ज्ञान शक्ति है पर निबंध

एक बहुत ही प्रसिद्ध कहावत “ज्ञान शक्ति है”” है, जोकि ज्ञान के महत्व को प्रदर्शित करता है। विद्यार्थियों को आमतौर पर, उनके विद्यालयों में परीक्षा के समय या अन्य निबंध लेखन प्रतियोगिता में इस कहावत पर विचारों की अभिव्यक्ति के लिए अपने शब्दों में कुछ लिखने के लिए दिया जा सकता है। हम यहाँ ज्ञान ही शक्ति है, कहावत पर निबंधों की विभिन्न श्रृंखला उपलब्ध करा रहे हैं। जोकि आपके विभिन्न कार्यों में आपके लिए काफी सहायक सिद्ध होंगे।

ज्ञान शक्ति है पर बड़े तथा छोटे निबंध (Long and Short Essay on Knowledge is Power in Hindi)

You can get below some essays on Knowledge is Power in Hindi language for students in 100, 200, 300, 400, 600 and 700 words.

इन दिये गये निबंधों का आप अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकते हैं, यह निबंध काफी सरल तथा ज्ञानवर्धक भाषा में तैयार किये गये हैं। इन निबंधों के माध्यम से हमनें ज्ञान का क्या उपयोग है? ज्ञान का महत्व क्या है? ज्ञान हमें कैसे प्रभावित करता है? ज्ञान की परिभाषा क्या है? ज्ञान कैसे प्राप्त किया जाता है? आदि जैसे विषयों पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है।

ज्ञान शक्ति है पर निबंध 1 (100 शब्द)

फ्रेंसिस बेंकन का एक कथन है “ज्ञान शक्ति है”। जिसका अर्थ है, एक ज्ञानी व्यक्ति बहुत ही शक्तिशाली होता है क्योंकि अपने ज्ञान द्वारा वह हर तरह की समस्याओं को हल कर सकता है। “ज्ञान शक्ति है” का वास्तविक अर्थ है कि, यदि किसी व्यक्ति के पास पूरा ज्ञान हो, तो वह संसार में सबसे अधिक शक्तिशाली हो सकता है और उसे जीवन में किसी भी अन्य वस्तु की आवश्यकता नहीं रहती; जैसे- किसी की सहायता, मित्रों, आदि की।

ज्ञान लोगों को शक्ति प्रदान करने वाला सबसे अच्छा और उपयुक्त साधन है, ज्ञान वह प्रकाश है जिसे पृथ्वी पर किसी तरह के अंधकार द्वारा दबाया नही जा सकता है। उन लोगों पर निश्चित पकड़ बनाने के लिए, जिन्हें समझ नहीं है, ज्ञान लोगों को सामाजिक शक्ति प्रदान करता है। ज्ञान और शक्ति एक व्यक्ति के जीवन की विभिन्न कठिनाइयों में मदद करने के लिए सदैव साथ में चलती है। हम यह कह सकते हैं कि ज्ञान शक्ति देता है, और शक्ति ज्ञान प्रदान करती है। “अज्ञानी लोग थोड़ा सा काम शुरू करते हैं किन्तु बहुत ज्यादा व्याकुल होते हैं” शेक्सपीयर ने लिखा है- “अज्ञान ही अन्धकार है।” प्रसिद्ध दार्शनिक प्लेटो ने कहा है “अज्ञानी रहने से जन्म न लेना ही अच्छा है, क्योंकि अज्ञानता ही समस्त विपत्तियों का मूल है।

ज्ञान शक्ति है

ज्ञान शक्ति है पर निबंध 2 (200 शब्द)

प्रस्तावना

मानवता के उदय से ही ज्ञान का जीवन में एक बहुत बड़ा महत्व रहा है और यही वह चीज है जिसके कारण मनुष्य पृथ्वी का स्वामी बना हुआ है। ज्ञान एक अद्भुत शक्ति है वास्तव में, वह केवल ज्ञान ही होता है, जो मनुष्य और जानवर में भेद उत्पन्न करता है।

