कोविड-19 की रोकथाम कैसे करें पर निबंध

पूरा विश्व वर्ष 2019 से लेकर आजतक कोविड-19 के कारण उत्पन्न महामारी की चपेट में है। प्रारंभ में यह महामारी आग तरह सारे विश्व में फैल गया। इस जानलेवा संक्रमण के कारण अब तक लाखों लोगों की मौत हो चुकी है और कइयों की जान जोखिम में है। सारे विश्व ने तकनीकी और शोधों के योगदान से इस महामारी की तीव्रता को कम किया है पर पूरी तरह से इस पर काबू नहीं पा सके है। बचाव के उपायों और दवाओं से इस संक्रमण को रोकने में मदद मिली हैं। मैंने इस वायरस को फैलने से रोकने के विभिन्न तरीकों को एक लंबे निबंध के रूप में बताया और समझाया है। यह छात्रों और पाठकों के लिए सहायक सिद्ध हो सकता है।

कोविड-19 की रोकथाम कैसे करें पर दीर्घ निबंध (Long Essay on How to Curb Covid-19 in Hindi)

1350 Words Essay

परिचय

साल 2019 के अंत में फैली कोविड-19 महामारी की वजह से पूरी दुनिया इस संक्रमण की चपेट में आ गई थी। कोरोना वायरस बहुत तेजी से दुनिया भर में फैल गया। यह वायरस इतनी जल्दी खत्म होने वाला नहीं है, यह हमारे जीवन का एक हिस्सा बन गया है। हमें इस वायरस के साथ ही जीना सीखना होगा और इसलिए खुद को संक्रमण से बचाने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी होंगी। ये सारी सावधानियां खुद को बचाने के साथ ही वायरस को फैलने से रोकने में मददगार साबित होंगी।

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना वायरस एक जैविक वायरस की तरह हैं। अतीत में इसमें एस.ए.आर.एस. और एम.इ.आर.एस. उपभेदों की सूचना मिली है। हाल ही में इस वायरस में एस.ए.आर.एस. कोविड-2 नामक कोविड-19 के नए स्वरूप में देखने को मिला है। इसकी शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई जो कि वैश्विक महामारी के रूप में पूरी दुनिया में फैल गयी। इस वायरस के चलते बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप धारण कर मनुष्य के जीवन को प्रभावित करती गई। दुनिया भर में करोड़ों लोग इस गंभीर वायरस की चपेट में आ चुके हैं और इस वायरस की चपेट में आकर लाखों लोगों को अपनी जान भी गवानी पड़ी है। कोविड-19 के सामान्य लक्षणों में खांसी, बुखार, गले में खरास, सांस लेने में तकलीफ, अंगों की विफलता और निमोनिया जैसे गंभीर मामले भी देखने को मिले हैं।

कोरोना वायरस का फैलाव

कोविड-19 एक छूत की बीमारी है और यह वायरस एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, बात करने और सांस लेने के दौरान निकलने वाले छोटे-छोटे कणों से ये संक्रमण फैलता है। यह हाथ मिलाने और संक्रमित जगहों के संपर्क में आने से भी इसका फैलाव बहुत तेजी के साथ होता है।

कोविड-19 पर अंकुश लगाने के प्रभावी तरीके

कोविड-19 नामक संक्रमण बहुत ही भयानक संक्रमण है, इसने दुनिया भर में लाखों लोगों की जान ली है। हमें खुद को संक्रमित होने से बचने और इस वायरस के फैलाव या प्रसार को रोकने का एकमात्र तरीका है इसे रोकना। कुछ निवारक उपायों को अपनाना बहुत ही आवश्यक है। हमें शख्ती के साथ कोविड नियमों का पालन करने की आवश्यकता है, जिसमें 15 उपायों को बताया गया है। दुनिया में सभी लोगों को वैक्सीन लगाने में अभी समय लगेगा, तब तक हम इन सुरक्षा नियमों को अपनाकर खुद को और दूसरों को सुरक्षित रख सकते हैं और इस वायरस के फैलाव को कम कर सकते है।

  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

दूषित व्यक्ति से निकटता या संपर्क में आने से बचने के लिए व्यक्ति के बीच 2 गज या 6 फिट की दूरी बनाए रखने की आवश्यकता है। किसी के संपर्क में आए बिना ही उसका अभिवादन करना ही एक बेहतर तरीका है। व्यक्तियों के बीच इस दूरी का अभ्यास करने से हम किसी के संपर्क, स्पर्श या उसकी मुंह से निकले छोटी बूंदों से दूर रहने में हमें मदद मिलेगी और इससे इस वायरस के प्रसार को भी हम रोक सकेंगे।

  • हमेशा मास्क पहनने की आदत

अपने मुंह और नाक को ढकने के लिए हमें हमेशा मास्क पहनने की आदत को अपनाने की आवश्यकता है। यदि हम सर्दी और खासी से पीड़ित है तो मास्क की वजह से सांसों के बूंदे बाहर नहीं निकल सकेंगे। ये मास्क में ही रहेगा और इस प्रकार हम इन बूंदो के प्रसार की रोकथाम में हमें सहायता मिलती है और इस मास्क से ही हम खुद को बाहरी संक्रमण से बचा सकते हैं। मास्क के इस्तेमाल के बाद मास्क को अच्छी तरह से धो लेना चाहिए या उसे नस्ट कर देना चाहिए। ताकि उसे छूकर कोई अन्य व्यक्ति संक्रमित न हो जाये।

