शिक्षक दिवस का उत्सव पर निबंध

शिक्षक दिवस का उत्सव देश भर में हर वर्ष 5 सितबंर को मनाया जाता है। यह वह दिन है, जब शिक्षक कर्मचारी कक्ष में आराम करते है और इस दिन छात्रों द्वारा उनकी भूमिका छात्रों द्वारा निभायी जाती है। शिक्षक दिवस विद्यालयों में पूरे जोश के साथ मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों और छात्रों दोनो के लिए ही काफी मजेदार होता है।

शिक्षक दिवस के उत्सव में कई तरह के खेल और गतिविधियां शामिल होती है। इस दिन वरिष्ठ कक्षाओं के छात्र कार्यक्रमों के आयोजन के लिए जिम्मेदारी लेते है।

शिक्षक दिवस के उत्सव पर लम्बे तथा छोटे निबंध (Long and Short Essay on Teacher’s Day Celebration in Hindi)

यहा शिक्षक दिवस के उत्सव से संबंधित कई सारे निबंध दिये गये है। जो आपकी आपके परीक्षाओं और अन्य कार्यों में सहायता करेंगे, आप अपने आवश्यकता अनुसार दिए गए निबंधो में से किसी भी निबंध का चयन कर सकते है।

विद्यालय में शिक्षक दिवस उत्सव पर निबंध – 1 (200 शब्द)

पूरे भारत भर में प्रत्येक 5 सितबंर को शिक्षक दिवस बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। यह शिक्षकों के पूरे वर्ष किए गये प्रयासो और कठिन परिश्रम के सम्मान का दिन है। जिसमें वह हमेशा छात्रों के लिए कार्य करते रहते हैँ।

प्रत्येक विद्यालय में इस दिन का जश्न मनाने के लिए अलग-अलग तरह की गतिविधियां आयोजित की जाती है। इसमें शिक्षको का किरदार निभाना, नृत्य कार्यक्रम, फैंसी ड्रेस कम्पटीशन जैसे कुछ सामान्य कार्यक्रम शिक्षक दिवस के अवसर पर कीये जाते है। इस विशेष दिन शिक्षक दर्शक के रुप में आराम से बैठकर छात्रों के इन कार्यक्रमों का आनंद लेते है।

इस उत्सव को और भी ज्यादे मजेदार बनाने के लिए इस दिन शिक्षक पासिंग पार्सेल, म्यूजिकल चेयर, डांस स्टेचू जैसे खेल भी खेलते है। जिससे की पूरे माहौल में प्रसन्नता और हंसी भर जाती है। कुछ विद्यालयों में छात्र और शिक्षक मिलकर कई सारे कार्यक्रमों का आयोजन करते है और इसमें एक साथ प्रतिभाग भी करते हैं।

शिक्षक दिवस निश्चित रूप से वह दिन है, जो हमें प्रतिदिन की विद्यालय दिनचर्या से राहत दिलाता है और कई आनंददायक गतिविधियों में शामिल होने के अवसर प्रदान करता है। इसके साथ ही यह शिक्षक और विद्यार्थी के रिश्तों को भी प्रगाढ़ करने का एक अच्छा दिन है।


 

हम शिक्षक दिवस कैसे मनाते है पर निबंध – 2 (300 शब्द)

प्रस्तावना

शिक्षक दिवस छात्र और शिक्षक जीवन के सबसे खास दिनों में से एक है। शिक्षक पूरे वर्ष भर इस दिन का इंतजार करते है ताकि इस दिन वह आराम और एक दूसरे के साथ बातचीत कर सके, यह वह दिन होता है जब उन्हें अपने दैनिक दिनचर्या से आराम मिल जाता है। इस दिन प्रत्येक विद्यालय में कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाती है।

छात्र शिक्षक के वेश में

इस दिन वरिष्ठ कक्षाओं के छात्र शिक्षक के तरह वेषभूषा धारण करते हैं और विभिन्न शिक्षकों का किरदार निभाते हुए दूसरे कक्षाओं में विभिन्न विषय पढ़ाने जाते है। छात्रों द्वारा शिक्षकों का किरदार निभाने की यह परंपरा शिक्षक दिवस के उत्सव का मुख्य भाग है। इस दिन छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों के तरह दिखने के लिए, उन्ही के तरह की वेषभूषा धारण करते/करती हैं।