ज्ञान का महत्व

मनुष्यों की जानवरों के साथ शारीरिक शक्ति में तुलना नहीं की जा सकती है। लेकिन हमारे ज्ञान के कारण ही हमें पृथ्वी का सबसे ताकतवर जीव माना गया है। मनुष्य शारीरिक रुप से जानवरों से कमजोर होते हैं, यद्यपि वे वर्षों से वस्तुओं को इस तरह से व्यवस्थित करते आ रहे हैं, जिससे कि वे पृथ्वी पर सबसे शक्तिशाली प्राणी बन गए हैं। क्योंकि वे ज्ञान से शक्ति प्राप्त करते हैं और शारीरिक शक्ति पर निर्भर नहीं होते हैं।

मनुष्य प्रकृति का चालाक प्राणी है, वे ज्ञान को प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं और अपने ज्ञान को, शोधो और अनुभवों को नई पीढ़ी में हस्तान्तरित करने के लिए किताबों में सुरक्षित रखते हैं। ज्ञान उन्हें यह जानने की शक्ति देता है कि, प्रकृति की शक्तियों को कैसे नियंत्रित करें और फिर उनसे लाभ प्राप्त कैसे हो।

निष्कर्ष

ज्ञान एक शक्ति है, लेकिन शक्ति से ज्ञान नहीं आता है। ज्ञान “अनुभव या अध्ययन से प्राप्त जागरूकता” या समझ की स्थिति है। किसी चीज़ के बारे में विशिष्ट जानकारी सीखना ही ज्ञान है। लोगों के लिये ज्ञान एक शक्ति का साधन है। ज्ञान को इस दुनिया में कोई हरा नहीं सकता है। लोगों की समझदारी ज्ञान पर निर्भर करती है पर एक ज्ञान ही है जो लोगों को समाज में रहने की शक्ति प्रदान करता है।

 

ज्ञान शक्ति है पर निबंध 3 (300 शब्द)

प्रस्तावना

एक बहुत ही प्रसिद्ध कहावत है कि “ज्ञान ही शक्ति है”, जिसका अर्थ है कि ज्ञान में काफी शक्ति है और यह संसार की सभी भौतिक शक्तियों को जीतने की क्षमता रखता है। यदि व्यक्ति को एक बार केवल ज्ञान की शक्ति प्राप्त हो जाए, तो उसे किसी वस्तु से डरने की आवश्यकता नहीं है। हमें परिस्थितियों का समाधान करने के लिए आसान और प्रभावी तरीकों के द्वारा ज्ञान प्राप्त करना होता है क्योंकि यह जीवन के प्रत्येक पहलू में अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ज्ञान एक शक्ति का साधन

ज्ञान बहुत शक्तिशाली कारक है, जो हमें हमारे जीवन में सरलता से नाम, शोहरत, सफलता, शक्ति और पद प्राप्त करने में हमारी सहायता करता है। हम यह कह सकते हैं कि, धन और शारीरिक शक्ति भी, शक्ति के महत्वपूर्ण उपकरण है हालांकि, दोनों में से कोई भी ज्ञान के बराबर शक्तिशाली नहीं है। धन और शारीरिक शक्ति न तो ज्ञान को खरीद सकते हैं और न ही चुरा सकते हैं। यह तो केवल निरंतर अभ्यास, लगन और धैर्य के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।

ज्ञान एक शक्ति है, लेकिन शक्ति से ज्ञान नहीं आता है। ज्ञान “अनुभव या अध्ययन से प्राप्त कि जा सकने वाली वस्तु है। किसी चीज़ के बारे में विशिष्ट जानकारी सीखना ही ज्ञान है। लोगों के लिये ज्ञान एक शक्ति का साधन है। ज्ञान को इस दुनिया में कोई हरा नहीं सकता है। लोगों की समझदारी ज्ञान पर निर्भर करती है पर एक ज्ञान ही है जो लोगों को समाज में रहने की शक्ति प्रदान करता है।

