मुझे अपने भारत से प्यार क्यों है पर निबन्ध

भारत एक बहुत ही खूबसूरत देश है और मैं अपने देश से बहुत प्यार करता हूं, और मै इसका हिस्सा हूं इस बात की मुझे बहुत खुशी होती है। भारत विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक और सामाजिक स्थितियों वाला एक देश है। यह सबसे अधिक आबादी वाले देशों मे से एक है, फिर भी हम सभी आपस मे बहुत प्रेम और सद्भाव से मिल जुलकर एक साथ रहते है।

मुझे अपने भारत से प्यार क्यों है पर लघु और दीर्घ निबन्ध (Short and Long Essays on why I Love My India)

निबन्ध 1 (250 शब्द) - मुझे अपने भारत से प्यार क्यों है

परिचय

भारत मेरा देश है और मै अपने राष्ट्र से बहुत प्यार करता हूं। हम सभी को अपनी मातृभूमि पसंद है और भारत मेरी मातृभूमि है, इसलिए मेरे दिल मे इसके लिए एक विशेष स्थान है। भारत एक बहु-सांस्कृतिक परिवार है, जहां आप विभिन्न प्रकार के लोगों, संस्कृतियों, परंपराओं, धर्मो के साथ-साथ कई भाषाओं को एक साथ पा सकते है। हम सभी एक साथ मिलजुल कर रहते है और एक दूसरे को प्यार करते है।

भारत की भौगोलिक स्थिति

भारत विश्व के उत्तरी गोलार्ध मे स्थित है और यह 15,200 कि.मी. भूमी की सीमा क्षेत्र को घेरता है। भारत के उत्तर से लेकर दक्षिण तक की दूरी 3,214 कि.मी. है। जबकि पूर्व से लेकर पश्चिम तक की दूरी 2,933 कि.मी. है।

भारत: एक सुन्दर देश

भारत के उत्तरी भाग मे स्थित सफेद और ऊचां हिमालय है, दक्षिणी भाग मे चारों तरफ समुद्र के साथ यह आपका स्वागत करता है। पूर्वी भाग मे चाय के बागान है, वही पश्चिम मे थार रेगिस्तान की सुन्दरता स्थित है। यहां कई नदियां है और गंगा सबसे लम्बी नदी है। भारत का दक्षिणी भाग तीन महासागरों से घिरा हुआ है, पूर्व मे बंगाल की खाड़ी, दक्षिण मे हिन्द महासागर और पश्चिम मे अरब सागर स्थित है। वास्तव मे यह एक बहुत सुन्दर राष्ट्र है जिसमे कई अच्छी बातों का समावेश है।

निष्कर्ष

प्राकृतिक और सांस्कृतिक सुन्दरता स्वतः ही आप का दिल चुरा लेती है। एक राष्ट्र की पहचान उसमे रह रहे लोगों से होती है। लोगों की एकजुटता ही राष्ट्र को बनाता है और मुझे गर्व है कि मैं एक भारतीय हूं। मुझे अपने देश और यहां के लोगों से प्यार है। हमारे यहां अतिथि को भगवान के रुप मे मानते है और इससे अधिक अच्छी बात क्या हो सकती है।

निबन्ध 2 (400 शब्द) - भारतः विविधता मे एकता की पहचान है

परिचय

आपने कई देशों को देखा होगा पर मेरे भारत जैसा सुन्दर राष्ट्र कभी कोई और नही देखा होगा। इस देश की संस्कृति, विरासत, सुन्दरता हमेशा से ही कमाल की रही है। भारत के लोगों ने हमेशा से ही अपनी परंपराओं का पालन किया है और वास्तव मे यह बहुत अच्छी बात है। यहां के पारंपरिक कपड़े, खाना वास्तव मे सभी चीजें चिन्हीत करने योग्य है।

पारंपरिक विरासत

विशेषतौर पर एक राष्ट्र की पहचान उसके इतिहास से होती है, और भारत को एक सोने की चिड़िया कहा जाता है, और सोने की चिड़ियों का यह देश कई शासकों के द्वारा कई बार लुटा गया। इसके अलावा अकबर, बाबर, चन्द्रगुप्त मौर्य, अशोक इत्यादि कई राजा हमारे इतिहास का हिस्सा रह चुके हैं। इनके खूबसूरत इतिहास के बारें मे जानकर बहुत अच्छा लगता है। इन्होनें अनेक प्रकार के स्मारकों और इमारतों का निर्माण किया था जो कि आज भी वैसे ही स्थित है। दुनियां का सातवां आश्चर्य “ताजमहल” उनमें से एक है। यह प्रेम के प्रतीक के रुप मे जाना जाता है, और यह अन्य देशों के लोगों को भारत यात्रा के लिए अपनी ओर आकर्षित करता है।

