मेरे सपनों का स्कूल पर निबंध

स्कूल एक सबसे सर्वश्रेष्ठ मंच में से एक माना जाता है और यह बच्चों का कई तरह से विकास करता है। बच्चे अपने स्कूल को पसंद करते हैं मगर इनमे से कुछ बच्चे उन नियम और कानून को घटाना और बढ़ाना चाहते हैं जिसका लम्बे समय से पालन किया जा रहा है। समय के साथ हमारे शिक्षा तंत्र में भी बदलाव होना चाहिए। आइये चर्चा करते हैं कुछ ऐसे ही ख्याली स्कूलों के बारे में कुछ नए विचारों के साथ।

मेरे सपनों का स्कूल पर लघु और दीर्घ निबंध (Short and Long Essays on School of My Imagination in Hindi)

निबंध 1 (250 शब्द) - मेरे सपनों का स्कूल

परिचय

हम सभी के लिए स्कूल वह जगह है जहाँ पर हम बुनियादी चीजें सीखते हैं। शुरुआत में हम में से बहुत से लोग स्कूल जाना पसंद नहीं करते हैं। लेकिन जैसे ही हम दोस्त बनाते हैं, हम अपने स्कूल को पसंद करने लगते हैं। स्कूल एक ऐसा मंच है जहाँ हम बहुत सारी आधारभूत चीजें सीखते हैं। हालांकि वे जरूरी हैं और वे हमारे पूरे जीवन में हमारी मदद करती हैं। मुझे अपने स्कूल से प्यार है और मुझे यकीन है कि हम सभी को अपने अपने स्कूल से प्यार होता है।

मैं अपने स्कूल के बारे में क्या कल्पना करता हूँ

  • मैं एक ऐसे स्कूल में होना चाहता हूँ जहाँ रंग-बिरंगे ड्रेस पहन सकूँ। मैं अपना पसंदीदा कलर पहनना चाहता हूँ। इससे मुझे ख़ुशी मिलती है और जब मैं खुश होता हूँ, तो मैं बेहतर तरह से ध्यान लगा पाता हूँ।
  • आमतौर पर कक्षाएं काफी लम्बी चलती है और आखिरी क्लास तक मैं एकदम थक जाता हूँ। इसलिए बीच में कुछ आराम करने वाली क्लासेस भी होनी चाहिए।
  • मैं एक ऐसे स्कूल की कल्पना करता हूँ जहाँ केमेस्ट्री और बायोलॉजी प्रायोगिक तौर पर पढ़ाया जाए। यहां पर कुछ खास विषयों के लिए खास तीन-आयामी चश्मे हों। यह काफी ज्यादा दिलचस्प होगा और चीजों को लम्बे समय तक याद रखने में काफी मदद करेगा।
  • गणित सिर्फ हमारी नोटबुक के लिए ही नहीं है। यदि संभव हो तो, ये भी प्रायोगिक तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए। मैं हमेशा से एक ऐसे स्कूल में होना चाहता हूँ जहाँ अलग अलग चीजों को अलग अलग तरह से सीख सकूँ।

निष्कर्ष

कल्पना वो होती है जो हमें एक अलग दुनिया के बारे में लेकर जाती है और वो सभी चीजें जो हम सोचते हैं वो संभव नहीं हो सकती। मगर हम कल्पना करना छोड़ नहीं सकते। इस शहर में मेरा स्कूल सबसे बेहतर में से एक है। लेकिन मुझे लगता है कि ऊपर सोचे गए कुछ बदलाव और भी बेहतर हो सकते हैं।

निबंध 2 (400 शब्द) - मेरे स्कूल के बारे में मेरी कल्पना

परिचय

हम स्कूल सीखने के लिए जाते हैं और हमें सीखने के लिए तरह-तरह की किताबें और नोटबुक दी जाती हैं। अगर स्कूल सीखने की जगह है तो हमें हर एक चीज को सीखने पर ध्यान क्यों नहीं देना चाहिए। मैं हमेशा एक ऐसे स्कूल में रहना चाहता हूँ जहां मैं कुछ भी सीखने के लिए स्वतंत्र महसूस करूँ। मेरा स्कूल एक विज्ञान संग्रहालय की तरह दिखे, जहाँ चीजों का प्रदर्शन प्रायोगिक रूप से किया जाता है।

मेरे 'सपनों का स्कूल'