इस दिन छोटे छात्र अपनें वरिष्ठ छात्रों द्वारा कक्षा में पढ़ाने का इंतजार करते है, क्योंकि यह प्रतिदिन की तरह पढ़ाई नही होती बल्कि की एक मजेदार अनुभव होता हैं, और इसी तरह के कार्यक्रमों के वजह से यह एक और भी ज्यादे मजेदार अनुभव बन जाता है। इस दिन विद्यालय के शिष्टाचार बनाये रखते हुए, कई तरह के खेलों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

 

मनोरंजक गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम

इस दिन विद्यालयों के दूसरी पाली में कई सारे सांसकृतिक कार्यक्रम और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। जहां शिक्षक दर्शक रुप में बैठे होते है और छात्र उनके मनोरंजन के लिए, विभिन्न प्रकार के मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। इस दिन नृत्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, गाने गाये जाते है और अन्य कई प्रकार की मनोरंजक कार्य किये जाते हैं।

शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक और छात्र दोनो ही एक साथ मिलकर कई प्रकार के मजेदार खेलों में हिस्सा लेते है और एक-दूसरे के साथ अपने इस विशेष रिश्ते को और भी प्रगाढ़ करते हैं।

निष्कर्ष

वैसे तो शिक्षक दिवस मनाने के कई तरीक है। इस दिन का लाभ उठाते हुए वरिष्ठ छात्र तय करते है कि शिक्षक दिवस के इस कार्यक्रम को कैसे मनाना है, जिससे कि शिक्षक इस दिन आराम कर सके और इन मजेदार कार्यक्रमों का आनंद ले सके।


 

शिक्षक दिवस के महत्व पर निबंध – 3 (400 शब्द)

प्रस्तावना

हमारे देश में शिक्षक दिवस हर वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। 5 सितंबर भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन की जंयती है, राष्ट्रपति और एक राजनेता होने के साथ ही वह एक सम्मानित शिक्षक और विद्वान भी थे। डॉ राधाकृष्णनन ने कई सारे नामी विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के रुप में कार्य किया। उन्हें उनके साथी शिक्षको और विद्यार्थियों के द्वारा काफी सम्मान दिया जाता था और जब वह भारत के राष्ट्रपति बने तब, उनके विद्यार्थियों ने उनसे निवेदन किया कि वह प्रत्येक वर्ष बड़े स्तर पर उनका जन्मदिन मनाना चाहते है, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात कि अधिक प्रसन्नता होगी यदि उनके जन्म दिवस को शिक्षकों को समर्पित करके इसे शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाये। तो इस प्रकार से 1962 से हर पांच सितंबर को शिक्षक दिवस का यह कार्यक्रम मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस का महत्व

शिक्षक दिवस का बहुत ही बड़ा महत्व है, नीचे दिये कारणों से जाना जा सकता है, कि आखिरकार यह इतना महत्वपूर्ण क्यों हैः

  • शिक्षको के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर

शिक्षक लगातार अपने छात्रों के भलाई के लिए कार्य करते है। छात्र शिक्षकों की प्रथम वरीयता होते हैं और वह इस बात का ध्यान रखते है कि प्रत्येक छात्र अकादमिक स्तर पर अच्छे गुण अपनाये और अनुशासन का पालन करें। शिक्षक हमें हमारे समग्र विकास के लिए खेलो और दूसरे गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित भी करते हैं। वह अपने छात्रों के भलाई के लिए जितना हो सके उतना करने का प्रयास करते हैं, इसलिए इस दिन उनके इन कार्यों के लिए छात्रों को आभार प्रकट करने का मौका मिलता है।

 

  • सम्मान प्रकट करना

शिक्षक दिवस के दिन विद्यार्थी अपने शिक्षको के प्रति सम्मान प्रकट करतें है  क्योंकि शिक्षक हमारे गुरु और परामर्शदाता के रुप में कार्य करते हैं और जीवन में हमें सही मार्ग भी दिखाते हैं। इस दिन छात्र अपने शिक्षकों के सम्मान में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, धन्यवाद भाषण देते है और उपहार स्वरुप उन्हे फूलों का गुलदस्ता तथा कार्ड भेंट करते हैं।

