सैनिक का जीवन पर निबंध

सैनिक वह इंसान होता है जो पूरे देश को अपना परिवार समझता है और सीमा पर डट कर सब की रक्षा करता है। वे दिन-रात मेहनत करके दुश्मनों से हमारी रक्षा करते हैं और सच्चे देशभक्त कहलाते हैं। उनका जीवन बहुत ही कठिन होता है फिर भी वे हमारी रक्षा डट कर करते हैं।

सैनिक का जीवन पर छोटे-बडे निबंध (Short and Long Essay on Life of Soldiers in Hindi)

निबंध – 1 (300 शब्द)

परिचय

हर व्यक्ति अपना एवं अपने परिवार के जीवन व्यापन के लिए कोई न कोई पेशा अवश्य अपनाता है, ठीक इसी क्रम में कुछ लोग देश कि रक्षा करने के कार्य को अपनाते हैं। यह उनका अपने देश के लिए प्रेम ही तो है कि वे अपने घर वालों को पीछे छोड़कर देश कि सेवा के लिए चले जाते हैं। एक सैनिक का जीवन बहुत कठिन होता है और वे ऐसी-ऐसी परिस्थितियों में रहकर हमारी रक्षा करते हैं कि हम इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा सकते।

कैसा होता है एक सैनिक का जीवन?

हालांकि सैनिक भी इंसान ही होते हैं, पर वे अपने जीवन में इतने अनुशासित होते हैं, कि आम लोगों को एक रोबोट कि भांति नजर आते हैं। अनुशासन बहुत अच्छी चीज है पर आम आदमी अपने दैनिक जीवन में उतना अनुशासन का पालन कर ही नहीं सकता, जितना कि एक सैनिक करता है।

उनकी एक छोटी सी भूल से देश को बहुत बड़ी क्षति पहुंच सकती है। शायद यही वजह है उनके इतने अनुशासित रहने की। सैनिकों पर सदैव जान का खतरा बना रहता है, फिर भी वे सीमाओं पर डटे रहते हैं और यह सबके बस की बात नहीं है।

निष्कर्ष

सैनिक बनने के लिए कड़ी तपस्या करनी पड़ती है और एक सैनिक के जीवन का उद्देश्य ही देश हित से अधिक और कुछ नहीं होता। माना कि उन्हें इस बात के पैसे मिलते हैं, परंतु पैसे मिलने के बाद भी हम में से कुछ गिने चुने ही लोग सैनिक बनना पसंद करते हैं। क्योंकि इसके लिए हिम्मत के साथ-साथ व्यक्ति के पास देश के लिए मर मिटने का भाव भी होना चाहिए। हमें सदैव उनके शुक्रगुजार होना चाहिए और क्यों कि वे अपने परिवार से दूर रहते हैं, तो आपके आस-पास ऐसा कोई परिवार रहता हो तो सदैव उनकी सहायता करें।


निबंध – 2 (400 शब्द)

परिचय

यदि आपको जीवन में अनुशासन का सही उदाहरण देखना हो तो एक सैनिक से अवश्य मिलें। उनका अपने देश के लिए पागलपन देखते बनता है। उनका अनुशासन उन्हें अपने घर-परिवार से दूर तो रखता ही है, साथ ही साथ भोजन, नींद और आराम को भी त्यागना पड़ता है। वाकई यह किसी तपस्या से कम नहीं।

देश प्रेम कि भावना

हम सब भले देश प्रेम के नाम पर 15 अगस्त और 26 जनवरी को झंडा फहराने मात्र से अधिक और कुछ नहीं करते। परंतु एक सैनिक से कभी पूछें कि देश प्रेम क्या होता है, शायद उसकी बातों पर आपको यकीन न हो, पर वे सच्चे मायनों में आपको समझा देंगे।

हमारे जवान पूरे देश में पूरे साल वर्दी पहने अपनी ड्यूटी करते हैं, और अपनी जान कि चिंता किए बगैर हमारी हिफाजत करते हैं। सैनिक बहुत ही अनुशासित रहते और देश प्रेमी भी होते।

सैनिकों का जीवन

सैनिकों का जीवन बहुत ही कठिन होता है और एक सिपाही बनना सब के बस की बात नहीं होती। उन्हें कठिन प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है और कई बार ऐसा देखा गया है कि कुछ लोग ट्रेनिंग छोड़ के भाग आते हैं। सूरज के निकलने से पहले जगने से लेकर, उन्हें पूरे दिन बहुत दौड़ाया जाता है। शायद यही वजह है कि उनके भरती के दौरान होने वाले शारीरिक परीक्षा का स्तर बहुत कठिन होता है और ज्यादातर जवान इसमें बाहर हो जाते हैं। उनके कंधों पर आगे चल कर देश कि सुरक्षा का भार रहता है इसलिए ऐसा करना जरूरी भी होता है।

उन्हें अपने बाल कटवाने पड़ते हैं और परिवार से भी दूर रहना होता है। उनका खूब पसीना बहाया जाता है ताकी वे इतने तैयार हो जाएं कि उन्हें युद्ध में कम खून बहाना पड़े।

हमारे त्योहारों कि रौनक फीकी न पड़े इसके लिए ज्यादातर त्योहारों पर उनकी तैनाती भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर कर दी जाती है। वे सदैव देश के लिए जीते हैं और कई बार अपना कर्तव्य निभाते-निभाते शहीद भी हो जाते हैं।