  • मैं हमेशा एक बड़े से और आलिशान स्कूल में पढ़ना चाहता हूँ। अलग अलग क्लास के बच्चों के लिए अलग अलग तरह के विषय। इसी तरह से हर क्लास के बच्चों की क्लासरूम भी अलग तरीके से डिजाइन किया जाना चाहिए। यह बच्चों को प्रोत्साहित करेगा और उन्हें अगली कक्षा में आने के लिए अच्छा व बेहतर प्रदर्शन करने में मदद भी करेगा।
  • मेरे ड्रीम स्कूल में, छात्र अपने पेशे के अनुसार कपड़े पहनते है। एक लड़का जो पुलिसवाला बनना चाहता है वह खाकी पहन सकता है, जबकि एक वायु सेना अधिकारी सफेद और नीले रंग की वर्दी पहन सकता है। इससे उन्हें अपने पसंदीदा पेशे का एहसास होगा। ये उन्हें हमेशा प्रेरित भी करता रहेगा और इससे उनके पेशे पर ध्यान केंद्रित कर पाने में आसानी होगी।
  • मुझे इतिहास के बारे में किताबों से पढ़ना पसंद नहीं है और मेरे सपनों के स्कूल में, इतिहास की कक्षा लाइव चलाई जाएँगी। यहाँ पर एक रोबो शिक्षण इतिहास होगा जो सभी स्थानों को तत्काल गूगल से दिखा सकता है। इससे हमें विषय से प्यार करने में भी काफी ज्यादा मदद मिलेगी।
  • मेरे ड्रीम स्कूल में, एक बड़ा खेल का मैदान है जहाँ फुटबॉल और बास्केटबॉल के लिए कई अलग-अलग कोर्ट बने हुए थे। हमने खेल में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए छात्रों का समर्थन भी किया था। वास्तव में एक स्कूल में बड़े खेल के मैदान और एक हरा-भरा वातावरण होना चाहिए।
  • यहाँ पर एक ऐसा पीरियड होगा जिसे हम कल्पना काल भी कह सकते हैं। इस क्लास में, हम सभी इस बात पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं कि हमारे पास कौन कौन से नए विचार हैं और इन विचारों को कैसे लागू किया जाए। यहाँ पर वास्तव में एक ऐसी क्लास होनी चाहिए जहाँ पर छात्रों को ना सिर्फ प्रोत्साहित किया जाए बल्कि इसके साथ साथ उनके द्वारा पढ़े गए सभी विषयों का उनके पास कितना ज्ञान है इसका भी एक परिक्षण हो जाना चाहिए।
  • शिक्षक हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और जब कोई छात्र अपने शिक्षक को पसंद करता है, तो वह आँख बंद करके उन पर विश्वास कर सकता है और उनकी आज्ञा मानता है। जबकि अगर कोई छात्र ऐसा नहीं करता है, तो वह उनसे दूर रहने की कोशिश करता है या उपनी कक्षा में अनुपस्थित रहता है। इसलिए, मैं एक ऐसे स्कूल का सपना देखता हूँ जहाँ मैं हर विषय के लिए अपने शिक्षकों का चयन खुद से कर सकूँ।

निष्कर्ष

वाकई में यह बहुत ही दिलचस्प होगा अगर मुझे मेरे सपनों का स्कूल मिल जायेगा, सीखना आसान हो जायेगा, मजेदार होगा और तो और सहज भी होगा। स्कूल वह जगह है जहाँ हम सीखते हैं और अब समय आ गया है पुराने और आउटडेटेड शैक्षिक ढांचे को बदलने का।

निबंध 3 (600 शब्द) - मेरे सपनों का स्कूल

परिचय

शिक्षा एक बुनियादी जरूरत है और प्रत्येक छात्र को अपनी उच्च शिक्षा के लिए कुछ आधारभूत चीजें और तकनीक आदि सीखने के लिए स्कूल जाना पड़ता है। हम में से कुछ अपने स्कूल को पसंद करते हैं और कुछ नहीं करते। हम हमेशा कुछ ऐसी सुविधाओं की कल्पना करते हैं जो सीखने को और बेहतर बना सके। हम अपने आराम को और जिस तरह से हमें शिक्षा पसंद है उसे शामिल करते हैं। मेरा भी एक ड्रीम स्कूल है और मैं इसे आपके साथ साझा करना चाहूँगा।

