योग पर स्लोगन (नारा)

वैसे तो योग की परिभाषा बहुत विस्तृत है पर यदि साधरण शब्दों में कहा जाये तो योग कई प्रकार के शारीरिक और ध्यान मुद्राओं का संग्लन है। इसके साथ ही हम यह भी कह सकते हैं कि योग एक प्रकार की आध्यात्मिक प्रक्रिया है जो मुख्यतः हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मावलम्बियों द्वारा आत्मा और शरीर को एक करने के लिए उपयोग की जाती है। भारत में प्राचीनकाल से ही योग को एक विशेष महत्व प्राप्त है, इसे मन को शांत और स्थिर रखने में सहायक माना जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी नियमित योग करने वाले लोगों में इसके कई लाभ देखे गये हैं यहीं कारण है कि वर्तमान में योग को लोगों के मध्य इतनी लोकप्रियता प्राप्त है।

ऐसे कई अवसर आते हैं जब आपको योग से जुड़े भाषणों, निबंधो या स्लोगन की आवश्यकता होती है। यदि आपको भी योग से जुड़े ऐसे ही सामग्रियों की आवश्यकता है तो परेशान मत होइये हम आपकी मदद करेंगे। हमारे वेबसाइट पर योग से जुड़ी तमाम तरह की सामग्रियां उपलब्ध हैं, जिनका आप अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकते हैं।

योग पर नारा (Slogans on Yoga in Hindi)

हमारे वेबसाइट पर योग के विषय पर विशेष रुप से तैयार किए गये कई सारे स्लोगन उपलब्ध हैं जिनका उपयोग आप अपने भाषणों या अन्य कार्यों के लिए अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकते हैं। ऐसे ही अन्य सामग्रियों के लिए भी आप हमारे वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं।

Unique and Catchy Slogans on Yoga in Hindi Language

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योग अपनाईये आत्मशक्ति जगाइये।

 

योग को अपनाओ, रोगों को दूर भगाओ।

 

जन-जन में जगाओ योग की ललक, जिससे बदले देशभर में स्वास्थ्य की झलक।

 

योग को अपनाने का लो संकल्प, स्वस्थ्य रहने का यही है विकल्प।

 

योग है जीवन जीने का ज्ञान, जिसके आगे नतमस्तक है विज्ञान।

 

योग डालता है शरीर में नये प्राण, इसे अपनाकर करों नवयुग का निर्माण।

 

 

योग है स्वस्थ्य जीवन का मूल, इसे ना अपनाने की ना करना भूल।

 

योग के प्रचार-प्रसार के लिये करो संघर्ष, इसके प्रचार द्वारा जीवन में मिलेगा नया उत्कर्ष।

 

आओ मिलकर करें योग का प्रचार-प्रसार, इसके किर्ती द्वारा मिलेगी सबको खुशियां अपार।

 

योग लायेगा स्वस्थ का राज, इसे धारण करने से स्वस्थ बनेगा समाज।

 

योग द्वारा सजाओ जीवन में नये रंग, इसे अपनाकर पाओ नया उमंग।

 

स्वस्थ्य जीवन के लिए करो योग का चुनाव, जीवन में स्वास्थ्य से करो लगाव।

 

योग को जीवन में बनाओ अनिवार्य, इसे करने के बाद ही करो सारे कार्य।

 

योग है अनिवार्य, इसके बिना सब है बेकार।

 

योग है जीवन का सार, इसके बिना सब है बेकार।

 

 

यह जो नित्य फैल रहे है नये रोग, इनका कारण है योग कला का होना लोप।

 

हमें समझना होगा योग का भाव, यह पैदा करता है हमारे व्यक्तित्व में समभाव।

 

योग द्वारा जीवन को बनाओ पूर्ण, स्वस्थ शरीर द्वारा ही होगा व्यक्तित्व परिपूर्ण।

 

योग को अपनाकर जीवन में पाओ खुशियां अपार, स्वस्थ्य जीवन के सपने को करो साकार।

 

योग मनुष्य को स्वस्थ्य रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

योग द्वारा एक व्यक्ति का संपूर्ण मानसिक और शारीरिक विकास बहुत ही आसानी से हो पाता है।

 

भारत में जन्म लेने के कारण यह हमारा दायित्व है कि हम योग के प्रचार-प्रसार में अधिक से अधिक हिस्सा ले।

 

योग द्वारा समझो जीवन का असली अर्थ, इसे अपनाकर बनो शारीरिक रुप से समर्थ।

 

आओ मिलकर करे योग विद्या के किर्ती का विस्तार, साथ मिलकर करे इसका प्रचार।