मैं शिक्षक क्यों बनना चाहता हूं पर निबंध

एक शिक्षक हमारे भविष्य का निर्माण करता है और वो अपने छात्रों की सफलता के लिए बहुत मेहनत करते है। वो हमें प्रेरित करते है, कई विषयों से हमें अवगत कराते है और हमे ड़ाटते भी है और कभी-कभी यह आवश्यक होता है। हमारे अन्दर नये विचारों और तरीकों को, वो अपने अनुभव और नये तरीकों से विकसित करने की कोशिश करते है।

मैं शिक्षक क्यों बनना चाहता हूं पर छोटे और बड़े निबन्ध (Short and Long Essays on Why I Want to Become a Teacher)

निबन्ध 1 (250 शब्द) - मेरे पसंदीदा शिक्षक

परिचय

हम सभी नई चीजें सिखने और अच्छी आदतों को विकसित करने के लिए स्कूल जाते है, हांलाकि इन चीजों को हम घर पर भी सीखते है। इसलिए हम कहते है हमारी मां हमारी पहली शिक्षक होती है। जब मैने स्कूल जाना शुरु किया तो मेरी पहली प्राथमिक शिक्षक मिस थी, वह एक अद्भुत व्यक्तित्व थी। शिक्षक हमेशा अपने छात्रों को अधिक से अधिक सिखाना चाहता है। वो चाहते है कि छात्र उन से प्रश्न पूछे और वो उन्हे ज्यादा सीखा सके। इस दुनियां मे केवल दो ही लोग है जो मेरे मुर्खतापूर्ण सवालों का जबाब देने मे खुशी महसूस करते है। एक तो मेरी मां है और दूसरी मेरी स्कूल टीचर है।

मेरी पसंदीदा शिक्षक कौन है?

मैं यहां किसी एक नाम का नही लिख रहा हूं क्योकि मै अपने सभी शिक्षको से प्यार करता हूं। वह बहुत मेहनत करते है, मेरे घर मे मेरी मां की तरह। जब भी मेरी परीक्षा होती, तो वह बहुत चिंतित और परेशान होती थी। स्कूल मे मेरे विषय के सारे शिक्षक अपना सर्वश्रेष्ट देते है और कई बार अभ्यास कराते है, ताकि हम अधिक अंक प्राप्त कर सकें। लेकिन यदि मुझे अच्छे अंक मिलते है तो यह मेरे अंक होते है। वही स्कोर बोर्ड पर मेरा नाम भी लिखा जाएगा।

मेरी मां और मेरे शिक्षको को कभी श्रेय नही मिलता है और परीक्षक कभी उनकी प्रशंसा नही करते है, फिर भी वो हमारे लिए संघर्ष करते है। वो हमारे लिए सबसे अच्छी अध्ययन की सामग्री लाते है, वो सबसे अच्छे उदाहरण को देकर हमे आसानी से समझाने की कोशिश करते है। किसी चीज का तत्काल उदाहरण देना इतना असान नही होता है, इसके लिए तैयारी करनी पड़ती है। वास्तव मे मेरे शिक्षक को उनके समर्पण के लिए मै नतमष्तक हूं।

निष्कर्ष

आप अपने शिक्षकों का सम्मान करें और वास्तव मे वो आपके लिए भाग्यशाली है। कबीर दास का बहुत प्रसिद्ध दोहा है जिसमे उन्होने समझाया है कि “वह मेरे शिक्षक ही थे जिन्होने मुझे ईश्वर के बारे मे बताया, इसलिए जब कभी एक ही समय दोनों मेरे सामने होगें तो मै पहले अपने शिक्षक का सम्मान करना चाहूंगा”।

निबन्ध 2 (400 शब्द) - मैं शिक्षक क्यो बनना चाहता हूं?

परिचय

शिक्षक हमारे समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तम्भों मे से एक है। कई ऐसे पेशे है जैसे कि डॉक्टर अपने मरीजों का इलाज करता है, इंजीनियर इमारते बनाता है, और उसी तरह शिक्षक हमारे समाज के निर्माण मे एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। वे न केवल हमे शिष्टाचार सिखाते है बल्कि हमे सफलता का मार्ग भी दिखाते है। वास्तव मे यह समाज इस महान अभिव्यक्ति के बिना अधूरा है।