  • बेवजह की यात्रा से बचें

इस कोविड महामारी के दौरान यात्रा करने से इस वायरस से संक्रमित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस दौरान जब तक आवश्यक न हो तो हमें यात्रा करने से बचने की आवश्यकता और सलाह दी गई है। वायरस से बचने के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प घर के अंदर रहना और खुद को सुरक्षित रखना है। वृद्ध लोगों, बच्चों और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस स्थिति में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।

  • हाथों को अच्छी तरह धोना

हमें खाना खाने से पहले या बहार से आने के बाद साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोने की आदत को खुद में विकसित करने की आवश्यकता हैं। हाथ कई लोगों और कई जगहों के संपर्क में आते हैं और हमारे हाथों में कई तरह के कीटाणु शामिल होते हैं। ऐसा हो सकता है कि विभिन्न चीजों के संपर्क में आने से हमारे हाथों में ये कीटाणु हो और अगर हम अपने हाथों को अच्छे प्रकार और नियमित रूप से धोने की आदत को विकसित करें तो वहां से इन कीटाणुओं को निकला जा सकता है। इससे हमारे शरीर में कीटाणुओं के आने की संभावना काफी कम हो जाती है।

  • खुली सतहों की सफाई

सरकारी दफ्तरों, कार्यालयों और अन्य सामाजिक जगहों की दरवाजों, फर्शों, खिड़कियों और खुली सतहों को रोजाना कीटाणु रहित करने की आवश्यकता है, क्योंकि यहां विभिन्न लोगों के आवाजाही से यह दूषित हो जाते हैं। इन जगहों की नियमित रूप से साफ-सफाई करने से संक्रमण के फैलाव को रोकने में हमें मदद मिलेगी।

  • सामूहिक सभा और भीड़ को प्रतिबंधित करना

अक्सर हम देख सकते है कि सब्जियां और किराना की दुकानों पर अत्यधिक लोगों की भीड़ होती है। हमें ऐसी जगहों पर जाना बंद कर देना चाहिए या आवश्यकता होने पर उपरोक्त नियमों का पालन करते हुए जाना चाहिए। इन स्थानों पर संक्रमण की संभावना सबसे अधिक होती है, क्योंकि लोगों के बीच कोई सामाजिक दूरी नहीं होती है और इस बीमारी को फैलने में आसानी होती है। दुनिया के सभी देशों के द्वारा लॉकडाउन इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए किया गया था और यह देशों द्वारा उठाया गया यह कदम काफी सराहनीय कदम था।

  • किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें

इस महामारी के दौरान यदि आपको बुखार, खासी, सांस लेने में तकलीफ इत्यादि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई दे, तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। सरकार द्वारा कोविड हेल्पलाइन या टोल-फ्री नंबरों पर कॉल करके या डाक्टरों के परामर्श से आप अपने प्रश्नों और संक्रमण से जुड़े सवालों को आसानी के साथ दूर किया जा सकता है। मनोसामाजिक सलाह के द्वारा बीमारी के डर, लोगों की चिंताओं और तनाव की स्थिति से बचा जा सकता है।

क्या रोकथाम के द्वारा कोरोना से लड़ना संभव है?

आप हमेशा ही सुनते है कि "इलाज से बेहतर है बचाव"। बीमारी के खराब अनुभव से गुजरने से अच्छा है कि हम अपने सुरक्षा विकल्पों के उपायों को चुनें। इस महामारी से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के कथन के अनुसार हमें इस बीमारी के साथ ही जीना सीखने की आवश्यकता है और अपनी गतिविधियों को जारी रखना है। इस वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को तबाही की स्थिति से गुजरने के लिए मजबूर कर दिया है।

इस कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई तभी जीती जा सकती है जब हम निवारक उपायों और दिशानिर्देशों का सही ढंग से पालन करें। यह वायरस के फैलाव को रोकने में हमारी मदद करेगा। इस तरह वायरस की ताकत दिन-ब-दिन कमजोर होती जाएगी और अंत में इसे हार का सामना करना पड़ेगा। इसलिए घातक वायरस से खुद को बचाने के लिए इन निवारक तरीकों का बहुत ही महत्त्व है।

निष्कर्ष

इस दौरान कई दवाएं और टिके विकसित किये गए है। लेकिन यह पूरी दुनिया के लोगों के लिए एक साथ उपलब्ध नहीं हो सकते हैं। इसे सभी लोगों को उपलब्ध कराने के लिए अभी समय लगेगा। तब तक के लिए एतिहात के तौर पर खुद को और दूसरों को कोविड-19 से इन सारे उपायों को अपनाना ही सबसे अच्छा तरीका है। हमारी सुरक्षा हमारे अपने ही हाथों में है और यह कोई दूसरा व्यक्ति सुनिश्चित नहीं कर सकता है।