विश्व रक्त दाता दिवस

विश्व रक्त दाता दिवस 2018

विश्व रक्त दाता दिवस 2018 पूरे विश्वभर के लोगों द्वारा 14 जून, गुरुवार को मनाया जायेगा।

विश्व रक्त दाता दिवस का इतिहास

14 जून को पूरे विश्व के बहुत सारे देशों में लोगों के द्वारा हर वर्ष विश्व रक्त दाता दिवस मनाया जाता है। इसे हर वर्ष 14 जून को 1868 में पैदा हुए कार्ल लैंडस्टेनर के जन्मदिन पर मनाया जाता है। स्वस्थ व्यक्ति के द्वारा स्वेच्छा से और बिना पैसे के सुरक्षित रक्त दाता (इसके उत्पाद सहित) की जरुरत के बारे में लोगों की जागरुकता बढ़ाने के लक्ष्य से वर्ष 2004 में पहली बार इस कार्यक्रम को मनाने की शुरुआत की गयी थी। रक्त दाता इस दिन एक मुख्य भूमिका में होता है क्योंकि वो जरुरतमंद व्यक्ति को जीवन बचाने वाला रक्त दान करते हैं।

वर्ष 2004 में “विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस संघ तथा रेड क्रिसेंट समाज” के द्वारा 14 जून को वार्षिक तौर पर मनाने के लिये पहली बार इसकी शुरुआत और स्थापना हुयी। पर्याप्त रक्त आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिये सुरक्षित और बिना भुगतान वाले रक्त दाता, स्वेच्छा से रक्त-दान देने वाले को बढ़ावा देने, अपने बहुमूल्य कदम के लिये रक्त-दान करने वाले को धन्यवाद कहने के लिये पूरे विश्व के सभी देशों को प्रोत्साहित करने के लिये 58वें विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन में 2005 में मई महीने में इसके 192 सदस्य राज्यों के साथ डबल्यूएचओ के द्वारा विश्व रक्त दाता दिवस की आधिकारिक रुप से स्थापना की गयी थी।

कार्ल लैंडस्टेनर (एक महान वैज्ञानिक जिन्होंने एबीओ रक्त समूह तंत्र के अपने महान खोज के लिये नोबल पुरस्कार प्राप्त किया है) के जन्मदिवस को याद करने के लिये साथ ही साथ राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर इसको मनाने के लिये सभी रक्त दाताओं को एक अनमोल मौका प्रदान करने के लिये विश्व रक्त दाता दिवस लाता है।

विश्व रक्त दाता दिवस

विश्व रक्त दाता दिवस क्यों मनाया जाता है

पूरी दुनिया में कहीं भी जरुरतमंद व्यक्ति के लिये रक्त-आधान और रक्त उत्पाद आधान की जरुरत को पूरा करने के लिये विश्व रक्त दाता दिवस मनाया जाता है। ये अभियान हर साल लाखों लोगों की जान बचाता है और रक्त प्राप्त करने वाले व्यक्ति के चेहरे पर एक प्राकृतिक मुस्कुराहट देता है। रक्त-आधान लंबे और गुणवत्तापूर्ण जीवन जीने के लिये उन्हें प्रेरित करता है और कई प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी जीवन से जुड़े खतरों से पीड़ित मरीज को मदद प्रदान करता है। ये पूरे विश्वभर में ढ़ेर सारी जटिल मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रिया को सुलझा देता है। गर्भावस्था से पहले और बाद के दौरान महिलाओं का ध्यान रखने के लिये ये अभियान एक बड़ी जीवन बचाने वाली भूमिका निभाता है।

“अपने राष्ट्रीय रक्त सेवा, फ्रैंकाइस डू सैंग (इएफएस)” के माध्यम से फ्रांस के द्वारा विश्व रक्त दाता दिवस 2013 को मनाया गया था। फ्रांस 1950 से ही स्वैच्छिक और बिना भुगतान वाले रक्त-दान के प्रचार के कार्य में शामिल था। वर्ष 2013 के उत्सव का नारा था “जीवन को उपहार दो: रक्त-दान करें” जब मरीजों के लिये रक्त-दान के मूल्यों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए इसने अपने 10वें वर्षगाँठ की घोषणा की थी।

