योग पर निबंध

नियमित योग करने वाले व्यक्तियों के लिए योग एक बहुत ही अच्छा अभ्यास है। यह स्वस्थ जीवन शैली तथा बेहतर जीवन जीने में हमारी काफी सहायता करता है। हमें अपने बच्चों को योग के लाभों को बताने के साथ ही उन्हें योग का नियमित अभ्यास भी कराना चाहिए। योग पर निबंध एक सामान्य विषय है, जो विद्यार्थियों को निबंध लेखन प्रतियोगिता के दौरान निबंध लिखने के लिए दिया जा सकता है। इसके साथ ही कई बार परीक्षाओं तथा विद्यालयों में भी योग पर निबंध लिखने का कार्य दिया जाता है। योग के इसी महत्व को ध्यान में रखते हुए हमनें इन निबंधों को तैयार किया है।

योग पर बड़े तथा छोटे निबंध (Long and Short Essay on Yoga in Hindi)

You can get below some essays on Yoga in Hindi language for students in 100, 200, 250, 300, 450 and 600 words.

योग पर दिये गये इन निबंधों का आप अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकते हैं। हमारे द्वारा योग के विषय पर तैयार किये गये यह निबंध काफी सरल तथा ज्ञानवर्धक है। इन निबंधों के माध्यम से हमने योग क्या है? योग कैसे करें? योग क्यों आवश्यक है? योग का उद्देश्य क्या है? योग का महत्व क्या है? योग की परिभाषा क्या है? आदि जैसे विषयों पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है।

योग पर निबंध 1 (100 शब्द)

21 जून 2015 को पूरे विश्व भर में पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस काफी धूमधाम से मनाया गया। योग एक प्राचीन कला है जिसकी उत्पत्ति भारत में लगभग 6000 साल पहले हुई थी। पहले समय में, लोग अपने दैनिक जीवन में योग और ध्यान, पूरे जीवन भर स्वस्थ और ताकतवर बने रहने के लिए किया करते थे। फिर भी, इस भीड़ वाले व्यस्त वातावरण में योग करना दिन प्रति दिन कम होता जा रहा है। योग बहुत ही सुरक्षित क्रिया है और किसी के भी द्वारा किसी भी समय की जा सकती है, यहाँ तक कि इससे बच्चे भी लाभ ले सकते हैं।

योग वह क्रिया है, जिसके अन्तर्गत शरीर के विभिन्न भागों को एक साथ लाकर शरीर, मस्तिष्क और आत्मा को सन्तुलित करने का कार्य किया जाता है। पहले समय में योग का अभ्यास ध्यान की क्रिया के साथ किया जाता था। योग सांस लेने के अभ्यास और शारीरिक क्रियाओं का जोड़ है। योग व्यवस्थित, वैज्ञानिक और परिणाम दोनों शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के सुधारों द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।

योग

योग पर निबंध 2 (200 शब्द)

प्रस्तावना

योग शरीर और मस्तिष्क को एक साथ सन्तुलित करके प्रकृति से जुड़ने का सबसे सुरक्षित माध्यम है। यह व्यायाम का एक प्रकार है, जिसमें शरीर के संतुलन और आहार, सांस की क्रिया के साथ ही शारीरिक आकृति को भी नियंत्रित करना भी काफी आवश्यक है। यह शरीर और मस्तिष्क को ध्यान से जोड़ता है और जिसके माध्यम से शरीर को आराम मिलता है। यह शरीर और मस्तिष्क के ऊपर नियंत्रण रखने के साथ ही तनाव और चिन्ता को कम करके शरीर और मस्तिष्क के अच्छे स्वास्थ्य को बनाये रखने में भी मदद करता है।