निष्कर्ष

ज्ञान हमें हमारी योजनाओं को सही रुप से कार्यान्वित करने में सहायता करता है और सही व गलत के साथ ही अच्छे और बुरे में अन्तर करने में भी सक्षम बनाता है। यह हमारी अपनी कमजोरी और दोषों पर विजय पाने में मदद करने के साथ ही साहस और आत्मविश्वास के साथ खतरों और कठिनाइयों का सामना करने में सक्षम बनाता है। यह व्यक्ति के जीवन में मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने के द्वारा अधिक शक्तिशाली बनाता है।


 

ज्ञान शक्ति है पर निबंध 4 (400 शब्द)

प्रस्तावना

हम ऐसा कह सकते हैं कि वास्तव में “ज्ञान ही शक्ति है” और यह हमारे जीवन में काफी महत्व रखता है  क्योंकि यह एक शारीरिक रुप से कमजोर व्यक्ति को संसार का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बनाने की क्षमता रखता है। यह हमें जीवन में सब कुछ; जैसे धन, शक्ति, नाम, शोहरत, सफलता और पद देता है। ज्ञान एक व्यक्ति को समझने, विश्लेषण करने, बेहतर निर्णय लेने, सबसे बुद्धिमानी युक्त विचारों को विकसित करने की क्षमता देता है। यह हमें अच्छाई की भावना प्रदान करता है और हमारे स्वयं के और हमारे आसपास के लोगों के जीवन को सुधारने में हमारी मदद करता है।

 

अज्ञानी रहने से जन्म न लेना ही अच्छा है"

“अज्ञानी लोग थोड़ा सा काम शुरू करते हैं किन्तु बहुत ज्यादा व्याकुल होते हैं” शेक्सपीयर ने लिखा है, “अज्ञान ही अन्धकार है।” प्रसिद्ध दार्शनिक प्लेटो ने कहा है “अज्ञानी रहने से जन्म न लेना ही अच्छा है, क्योंकि अज्ञान ही समस्त विपत्तियों का मूल है। ज्ञान रखने वाला व्यक्ति समाज में अधिक मूल्यवान और सम्माननीय हो जाता है। अधिक ज्ञानी व्यक्ति बहुत आसानी से अधिक प्रसिद्धि प्राप्त करता है और लोग उसके साथ काम करना चाहते हैं। ज्ञान जीवन में अधिक अवसरों और मौकों को प्राप्त करने का रास्ता है। ज्ञान जीवन में वास्तविक स्वतंत्रता प्रदान करता है और सफलता के सभी दरवाजे खोलता है। ज्ञान मस्तिष्क के माध्यम से बोलने की शक्ति प्रदान करता है, जो वास्तव में लोगों की सच को समझने में मदद करती है।

सबसे कीमती चीज ज्ञान

समाज और देश में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ज्ञान सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। ज्ञान बुद्धिमान लोगों से चीजों को सीखने में मदद करता है, जो जीवन की गुणवत्ता को सुधारने की क्षमता रखता है। ज्ञान ही केवल सबसे कीमती चीज है, जिसे हम से कोई भी वापस नहीं ले सकता; यह हमारे साथ सदैव रहती है और यदि हम इसे जरूरतमंद लोगों में बाँटे, तो यह और अधिक बढ़ता है। यह नए और क्रान्तिकारी विचार देता है, जो दुनिया को देखने के हमारे नजरिये को बदलता है। इसलिए, हम यह कह सकते हैं कि, ज्ञान सफलता और खुशी का स्तंभ है।

