इंटरनेट की लत पर निबंध

विश्व में सूचनाओं के आदान प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंटरनेट की संरचना की गई। इंटरनेट पर सामाग्री की भरमार है तथा इंटरनेट का उपयोग करते-करते व्यक्ति को उसकी लत पड़ जाती है। जब व्यक्ति इंटरनेट के बिना असहज महसूस करें तथा डाटा न मिलने पर व्यक्ति का मूड प्रभावित हो जाए। ऐसी स्थिति में यह कहा जा सकता है कि व्यक्ति को इंटरनेट की लत है।

इंटरनेट की लत पर छोटे-बड़े निबंध (Short and Long Essay on Internet Addiction in Hindi)

निबंध – 1 (300 शब्द)

परिचय

मोबाइल में डाटा न होने पर इंटरनेट का उपयोग न कर पाने से असहजता महसूस होने की स्थिति में व्यक्ति को इंटरनेट की लत होती है। इंटरनेट की लत व्यक्ति को वास्तविकता से दूर कहीं काल्पनिक दुनिया में ले जाता है। इंटरनेट का उपयोग आज हम व्यापक रूप में कर रहें हैं। हमारे सभी जरूरी कार्य जैसे फार्म भरना, विभिन्न तरह के रजिस्ट्रेशन, मनोरंजन सभी इंटरनेट के माध्यम से होते हैं। इस वजह से ज्यादातर लोग इंटरनेट की लत का शिकार होते चले जा रहें हैं।

इंटरनेट की उत्पत्ति

सन् 1969 में टीम बर्नर्स ली द्वारा अमेरिकी रक्षा विभाग यू.सी.एल.ए. तथा स्टैनफोर्ड अनुसंधान संस्थान के माध्यम से “कंप्यूटर का नेटवर्क” नामक इंटरनेट की संरचना किया गया। इंटरनेट की संरचना से पूर्व एक कंप्यूटर को दूसरे से नहीं जोड़ा जा सकता था। इंटरनेट की उत्पत्ति का मुख्य कारण एक कंप्यूटर को दूसरे से जोड़ना था। जिससे सूचना का आदान प्रदान आसानी से हो सके।

इंटरनेट की लत का अर्थ

इंटरनेट हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इंटरनेट के उत्पत्ति से पूर्व तक हमें हमारा काम कराने के लिए महिनों तक सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते थे। इंटरनेट कि मदद से हम घर बैठे अनेक कार्य कर सकते हैं। इंटरनेट मनोरंजन का बहुत बड़ा माध्यम है इस वजह से 10 में से 6 लोगों को आज इंटरनेट की लत पड़ गई है। इंटरनेट की लत से आशय इंटरनेट कनेक्शन बंद हो जाने पर व्यक्ति के बहुत ज्यादा परेशान हो जाने से है। डाटा न मिलने पर इनका मूड प्रभावित हो जाता है।

निष्कर्ष

इंटरनेट हमारी सुविधा के लिए है, पर उसके अत्यधिक उपयोग से व्यक्ति इंटरनेट के लत की जाल में फंसता चला जा रहा है। डाटा न मिलने पर इंटरनेट की लत में पड़ा व्यक्ति परेशान हो जाता है, तथा गुस्सा प्रकट कर सकता है। यह व्यक्ति के जीवन के लिए उचित नहीं तथा समय रहते इसका उपाय करना चाहिए।

 

निबंध – 2 (400 शब्द)

परिचय

आज के समय में, इंटरनेट मनोरंजन का सबसे बड़ा मंच माना जाने लगा है। इस वजह से क्या बच्चे क्या युवा सभी इंटरनेट के लत का शिकार होते चले जा रहें हैं। जिसके रहते वे अपना बहुमूल्य समय इंटरनेट पर खर्च कर देते हैं। इसकी लत में पड़ा व्यक्ति डाटा न मिलने पर ऐसा व्यवहार करता है जैसे संसार में इंटरनेट के अलावां और कुछ है ही नहीं और वह हताशा से घिर जाता है।