दान दिये गये रक्त का इस्तेमाल गंभीर रुप से रक्त की कमी से जूझ रही महिला, बच्चे, दुर्घटना के दौरान अत्यधिक खून बह जाने के बाद पीड़ीत को, सर्जिकल मरीज को, कैंसर पीड़ीत को, थैलेस्सेमिया मरीज को, हिमोफिलीया से पीड़ीत लोग, लाल खून की कोशिका की कमी, खून की गड़बड़ी, खून का थक्के की गड़बड़ी से जूझ रहे लोगों को दिया जाता है।

उचित दान के लिये पर्याप्त रक्त के प्रबंधन के दौरान बहुत सारे जीवन के खतरों की चुनौतियों का सामना एक पर्याप्त रक्त आपूर्ति से रहित जगह करती है। खून की पर्याप्त आपूर्ति और इसके उत्पादों को स्व-प्रेरित, बिना भुगतान वाले और स्वैच्छिक रक्त दाताओं के द्वारा नियमित और सुरक्षित दान के द्वारा ही केवल पूरा किया जा सकता है।

 

विश्व रक्त दाता दिवस के कुछ उद्देश्यों को यहाँ नीचे दिया गया है:

  • 2020 तक पूरी दुनिया के स्वैच्छिक और बिना भुगतान वाले रक्त दाता से पर्याप्त रक्त आपूर्ति को प्राप्त करने का लक्ष्य विश्व स्वास्थ्य संगठन का है।
  • आँकड़ों के अनुसार, ये ध्यान देने योग्य है कि स्वैच्छिक और बिना भुगतान वाले रक्त दाताओं से पर्याप्त रक्त आपूर्ति केवल 62 देश ही प्राप्त कर रहें हैं जबकि 40 देश अभी भी मरीज के पारिवारिक सदस्य या पैसे से दान देने वालों पर खून देने के लिये निर्भर है। पूरे विश्व के बचे हुए देशों में स्वैच्छिक रक्त दाताओं को प्रोत्साहित करने के लिये इसे मनाया जाता है।
  • रक्त प्राप्तकर्ता के लिये रक्त दान क्रिया को एक अनमोल उपहार और नया जीवन पाना है।
  • लोगों की कहानियों को सभी देशों में दर्शाने के साथ बहुत सारी गतिविधियों को आयोजित करने के द्वारा डबल्यूएचओ ये अभियान चलाता है जिसे अपने दिल की धड़कन को जारी रखने के लिये तुरंत रक्त दान की जरुरत होती है।
  • पूरे विश्वभर में लाखों जीवन बचाने के लिये स्वैच्छिक और बिना भुगतान वाले रक्त दाताओं को धन्यवाद कहने के लिये इसे मनाया जाता है।
  • पूरे विश्वभर में 100% स्वैच्छिक और बिना भुगतान वाले रक्त दाताओं की जरुरत को पूरा करने के लिये इसे मनाया जाता है।
  • माताओं और बच्चों के जीवन को बचाने के लिये सुरक्षित रक्त दान के लिये रक्त दान करने वालों को प्रेरित करने के लिये इसे मनाया जाता है।
  • अपर्याप्त रक्त की आपूर्ति के कारण मृत्यु-दर को कम करने के लिये इसे मनाया जाता है। लगभग 800 महिलाएँ की कुपोषण गर्भावस्था, बच्चे के जन्म से संबंधित जटिलताओं, बच्चे के जन्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्त्राव आदि के कारण मौत हो जाती है।
  • रक्त आधाव सेवाओं को मजबूत करने के लिये शिक्षण कार्यक्रम और अभियानों के द्वारा स्वैच्छिक रक्त दाताओं को प्रोत्साहित करना।