  • छात्र-शिक्षक के रिश्ते को प्रगाढ़ करना

शिक्षक दिवस एक ऐसा दिन है, जो छात्र और शिक्षक के इस रिश्ते को और भी ज्यादे मजबूत बनाता है यही कारण है की इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन छात्र अपने शिक्षको के तरह कपड़े पहनते और उनके स्थान पर पढ़ाते है, जिससे की उन्हे एक शिक्षक होने के कठिनाइयों का आभास होता है और इस तरह से वह अपने शिक्षकों के असली महत्व को समझ पाते है तथा उन्हे इस बात का आभास होता है कि उनके भलाई के लिए उनके शिक्षक ना जाने कितनी कठिनाईयों को सहते है। इन सब बातो से छात्रों का उनके शिक्षको के लिए सम्मान और भी बढ़ जाता है।

इसके अलावा इस दिन कई सारे खेलों और अन्य गतिविधियों का भी आयोजन किया जाता है, जिन्हे शिक्षक और छात्र साथ मिलकर खेलते है। जो कि उनके रिश्तों को और भी प्रगाढ़ करने का कार्य करता है।

निष्कर्ष

इसलिए शिक्षक दिवस एक छात्र और शिक्षक के जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह वह दिन है जब अपने इन प्रयासो और कठिन कार्यों के लिए शिक्षको का विशेष सम्मान किया जाता है। इस दिन उन्हें विद्यार्थियों द्वारा विशेष सम्मान दिया जाता है और उनके लिए तमाम तरह के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।


 

शिक्षक दिवस मनाने के तरीके पर निबंध – 4 (500 शब्द)

प्रस्तावना

पूरे भारत भर में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के उत्सव को काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। शिक्षक और छात्र दोनो के लिए ही यह पर्व काफी खास होता है। हर वर्ष छात्र विभिन्न नये तरीको से इस उत्सव को मनाते हैं और इस दिन को अपने शिक्षको के लिए विशेष बनाने का प्रयास करते हैं।

शिक्षक दिवस मनाने के तरीके

शिक्षक दिवस रोज के स्कूली दिनो से बिल्कुल अलग होता है। इस दिन शिक्षक छात्रों को पढ़ाते नही बल्कि की इस दिन वह आराम करते है और विद्यालय परिसर में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का आनंद लेते है।

  1. शिक्षको का किरदान निभाना

छात्रों द्वारा शिक्षको का वेश धारण करना शिक्षक दिवस के सबसे अहम भाग में से एक है। ज्यादेतर विद्यालयों में वरिष्ठ कक्षा के छात्र शिक्षको का वेश धारण करते है, इसमें जो बच्चे गणित में अच्छे होते है वह गणित शिक्षक का वेश धारण करते है। जो शिक्षक अंग्रेजी में अच्छे होते है वह अंग्रेजी के शिक्षको का वेष धारण करते है और अपने से नीचली कक्षाओं में जाते है और विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। इसके साथ कक्षा के दौरान वह कई सारी मनोरंजक गतिविधियों में भी भागीदार बनते है। शिक्षकों का किरदार निभाना छात्रों के लिए एक मजेदार अनुभव होता है। इसके साथ ही नीचले दर्जे के छात्रों के लिए यह दिन काफी मनोरंजक होता है, क्योंकि इस दिन उन्हे पढ़ाई नही करनी होती है, कुल मिलाकर देखे तो यह दिन सभी के लिए एक आनंददायी दिन होता है।

  1. पसंदीदा शिक्षको की तरह अभिनय करना

ना सिर्फ वरिष्ठ छात्र बल्कि कई विद्यालयों में निचले दर्जे के छात्रों को भी शिक्षकों के जगह पढ़ाने का अवसर मिलता है। उन्हे अपने पसंदीदा शिक्षकों की दो-तीन पंक्तियों को याद करने के लिए कहा जाता है और अपने शिक्षको के सामने वैसा ही बोलने के लिए कहा जाता है। वह छात्र जो बहुत ही अच्छे से यह कार्य पूरा करते है उन्हें विशेष पुरस्कार भी दिया जाता है। इस तरह के कार्य पूरे दिन को और भी मजेदार बना देते हैं।