इंटरनेट आकर्षण का मूल कारण

इंटरनेट की लत का मुख्य कारण मनोरंजन है। हम इंटरनेट के सहायता से अनेकों मूवी देख सकते हैं, गाने सुन सकते हैं तथा सबसे महत्वपूर्ण बात हम दुनियाभर के लोगों से जुड़ सकते हैं। इंटरनेट पर विभिन्न साइट्स के माध्यम से दोस्त बना पाना, इंटरनेट आकर्षण का मुख्य कारण है और यह इंटरनेट की लत के लिए पूर्ण रूप से ज़िम्मेदार है।

इंटरनेट की लत, खतरें का संकेत

मूल रूप से इंटरनेट का उपयोग हम मोबाइल, कंप्यूटर आदि के माध्यम से करते हैं। इंटरनेट की लत पड़ जाने पर हम उठने के साथ डाटा ऑन करके नोटिफिकेशन देखते है तथा सोने तक यही करते हैं। इसके वजह से हम नोमफोबिया के गिरफ़्त में आ सकते हैं। वर्तमान में इंटरनेट के माध्यम से सबसे ज्यादा धोखाधड़ी, ठगी जैसे वारदात सामने आ रहें हैं। आपकी नज़र से दूर बैठा व्यक्ति किसी भी स्वभाव और किसी भी उम्र का हो सकता है, उसके मनसुबे का कुछ कहा नहीं जा सकता।

इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार के लोग, आपको हानि पहुंचा सकते हैं

इंटरनेट के जरूरत से ज्यादा उपयोग करने पर हमारा बहुमूल्य समय नष्ट होता है। यह एक दिन की बात नहीं है। हमारे जीवन के न जाने कितने दिन यूहीं इंटरनेट के लत में बर्बाद होते चले जाते हैं। उसके साथ ही हर तरह के लोग इसका उपयोग करते हैं। उसमें से कुछ ऐसे हैं जिनके लिए सही गलत के कोई मायने नहीं, पैसे के लिए वह कुछ भी कर सकते हैं। अतः ऑनलाइन इनका सामना आपसे होने पर यह किसी भी प्रकार से आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।

निष्कर्ष

इंटरनेट के संपर्क में आने से हम अनेक नये तथ्यों के बारे में जान पाते हैं। हम इंटरनेट की सहायता से दुनिया भर के लोगों से जुड़ पाते हैं, यह इंटरनेट की लत में हमें डाल सकता है। इंटरनेट की लत से हमारे जीवन पर गलत प्रभाव पड़ता है इसलिए हमें सोच समझ कर इंटरनेट का उपयोग करना चाहिए।

 

निबंध – 3 (500 शब्द)

परिचय

इंटरनेट के माध्यम से उबाऊ (Boring) जिंदगी में आनंद भर जाता है। स्वभाविक बात है हर व्यक्ति व्यवसाय-संबंधी कार्य करने के लिए इंटरनेट का उपयोग नहीं करता। ज्यादातर लोग अपना मूड सही करने के लिए इसका उपयोग करते हैं। इंटरनेट की लत से आशय इंटरनेट के खत्म हो जाने पर व्यक्ति के असहज महसूस करने से है।

इंटरनेट आकर्षण का कारण

इंटरनेट की दुनिया को काल्पनिक दुनिया कह सकते हैं। हम जन्म से वास्तविक दुनिया के प्राणी है और हमें वास्तविकता में ही जीना चाहिए। वर्तमान समय में हम इंटरनेट के चकाचौंध में खोते चले जा रहे हैं। हमें अपनी ही फोटो पोस्ट करके उसे अनेक बार देखना होता है की अब तक किसी ने लाइक किया या नहीं! इंटरनेट को दिखावट की दुनिया कहने में भी कोई हर्ज नहीं है।

हद तो तब हो जाती है, जब खुद के ही पोस्ट पर स्वयं द्वारा बनाए गए विभिन्न फर्जी (Fake) अकाउंट के माध्यम से लोग लाइक और टिप्पडीयां करते हैं। यह वाख्या इंटरनेट की लत का इशारा करता है।

