तकनीक एक वरदान या अभिशाप पर निबंध

आज का समय मानव के लिए तकनीकी और विज्ञान का समय है। हमने विज्ञान और तकनीकी को सहारे अपने भौतिक जीवन को काफी सरल बना लिया है। नयी तकनीक के कारण ही हमने कुछ ऐसे उपकरणों का निर्माण किया है जो हमें दुनिया भर से एक साथ जोड़े रखता है। तकनीक और विज्ञान के फायदों और नुकसान के बारें में मैंने आपको इस निबंध में बताया है, यह आपके लिए अवश्य सहायक सिद्ध होगी।

तकनीक एक वरदान या अभिशाप पर दीर्घ निबंध (Long Essay on Is Technology a Boon or Bane in Hindi)

Long Essay – 1600 Words

परिचय

तकनीकी मानव जीवन के लिए एक वरदान साबित हुई है। इसी तकनीक और विज्ञान के कारण आज सारी दुनिया एक दूसरे से जुड़ी हुयी हैं। तकनीक और विज्ञान आज हर मानव की जरुरत बन गया है, इसके बिना हर मानव खुद को अधूरा महसूस करता है।

टेक्नोलॉजी या तकनीकी केवल एक शब्द नहीं एक विचार की अवधारणा है जो की हमारे जरूरतों के रूप में हमारे जीवन को आसान बनाने में लगा है। हम हर दिन एक नई तकनीकी से परिचित होते है, जो हमारे जीवन के तरीकों को और आसान बनाने का काम करती हैं। आज हर कोई तकनीक और विज्ञान से घिरा हुआ है। इन तकनीकों के चलते हर कोई अपनी जीवन शैली को आसान बना रहा है, तो किसी के लिए यही तकनीक जानलेवा साबित हो रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक की भागीदारी

विज्ञान और तकनीकी ने आज सारी दुनिया में अपने पैर पसार रखें है। भारत में भी तकनीकी ने हर क्षेत्र में अपनी धाक जमा रखी है। चिकित्सा, शिक्षा, उद्योग, कृषि, इत्यादि सभी जगहों पर तकनीकी ने अपना अधिकार स्थापित कर रखा है।

तकनीकी ने हमारी शिक्षा प्रणाली को अपनी मुट्ठी में कर रखा है। इसने शिक्षा के स्तर को पूरी तरह से बदलकर नये तरीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया है। कुछ वर्षों पहले स्कूली कक्षाओं में जहां ब्लैक-बोर्ड, ग्रीन-बोर्ड, चाक, डस्टर, इत्यादि का इस्तेमाल हुआ करते थे, आज उन सब की जगह स्मार्ट-बोर्ड और स्मार्ट क्लास ने ले ली है।

कंप्यूटर, स्मार्टफोन, लैपटॉप, नोटपैड, इत्यादि गैजेट्स ने हमारी शिक्षा प्रणाली को और बेहतर और आसान बना दिया है। हम इंटरनेट के माध्यम से जिस विषय या वस्तु को चाहे उसे मोबाइल या लैपटॉप में पढ़ सकते हैं। नयी तकनीकी के चलते ही दुनिया भर में फैली कोरोना महामारी में भी बच्चे घरों में रहकर भी अपनी क्लासेस करते रहे है, यह सब बिना तकनीक के सम्भव नहीं था।

शिक्षा और तकनीक ने हमारें सामाजिक और आर्थिक विकास को बहुत प्रभावित किया है। शिक्षा-तकनीक के सहारे हम देश की आर्थिक व्यवस्था को नया रूप देकर नए तरीकों से काम कर सकते है। इसके लिए हमें कम समय और खर्च भी कम करने पड़ेंगे।

कॉलेजों में कई प्रोफेशनल कोर्स या तकनीकी कोर्स में पहले की अपेक्षा आज के छात्रों को कॉपी किताब के बजाय टैब, लैपटॉप या स्मार्टफोन में चीजों को बताया और सिखाया जाता है। क्योंकि ऐसा माना जाता हैं कि पढ़ने के बजाय उस चीज को करके आसानी से सीखा जा सकता है। कई जगहों पर परीक्षा के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल किया जाने लगा है, जैसे कई विश्वविद्यालयों, प्रयोगिक, और प्रवेश परीक्षाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। इस प्रकार की परीक्षाओं में धोखाधड़ी होने की संभावना शून्य के बराबर हो जाती है। अब तो इस तरह की परीक्षाओं में कापिया भी ऑनलाइन ही चेक की जाती है, जिससे की समय की बचत और ठीक ढंग से जांची जा सकें। अतः हम कह सकते है कि शिक्षा के तरीकों में तकनीकी के आ जाने से शिक्षा काफी आसान और मजबूत हो गई है।