  1. प्रदर्शन

विद्यालय की दूसरी पाली इस दिन मुख्यतः अन्य कई दूसरी गतिविधियों के लिए आरक्षित रहती है। इस दौरान शिक्षकों को विद्यालय के सभागार में बुलाया जाता है, जहा छात्रों द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते है। जिसमें नृत्य आयोजन, कविता पाठ, नाटक और फैंसी ड्रेस कंपटीशन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दौरान कुछ शिक्षक द्वारा भी इस अवसर पर गायन और नृत्य भी किया जाता है।

  1. खेल

इस अवसर पर म्यूजिकल चेयर, डंब चार्ड्स और पासिंग पार्सल जैसे खेल खेले जाते हैं। ज्यादेतर यह खेल शिक्षकों के साथ खेले जाते है और शिक्षको को पूरे उत्साह के साथ यह खेल खेलते हुए देख इस दिन का आनंद और भी बढ़ जाता है। शिक्षको और छात्रों के द्वारा एक साथ खेलने से उनके बीच का यह रिश्ता और भी मजबूत हो जाता हैं।

  1. तोहफे/उपहार

विद्यार्थी इस दिन अपने शिक्षकों का सम्मान करने के लिए उन्हें गुलदस्ते और कार्डस भेंट करते हैं। इसके अलावा जब छात्रों द्वारा कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद भाषण भी दिया जाता है। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा भी छात्रों को बेस्ट ड्रेस टीचर, मिस पोलाइट, मिस कूल आदि जैसे उपमाओं से नावाजा जाता है और इसके लिए उन्हे पुरस्कार भी दिया जाता है।

निष्कर्ष

शिक्षक दिवस वह दिन है जब हमें अपने दैनिक स्कूली जीवन से विश्राम मिलता है। छात्रों और शिक्षकों दोनो के लिए ही यह एक मनोरंजक दिन होता है और दोनो साथ मिलकर इस विशेष अवसर का खुब लुफ्त उठाते हैं।


 

शिक्षक के गुण, भूमिका और जिम्मेदारियों पर निबंध – 5 (600 शब्द)

प्रस्तावना

शिक्षकों का अपने छात्रों के जीवन के जीवन में एक खास प्रभाव होता है। एक शिक्षक वह होता है, जो अपने छात्रों के भविष्य को सवारता है और उन्हें एक आत्मविश्वासी इंसान बनाता है, दूसरे शब्दों में कहें तो एक शिक्षक वह होता है जो हर परिस्थिति में छात्रों को प्रेरित करने का कार्य करता है। इसी तरह एक शिक्षक अपने छात्रों में अनुशासन भी पैदा करता है अगर एक शिक्षक गंभीर नही होगा तो उसके छात्र भी वैसे ही लापरवाह बन जायेंगे।

शिक्षकों के छात्रों के पढ़ाने के लिए कुछ गुणों का होना बहुत ही आवश्यक है। उन्हे अपने जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाना बखुबी आना चाहिए।

शिक्षक के गुण

यहा शिक्षक के कुछ गुणों के विषय में बताया गया है जो उनमें अवश्य होनी चाहिएः

  • आकर्षक व्यक्तित्व

एक शिक्षक के अंदर आकर्षक और मनोहर व्यक्तित्व का होना बहुत ही आवश्यक है। यह पहला और सबसे जरुरी गुण है जो एक शिक्षक के अंदर होना चाहिए। छात्रों के साथ अच्छा संबध बनाने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है क्योंकि छात्र मदद के लिए हमेशा किसी सकरात्मक और प्रभावी व्यक्ति की तलाश करते हैं।

  • अनुशासन

एक शिक्षक का अनुशासी होना बहुत आवश्यक है। उसे समय पर विद्यालय आना चाहिए, तथा हर कार्य को समय पर पूरा करना चाहिए। जब एक शिक्षक के अंदर अनुशासन होगा, तो वह अपने छात्रों को भी यह अनुशासन प्रदान कर पायेगा।