योग का महत्व

योग किसी के भी द्वारा विशेष रुप से किशोरों और वयस्कों द्वारा जीवन के लिए आवश्यक सक्रियता के लिए दैनिक आधार पर व्यायाम के रुप में किया जा सकता है। यह जीवन के कठिन समय, स्कूल, मित्र, परिवार और पड़ोसियों के दबाव को कम करने में मदद करता है। योग के माध्यम से एक व्यक्ति दूसरों के द्वारा दी जाने वाली समस्याओं और तनावों को गायब कर सकता है। यह शरीर, मस्तिष्क और प्रकृति के बीच में आसानी से संपर्क स्थापित करने में हमारी सहायता करता है।

निष्कर्ष

रोज सुबह उठकर योग करने से हमारे शरीर को कई प्रकार के लाभ मिलतें है, खुले हवां में योग करने से हमें स्वच्छ वायु मिलती है और हम स्वस्थ भी रहते हैं। योग के अभ्यास से हमारा मन शीतल हो जाता है और हमारे अंदर की सारी नकारात्मक ऊर्जा भी खत्म हो जाती।

 

योग पर निबंध 3 (250 शब्द)

प्रस्तावना

हम सभी के जीवन में योग काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह शरीर तथा मस्तिष्क के संबंधों में सन्तुलन बनाने में हमारी काफी सहायता करता है। यह एक प्राकर का व्यायाम है, इसके नियमित अभ्यास के द्वारा हम शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ रह सकते हैं। योग कला की उत्पत्ति प्रचीन भारत में हुई थी। पहले के समय में बौद्ध तथा हिन्दू धर्म से जुड़े लोग योग और ध्यान का प्रयोग करते थे। योग कई प्रकार के होते हैं  जैसे- राज योग, जन योग, भक्ति योग, कर्म योग, हस्त योग। आमतौर पर हस्त योग के अन्तर्गत बहुत से आसनों का भारत में अभ्यास किया जाता है।

अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस

अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस की घोषणा (संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा में) 21 जून को भारत की पहल और सुझाव के बाद की गयी थी। योग में विभिन्न प्रकार के प्राणायाम और कपाल-भाँति जैसी योग क्रियाएं शामिल हैं, जो सबसे ज्यादा प्रभावी सांस की क्रियाएं हैं। इनका नियमित अभ्यास करने से लोगों को सांस संबंधी समस्याओं और उच्च व निम्न रक्तदाब जैसी बीमारियों में आराम मिलता है। योग वो इलाज है, यदि इसका प्रतिदिन नियमित रुप से अभ्यास किया जाए, तो यह बीमारियों से धीरे-धीरे छुटकारा पाने में काफी सहायता करता है। यह हमारे शरीर में कई सारे सकारात्मक बदलाव लाता है और शरीर के अंगों की प्रक्रियाओं को भी नियमित करता है। विशेष प्रकार के योग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किए जाते हैं, इसलिए केवल आवश्यक और बताये गए योगों का ही अभ्यास करना चाहिए।

निष्कर्ष

हमारे देश भारत में भी योग अब बहुत प्रचलित हो गया है। योग करके हम अपने शरीर की अनेक बीमारियों को दूर कर सकते है। यह बीमारियाँ ही नहीं ठीक करता बल्कि यादाश्त, अवसाद, चिंता, डिप्रेशन, मोटापा, मनोविकारों को भी दूर भगाता है। योग से अनेक लाभ भी है। शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ाने का योग से अच्छा कोई और तरीका नहीं हो सकता है।


 

योग पर निबंध 4 (300 शब्द)

