यारा बने इसके प्रसार को रोकना ज्यादा बेहतर है।

निबंध 3 (600 शब्द) - कोरोना वायरस के प्रसार की वजह, प्रभाव व बचाव

परिचय

कोरोना वायरस (CoV) जूनोटिक वायरस का एक बड़ा परिवार है जो मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS-CoV) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS-CoV) जैसी बीमारियों के लिए ज़िम्मेदार रहा है। वर्ष 2019 में, कोविड-19 नामक कोरोना वायरस का एक नया रूप खोजा गया था, जो अब से पहले ज्ञात नहीं था।

2019 नोवेल कोरोना वायरस (2019-nCoV)

कोविड-19 यह रोग जो पहली बार 2019 में खोजा गया था, वह - सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 (SARSCoV-2) है।

WHO की रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर, 2019 को चीन में बंदरगाह किनारे बसे वुहान शहर में निमोनिया के असामान्य मामलों की घटनाओं के बारे में चीनी अधिकारियों द्वारा सतर्क किया गया था। संक्रमित व्यक्तियों की संख्या तेज़ी से बढ़ने लगी और उनमे से अधिकांश संक्रमित लोग वुहान में स्थित हुआनन सीफ़ूड थोक मंडी में काम करते थे।

उसके बाद से, दुनिया भर में प्रभावित व्यक्तियों की कुल संख्या 3 करोड़ 40 लाख हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप सितम्बर 2020 तक 10 लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लगभग 180 देशों ने कोविड-19 के सकारात्मक मामलों की सूचना दी है, जिसमें चीन, इटली, अमेरिका जैसे देशों में सर्वाधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

कोरोना वायरस के प्रसार की वजह

कोविड-19 को शुरू में जानवरों से मनुष्यों में प्रेषित किया गया था। सभी संभावनाओं में, इसका मूल चीन के वुहान में स्थित हुआनान सीफूड मंडी था। मानव से मानव में संक्रमण संक्रमित व्यक्ति की सांस की बूंदों के माध्यम से होता है, मुख्य रूप से जब हम खांसते या छींकते हैं।

कोविड-19 के लिए जिम्मेदार वायरस तीन दिनों तक प्लास्टिक या स्टेनलेस स्टील पर सक्रिय रहता है। सीढ़ी की रेलिंग और स्पिंडल, दरवाजे की कुण्डी, लिफ्ट का बटन, ट्रेनों और बसों में लगे हैंडलबार, होटल या भीड़ भरे स्थानों में टेबल, कुर्सियां, आदि वायरस के संक्रमण का एक संभावित माध्यम हो सकता है।

कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रभाव

इस वायरस के संक्रमण के शुरुआती लक्षण संक्रमित होने के दिन से 4 से 10 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं। प्रारंभिक लक्षण सामान्य फ्लू जैसे कि बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई, आदि हैं। कुछ मामलों में बहती नाक, छींकने या गले में खराश जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ-कुछ रोगियों में उल्टी के साथ दस्त के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। अपने अंतिम चरण में, यह रोग निमोनिया के रूप में आगे बढ़ता है, जिसके परिणामस्वरूप शरीर के कई अंग काम करना बंद कर देते हैं और मृत्यु हो जाती हैं।

कोरोना वायरस से बचाव

विश्व भर में कोविड-19 संकट के बीच, एक बात साफ़ हो गयी है कि इस महामारी को रोकने के लिए बनने वाली प्रभावी दवा साल 2021 की शुरुवात में कभी भी उपलब्ध हो सकती है। इसलिए, तब तक इस वायरस के संक्रमण से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना।

बीमारी के प्रसार की रफ़्तार को कम करने से स्वास्थ्य सुविधाओं को हद से ज्यादा प्रभावित होने से रोका जा सकेगा। इससे वर्तमान मामलों की रिकवर होने की संभावना बढ़ जाएगी क्योंकि उन्हें पर्याप्त उपचार और चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।

इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए सबसे बेहतर तरीकों में से एक है सामाजिक दूरी। सामाजिक दूरी का सिद्धांत यह कहता है कि समाज में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति दूसरों से उचित दूरी बनाए रखे और सार्वजनिक स्थानों, रिश्तेदारों, दोस्तों आदि से मिलने से बचे, तब तक जब तक कि यह अत्यंत आवश्यक न हो। ऐसा करने से, हम वायरस को दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित होने से रोक पाएंगे; और इस तरह से यह महामारी भी समाप्त हो जाएगी। यदि वायरस को फैलने से रोका जाता है, तो यह एक समय की अवधि के बाद अप्रभावी और निरर्थक हो जाएगा।

इसके अलावा, व्यक्तिगत सफाई और स्वच्छता के कार्य भी इस बीमारी के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आपका मुंह, नाक और आंख आपके शरीर में इस वायरस के लिए प्रवेश बिंदु के रूप में कार्य करते हैं। इसलिए, जब भी कभी आप बाहर से आ रहे हैं या खाने से पहले, कम से कम तीस सेकंड के लिए अपने हाथ को साबुन से अच्छी तरह से धुलने की अत्यधिक सलाह दी जाती है। इसके अलावा, अपने चेहरे के इन हिस्सों पर बार-बार हाथ लगाने से बचें।

निष्कर्ष

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) को महामारी घोषित किया गया है। यह एक अत्यधिक गन्दी बीमारी है और इसके खिलाफ फिलहाल एकमात्र संभव हथियार है, वर्तमान में इसे और फैलने से रोकना है। जब तक हम खुद को सभी से अलग रखते हैं, तब तक हम अपने परिवार और अन्य लोगों को इस जानलेवा वायरस से बचाते रहेंगे।