विश्व पर्यावरण दिवस 2022 पर निबंध (World Environment Day Essay in Hindi)

जीवन को बेहतर और अधिक प्राकृतिक बनाने के लिए पूरे विश्वभर में पर्यावरण में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस अभियान की स्थापना की गई। आजकल, पर्यावरण का मुद्दा बहुत बड़ा मुद्दा है, जिसके बारे में सभी को जागरुक होना चाहिए और इस परेशानी का सामना करने के लिए अपने सकारात्मक प्रयासों को करना चाहिए। प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से युक्त वातावरण में सकारात्मक बदलावों को लाने के लिए विद्यार्थियों के रुप में किसी भी देश के युवा सबसे बड़ी उम्मीद है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर छोटे तथा बड़े निबंध (Short and Long Essay on World Environment Day in Hindi, Vishwa Paryavaran Divas par Nibandh Hindi mein)

यहाँ बहुत ही आसान भाषा में विश्व पर्यावरण दिवस पर हिंदी में निबंध पायें: जो कि आपके आवश्यकता को देखते हुए 250 शब्द, 300 शब्द, और 400 शब्द के अंतर्गत दिया गया है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध 1 (250 शब्द)

विश्व पर्यावरण दिवस एक अभियान है, जो प्रत्येक वर्ष 5 जून को, विश्वभर में पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करने और हमारे ग्रह पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का भाग बनने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।

विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास

विश्व पर्यावरण दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा मानव पर्यावरण के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के अवसर पर 1972 में हुई थी। हालांकि, यह अभियान सबसे पहले 5 जून 1973 को मनाया गया। यह प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है और इसका कार्यक्रम विशेषरुप से, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किए गए वार्षिक विषय पर आधारित होता है।

विश्व पर्यावरण दिवस

यह कार्यक्रम एक शहर के द्वारा आयोजित किया जाता है, जहाँ पर्यावरण से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाती है, जिसमें बहुत सी गतिविधियों को शामिल किया जाता है। हमारे वातावरण की सुरक्षा के लिए विश्वभर में लोगों को कुछ सकारात्मक गतिविधियाँ के लिए प्रोत्साहित और जागरुक करने के लिए यह दिन संयुक्त राष्ट्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन है। अब, यह 100 से भी अधिक देशों में लोगों तक पहुँचने के लिए बड़ा वैश्विक मंच बन गया है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियाँ

विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम भारत में विशेषरुप से, स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मनाया जाता है। विद्यार्थियों के मध्य जागरुकता पैदा करने के लिए अध्यापक कुछ प्रभावी कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाते है; जैसे- निबंध लेखन, भाषण देना, शिक्षा, विषय चर्चा, स्लाइड शो, क्विज प्रतियोगिता, कला प्रतियोगिता, बैनर प्रदर्शन, सेमिनार, संगोष्ठियों, निर्धारित विषय पर कार्यशालाएं, चित्रकला प्रतियोगिता, संबंधित विषय पर व्याख्यान, थीम पर आधारित प्रदर्शन, फिल्मी शो, कथन लेखन, आदि। हमारे वातावरण की सुरक्षा के सन्दर्भ में विद्यार्थियों को सकारात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

निष्कर्ष:

हमारे पर्यावरण की स्थिति प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण दिन प्रति दिन गिरती जा रही है। बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमें हमारे देश में पर्यावरण के अनुकूल विकास को बढ़ावा देना चाहिए।

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध 2 (300 शब्द)

विश्व पर्यावरण दिवस लगभग 100 से भी अधिक देशों के लोगों के द्वारा 5 जून को मनाया जाता है। इसकी घोषणा और स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा 1972 में हुई थी, हालांकि इस कार्यक्रम को हर साल मनाने की शुरुआत 1973 से हुई। इसका वार्षिक कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के द्वारा घोषित की गई विशेष थीम या विषय पर आधारित होता है।

इस अभियान का समारोह प्रत्येक वर्ष अलग-अलग शहरों के द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसके दौरान पूरे सप्ताह अन्तर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियाँ लगाई जाती है। इस अभियान के आयोजन के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र लोगों को पर्यावरण के बारे में जागरुकता और प्रोत्साहन को बढ़ावा देता है। यह सकारात्मक सार्वजनिक गतिविधियाँ और राजनीतिक ध्यान प्राप्त करने के लिए प्रभावी वार्षिक अभियान है।