प्रस्तावना

योग की उत्पत्ति प्राचीन समय में, योगियों द्वारा भारत में की गई थी। योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द से हुई है, जिसके दो अर्थ हैं। एक अर्थ है जोड़ना और दूसरा अर्थ है अनुशासन। योग का अभ्यास हमें शरीर और मस्तिष्क के जुड़ाव द्वारा शरीर और मस्तिष्क के अनुशासन को सिखाता है। यह एक आध्यात्मिक अभ्यास है, जो शरीर और मस्तिष्क के संतुलन के साथ ही प्रकृति के करीब आने के लिए ध्यान के माध्यम से किया जाता है। यह पहले समय में, हिन्दू, बौद्ध और जैन धर्म के लोगों द्वारा किया जाता था। यह व्यायाम का ही एक अद्भुत प्रकार है, जो शरीर और मन को नियंत्रित करके जीवन को बेहतर बनाता है। योग हमेशा स्वस्थ जीवन जीने का एक विज्ञान है। यह एक दवा की तरह है, जो हमारे शरीर के अंगों के कार्यों करने के ढंग को नियमित करके हमें विभिन्न बीमारियों से बचाने का कार्य करता है।

 

आंतरिक शांति

योग हमारे शरीर में शांति बढ़ाने और हमारे सभी तनाव तथा समस्याओं मुक्ति दिलाने का कार्य करता है। योग और इसके लाभों के बारे में दुनिया भर के लोगों को जागरूक करने के लिए वार्षिक रुप से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस) कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसका अभ्यास लोगों के द्वारा किसी भी आयु में किया जा सकता है जैसे बचपन, किशोरावस्था, वयस्क या वृद्धावस्था। इसके लिए नियंत्रित तरीके से सांस लेने के साथ सुरक्षित, धीमे और नियंत्रित शारीरिक गतिविधियों की भी आवश्यकता होती है। वयस्कों और बच्चों की तुलना में वयस्कों की आयु में सबसे ज्यादा समस्याएं हैं। योग करने से शरीर में शांति का स्तर बढ़ जाता है जिसके कारण हमारे अंदर आत्मविश्वास भी जागृत होता है।

निष्कर्ष

वास्तव में योग वह क्रिया है, जो शरीर के अंगों की गतिविधियों और सांसों को नियंत्रित करता है। यह शरीर और मन, दोनों को प्रकृति से जोड़कर आन्तरिक और बाहरी ताकत को बढ़ावा देने का कार्य करता है। विभिन्न प्रकार के योग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किए जाते हैं, इसलिए केवल आवश्यक और सुझाये गए योगों का ही अभ्यास करना चाहिए। यह केवल एक शारीरिक क्रिया ही नहीं है, क्योंकि यह एक मनुष्य को मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक विचारों पर नियंत्रण करने के योग्य भी बनाता है।


 

योग पर निबंध 5 (450 शब्द)

प्रस्तावना

योग प्राचीन समय से मनुष्य को प्रकृति द्वारा दिया गया बहुत ही महत्वपूर्ण और अनमोल उपहार है, जो जीवन भर मनुष्य को प्रकृति के साथ जोड़कर रखता है। यह शरीर और मस्तिष्क के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए, इन दोनों को संयुक्त करने का सबसे अच्छा अभ्यास है। यह एक व्यक्ति को सभी आयामों पर, जैसे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक स्तर पर नियंत्रण के द्वारा उच्च स्तर की संवेदनशीलता प्रदान करता है। स्कूल और कालेज में विद्यार्थियों की बेहतरी के साथ ही पढ़ाई पर उनकी एकाग्रता को बढ़ाने के लिए भी योग के दैनिक अभ्यास को बढ़ावा दिया जाता है। यह लोगों द्वारा किया जाने वाला व्यवस्थित प्रयास है, जो पूरे शरीर में उपस्थित सभी अलग-अलग प्राकृतिक तत्वों के अस्तित्व पर नियंत्रण करके व्यक्तित्व में सुधार लाने के लिए किया जाता है।

