राष्ट्रीय एकीकरण दिवस पर निबंध (National Integration Day Essay in Hindi)

भारत की अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी की जयंती मनाने के लिए हर वर्ष 19 नवंबर को राष्ट्रीय एकीकरण दिवस मनाया जाता है। आज मैंने अपने पाठकों के लिए राष्ट्रीय एकीकरण दिवस पर अलग-अलग शब्द संख्या में निम्नलिखित निबंध उपलब्ध कराया है।

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस पर लघु और दीर्घ निबंध (Short and Long Essay on National Integration Day in Hindi, Rashtriya Ekikaran Divas par Nibandh Hindi mein)

निबंध 1 (250 शब्द)

परिचय

भारत अपने पूर्व प्रधानमंत्री - श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकीकरण दिवस मनाता है। यह दिवस हर साल 19 नवंबर को उनकी जयंती पर मनाया जाता है। यह दिन भारत के कई धार्मिक और सांस्कृतिक समुदायों के बीच राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी जाना जाता है।

इंदिरा गांधी - एक मजबूत राष्ट्रवादी

भारत की प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, श्रीमती गांधी ने भारत को एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रखने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया और बाहरी तथा आंतरिक खतरों से निपटने में उनकी दक्षता निर्विवाद थी।

उनके लिए, शुरू से लेकर आखिर तक राष्ट्र और उसकी अखंडता सबसे महत्वपूर्ण थी। पंजाब में आतंकवाद से जिस तरह वो निपटी थी वो किसी से छिपा नहीं है। पंजाब, जो एक समय आतंकवाद के अधीन था; आज भारत का सबसे समृद्ध और प्रगतिशील राज्य है।

इसी तरह, पाकिस्तान से बांग्लादेश के अलग होने में उनके हस्तक्षेप ने लगभग एक दशक तक घुसपैठ को रोक दिया था। उनके सराहनीय कार्यों ने उन्हें सबसे लोकप्रिय भारतीय नेता बना दिया।

टिप्पणियों

इस दिन मुख्य रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कैडरों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कांग्रेस से संबंधित वरिष्ठ नेता श्रीमती इंदिरा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करते हैं और उनके असाधारण कार्यों को याद करते हैं।

राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए पार्टी कार्यालयों में कई तरह के आयोजन भी किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में मुख्य रूप से युवाओं की भागीदारी के लिए जोर दिया जाता है। इसका मुख्य विषय भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना होता है।

निष्कर्ष

चाहे जिस भी तरह से संभव हो हम सभी को राष्ट्रीय एकीकरण दिवस का अवलोकन करना चाहिए। यह भारत के लोगों के बीच सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

निबंध 2 (400 शब्द)

परिचय

भारत में राष्ट्रीय एकीकरण दिवस 19 नवंबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती पर मनाया जाता है। आज की तारीख तक वह भारत की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री हैं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबंधित थीं और प्रथम प्रधानमंत्री, जवाहरलाल नेहरू की बेटी थीं।

राष्ट्रीय एकीकरण परिषद

राष्ट्रीय एकीकरण परिषद एक सरकारी सलाहकार संस्था है जो वरिष्ठ मंत्रियों और उल्लेखनीय सार्वजनिक शख्सियतों से मिलकर बनती है, जो सरकार को सांप्रदायिकता, जातिवाद और क्षेत्रवाद जैसे मुद्दों पर सलाह देती है। सलाहकार समुदाय का काम सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना और लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता स्थापित करना है।

परिषद का गठन 1961 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्रित्व काल में किया गया था। तब से नियमित बैठकें आयोजित की जा रही थीं जिसमें परिषद ने राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के तरीकों पर सरकार से सिफारिश की।

राष्ट्रीय एकीकरण परिषद की सोलहवीं और अंतिम बैठक 23 सितंबर 2013 को आयोजित की गई थी। बैठक में श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती मनाने का निर्णय लिया गया। हर वर्ष उनकी जन्मतिथि को राष्ट्रीय एकीकरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस कैसे मनाया जाता है?

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस को जनता के बीच क्षेत्रीय और सांप्रदायिक समानता को बढ़ावा देने के मुख्य उद्देश्य के साथ मनाया जाता है। श्रीमती इंदिरा गाँधी की जयंती, उनके सम्मान और उनके कार्यों को याद करने के लिए मनाई जाती है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यालयों में स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता, पूर्व प्रधान मंत्री को सम्मानित करते हैं और उन लोगों के लिए स्मरणीय समारोह आयोजित करते हैं जिन्होंने राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया है।

संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें विभिन्न समुदायों के लोगों को राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस का महत्व

भारतीय लोगों के बीच मौजूद भाईचारे की भावना को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय एकीकरण दिवस बेहद महत्वपूर्ण है। भारत एक ऐसा देश है जहाँ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक समूह एक साथ रहते हैं। यह राष्ट्रीय एकीकरण भारत के लोगों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है जो देश को एकजुट बनाये रखता है।