मेरे पसंदीदा शिक्षक

मेरे पसंदीदा शिक्षक अश्वनी मैम है, वो हमे गणित पढ़ाती है। मुझे वो बहुत पसंद है और मै उनके जैसा ही बनना चाहता हूं। वह अपने आप मे अद्वितीय है, वह कभी भी मेरे सवालों को बेझिझक 10 बार बताती है। दरअसल, मुझे गणित पसंद नही है लेकिन उनका धैर्य और उनके सिखाने का तरीका वास्तव मे मुझे बहुत प्रेरित करता है। मैं यह जरुर कहना चाहूंगा कि सभी शिक्षक बहुत ही मेहनत करके हमे सिखाते है ताकि हम अच्छे अंक प्राप्त कर सके। मै अपने शिक्षकों से बहुत प्यार करता हूं और वास्तव मे उनके अथक प्रयासों को लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं।

मैं शिक्षक क्यों बनना चाहता हूं

हम सभी अपने भविष्य मे कुछ बनने की चाहत रखते है और विभिन्न तरीकों से अपने राष्ट्र की सेवा करना चाहते है। इसी तरह मै एक शिक्षक बनना चाहता हूं और छात्रों के लिए अध्ययन को और आसान बनाना चाहता हूं। मै एक ऐसा स्कूल बनाना चाहता हूं जहां मै गरीब बच्चों को मुफ्त मे शिक्षा दें सकूं। मैनें कई ऐसे बच्चों को सड़क पर भीख मांगते और गंदा काम करते हुए देखा है। बच्चे किसी भी राष्ट्र के भविष्य होते है, इसलिए हमे उन्हें सावधानी से सम्भाल कर रखना चाहिए।

हम विभिन्न स्थानों से अलग-अलग चीजें सिखते है और हमारे स्कूल आम जगहों मे से एक है। एक शिक्षक केवल वही नही होता जो हमे स्कूल मे पढ़ाते है, वह कोई भी हो सकता है जो आपको कुछ सिखा सकता है। वो आपको या तो कुछ किताबी ज्ञान या कुछ नैतिक और सामाजिक ज्ञान दे सकते है। कुछ जीवन के ज्ञान की प्रेरणा देने वाले शिक्षक होते है। जो लोग आपको अंधेरे से निकालते है वो एक शिक्षक है और वास्तव मे मै उनके जैसा बनना चाहता हूं।

निष्कर्ष

सभी शिक्षक महान कार्य करते है और शिक्षा का पेशा एक सामाजिक कार्य की तरह है। आप सभी से मेरी प्रार्थना है कि आप सभी अपने इलाके के गरीब और सामान्य बच्चों की शिक्षा के लिए कुछ समय दें, और यह सुनिश्चत करे कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित तो नही रह गया। शिक्षक केवल वह नही होता है जो हमे स्कूल मे पढ़ाते है बल्कि यह कोई भी हो सकता है जो हमारे समाज को शिक्षित कर सकता हो। मेरे शिक्षक ने मुझे हमेशा एक अच्छा इंसान बनना सिखाते थे, और साथ ही हमे अच्छे शिष्टाचार सिखाते थे क्योकि सज्जन व्यक्ति ही समाज को ज्यादा बेहतर बना सकते है।

निबन्ध 3 (600 शब्द) - शिक्षकः समाज का निर्माता होता है

परिचय

शिक्षक को गुरु भी कहा जाता है, और वो हमारे सामाज के साथ-साथ हमारे दिल मे एक विशेष स्थान रखते है। प्राचीन भारतीय समाज मे ज्ञान का आदान-प्रदान मौखिक रुप से किया जाता था। हमारे गुरु विभिन्न प्रकार के वेदों और पौराणिक पुस्तकों को याद कर लेते थे। छात्रों को आठ वर्ष की आयु मे ही आश्रमों मे भेज दिया जाता था और सभी प्रकार के ज्ञान प्राप्त करने के बाद ही उनके घर वापस भेजा जाता था। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य शिक्षित और सौम्य सामाज का निर्माण करना है, ताकि सामाज मे हर तरफ शांति का महौल बना रहे।

कैसे शिक्षक एक सामाज का निर्माण करता है

प्राचीन गुरुओं के अलावा हम सभी के घरों मे एक प्राथमिक शिक्षक होता है। हां वो हमारे माता-पिता होते है जो हमे बोलना, चलना और कई अन्य गतिवाधियों के बारे मे सिखाते है। हमारे माता-पिता हमे कुछ अच्छी आदतों को अपनाने के लिए हमे सक्षम बनाते है और यह आदतें हमारे लिए कई प्रकार से जीवन मे सहायक होती है। यही आदतें हमे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के काबिल बनाती है क्योकि यदि एक बच्चे को अच्छे से बात करना नही आता तो उसके लिए स्कूल मे कुछ भी सिखना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए हम कहते है कि हमारे माता-पिता हमारे पहले शिक्षक होते है और यही हमे कुछ बुनियादी और जरुरी बाते सिखाते है।