दैनिक जीवन में योग

योग के सभी आसनों से लाभ प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और नियमित अभ्यास की आवश्यकता है। योग का अभ्यास आन्तरिक ऊर्जा को नियंत्रित करने के द्वारा शरीर और मस्तिष्क में आत्म-विकास के माध्यम से आत्मिक प्रगति को लाना है। योग के दौरान श्वसन क्रिया में ऑक्सीजन लेना और छोड़ना सबसे मुख्य वस्तु है। दैनिक जीवन में योग का अभ्यास करना हमें बहुत सी बीमारियों से बचाने के साथ ही कई सारी भयानक बीमारियों जैसे- कैंसर, मधुमेह (डायबिटीज़), उच्च व निम्न रक्त दाब, हृदय रोग, किडनी का खराब होना, लीवर का खराब होना, गले की समस्याओं तथा अन्य बहुत सी मानसिक बीमारियों से भी हमारी रक्षा करता है।

स्वस्थ

एक स्वस्थ व्यक्ति अपने जीवन में बहुत लाभ कमा सकता है और स्वस्थ्यपूर्ण जीवन जीने के लिए नियमित योग बहुत ही आवश्यक है। आज के आधुनिक जीवन में तनाव काफी बढ़ चुका है और आस-पास का पर्यावरण भी स्वच्छ नहीं है। बड़े शहरों में रहने वाले लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बेहतर स्वस्थ का मतलब होता है बेहतर जीवन। आप 20-30 मिनट का योग करके अपने जीवन को काफी बेहतर बना सकते हैं क्योंकि रोज प्रातः उठकर योगाभ्यास करने से कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

आजकल लोगों के जीवन को बेहतर करने के लिए फिर से योग का अभ्यास करने की आवश्यकता है। दैनिक जीवन में योग का अभ्यास शरीर को आन्तरिक और बाहरी ताकत प्रदान करता है। यह शरीर के प्रतिरोधी प्रणाली को मजबूती प्रदान करने में मदद करता है, इस प्रकार यह विभिन्न और अलग-अलग बीमारियों से बचाव करता है। यदि योग को नियमित रुप से किया जाए तो यह दवाइयों का दूसरा विकल्प हो सकता है। यह प्रतिदिन खाई जाने वाली भारी दवाइयों के दुष्प्रभावों को भी कम करता है। प्राणायाम और कपाल-भाँति जैसे योगों को करने का सबसे अच्छा समय सुबह का समय है, क्योंकि यह शरीर और मन पर नियंत्रण करने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करता है।


 

 

योग पर निबंध 6 (600 शब्द)

प्रस्तावना

बिना किसी समस्या के जीवन भर तंदुरुस्त रहने का सबसे अच्छा, सुरक्षित, आसान और स्वस्थ तरीका योग है। इसके लिए केवल शरीर के क्रियाकलापों और श्वास लेने के सही तरीकों का नियमित अभ्यास करने की आवश्यकता है। यह शरीर के तीन मुख्य तत्वों; शरीर, मस्तिष्क और आत्मा के बीच संपर्क को नियमित करता है। यह शरीर के सभी अंगों के कार्यकलाप को नियमित करता है और कुछ बुरी परिस्थितियों और अस्वास्थ्यकर जीवन-शैली के कारण शरीर और मस्तिष्क को परेशानियों से बचाव करता है। यह स्वास्थ्य, ज्ञान और आन्तरिक शान्ति को बनाए रखने में मदद करता है। अच्छे स्वास्थ्य प्रदान करने के द्वारा यह हमारी भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करता है, ज्ञान के माध्यम से यह मानसिक आवश्यकताओं को पूरा करता है और आन्तरिक शान्ति के माध्यम से यह आत्मिक आवश्यकता को पूरा करता है, इस प्रकार यह हम सभी के बीच सामंजस्य बनाए रखने में भी मदद करता है।