देशभक्ति कि भावना

आपको कभी मौका मिले तो किसी सैनिक से अवश्य बात करियेगा क्योंकि उनका देश के लिए जज्बा देखने लायक होता है। सैनिक रोज देश हित कि प्रतिज्ञा लेते हैं और अपने कर्तव्य का पालन करते हैं। जैसा कि कहा जाता है कि कार्य ही पूजा है – हमारे सैनिक इस बात को बड़ी अच्छी तरह निभाते भी हैं। यह सब उनका अपने देश के लिए प्रेम ही है जो वे अपनी जान तक की चिंता नहीं करते।

निष्कर्ष

सैनिकों का जीवन जीना कोई आसान कार्य नहीं है और हम, जब और कुछ नहीं कर सकते तो कम से कम एक जिम्मेदार नागरिक बन उनकी सहायता कर सकते हैं। हमेशा उनकी आदर करें और जब आप अपना त्योहार मनाएं तो उन्हें उस में शामिल करना न भूलें।

निबंध – 3 (500 शब्द)

परिचय

सैनिक शब्द अपने आप में बहादुर का समानार्थी है, क्योंकि सैनिक बहुत ही बहादुर एवं शक्तिमान होते हैं। वे दिन-रात सीमाओं पर डट कर हमारी रक्षा करते हैं और कई बार शहीद भी हो जाते हैं। वे अपनी इच्छाओं को मार कर हमारे लिए सदैव उपस्थित रहते हैं। ऐसे योद्धा पृथ्वी पर किसी भगवान से कम नहीं।

त्याग का दूसरा नाम होते हैं सैनिक

सैनिकों को खुद नहीं पता होता कि कब उनकी तैनाती कहां हो जाएगी।वे हर स्थिति के लिए तैयार रहते हैं और इतने अभ्यस्त हो चुके होते हैं कि चाहे जैसी भी परिस्थिति क्यों न हो वे सब में जी लेते हैं। सैनिक बनना सब के बस कि बात नहीं और न ही उनके जितना त्याग सब कर सकते हैं। यह उनका अपने राष्ट्र के लिए प्रेम ही होता है जो वे उसके लिए मर मिटने के लिए भी तैयार रहते हैं।

सैनिक कई प्रकार के होते हैं जैसे कि भारत में उन्हें थल सेना, वायु सेना और जल सेना में विभाजित किया गया है। सभी मिलकर भारतीय सेना कहलाते हैं और प्रत्येक सेना आपने-अपने स्तर से हमारी रक्षा करती है जैसे कि वायु सेना आसमान से हमारी रक्षा करती है तो वहीं थल सेना हमारे बीच रह कर।

सेना का मुख्य दायित्व देश कि रक्षा करना और इसकी अखंडता को बनाए रखने के साथ-साथ किसी भी विपदा जैसे कि प्राकृतिक आपदा, भूकंप, आग लगना, आदी में लोगों कि सहायता करना। इसके साथ ही किसी खास उपलक्ष पर एकत्रित हो रही भीड़ को भी सुनियोजित करना, आदी काम हमारे सैनिक करते हैं।

सैनिकों के जीवन में आने वाली कठिनाइयां

जिस दिन कोई व्यक्ति यह निश्चित कर लेता है कि अब वह सेना में जाना चाहता है, उसी दिन से उसके जीवन में कठिनाइयों का दौर शुरु हो जाता है।

  • उन्हें रोज अपनी सुकून की नींद छोड़ कर दौड़ का अभ्यास करना होता है।
  • सैनिक बनने के साथ ही व्यक्ति बहुत ही अनुशासित हो जाता है।
  • अनुशासन का महत्व इतना अधिक होता है कि यदि समय से नहीं उठते तो उन्हें भोजन भी नहीं दिया जाता और पूरे दिन मेहनत भी कराया जाता है।
  • एक सैनिक अपने पसंदीदा त्योहार या अपने परिवार कि आवश्यकता के समय उनके साथ हमेशा रहे यह जरूरी नहीं।
  • एक सैनिक का परिवार पूरा देश होता है। इस लिए जब भी आप कोई त्योहार मनाएं तो आपके क्षेत्र में तैनात सैनिकों को भी उसमें जरूर शरीक करें।
  • हिमालय के गलाने वाले बर्फ के बीच हमारे सैनिक दिन-रात पहरा देते रहते हैं, ताकी हम सब चैन की नींद सो सकें। वाकई यह किसी तपस्या से कम नहीं।
  • बार्डर पर जहां दिन-रात जान का खतरा बना रहता है, हमारे सैनिक निडर होकर डटे रहते हैं।
  • उन्हें अपने परिवार से दूर रहना होता है और वे हमारी तरह सिनेमा देखने या कहीं घूमने नहीं जा सकते। वे आपस में किस्से सुना के या कोई खेल खेलकर अपना मनोरंजन करते हैं।

निष्कर्ष

एक सैनिक का जीवन बहुत ही प्रेरणादायक होता है। हम सब को उनकी कुछ आदतें जरूर सीखनी चाहिए। जैसे कि अनुशासन, देशभक्ति, त्याग, हर परिस्थिति में खुश रहना, दूसरों कि खुशी में शरीक होना, अपने देश को अपना परिवार समझना, सब की निःस्वार्थ सेवा, आदी। वाकई हमारे सैनिक बहुत ही परिश्रमी होते हैं और वे एक तरफ प्रेरणा का स्त्रोत तो होते हैं ही साथ ही उनका जीवन बहुत कठिन भी होता है।