विविधता मे एकता वाला राष्ट्र

आप यहां सौ से भी अधिक संस्कृतियों को एक साथ पा सकते है। यहां लोगों की अलग-अलग परंपराएं, भोजन और विश्वास है। यहां विभिन्न धार्मिक विश्वास वाले लोग भी एक साथ रहते है। हम सभी यहां एक परिवार की तरह रहते है। भारत के संविधान मे यह स्पष्ट रुप से लिखा गया है कि, सभी धर्म मूल रुप से एक समान आदर रखते है। हमारे कुछ मौलिक अधिकार है, जो प्रत्येक भारतीय को एक समान बनाती है।

भारत मे हिन्दू, मुस्लिम, बौद्ध, सिक्ख, जैन इत्यदि सभी लोग एक परिवार का हिस्सा है। हम सबके विचारधारा और विश्वास अलग-अलग है, लेकिन यह राष्ट्र की सुंदरता है कि हम सब शांति और सद्भाव से एक साथ रहते है।

विभिन्न प्रकार के भोजन

भारत अपने भोजन के कारण भी जाना जाता है। जैसा कि हम जानते है कि केरल मे विभिन्न प्रकार के मसाले पाए जाते है। यह “मसालों की भूमी” के नाम से भी जाना जाता है। ये सभी मसाले हमारे खाने को और अधिक स्वदिष्ट बनाते है। हमारे यहां के स्ट्रीट फूड दुनियां भर मे मशहूर है। उनमे से कुछ जैसे चाट, पानीपुरी, छोले भटूरे आदि है। आपको कश्मीर से लेकर केरल तक कई प्रकार के भोजन मिल जाएंगे। यदि आप खाने के शौकिन है तो यह आपके लिए एक परफेक्ट जगह है।

निष्कर्ष

हर देश की अपनी एक विशेषता होती है और भारत भी अपनी समृद्घ सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत के लिए जाना जाता है। यह विविधता मे एकता के रुप मे भी जाना जाता है। जब मै अपने राष्ट्र की सुन्दरता की ओर देखता हूं तो मुझे बहुत गर्व महसूस होता है। यह भारत की सुन्दरता ही है जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है, और इसी का परिणाम था कि हम कई वर्षो तक गुलाम बने रहे, लेकिन हमारी एकता ने ही हमे स्वतंत्र कराया।

निबन्ध 3 (600 शब्द) - मुझे अपने राष्ट्र से प्यार हैः भारत

परिचय

भारत ग्लोब के उत्तरी गोलार्ध मे स्थित है। यह एशियां का सातवां महाद्वीप है। भारत दुनियां का सांतवे सबसे बड़े देश के रुप मे जाना जाता है। यह 3,287,263 वर्ग कि.मी. क्षेत्र को घेरता है। यह 7,516.6 कि.मी. को तटीय क्षेत्र को घेरता है। इन क्षेत्रों मे से 712,249 वर्ग कि.मी. भाग जंगल से घिरा हुआ है। इसके अलावा देश का गांधीनगर शहर एशियां के सबसे हरे शहर के खिताब को अपने नाम कर चुका है।

भारत और उसका इतिहास

इतिहास के दिनों मे भारत को सोने की चिड़ियां के नाम से जाना जाता था, इसके कारण विभिन्न राष्ट्रों के शासक इसकी ओर आकर्षित हुए। वे भारत आए और उन्होने हमपर शासन किया और इस तरह यहां विभिन्न धर्मों और संस्कृतियां एक साथ पायी जाती है। सबसे पहले यह एक हिन्दू राष्ट्र था लेकिन धीरे-धीरे विभिन्न धर्म जैसे मुस्लिम, बौद्ध, जैन इत्यादि अनेक धर्म आए, और आज सभी हमारे इस खुशहाल राष्ट्र का एक हिस्सा है। हमने इन सभी धर्मो के विभिन्न संस्कृति और धार्मिक विश्वास को एक साथ शामिल किया और इसे बहुमुखी बनाया।

वो अंग्रेज थे जिन्होनें कई वर्षो तक हम पर शासन किया और सन् 1947 के अगस्त महीने मे भारत को उनके चंगुल से आजादी मिली। हम हर वर्ष 15 अगस्त को अपनी आजादी दिवस के रुप मे मनाते है।