तकनीक के कुछ सकारात्मक पहलू

तकनीक ने मनुष्य के जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है। आज के दिनों में मनुष्य हर वक्त हर जगह तकनीक से घिरा हुआ है। इसके कुछ सकारात्मक पहलु को मैंने नीचे प्रकाशित किया है।

  • समय और श्रम बचाता है

आज से कुछ साल पहले देखे तो हर सरकारी और प्राइवेट सस्थानों में सारे काम मैनुअली हुआ करते थे। पर तकनीकी ने इसे बदलकर कंप्यूटर की जगह दे दी है। मैनुअली कार्यों में समय और श्रम ज्यादा लगता था, जिसके कारण कर्मचारियों में शाम के वक्त अधिक थकान देखने को मिलती थी, और ऐसे कार्यों में वो बहुत मायूसी (bored) महसूस करते थे। तकनीकी ने कंप्यूटर के जरिये इसे काफी आसाम बना दिया है, जिसके कारण कर्मचारियों में अपने काम के प्रति जोश और उत्साह उत्पन्न होता है।

  • चिकित्सा में तकनीक

तकनीक के कारण ही हमें चिकित्सा में नई आशाएं मिली है। पिछले कई वर्षों को देखा जाये तो मृत्युदर काफी अधिक थी। पर आज के दिनों में यह काफी कम हो गई है और इसका कारण है नई चिकित्सा प्रणाली। तकनीक के कारण ही हमने अपने इलाज के तरीकों, दवाइयों, उपकरणों और देखरेख में काफी बदलाव कर बिमारियों से होने वाले मृत्युदर को बहुत ही काम कर दिया है। चिकित्सा के नए उपकरणों प्रयोग से गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज आसानी से कर सकते है और मरीजों को फिर से सेहतमंद बना सकते है।

चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीक प्रणाली के तरीके हाल ही में आये कोरोना महामारी में भी देखने को मिली। तकनीक के कारण ही हम मरीजों की पहचान कर उन्हें सही वक्त पर सही इलाज दिया और कोरोना महामारी को काफी हद तक काबू में किया। तकनीक के सहारे ही हमने सबसे पहले कोरोना की वैक्सीन बनाई और देश-विदेश में कोरोना से हुयी क्षति को कम और लोगों को बचाने का काम किया हैं।

नई तकनीक और विज्ञान के कारण ही हम कैंसर जैसे लाइलाज बीमारी को आज काफी हद तक काबू किया जा सका हैं। यह काम तकनीकी के बिना संभव नहीं हो सकता था। आज के दिनों में नई दवाओं और उपकरणों को बनाकर तकनीक के माध्यम से इसे और भी असरदार बनाने का कार्य चल रहा है।

  • कैशलेस ट्रांजेक्शन

आज से लगभग 3-4 वर्षों पहले हम A.T.M. जैसी सुविधाओं से जरूर वाकिफ थे। पर आज तकनीक ने इसे और भी आसान बना दिया है। आजकल हर किसी के पास स्मार्टफोन होता है और उसमें Google Pay, Paytm, BHIM जैसे एप्लीकेशन अवश्य होते है।

इन एप्लीकेशन के इस्तेमाल से हम कभी भी, कहीं से भी इंटरनेट के माध्यम से पैसे भेज सकते है, और इसे ही कैशलेस ट्रांजेक्शन के नाम से जाना जाता है। बैंक से पैसे निकाल किसी दूसरे को देने में चोरी या धोखा होने का डर होता है, पर तकनीक ने इसे भी आसान, सरल, और सुविधाजनक बना दिया है।

  • संचार प्रणाली

आज पूरा विश्व एक दूसरे के संपर्क में है। इसका सबसे बड़ा माध्यम है संचार, और यह केवल तकनीक के कारण ही संभव हो पाया है। टी.वी., मोबाइल, और इंटरनेट जैसे संचार माध्यमों ने पुरे विश्व को आपस में जोड़ा हुआ है। दुनिया के किसी भी कोने में हुई घटना को हम टी.वी. के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में देख सकते है।