निष्कर्ष

सच्चा ज्ञान लोगों को झगड़ों, युद्धों, भ्रष्टाचार तथा अन्य सामाजिक मुद्दों से हमें बचाता है। हम कह सकते हैं कि ज्ञान वह शक्ति है, जो यदि सही दिशा में प्राप्त किया जाये तो मानव का कल्याण होता है और अगर गलत दिशा ले तो यह सब कुछ नष्ट भी कर सकता है। यह हमारे जीवन में अनगिनत खुशियाँ लाने में सहायक हो सकता है। ज्ञान लोगों का मार्गदर्शन करता है और सफल होने के सारे रास्ते खोलता है।


 

ज्ञान शक्ति है पर निबंध 5 (600 शब्द)

प्रस्तावना

एक महान निबंध लेखक फ्रेसिस बेंकन की एक प्रसिद्ध कहावत है कि “ज्ञान शक्ति है””। उन्होंने कहा है कि वास्तव में ज्ञान ही शक्ति का स्त्रोत है। “ज्ञान शक्ति है” से तात्पर्य यह है कि वास्तविक शक्ति ज्ञान से आती है और यहीं वह वस्तु है जो मनुष्य को जानवरों से भिन्न बनाती है। यह बहुत ही सत्य बात है कि, मनुष्य शारीरिक शक्ति में जानवरों से कमजोर होता है, लेकिन हम मानसिक रुप से उनसे कही विकसित हैं और ऐसा सिर्फ हमारे ज्ञान के कारण ही संभव है। यह हमारा ज्ञान ही है जो हमें इस संसार में लगभग सब कुछ संभालने की शक्ति देता है। यहाँ तक कि अन्य प्राणियों से शारीरिक रुप से कमजोर होने के बावजूद भी मनुष्य को पृथ्वी का संयोजक माना जाता है।

ज्ञान की शक्ति का प्रयोग

मनुष्य के पास ज्ञानपूर्ण मस्तिष्क होता है और यह इस प्रकार की शक्ति से भरा होता है, जो उन्हें जीवन के उतार-चढ़ावों का प्रबंध करने में सक्षम बनाती है। ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिन्हें मनुष्य शारीरिक रुप से नहीं कर सकता है जैसे नंगे पैर भागना, गिद्ध, चील या बाज की तरह दूर तक देखना, पैंथर की तरह तेज दौड़ना, जंगली जानवरों से लड़ना, भारी सामान को उठाना, कुत्ते की तरह दूर तक सूंघना, आदि। लेकिन फिर भी मनुष्य अपने ज्ञान का प्रयोग करते हुए तमाम तरह के तकनीकों द्वारा इन समस्याओं का हल निकाल लेता है।

मनुष्य किताबों में संरक्षित ज्ञान (किताबों, शोधो और अनुभवों से) को प्राप्त करने की क्षमता रखता है और फिर से उसी ज्ञान को अपनी आने वाली पीढ़ी में हस्तांतरित करता है। “ज्ञान वह शक्ति है”, जो प्राकृतिक ताकतों को नियंत्रित कर सकने के साथ ही उनसे लाभ भी प्राप्त कर सकता है। ज्ञान का प्रयोग मनुष्य पर निर्भर करता है; वह इसका प्रयोग सकारात्मक या नकारात्मक तरीके से कर सकता है। ज्ञान का सकारात्मक तरीके से प्रयोग, मानवता को बहुत से लाभ प्रदान करता है हालांकि, इसका नकारात्मक तरीके से प्रयोगै पूरे ग्रह को नष्ट कर सकता है। बेहतर और सुरक्षित संसार का निर्माण करने के लिए मनुष्य अपने ज्ञान को बुद्धिमानी से प्रयोग करने की शक्ति रखता है।