क्या हमें अलग बनाती है

भारत अपनी परंपरा, संस्कृति, कला, शिल्प, संगीत, इत्यादि के लिए व्यापक रुप से जाना जाता है। वास्तव मे आप हमारी परंपरा को देखकर अश्चर्य चकित रह जाएंगे। मै अपनी संस्कृति और सभ्यता से बहुत प्यार करता हूं, जो हमे हमारी एक अलग पहचान देती है और यह एक भारतीय के रुप मे हमे गर्वांवित महसूस कराती है।

हमारे देश मे 28 राज्य और 8 केन्द्र शासित प्रदेश है, और ये सभी एक दूसरे से बिल्कुल अलग है, ये सभी अपने पारंपरिक मुल्यों, वेशभूषा, भोजन, कला और शिल्प, आदि सब मे एक दूसरे से अलग है। आपको उत्तर दिशा मे जहां ठंडे बर्फ के पहाड़ मिलेगे, वही पश्चिम मे गर्म रेगिस्तान है। जहां पूर्व मे चाय के बागान है वही दक्षिण दिशा मे सुन्दर सा समुद्र है। वास्तव मे यह सब एक अद्भुत संयोग है। यह एक ऐसा राष्ट्र है जहां आपको इसकी सुन्दरता के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के मौसमों का आनंद भी मिलता है। विभिन्न विशिष्टताओं के साथ निश्चित रुप से और कोई दूसरा राष्ट्र नही हो सकता है।

सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र

भारत सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों मे से एक है। लोग संवतंत्र रुप से यहां अपने नेता का चुनाव करते है। हम सभी को 6 मौलिक अधिकार मिले है। इनमे समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, धर्म की आजादी का अधिकार, संवैधानिक उपचार का अधिकार और शोषण के विरुद्घ अपनी आवाज उठाने का अधिकार शामिल है। ये सभी अधिकार हमे स्वतंत्र करते है और हमारे विचारों और हमारे दृष्टिकोण को व्यक्त करते है।

भारत की जैव विविधता

हमारे देश की संस्कृति हमे सिखाती है कि हमे जीव जन्तुओं का सम्मान करना चाहिए। वास्तव मे हिन्दू धर्म के लोग विभिन्न पेड़-पौधों और जानवरों की पूजा करते है और इससे उनकी रक्षा मे हमे मदद मिलती है। यही कारण है कि भरात मे पाए जाने वाले बाघों की संख्या सबसे अधिक है।

भारत मे 100 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान और 54 वन्य जीव सदियों से भारत मे पाए जाते है। उनमे से कुछ जानवर जैसे बंगाली चिता, हाथी, गैंड़ा और शेरों की स्ख्यां सबसे ज्यादा भारत मे पाए जाते है। वास्तव मे यहां इतनी बड़ी जैव विविधता को होना बहुत आश्चर्यजनक है।

सांस्कृतिक संमृद्धि

हमारी कला, संगीत, शिल्प ये सभी अपने आप मे सर्वश्रेष्ठ है। यहां पर विभिन्न कला के रुप प्रसिद्ध है जैसे कि आपको उत्तर मे नृत्य के रुप मे कथक, वही दक्षिण मे भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कथकली पाए जाते है। उसी प्रकार यहां दो तरह के संगीत बहुत प्रसिद्द है, जिनमे से एक को कर्नाटकी संगीत को रुप मे जाना जाता है तो दूसरे को हिंदुस्तानी संगीत के रुप मे जाना जाता है। वास्तव मे यह बहुत ही बढ़िया है। हमारे साहित्य, हथकरधा, शिल्प आदि का एक अलग ही पहचान है, जिसका की कोई और मेल नही है।

निष्कर्ष

ये सभी चीजों के बारे मे जानकर मुझे मेरा देश बहुत अच्छा लगता है और मै गर्व के साथ अपने आपको एक भारतीय के रुप मे संबोधित करता हूं। हम अपने मेहमानों को भागवान की तरह मानते है। बहुत से लोग भारत मे आना पसंद करते है और यहां आकर वो शांति और सुकून पाते है, और हमारी सादगी ही लोगों को हमारी ओर आकर्षित करती है। हमारे देश की आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली पूरे विश्व मे प्रसिद्ध है और भारत की नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सभ्यता का सम्मान करना चाहिए। नयी चीजों को सिखना अच्छा है लेकिन खुद को अपनी संस्कृति और सभ्यता से दूर न ले जाएं।