  • छात्रों को संभालने का कौशल

यह एक दूसरा सबसे जरुरी गुण है, जो एक शिक्षक के भीतर होना चाहिए। एक शिक्षक को यह पता होना चाहिए कि छात्रों को कैसा संभाला जाता है। उसका कठोर होने के साथ ही शांत होना भी आवश्यक है। इसके साथ ही एक शिक्षक का धैर्यवान होना भी जरुरी है, जिससे वह अपने छात्रों की बाते सुन सके और इस तरीके से यह गुण बहुत ही आवश्यक है।

  • अपने विषय पर अच्छी पकड़

यह भी शिक्षकों के आवश्यक गुणों में से एक है कि उसे अपने विषय की पूरी जानकरी हो। एक शिक्षक का उसके विषय पर अच्छी पकड़ का होना बहुत आवश्यक है, ताकि वह तुरंत अपने छात्रों के सवालो का जवाब दे सके।

  • अच्छा शिक्षण कौशल

एक शिक्षक के पास सिर्फ अपने विषय का ज्ञान ही नही होना चाहिए बल्कि की उसे यह भी पता होना चाहिए की अपने छात्रों को इसे अच्छे से कैसे समझायें। इसलिए एक शिक्षक के अंदर शिक्षण कौशल का होना बहुत ही आवश्यक है।

  • अच्छा प्रबंधन कौशल

एक शिक्षक के अंदर अच्छे प्रबंधन कौशल का होना भी बहुत आवश्यक है, ताकि वह एक साथ कई कार्यों को सभांल सके।

एक शिक्षक की भूमिका और जिम्मेदारियां

  • बच्चों को शिक्षा प्रदान करना

एक शिक्षक की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने छात्रों को काफी सावधानी से पढाये ताकि वह एक अच्छे इंसान के रुप में बड़े हो और अपने क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन कर सके।

  • अनुशासन उत्पन्न करना

एक शिक्षक को आवश्यक रुप से अपने छात्रों में अनुशासन उत्पन्न करना चाहिए। अनुशासन बहुत ही ज्यादे आवश्यक है, जो छात्र इसे सीख जाते हैं वह हमेशा ही अच्छा प्रदर्शन करते हैं। यह एक ऐसा गुण है जिसे शिक्षकों को हर छात्र के भीतर पैदा करना चाहिए।

  • छात्रों की दिलचस्पी और क्षमता को पहचानना

एक शिक्षक को यह बात आवश्यक रुप से समझनी चाहिए की हर बच्चा दूसरे से अलग होता है और एक शिक्षक की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षमता को पहचाने तथा उन्हे उनके उन विषयो और कौशल को निखारने के लिए प्रोत्साहित करे, जिसमें कि वह और भी अच्छा कर सकते हैं।

  • छात्रों को प्रेरित करना

शिक्षकों को छात्रों को एक प्रेरित करने वाले बल के रुप में कार्य करना चाहिए। उन्हें छात्रों को समय-समय पर प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रकार के तरीके अपनाने चाहिए।

  • पूर्ण रुप से भाग लेना

एक शिक्षक को इस बात का ख्याल रखना चाहिए की वह पूरे कक्षा के बच्चों के साथ घुले-मिले। उसे अपने हर छात्र को समान अवसर प्रदान करना चाहिए और सिर्फ कुछ बच्चों को आगे बढ़ाने के जगह, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी बच्चे विभिन्न प्रकार के स्कूली गतिविधियों में हिस्सा ले, जिससे की उनका समग्र विकास हो सके।

निष्कर्ष

शिक्षक एक देश के भविष्य निर्माण का कार्य करते हैं। उनका चयन बहुत ही सावधानी से होना चाहिए। विद्यालय चाहे बड़ा हो या छोटा पर सदैव इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि जो उम्मीदवार शिक्षक के पद के लिए चयनित किए जा रहे वह इसके मापदंडो पर खरे उतरते हों। एक शिक्षक को अनुशासित, परिश्रमी और केंद्रित होना चाहिए। अपने विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ होनी चाहिए और इसके साथ ही उनके अंदर अच्छा शिक्षण कौशल होना चाहिए। इसके अलावा उनके अंदर आकर्षक व्यक्तित्व का होना आवश्यक है और उन्हे इस बात का पता होना चाहिए की कक्षा के दौरान छात्रों से कैसे घुले-मिले जिससे की एक शिक्षक के रुप में वह अपने दायित्व को अच्छे से निभा सके।

 

 

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