इसे अधिक प्रभावी बनाने और वर्ष की विशेष थीम या विषय के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। विभिन्न क्रियाएं; जैसे- निबंध लेखन, पैराग्राफ लेखन, भाषण, नाटक का आयोजन, सड़क रैलियाँ, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, कला और चित्रकला प्रतियोगिता, परेड, वाद-विवाद, आदि का आयोजन किया जाता है। लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाने के लिए अन्य प्रकार की प्रदर्शनियों को भी आयोजित किया जाता है। यह सामान्य जनता सहित शिक्षाविदों, पर्यावरणविदों, प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों, राजनीतिज्ञों, आदि के समूहों को आकर्षित करता है।

मेजबान शहर के अलावा विश्व पर्यावरण दिवस वाले दिन, यह अन्य देशों के द्वारा वैयक्तिक रुप से अपने राज्यों, शहरों, घरों, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों आदि पर परेडों और सफाई गतिविधियाँ, रीसाइक्लिंग पहल, वृक्षारोपण के साथ सभी प्रकार की हरियाली वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और लोगों को इस खूबसूरत ग्रह की बुरी परिस्थितियों की ओर ध्यान देने के लिए आयोजित किया जाता है। इस दिन सार्वजनिक अवकाश नहीं होता इस प्रकार सभी स्कूल और कार्यालय खुले रहते हैं और कोई भी अवकाश नहीं लेता है।

यह कार्यक्रम इस पृथ्वी की सुन्दरता को बनाए रखने के लिए कुछ सकारात्मक गतिविधियों के लिए एकसाथ कार्य करने की एक पहल है। हमें पूरे सालभर कार्यक्रम के उद्देश्यों को अपने ध्यान में रखना चाहिए और उन्हें वृक्षारोपण के माध्यम से आसपास के वातावरण को सुन्दर बनाने और साफ-सफाई, पानी की बचत, बिजली का कम प्रयोग, जैविक और स्थानीय खाद्य पदार्थों का उपयोग, जंगली जीवन की सुरक्षा आदि बहुत सी गतिविधियों को कार्यरुप में बदलना चाहिए। जीवन के लिए हमारे पास एकमात्र यही ग्रह है, यह हमारा घर है और हम सभी इसकी प्राकृतिक सुन्दरता को सदैव के लिए बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर निबंध 3 (400 शब्द)

विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को बेहतर भविष्य के लिए पर्यावरण को सुरक्षित, स्वस्थ और सुनिश्चित बनाने के लिए नई और प्रभावी योजनाओं को लागू करने के द्वारा पर्यावरण मुद्दों को सुलझाने के लिए मनाया जाता है। इसकी घोषणा 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा पर्यावरण पर विशेष सम्मेलन “स्टॉकहोम मानव पर्यावरण सम्मेलन” के उद्धघाटन पर हुई थी। यह पूरे संसार के लोगों के बीच में पर्यावरण के बारे में जागरुकता फैलाने के साथ ही पृथ्वी पर साफ और सुन्दर पर्यावरण के सन्दर्भ में सक्रिय गतिविधियों के लिए लोगों को प्रोत्साहित और प्रेरित करने के उद्देश्य से हर साल मनाया जाता है। यह साल के बड़े उत्सव के रुप में बहुत सी तैयारियों के साथ मनाया जाता है, जिसके दौरान राजनीतिक और सार्वजनिक क्रियाओं में वृद्धि होती है।