इंटरनेट के लाभ

  • इंटरनेट सूचना आदान प्रदान का सबसे बेहतर तथा तेज माध्यम है।
  • इंटरनेट की सहायता से हम हमारे अनेक सरकारी काम जैसे नौकरी का आवेदन पत्र भरना, विभिन्न प्रकार के रजिस्ट्रेशन आदि घर बैठे ही कर सकते हैं।
  • बिजली का बिल भरना, मूवी टिकट, ट्रेन टिकट, होटल बुकिंग, खाना, मेडिसिन ऑडर करना, ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग यह सभी घर बैठे इंटरनेट की सहायता से संभव है।
  • ऑनलाइन पढ़ाई भी इंटरनेट की सहायता से आज घर पर बैठ कर लोग कर पा रहें हैं।
  • आज मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन इंटरनेट है, ऑनलाइन गाने सुनना, मूवी देखना, अनेक तरह के वेब सिरीज़ देखना, विभिन्न मनोरंजक एप्लिकेशन व्यक्ति के जीवन में आनंद भर देते हैं।

इंटरनेट से हानि

  • इंटरनेट हमारा बहुत अधिक मूल्यवान समय नष्ट कर देता है।
  • इंटरनेट पर अच्छा बुरा हर तरह के सामाग्री उपलब्ध है। अतः ध्यान न रखने पर यह बच्चों के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डालते हैं। कई बार यह बड़ों को भी प्रभावित करता है।
  • हैकिंग, साइबर स्टाँकिंग, चोरी, बाल पोर्नोग्राफी जैसे संगीन अपराध साइबर क्राइम के तहत इंटरनेट के माध्यम से अंजाम दिए जाते हैं।
  • इंटरनेट का ज्यादा उपयोग हमारे स्वास्थय पर गहरा प्रभाव डालता है जैसे- नेत्र का शुष्क होना, सिर दर्द, गर्दन दर्द, अनिद्रा आदि।

उपाय

  • घर के बड़े, बच्चों पर विषेश ध्यान दे की वह इंटरनेट पर क्या सर्च कर रहें हैं।
  • स्वयं में सुधार लाए अनावश्यक समय इंटरनेट को न दें।
  • इंटरनेट पर अंजान व्यक्ति से अपनी निजी जानकारी या किसी प्रकार का फोटो आदि साझा न करें।
  • एक निश्चित समय निर्धारित करें इंटरनेट के उपयोग के लिए।
  • किसी प्रकार के समस्या में पड़ जाने पर अपने बड़ों की मदद लें, साइबर सेल, पुलिस स्टेशन या 1090 महिला हेल्प लाइन पर शिकायत दर्ज करें।

निष्कर्ष

हम जब तक इंटरनेट का उपयोग करते हैं हमें लाभ और आनंद ही प्राप्त होता है पर जब हमें इसकी लत पड़ जाती है ऐसे में हम कुछ भी सर्च कर रहे होते हैं। इस कारणवश इंटरनेट की लत मात्र हमें हानि ही पहुंचाता है अतः सही समय पर सतर्क हो जाए।


 

निबंध – 4 (600 शब्द)

परिचय

इंटरनेट की लत से आशय इंटरनेट के न होने पर संबंधित व्यक्ति का ज़रूरत से ज्यादा परेशान हो जाने से है। इंटरनेट एक काल्पनिक दुनिया है। हम वास्तविक दुनिया में रहते हैं पर इसकी लत लग जाने पर हम काल्पनिक तथा वास्तविक दुनिया में फ़र्क कर पाने में असर्मथ हो जाते है। यह हमारे जीवन के लिए संकट का संकेत है।

आपसे बात करने वाला व्यक्ति कौन है?       

फेशबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे बात करने के लिए इसी प्रकार अन्य कई एप्लिकेशन हैं। जिसके सहायता से जिस स्थान पर हम कभी जा भी नहीं सकते वहां के लोगों से विडिओ कॉल द्वारा फेश टु फेश अपनी भावनाएं साझा कर पाते हैं। लेकिन जितना ख़ूबसूरत यह पढ़ने में लगता है क्या वाकई यह इतना ख़ूबसूरत है? ऑनलाइन बात करने के दौरान आपको नहीं पता की उस तरफ का व्यक्ति आपसे कितना सच बोल रहा है। प्रोफाइल फोटो में उसके द्वारा लगाया गया फोटो उसका है भी या नहीं! इन्हीं सब बातों का फ़ायदा उठा कर साइबर अपराधी मासूम लोगों के भावनाओं के साथ खेलते हैं। तथा अपने लाभ कमाने की इच्छा से पीड़ित को किसी भी हद तक हानि पहुंचा सकते हैं।