योग से एकाग्रता की ओर

सुबह को योग का नियमित अभ्यास हमें अनगिनत शारीरिक और मानसिक बीमारियों से बचाने का कार्य करता पहै। योग के विभिन्न आसन मानसिक और शारीरिक मजबूती के साथ ही अच्छाई की भावना का निर्माण करते हैं। यह मानव मस्तिष्क को तेज करता है, बौद्धिक स्तर को सुधारता है और भावनाओं को स्थिर रखकर उच्च स्तर की एकाग्रता में मदद करता है। अच्छाई की भावना मनुष्य में सहायता की प्रकृति के निर्माण करती है और इस प्रकार, सामाजिक भलाई को बढ़ावा देती है। एकाग्रता के स्तर में सुधार ध्यान में मदद करता है और मस्तिष्क को आन्तरिक शान्ति प्रदान करता है। योग प्रयोग किया गया दर्शन है, जो नियमित अभ्यास के माध्यम से स्व-अनुशासन और आत्म जागरूकता को विकसित करता है।

विश्व योग दिवस

योग का अभ्यास किसी के भी द्वारा किया जा सकता है, क्योंकि आयु, धर्म या स्वस्थ परिस्थितियों परे है। यह अनुशासन और शक्ति की भावना में सुधार के साथ ही जीवन को बिना किसी शारीरिक और मानसिक समस्याओं के स्वस्थ जीवन का अवसर प्रदान करता है। पूरे संसार में इसके बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने, संयुक्त संघ की सामान्य बैठक में 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के रुप में मनाने की घोषणा करने का सुझाव दिया था, ताकि सभी योग के बारे में जाने और इसके प्रयोग से लाभ लें। योग भारत की प्राचीन परम्परा है, जिसकी उत्पत्ति भारत में हुई थी और योगियों के द्वारा तंदुरुस्त रहने और ध्यान करने के लिए इसका निरन्तर अभ्यास किया जाता है। निकट जीवन में योग के प्रयोग के लाभों को देखते हुए संयुक्त संघ की सभा ने 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रुप में मनाने की घोषणा कर दी है।

योग के प्रकार

योग में कई तरह के होते हैं जैसे राजयोग, कर्म योग, ज्ञान योग, भक्ति योग और हठ योग। लेकिन जब ज्यादातर लोग भारत या विदेशों में योग के बारे में बात करते हैं, तो उनका आमतौर पर हठ योग होता है, जिसमें ताड़ासन, धनुषासन, भुजंगासन, कपालभांति और अनुलोम-विलोम जैसे कुछ व्यायाम शामिल होते हैं। योग पूरक या वैकल्पिक चिकित्सा की एक महत्वपूर्ण प्रणाली है।

योग आपको लचीला बनाता है

कुछ लोगों को अपने शरीर को इधर उधर झुकाने या अपने पैर की उंगलियों को झुकने या छूने में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। एक बार जब कोई व्यक्ति नियमित आधार पर योग करना शुरू करता है, तो वे जल्द ही इसका प्रभाव महसूस करना शुरू कर देता है। यह जोड़ों में दर्द को हटाने में भी मदद करता है, जो कि ज्यादातर बड़े लोगों में एक आम बात है। ये लोगों को प्राकृतिक तरीकों से भी रोगों से मुक्ति दिलाता है जिससे मनुष्य अपने शरीर में काफी लचीलापन तथा फुर्ती महसूस करता है।

निष्कर्ष

हम योग से होने वाले लाभों की गणना नहीं कर सकते हैं, हम इसे केवल एक चमत्कार की तरह समझ सकते हैं, जिसे भगवान ने मानव प्रजाति को उपहार के रुप में प्रदान किया है। यह हमारी शारीरिक तंदुरुस्ती को बनाए रखता है, तनाव को कम करता है, भावनाओं को नियंत्रित रखते हुए नकारात्मक विचारों को भी नियंत्रित करता है। जिससे हममें भलाई की भावना, मानसिक शुद्धता, और आत्मविश्वास विकसित होता है। योग के अनगिनत लाभ हैं, हम यह कह सकते हैं कि योग मानवता को मिला हुआ एक ईश्वरीय वरदान है।


 

हम योग पर विभिन्न शब्द सीमाओं में विद्यार्थियों की जरुरत और आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध करा रहे हैं। योग पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10 या इससे ऊपरी कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के द्वारा प्रयोग किए जा सकते हैं।