मेरे सपनों का स्कूल

  • मैं अपने स्कूल से बहुत प्यार करता हूँ लेकिन जब मैं अपने भारी भरकम बैग को देखता हूँ, तो सच में यह मुझे डराता है। मैं वाकई में एक ऐसे स्कूल में जाना चाहता हूँ जहां शिक्षक मुझे कभी भी भारी बैग लाने के लिए मजबूर न करें। मैं एक लंबा लड़का हूँ और इसके बोझ की वजह से मेरी रीढ़ की हड्डी पर काफी असर पड़ सकता है जो मेरे व्यक्तित्व को भी प्रभावित कर सकता है। न केवल मैं, बल्कि मेरे और भी कई दोस्त इस बारे में शिकायत किया करते हैं।
  • मेरी इच्छा है कि एक ऐसा स्कूल हो जहाँ डिजिटल किताबों की अनुमति हो। हम क्लास नोट्स के स्क्रीन शॉर्ट्स ले सकते हैं और उन्हें घर पर आसानी से पढ़ सकते हैं।
  • मैं एक ऐसे स्कूल का सपना देखता हूँ जहाँ पर मैं सब कुछ सीख सकता हूँ। मैं एक जिज्ञासु बच्चा हूँ और मैं वास्तव में जानना चाहता हूँ कि आखिर लोहा कैसे नरम हो सकता है, मोटर कैसे काम करता है, आदि। इसलिए, इच्छुक छात्रों के लिए अलग-अलग व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा भी होनी चाहिये। मैं यह भी जानना चाहता हूँ कि कुम्हार बर्तन, दीया आदि कैसे बनाते हैं? इस सबके पीछे एक यही वजह है कि हम एक ही कुंजी से हर दरवाजा क्यों नहीं खोल सकते? आदि। वाकई में ये सभी चीजें मुझे काफी रोमांचित करती हैं।
  • मैं यह भी चाहता हूँ कि छोटे छोटे गैजेट्स बनाऊं, जैसे वाटर हीटर, बिजली का प्रेस, दरवाजे की घंटी, स्पीकर, आदि और एक ऐसे स्कूल की कल्पना करता हूँ जहाँ इन सभी चीजों के बारें में प्रायोगिक तौर से सीख सकूँ।
  • मेरे सपनों का स्कूल बच्चों को उनकी पसंद का विषय चुनने की आजादी दे और वे जो चाहें वो पढ़ें। मैं अभी भी देखता हूँ कि कुछ ऐसे विषय हैं जो वाकई में काफी ज्यादा बोरिंग हैं, मुझे उनके साथ जूझना पड़ता है। इसलिए मैं हमेशा से एक ऐसे स्कूल में होना चाहता हूँ जहाँ मैं कोई भी विषय चुनने को आजाद रहूँ।
  • बायोलाजी किताबों से सीखने वाली चीज नहीं है, ये प्रायोगिक तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए। जब हम असली में प्लांट सेल देखेंगे तो ये हमारे लिए समझने में आसान होगा। मैं हमेशा से ऐसे स्कूल की कल्पना करता हूँ जहाँ मैं चीजों को इस तरह से सीख सकूँ।
  • यहाँ पर हर कक्षा में एक नवपरिवर्तन का पीरियड होना चाहिए जहाँ छात्र खुद से कुछ नया बनाने के बारे में सीख सकें। इससे उनके दिमाग का विकास होगा और उन्हें अपनी रचनात्मकता को सोचने और बढ़ावा देने में भी काफी मदद मिलेगी। कई छात्र नई चीजें बनाना चाहते तो हैं, मगर उन्हें इसके लिए उचित उपकरण या रसायन आदि मिल नहीं पाता हैं। इसलिए, मैं हमेशा एक ऐसे स्कूल में रहने का सपना देखता हूँ, जहां मुझे कुछ नया करने की कोशिश करने के लिए ये सभी चीजें आसानी से मिल सकें।
  • जैसा की मेरे सपनों के स्कूल में हैं, उसी तरह से स्कूलों में त्री-आयामी शिक्षण प्रणाली लागू होनी चाहिए; वे विषय जिन्हें हम ऑनलाइन माध्यम से नहीं पढ़ा सकते उसके लिए 3डी तकनीक का इस्तेमाल होना चाहिए। ये सब कुछ मेरे सपनों के स्कूल के बारे में है और मुझे यकीन है ये बदलाव हमारे देश में सीखने के तरीके को बदल देगा।

निष्कर्ष

एक स्कूल हमारी सोच से भी ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। समय बदल गया है और छात्रों को क्लासरूम तक ही सीमित नहीं होना चाहिए। उनके पाठ्यक्रम में शिक्षण के विभिन्न तरीकों को शामिल किया जाना चाहिए, और ऊपर बताये गये कुछ विशेषताओं को अपनाकर हम स्कूलों को और भी अधिक रोचक बना सकते हैं। प्रौद्योगिकी और ऑनलाइन मंच के इस युग में भी हम अभी तक सीखने की उसी पुरानी परंपरा का पालन करते आ रहे हैं और हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को भी उन्नत करना चाहिए। यह आने वाली पीढ़ी को आसानी से समाज के साथ तालमेल बिठाने में मदद करेगा और उनके परिवर्तनात्‍मक विचारों को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा।