बाल अधिकार पर स्लोगन (नारा)

बच्चो के जरुरी अधिकारो को बाल अधिकार का नाम दिया गया है, हम कह सकते है एक तरह से यह उनके मानव अधिकार के समान है। जिसके अंतर्गत उन्हे जीवन जीने का हक, पोषण की व्यवस्था, लिंग की समानता, विकास का अधिकार और शिक्षा की अनिवार्यता आदि आते है। यह कुछ ऐसी मूलभूत सुविधाएं है जो हर बच्चे के लिए आवश्यक है।

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बाल अधिकार पर नारा (Slogans on Child Rights in Hindi)

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Unique and Catchy Slogans on Child Rights in Hindi Language

 

शिक्षा और अपनों का प्यार, यही है बच्चो का अधिकार।

 

बाल अधिकार पर विचार करें, बच्चों का जीवन खुशियों से भरें।

 

बाल अधिकार बहुत जरुरी है, यह देश के विकास की धुरी है।

 

देश का बेहतर विकास होगा, जब बाल अधिकार हर बच्चे के पास होगा।

 

बाल अधिकार का है ये नारा, शिक्षित हो हर बच्चा हमारा।

 

सब बच्चो को अधिकार एक सामान, बाल अधिकार इसी का नाम।

 

बचपन न जाने दें बेकार, बच्चो को दें बाल अधिकार।

 

देश के लिए बेहतर कल, बाल अधिकार है एकमात्र हल।

 

सारे बच्चे एक समान, हमको रखना है ये ध्यान।

 

बच्चों से मिलती हैं खुशियां अपार, उनको दें हम बाल अधिकार।

 

 

बच्चों के जीवन में ना करो अधियारा, पढ़ा लिखा कर बनाओ इनका जीवन न्यारा।

 

बाल मजदूरी एक पाप है, बच्चो के लिए एक अभिशाप है।

 

मेरे जीवन का यही सपना, बाल मजदूरी मुक्त बने भारत अपना।

 

जब हर बच्चा पढ़ेगा, तभी तो जीवन में आगे बढ़ेगा।

 

इन नन्हे हाथो में तुम कलम थमाओं, ना कि इनसे मजदूरी करवाओं।

 

हर बच्चे का यह अधिकार, पढाई-लिखाई और माँ-बाप का प्यार।

 

भारत माता शर्मिंदा है, भारत में बाल मजदूरी की प्रथा अभी जिंदा है।

 

बाल मजदूरी पाप है, भारत के लिए अभिशाप है।

 

बाल मजदूरी पाप है, भारत के लिए श्राप है।

 

देख कर यह मन रोता है, जब कोई बच्चा पढ़ने-लिखने की उम्र में सड़क पर मैला ढोता है।

 

 

भारत की स्वंत्रता का सपना साकार होगा, जब हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिलेगा।

 

उनकी मजबूरी का ना तुम फायदा उठाओ, जो ये काम करने वाले छोटू होते है ना इन्हे पढ़ा-लिखाकर बड़ा बनाओ।

 

देश की साख पर बट्टा ना लगाओ, छोटे-छोटे बच्चों से मजदूरी ना करवाओ।

 

शिक्षा पोषण और प्यार, हर बच्चे का है अधिकार।

 

बच्चो के हाथो में कलम थमाओ, ना कि इन हाथो से भीख मंगवाओ।

 

इनके बचपन को ना बनाओ अभिशाप, बाल मजदूरी करवाकर ना करो तुम पाप।

 

हम दो हमारे दो का पालन करो, पढ़ा-लिखाकर इनके जीवन में शिक्षा का रंग भरो।

 

बाल मजदूरी को रोकना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि देश का विकास तभी संभव है, जब देश के बच्चे साक्षर हो।

 

बाल मजदूरी पर वार करो, शिक्षित भारत का सपना साकार करो।

 

बेटे-बेटी में ना भेदभाव करो, दोनो को पढ़ा लिखाकर इनके सपने पूरे करो।

 

बाल मजदूरी एक बच्चे के जीवन की हत्या करने के समान है।

 

बाल मजदूरी रोकना हमारा संकल्प, बाल अधिकारो को सुनिश्चित करने का ये है विकल्प।

 

चार बच्चे पैदा करके मजदूरी ना करवाओ, हम दो हमारे दो का पाठ अपनाकर उन्हें पढ़ाओ-लिखाओ।

 

दुनियां में लाओ नया उजियारा, बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बनाओ यह संसार न्यारा।

 

देश लिखेगा तरक्की का नया अध्याय, जब होगा बच्चों के अधिकारो को पूरा करने का उपाय।

 

यदि बाल मजदूरी को रोका नही गया, तो देश का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा।

 

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