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस का जश्न भाईचारे और समानता को बढ़ावा देता है और साथ ही उन लोगों को भी सम्मानित करता है जिन्होंने इसके प्रोत्साहन के लिए काम किया है। यह देश और उसके लोगों को एकजुट रहने के लिए प्रोत्साहित करता है और प्रगतिशील भारत के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस को सभी धर्मों और समुदायों के लोगों की पूर्ण भागीदारी के साथ नियमित रूप से मनाया जाना चाहिए। राष्ट्रीय एकीकरण दिवस की सच्ची भावना तभी प्राप्त की जा सकती है जब हम इसे एक साथ और भाईचारे तथा एकता की भावना के साथ मनाएं।

Essay on National Integration Day

निबंध 3 (600 शब्द)

परिचय

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस को कौमी एकता दिवस के रूप में भी जाना जाता है, जिसे भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में हर साल 19 नवंबर को मनाया जाता है।

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की स्मृति में राष्ट्रीय एकीकरण दिवस मनाया जाता है। वह पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बेटी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की एक वरिष्ठ नेता थीं।

वह युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय थीं और पाकिस्तान-बांग्लादेश विभाजन और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उनकी भूमिका के लिए उन्हें अच्छी तरह से याद किया जाता है।

प्रधानमंत्री के रूप में अपने साढ़े पंद्रह साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के लोगों और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति के बीच सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव में सुधार के लिए कई अभूतपूर्व काम किए।

31 अक्टूबर, 1984 को वह अपने सिख अंगरक्षकों की गोली का शिकार हो गयीं, जो स्वर्ण मंदिर, अमृतसर के अंदर हुए सैन्य अभियान से नाराज था। उसकी स्मृति में, राष्ट्रीय एकीकरण दिवस मनाया जाता है।

समारोह

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस मनाने के लिए पूरे देश में कई आयोजन किए जाते हैं। सेमिनार, चर्चा और पुरस्कार वितरण आदि आयोजित किया जाता है। राज्य और केंद्र सरकारें समारोहों और कार्यक्रमों की व्यवस्था के लिए मिलकर काम करती हैं।

राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का आयोजन नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ़ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (NIFAA) द्वारा किया जाता है। यह देश के विभिन्न हिस्सों से कलाकारों और कार्यकर्ताओं को आमंत्रित करता है। शिविरों की गतिविधियों में सेमिनार और विचार-विमर्श तथा विभिन्न प्रकार की प्रतियोगितायें जैसे निबंध प्रतियोगिता आदि शामिल होते हैं।

राष्ट्रीय एकीकरण और सद्भाव पर जनता के लिए किताबें प्रकाशित की जाती हैं और लेखकों को सम्मानित भी किया जाता है। धर्म और संस्कृति के बीच युवाओं को अखंडता प्रदान करने के लिए कई स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस पर दिए जाने वाले प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है - "राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार"। यह पुरस्कार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा दिया जाता है और उन युवाओं को दिया जाता है जो धार्मिक समूहों और समुदायों के बीच एकीकरण को बढ़ावा देते हैं। पुरस्कार विजेताओं को कला, संस्कृति, विज्ञान, शिक्षा, सामाजिक कार्य, आदि के रूप में विभिन्न क्षेत्रों से चुना जाता है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पार्टी कार्यालयों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री के लिए सत्कार कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। लोग प्रधानमंत्री के रूप में उनकी उपलब्धियों और उनकी नीतियों के बारे में चर्चा करते हैं।

राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व

भारत धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों के साथ एक विविध देश है, जो एक दूसरे से पूरी तरह से अलग हैं। यह केवल उनके बीच एकता के कारण है कि देश आज भी सर उठा कर ऊँचा खड़ा है। यदि इन सभी लोगों और समुदायों को एकजुट नहीं किया जाता, तो भारत कभी भी एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक राष्ट्र नहीं होता, जैसा कि आज की तारीख में है।

भारत के लोगों के बीच मौजूद राष्ट्रीय एकीकरण की भावना सबसे मजबूत कड़ी है जो देश को एक साथ बांधती है। इसके बिना, भारत एक बार फिर बाहरी घुसपैठ की चपेट में आ जाता।

श्रीमती इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय एकीकरण के मूल्य को पहचाना और इसे बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री के रूप में अपनी क्षमता के अनुसार काम किया। उन्होंने पंजाब राज्य में आतंकवाद पर सफलतापूर्वक अंकुश लगाया और पाकिस्तान से बांग्लादेश के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई।

राष्ट्रीय एकीकरण दिवस का जश्न, भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से विविध लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह उन लोगों को सम्मानित करने का एक अच्छा अवसर है, जिन्होंने अपने काम के माध्यम से, राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा दिया है। यह कलाकारों, लेखकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं आदि को सम्मानित करने का दिन होता है, जिन्होंने समुदायों के बीच मौजूद सांप्रदायिक विभाजन को पाटने का काम किया है।

निष्कर्ष

श्रीमती इंदिरा गाँधी की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है और भारत के समुदायों को एकीकृत और एकजुट रखने के लिए भी। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटना है और इसे हर साल पूरी लगन के साथ मनाया जाना चाहिए, ताकि राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा दिया जा सके।