Essay on World Environment Day in Hindi

विश्व पर्यावरण दिवस (डब्ल्यू.ई.डी) की स्थापना इस ग्रह से सभी पर्यावरण संबंधी मुद्दों को हटाने और इस ग्रह को वास्तव में सुन्दर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं, एजेंडों और उद्देश्यों के साथ हुई है। पर्यावरण संबंधी समस्याओं पर ध्यान केन्द्रित करने और पर्यावरण के मुद्दों पर लोगों को एक चेहरा प्रदान करने के लिए पर्यावरण के लिए इस विशेष कार्यक्रम की स्थापना करना आवश्यक था। यह समारोह स्वस्थ्य जीवन के लिए स्वस्थ वातावरण के महत्व को समझने के साथ ही विश्वभर में पर्यावरण के अनुकूल विकास को निश्चित करने के लिए लोगों को सक्रिय प्रतिनिधि के रुप में प्रेरित करने में हमारी मदद करता है। यह लोगों के सामान्य सूझ को फैलाता है कि, सभी राष्ट्रों और लोगों के सुरक्षित और अधिक समृद्धशाली भविष्य की उपलब्धता के लिए पर्यावरण मुद्दों के प्रति अपने व्यवहार में बदलाव के लिए यह आवश्यक है।

विश्व पर्यावरण दिवस का संचालन संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के द्वारा किया जाता है। इसका मुख्यालय नैरोबी, केन्या में है, हालांकि, यह विश्वभर के लगभग 100 से भी अधिक देशों में मनाया जाता है। इसकी स्थापना 1972 में हुई थी, तथापि, इसे सबसे पहले वर्ष 1973 में मनाया गया था। इसका सम्मेलन प्रत्येक वर्ष अलग-अलग शहरों के द्वारा (जिसे मेजबान देश भी कहा जाता है) अलग थीम या विषय के साथ किया जाता है। यह लोगों के अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से मनाया जाता है। 2016 के विश्व पर्यावरण दिवस का विषय या थीम “जीवन के लिए वन्यजीवन में गैरकानूनी व्यापार के खिलाफ संघर्ष” था, जिसकी मेजबानी अंगोला देश के द्वारा की गई थी।

इस सम्मेलन का उद्देश्य सभी देशों के लोगों को एक साथ लाकर जलवायु परिवर्तन के साथ मुकाबला करने और जंगलों के प्रबंध को सुधारने के लिए समझौता करना था। यह बहुत सी क्रियाओं; जैसे- वृक्षारोपण, पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित विषयों पर विद्यार्थियों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला प्रदर्शनी, चित्रकला प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, वाद-विवाद, व्याख्यान, निबंध लेखन, भाषण आदि के साथ मनाया जाता है। युवाओं को पृथ्वी पर सुरक्षित भविष्य के लिए पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर प्रोत्साहित करने के लिए (निश्चित योजना प्रबंध के संदर्भ में) कार्यशालाओं का भी आयोजित किया जाता है।

2009 में, चेन्नई और बैंगलोर में पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचे और ग्लोबल वार्मिंग पर अंकुश लगाकर प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए कला प्रतियोगिता, विद्यार्थियों के लिए ई-कचरा (ईलक्ट्रोनिक अपशिष्ट) के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, ऊर्जा के स्रोतों का पुनः उपयोग, वन्य जीवन संरक्षण, वर्षा के पानी का संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ने पर वाद-विवाद प्रतियोगिता, जैविक अपशिष्ट आदि के माध्यम से पर्यावरण मेले का आयोजन किया गया था।

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FAQs : Frequently Asked Questions on World Environment Day in Hindi

Q.1 पहले विश्व पर्यावरण दिवस में कितने देशों ने भाग लिया?

उत्तर: पहले विश्व पर्यावरण दिवस में लगभग 119 देशों ने भाग लिया।

Q.2 कुछ महत्वपूर्ण पर्यावरण कानून कौन से हैं?

उत्तर: स्वच्छ वायु अधिनियम, जल अधिनियम और विषाक्त पदार्थ नियंत्रण अधिनियम भारत में महत्वपूर्ण पर्यावरण कानून हैं।

Q.3 चूहे पारिस्थितिकी तंत्र को कैसे प्रभावित करते हैं?

उत्तर: प्राकृतिक पर्यावरण पर चूहों का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है। वे कई देशी और स्थानिक प्रजातियों की गिरावट के लिए जिम्मेदार हैं।

Q.4 हम कचरे को संसाधन में कैसे बदल सकते हैं?

उत्तर: परिपत्र अर्थव्यवस्थाएं कचरे को संसाधनों में बदल देती हैं। उत्पादों की मरम्मत, नवीनीकरण, पुन: उपयोग या पुनर्चक्रण करके, संसाधनों का उपयोग कम से कम किया जा सकता है।