जब हम स्कूल जाने लगते है तो हम कुछ अन्य शिक्षकों से मिलते है, जो हमे विभिन्न विषयों के बारे मे हमे सिखाते है। यह स्कूली ज्ञान हमें अपने लिए एक बेहतर कैरियर को चुनने मे हमारी मदद करता है। किस चीज मे हमारी रुची है और हमारी क्षमता को जानने मे हमारी मदद करता है।

इस प्रकार एक शिक्षक हमे अपने कैरियर का चुनाव करने मे हमारी सहायता करता है। और इस तरह हम मे से कुछ डॉक्टर बनते है तो वही कुछ पायलट बनते है। साथ ही साथ यह हमे शिष्टाचार और शांतिपूर्ण समाज के काबिल बनाता है। जहां शिक्षा होगी वहां अपराध बहुत कम होगा। इस तरह मै यह कह सकता हूं कि एक शिष्टाचार समाज के निर्माण का सारा श्रेय एक शिक्षक को ही दिया जाना चाहिए।

वो हमारे कौशल को चमकाते है

हम मे से कुछ पैदायशी प्रतिभाशाली होते है, जबकि कुछ गायन के लिए जन्म लेते है। फिर भी वह स्वयं कुछ नही कर सकते है उन्हे एक प्रशिक्षक की आवश्यकता होती है जो कि उनकी क्षमताओ को निखारने और सही तकनीक के बारे मे उन्हे बता और सिखा सके।

एक शिक्षक हमेशा चाहता है कि उसका छात्र अधिक सक्षम बने और वो प्रसिद्ध हो सके। एक छात्र की तरह ही वो कड़ी मेहनत करते है, आपने शिक्षक को परीक्षा से पहले आपकी एक अतिरिक्त कक्षा लेते हुए अवश्य देखा होगा। वो कक्षा मे एक तरफ बैठ जाते है और आपके ज्ञान के प्रदर्शन को देखते है लेकिन वो इसमे कुछ नही करते है। वो चाहते है कि उनके कक्षा का हर बच्चा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रर्दशन करे और ऐसा करने मे वो हमारी मदद करते है।

जहां आपको अपने कैरियर चुनने की बात आती है, वहां आपको हमेशा एक शिक्षक की आवश्यकता होती है और शिक्षक आपके जीवन को पूरी तरह बदल देता है। मै वास्तव मे अपने जीवन मे ऐसे शिक्षकों को पाकर खुद को धन्य महसूस करता हूं।

कुछ प्रसिद्ध शिक्षक

  • शिक्षको के इतिहास मे, सबसे महत्वपूर्ण नामों मे से एक नाम डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का है और भारत मे 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रुप मे मनाते है। इसी दिन राधाकृष्णन का जन्म हुआ था और हम उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रुप मे मनाते है। वह खुद एक शिक्षक थे और लोगो को प्रेरणा देते थे और वो शिक्षको के लिए एक आदर्श बन गए।

एक प्रसिद्ध उद्धरण है, “एक अच्छा शिक्षक वो होते है जो हमे अपने लिए सोचने मे मदद करते है”।

  • डॉ. ए.पी.जे. अबदुल कलाम एक ऐसे ही रत्न थे जिन्होने हमारे लिए बहुत कुछ सोचा। वो बहुत ही सौम्य और महान व्यक्ति थे, जिन्हे शुन्य से नफरत थी और वो य़ुवाओ के एक अद्भुत प्रेरक थे। बस उनका नाम ही हम मे से कई लोगो के लिए प्रेरणा है।

एक प्रसिद्ध उद्दरण मे उन्होने कहा है, “मेरा मानना है कि दुनियां मे कोई अन्य पेशा नही जो शिक्षक की तरह समाज के लिए अधिक महत्वपूर्ण है ”।

इसके अलावा कई और प्रसिद्ध नाम और शिक्षक है जिन्होने छात्रो पर अपने प्रभावो के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के विकास मे अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है और नए विचारों को विकसित करने के लिए हमे प्रेरित किया है।

निष्कर्ष

शिक्षक हमेशा हमारे समाज मे एक विशेष स्थान और सम्मान रखते है। मै गर्व से कह सकता हूं कि एक शिक्षक होना सबसे अच्छा पेशा है। हमेशा अपने शिक्षकों द्वारा दी गयी बातों को ध्यान से सुनें और अपने अच्छे प्रदर्शन से उन्हे गौरवान्वित करें क्योकि बदले मे उन्हे कुछ नही मिलता है। लेकिन यदि उनका कोई छात्र सफल होता है तो खुद को संतुष्ट महसूस करते है। शिक्षक न केवल एक अच्छे समाज का निर्माण करता है बल्कि वह एक राष्ट्र निर्माण मे भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।