ज्ञान ही मनुष्य की वास्तविक शक्ति

ज्ञान को ही मनुष्य की वास्तविक शक्ति माना गया है। धन, जन को भी मनुष्य की एक शक्ति माना गया है। किन्तु यह उसकी वास्तविक शक्तियाँ नहीं है। इनका भी मूल स्रोत ज्ञान ही है। ज्ञान के आधार पर ही धन की उपलब्धि होती है और ज्ञान के बल पर ही समाज में लोगों को अपना सहायक तथा सहयोगी बनाया जाता है। अज्ञानी व्यक्ति के लिये संसार की कोई वस्तु सम्भव नहीं। धन के लिये व्यापार किया जाता है, नौकरी और शिल्पों का अवलंबन किया जाता है, कला-कौशल की सिद्धि की जाती है। किन्तु इनकी उपलब्धि से पूर्व मनुष्य को इनके योग्य ज्ञान का अर्जन करना पड़ता है।

यदि वह इन उपायों के विषय में अज्ञानी बना रहे तो किसी भी प्रकार इन विशेषताओं की सिद्धि नहीं कर सकता और तब फलस्वरूप धन से सर्वथा वंचित ही रह जायेगा। वास्तविक वस्तु वह है जो सदैव रहने वाली हो संसार में हर वस्तु काल पाकर नष्ट हो जाती है। धन नष्ट हो जाता है, तन जर्जर हो जाता है, साथी और सहयोगी छूट जाते हैं। केवल ज्ञान ही एक ऐसा अक्षय तत्व है, जो कहीं भी किसी अवस्था और किसी काल में मनुष्य का साथ नहीं छोड़ता।

निष्कर्ष

सच्चा ज्ञान लोगों को युद्धों, झगड़ों, भ्रष्टाचार और मानवता के लिए हानिकारक अन्य सामाजिक मुद्दों से रक्षा करने का कार्य करता है। निश्चय ही हम कह सकते हैं कि, ज्ञान वह शक्ति है, जो यदि सही दिशा में विशेष रुप से पूरी मानवता के कल्याण के लिए प्रयोग किया जाए तो अनगिनत खुशियाँ ला सकता है। ज्ञान लोगों की आँखें खोल देता है और सफलता के सभी रास्ते खोलता है।


 

ज्ञान शक्ति है पर निबंध 6 (700 शब्द)

प्रस्तावना

ज्ञान ही वह वस्तु है जो मनुष्य और जानवरों के बीच में अन्तर पैदा करती है। मनुष्य के पास मस्तिष्क होता है और उसी के अनुसार उसका प्रयोग करने की क्षमता भी, इसी कारण मनुष्य को पृथ्वी पर प्रकृति के द्वारा सबसे शक्तिशाली तथा बुद्धिमान प्राणी कहा जाता है। ज्ञान लोगों के व्यक्तित्व को सुधारने में मदद करता है। यह आत्मविश्वास का निर्माण करता है और जीवन में कठिन कार्यों को करने के लिए धैर्य धारण करना सिखाता है। हम ज्ञान को गॉडमदर कह सकते है क्योंकि यह सभी खोजो, आविष्कारों और अन्वेषण के लिए राह प्रदान करता है।

ज्ञान एक शक्ति

ज्ञान बहुत शक्तिशाली कारक है, जो जीवन में सरलता से नाम, शोहरत, सफलता, शक्ति और पद प्राप्त करने में हमरी सहायता करता है। हम यह कह सकते हैं कि, धन और शारीरिक शक्ति भी, शक्ति के महत्वपूर्ण साधन है हालांकि, दोनों में से कोई भी ज्ञान के बराबर शक्तिशाली नहीं है। धन और शारीरिक शक्ति न तो ज्ञान को खरीद सकते हैं और न ही चुरा सकते हैं। यह तो केवल निरंतर अभ्यास, लगन और धैर्य के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। ज्ञान एक शक्ति है, लेकिन शक्ति से ज्ञान नहीं आता है।

ज्ञान “अनुभव या अध्ययन से प्राप्त जागरूकता या समझ की स्थिति है। किसी चीज़ के बारे में विशिष्ट जानकारी सीखना ही ज्ञान है। लोगों के लिये ज्ञान एक शक्ति का साधन है। ज्ञान को इस दुनिया में कोई हरा नहीं सकता है। लोगों की समझदारी ज्ञान पर निर्भर करती है पर एक ज्ञान ही है जो लोगों को समाज में रहने की शक्ति प्रदान करता है।