विश्व रक्त दाता दिवस कैसे मनाया जाता है

पूरे विश्वभर में रक्त दान के महत्व के साथ ही साथ सुरक्षित रक्त आधान की जरुरत के लिये लोगों को जागरुक बनाने के लिये हर वर्ष विश्व रक्त दाता दिवस को मनाया जाता है। इसे मनाने के लिये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ढ़ेर सारी क्रिया-कलाप और कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।

स्वास्थ्य देख-भाल संगठन जैसे “विश्व स्वास्थ्य संगठन, रेड क्रॉस अंतरराष्ट्रीय संघ और रेड क्रीसेंट समाज (आईएफआरसी), रक्त दाता संगठन का अंतरराष्ट्रीय संघ (आईएफबीडीओ) और रक्त आधान का अंतरराष्ट्रीय समाज (आईएसबीटी)” वैश्विक स्तर पर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिये तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिये एक-साथ काम करती हैं।

 

बहुत वर्षों से यूरोप के परिषद के द्वारा अभियान को मनाने की तैयारी की जाती है। पूरे विश्वभर में लगभग 92 मिलियन लोगों के द्वारा रक्त दान करने के बावजूद सुरक्षित रक्त आधान की जरुरत दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। सार्वजनिक स्थलों, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों में क्रिया-कलापों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन, सभा, परिचर्चा, बहस, प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता, समाचार पत्रों में संबंधित लेखों और कहानियों का प्रकाशन, वैज्ञानिक सम्मेलन, पूरे विश्वभर में लेखों का प्रकाशन, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल, खेल क्रिया-कलाप और दूसरी विज्ञापन-संबंधी गतिविधियाँ शामिल रहती हैं।

 

विश्व रक्त दाता दिवस की थीम

  • वर्ष 2018 में विश्व रक्त दाता दिवस के लिए थीम "रक्त हमें सभी से जोड़ता है" था।
  • वर्ष 2017 में विश्व रक्त दाता दिवस के लिए थीम "रक्त देना, अभी देना ,अक्सर देना" था।
  • वर्ष 2016 में विश्व रक्त दाता दिवस के लिए थीम "रक्त हमें सभी से जोड़ता है" था।
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2015 का थीम है “मेरा जीवन बचाने के लिये धन्यवाद।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2014 का थीम था “माताओं को बचाने के लिये रक्त बचायें।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2013 का थीम था “जीवन का उपहार दें:रक्त-दान करें।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2012 का थीम था “हर खून देने वाला इंसान हीरो होता है।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2011 का थीम था “अधिक रक्त, अधिक जीवन।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2010 का थीम था “विश्व के लिये नया रक्त।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2009 का थीम था “रक्त और रक्त के भागों का 100% गैर-वैतनिक दान को प्राप्त करना।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2008 का थीम था “नियमित रक्त दें।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2007 का थीम था “सुरक्षित मातृत्व के लिये सुरक्षित रक्त।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2006 का थीम था “सुरक्षित रक्त के लिये विश्वव्यापी पहुँच को सुनिश्चित करने के लिये प्रतिबद्धता।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2005 का थीम था “रक्त के आपके उपहार को मनायें।”
  • विश्व रक्त दाता दिवस 2004 का थीम था “रक्त जीवन बचाता है। मेरे साथ रक्त बचाने की शुरुआत करें।”

विश्व रक्त दाता दिवस पर कथन

  • “मैं 1980 से ही रक्त दान करने में शामिल हूँ क्योंकि इसकी नाजुक जरुरत है।”-डोन्ना रीड
  • “रक्त दाताओं के लिये मेरा जीवन आभारी है। मैं सदा उनका आभारी रहूँगा जिन्होंने मुझे खून दिया।”- निकी टेलर
  • “अधिक रक्त दाताओं की जरुरत के बारे में शब्द को फैलाना मेरा लक्ष्य है।”- निकी टेलर