इंटरनेट से संबंधित वारदात (साइबर क्राइम)

साइबर क्राइम में कम्प्यूटर तथा इंटरनेट के मदद से अपराधी हैकिंग स्पामिंग (Hacking Spamming) जैसे गलत कार्य करता है। साइबर क्राइम में आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती हैं, पहचान को चुराया जा सकता है, ऑनलाइन धोखाधड़ी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी तथा बैंक के महत्वपूर्ण जानकारी की चोरी इनमें प्रमुख हैं।

साइबर क्राइम के प्रकार

  • हैकिंग - ऑनलाइन हैकिंग में अपराधी पीड़ित के अनुमति के बिना ही उसके संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी को प्राप्त करता है।
  • साइबर स्टाँकिंग - अपराधी साइबर स्टाँकिंग के माध्यम से पीड़ित को सोशल मीडिया के द्वारा संदेश भेज कर परेशान करता है। इसमें पीड़ित का निजी फोटो, जानकारी आदि प्राप्त कर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है।
  • मैलेशियस सॉफ़्टवेयर - इसके माध्यम से साइबर अपराधी पीड़ित के सॉफ़्टवेयर में यह सॉफ़्टवेयर स्थापित (Install) कर देता है। मैलेशियस सॉफ़्टवेयर के मदद से किसी भी नेटवर्क को ख़राब किया जा सकता है। नेटवर्क में मौजूद डाटा व जानकारी को प्राप्त किया जा सकता है।
  • चोरी - ऑनलाइन चोरी के मामलें बढ़ते जा रहे हैं, इसमें अपराधी कॉपीराइट का उलंघन करता है। किसी भी मूवी, गाने, गेम्स या सॉफ़्टवेयर को डाउनलोड कर अपराधी लोगों को मुफ्त में बांट देता है। यह कानूनन जुर्म है।
  • पहचान चुराना (Identity theft) - इसमें अपराधी पीड़ित का व्यक्तिगत जानकारी जैसे- नाम, अकाउंट नंबर, ए.टी.एम नंबर, आदि की चोरी कर उनसे धोखाधड़ी करके मोटी रक़म ले लेते हैं।
  • बाल पोर्नोग्राफी और दुर्व्यवहार - इस अपराध में अपराधी कम उम्र के नासमझ बच्चों को अपना निशाना बनाते हैं। उनकें आपंत्तिजनक फोटो या विडिओ आदि प्राप्त कर उनका शारीरिक उत्पीड़न करते हैं, मानसिक तनाव देते है तथा ब्लैकमेल भी करते हैं।
  • साइबर स्पाइंग - अपराध के इस प्रकार में पीड़ित के रूम, बाथरूम, होटल आदि से विडिओ रिकार्ड करके उसे ब्लैकमेल किया जाता है।

साइबर क्राइम के शिकार होने पर क्या करें ?

किसी भी प्रकार के साइबर क्राइम का शिकार होने पर इंटरनेट की सहायता से अपने राज्य के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावां पुलिस स्टेशन तथा यू.पी. की महिलाएं 1090 हेल्प लाइन पर भी शिकायत दर्ज कर सकती हैं।

निष्कर्ष

डिजिटलीकरण के साथ इंटरनेट की सहायता से आज हमारा काम बहुत आसान हो गया है। इसके साथ मनोरंजन के तौर पर हम इंटरनेट के माध्यम से देश-दुनिया के तमाम लोगों से जुड़ पाते हैं जिनसे शायद ही कभी मिलना संभव हो सके। इंटरनेट साइबर क्राइम के लिए औजार के समान है और इसकी मदद से अपराधी अपराध को अंजाम दे पाते हैं। इसलिए इंटरनेट का उपयोग सदैव जागरूकता के साथ करना चाहिए।