ज्ञान की खोज

ज्ञान को प्राप्त करने की कोई सीमा नहीं है; यह व्यक्तिगत रुप से पूरे जीवन भर किसी भी आयु तक प्राप्त किया जा सकता है। ज्ञान प्राप्त करना लगन, धैर्य और नियमितता की एक लम्बी प्रक्रिया है। यह असीमित धन की तरह है, जो कभी खत्म नहीं हो सकता हालांकि, जरूरतमंद लोगों में ज्ञान बाँटकर इसके स्तर को बढ़ाया जा सकता है। एक व्यक्ति नियमित रुप से चीजों को परख कर और प्रयोग करने के द्वारा कुछ नया ज्ञान प्राप्त कर सकता है।

प्रत्येक मनुष्य समान गुणों, मस्तिष्क, और शक्ति के साथ जन्म लेता है हालांकि, जब वह बढ़ता/बढ़ती है, तो अलग गुण, मस्तिष्क और शक्ति को विकसित कर लेता/लेती है। ये सभी अन्तर प्रत्येक व्यक्ति के ज्ञान के स्तर में अन्तर के कारण होते हैं। उदाहरण के लिए न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण की खोज की और ऐसे बहुत से प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने अपने जीवन में कई आश्चर्यजनक आविष्कार किए। ये सभी ज्ञान की शक्ति के कारण ही संभव हुआ।

ज्ञान से सफलता की ओर

विभिन्न देशों के द्वारा मिलकर या वैयक्तिक रुप से की गई आधुनिक तकनीकी की खोजो ने, उन देशों को अन्य देशों के अपेक्षा आर्थिक और सैन्य रुप से बहुत अधिक शक्तिशाली बना दिया है और यह सब उनके विशेष ज्ञान के कारण ही संभव हो सका है। सफलता के पीछे का रहस्य ज्ञान की शक्ति है, जो एक व्यक्ति को नाम, धन और प्रसिद्धि प्रदान करता है।

भारत ने भी विज्ञान, शोध, चिकित्सा, शिक्षा आदि के क्षेत्रों में बहुत कार्य किए हैं, लेकिन आज भी कई क्षेत्रों में निरंतर प्रयासों के बाद भी एक विकासशील देश है, जो अब ज्ञान के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में विकास करने के द्वारा अधिक शक्तिशाली देश बनने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मनुष्य या किसी भी देश की प्रगति विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से ज्ञान की वृद्धि पर निर्भर करती है। ज्ञान का विनाशक और नकारात्मक तरीके से प्रयोग पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व को बड़े स्तर पर खतरे में डाल सकता है।

निष्कर्ष

ज्ञान हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है, इसके बिना हमारा जीवन ही अंधकारमय हो जायेगा। यह परिस्थितियों को संभालने, योजना बनाने, योजनाओं को कार्य रुप में बदलने और असंभव चीजों को संभव बनाने का रास्ता तैयार करता है। यदि किसी के पूर्ण ज्ञान है तो, वह दुनिया का सबसे भाग्यशाली और धनवान व्यक्ति होगा, क्योंकि ज्ञान को न तो कभी चुराया जा सकता है और न ही लूटा जा सकता है और यहाँ तक कि दूसरों को बाँटने पर घटता भी यह बढ़ता ही जाता है। जोकि इस बात को प्रमाणित करता है कि ज्ञान विश्व की सबसे शक्तिशाली शक्तियों में से एक है।

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ऊपर दिए गए “ज्ञान शक्ति है” पर निबंध पेशेवर लेखकों के द्वारा विशेषरुप से विद्यार्थियों की मदद करने के उद्देश्य से लिखे गए हैं। सभी निबंध सरल शब्दों में विभिन्न शब्द सीमाओं में विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुसार है।