मोबाइल के माधयम से हम दुनिया में कहीं भी बात कर सकते है, और इंटरनेट के माध्यम से हम दुनिया की जानकारी घर बैठे इकठ्ठा कर सकते हैं। ऐसी तकनीक के कारण ही आज वीडियो कॉलिंग के माध्यम से हम एक दूसरे से रूबरू हो सकते है। तकनीक के कारण ही हमनें व्यापार को दुनिया में हर जगह आसानी से फैला पाए है, बिना तकनीकी के ऐसा कभी संभव नहीं हो पाता।

  • यातायात को आसान बनाया

दशकों पहले किसी को एक जगह पहुंचने में वर्षों लग जाया करते थे। जिसके कारण उसे रास्तें में अनेक परेशानियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पर आज के दिनों में वह अपने गंतव्य स्थान पर कुछ घंटो या दिनों में पहुंच जाते है। गाड़ियां, ट्रेन, पानी के जहाज, और हवाई जहाज जैसी सुविधाएं केवल और केवल तकनीक और विज्ञान की देन है, जिसने हमारे जीवन को आसान बनाया हैं।

  • कृषि प्रणाली को सुविधा प्रदान की है

विज्ञान और तकनीक की सहायता से हमने कृषि क्षेत्र को भी विकसित किया है। विज्ञान के कारण नई-नई किस्म की बीजें, तकनीकी के चलते नए उपकरण, खाद, कीटनाशक, इत्यादि ने कृषि के तरीके को बेहतर, सरल और उत्तम बना दिया है।

तकनीकी के कुछ नकारात्मक पहलू

  • प्रदुषण का कारण बनती है

तकनीकी के कारण ही बनाये गए A.C., फ्रिज, इत्यादि हमारे वायुमंडल में विभिन्न प्रकार की गैसों से ओजोन परत को नुकसान पंहुचा रही है।

  • सुरक्षा पर प्रभाव

विभिन्न प्रकार की नई तकनीक के कारण हमारी व्यग्तिगत सूचना का गलत इस्तेमाल हो सकता है। जिससे की हमारी खुद की और कई बड़े सस्थानों जैसे बैंक, उद्योग, इत्यादि की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

  • विचारों में कमी

छात्रों को लाभान्वित करने के साथ ही तकनीक उन्हें नुकसान पहुंचाती है। उनके अन्दर के नए तरीकों, विचारों, कल्पनाओं और खोज के तरीकों को हानी पहुंचाने का काम करती है।

  • विनाश और युद्ध का कारण

विश्व के हर देश ने अपनी तकनीक के माध्यम से विनाशक हथियार, जैविक हथियार, और परमाणु बम जैसे हथियारों का इजात किया है। जो भविष्य में आपसी तनाव के कारण युद्ध और विनाश का कारण बन सकती है।

तकनीकी को क्या कहां जाएं - वरदान या अभिशाप?

तकनीकी मानव के लिए एक वरदान के रूप में मिला है। इसी के कारण हमारें राष्ट्र ने तमाम उचाईयों को छूने का काम किया है। सुरक्षा की दृष्टि से हमने अपने राष्ट्र को आधुनिक तकनीकी सुरक्षा हथियारों से लैस किया है। हम आज चाँद और मंगल तक पहुंच गए है, जिसकी वजह विज्ञान और तकनीकी ही है।

एक तथ्य के अनुसार किसी भी वस्तु का अत्यधिक उपयोग जहर के रूप में काम करती है। यह बात तकनीकी में भी लागू होती है। यही हम तकनीकी का सिमित और सही तरीकें से उपयोग करें तो तकनीकी हमारे लिए वरदान के रुप में साबित होगी, और इसकी अधिकता सारे विश्व के लिए विनाश का कारण बन सकती है।

निष्कर्ष

जहां एक तरफ विज्ञान और तकनीक मानव के लिए उपयोगी साबित हुआ है वही दूसरी ओर यह एक अभिषाप है। यह बात मानवों पर निर्भर करती है कि वो इसका किस तरह से उपयोग करते है। तकनीकी और सोच ने मानवों के खानाबदोश जीवन को एक सभ्य जीवन में बदल दिया है, और तकनीकी से इसे दिनों-दिन और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। यह पूरी तरह से हम पर निर्भर करता है की तकनीकी का उपयोग हम वरदान या अभिषाप के रूप में करतें है।